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गोरे गोलमटोल बूब्स-2

hindi sex stories फिर मैंने उसको कहा हाँ में भी तुझे बहुत प्यार करता हूँ और इतना कहकर मैंने उसकी गर्दन पर एक बार चूम लिया और उस समय मेरा लंड जोश में आकर पूरे तनाव में था जो रीमा को मेरे लंड की गरमी का अहसास भी दिला रहा था। अब तो में उसकी तरफ से बिल्कुल भी विरोध ना देखते हुए रीमा को जमकर चूमने लगा था। फिर मैंने उसकी पीठ उसके कान उसके गाल और अपना एक हाथ भी मैंने उसके पूरे शरीर पर फेरना शुरू किया जिसकी वजह से मुझे उस दिन पहली बार किसी जवान लड़की का बदन क्या होता है पता चला था? और में उस काम को करने के बाद किसी दूसरी दुनियां में जाकर मज़े लेकर मन ही मन खुश हो रहा था। फिर कुछ देर यह सब करने के बाद अब रीमा मुझसे कहने लगी कि अरे भैया आप यह सब क्या कर रहे हो? आज आपको यह क्या हो गया है? दोस्तों उसको मेरे मन में चल रही वो सभी बातें मेरी बदली हुई नियत के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था इसलिए वो यह सोच रही थी कि में उसके साथ ऐसे ही मस्ती करके उसको परेशान किए जा रहा हूँ, लेकिन मेरे मन में तो अब उसकी चुदाई के विचार आने लगे थे। फिर मैंने उसको कहा कि आज मुझे तेरे ऊपर प्यार आ रहा है।

तभी वो कहने लगी अच्छा यह प्यार बाद में करना, चलो अब पहले आप खाना खा लो और फिर हम दोनों खाने की टेबल पर साथ में बैठकर खाना खाने लगे। अब में अपने हाथों से रीमा को खाना खिलाने लगा था और उसी समय रीमा मुझसे पूछने लगी कि भैया क्या बात है आज क्यों आप मुझे इतना मस्का मार रहे हो? फिर मैंने उससे कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही और उसके बाद मैंने जल्दी जल्दी अपना खाना खत्म किया और उसके बाद में बिस्तर पर आ गया। अब मैंने रीमा को आवाज़ लगाई और उससे कहा कि तुम भी जल्दी से आ जाओ, थोड़ी देर के बाद रीमा बेड पर आ गयी। दोस्तों वो सर्दियों के दिन थे और रीमा मेरे पास में आकर लेट गयी, वैसे तो वो रोज ही मेरे साथ ही सोती थी, लेकिन आज तो सब कुछ मेरे लिए बिल्कुल बदला बदला हुआ था। अब मैंने रीमा की पीठ मेरी तरफ थी, मैंने धीरे से अपना हाथ उसकी कमर में डाल दिया और में उसके बिल्कुल सट गया और रीमा भी मेरा वो बदला बदला स्वभाव देखकर बड़ी चकित बहुत आश्चर्य में थी। अब मैंने अपनी लूँगी के नीचे से अंडरवियर को भी उतार दिया था और अपने लंड का टोपा उसकी गांड में दे दिया था।

फिर मैंने धीरे से उसका कुर्ता ऊपर कर दिया और अपना एक हाथ में उसके पेट पर फेरने लगा था और धीरे से मैंने अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया। दोस्तों उस समय उसके वो दोनों गोल मुलायम बूब्स ब्रा की क़ैद में थे और मैंने धीरे से उसकी ब्रा को भी खोल दिया, जिसकी वजह से अब उसके बूब्स आज़ाद हो चुके थे और मैंने उन्हे सहलाना शुरू कर दिया। अब रीमा मुझसे कहने लगी क्यों भैया आज आपको क्या हो गया है प्लीज सोने दो ना, मुझे कल सुबह उठकर मुझे क्लास में भी जाना है, लेकिन में तो अपना मन बना चुका था। अब में उसको पागलों की तरह चूम रहा था और अब में आगे बढ़ते हुए धीरे से उसका कुर्ता उतारने लगा था। फिर वो मुझसे वही सब कहने लगी कि क्यों भैया आज आपको यह क्या हो गया है? प्लीज आप मुझे ज्यादा परेशान मत करो सोने दो ना, लेकिन आज तो दोस्तों मेरे सर पर सेक्स का भूत सवार था और उस पर दारू का नशा था, जो अब भी अपना काम कर रहा था। फिर मैंने जबरदस्ती उसका कुर्ता पूरा उतार दिया, लेकिन उसी समय मैंने देखा कि रीमा अपने बूब्स को शरम की वजह से ढकने की नाकाम कोशिश कर रही थी, क्योंकि उसके बूब्स ज्यादा बड़े आकार के थे वो ब्रा से बाहर निकलकर उभरते हुए मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रहे थे।

अब में अपने एक हाथ में रीमा के खुले हुए गोरे गोलमटोल बूब्स को देखकर बिल्कुल पागल हो गया था, क्योंकि मैंने आज तक किसी भी लड़की के बूब्स नहीं देखे थे। अब में दोनों बूब्स को बारी बारी से पागलों की तरह चूमने लगा था और वो मुझसे कहने लगी थी कि भैया प्लीज अब आप मुझे छोड़ दो, अरे यार आज आप मुझे इतना परेशान क्यों कर रहे हो, अब छोड़ दो मुझे, क्या कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है? अब मैंने उससे कहा तू तो मुझसे कहती है कि तू मुझे बहुत प्यार करती है, क्या यह तेरा प्यार है? आज तक मैंने तुझसे कुछ नहीं माँगा और जब से अपने होश सम्भाले है, में तुम लोगो के लिए ही सब कुछ करता आ रहा हूँ और अगर मेरी ठीक समय से शादी हो जाती तो शायद यह दिन नहीं आता और तू कौन सी दूध की धुली है, तू खुद अशोक के साथ मज़े ले रही थी और अब तू मुझे क्यों मना कर रही है। फिर मैंने उसको कहा सुन रीमा हम दोनों एक ही आग में जल रहे है तो क्यों ना हम एक दूसरे का सहारा बन जाए? वैसे भी तू अच्छी तरह से जानती है कि मेरी शादी की उम्र कब की निकल चुकी है, लेकिन आज भी में शादी के बारे में सोच नहीं सकता, क्योंकि मेरे ऐसा करते ही सब कुछ बिखर जाएगा, कोई भी नयी लड़की आएगी वो ना जाने कैसा व्यहवार करे, उस समय क्या होगा मुझे नहीं पता? में अपने पूरे परिवार को ऐसे ही एक साथ रख सकूँ या नहीं, मुझे कुछ भी पता नहीं है।

अब मेरी वो सभी बातें सुनकर रीमा एकदम से शांत हो गयी, वो ना जाने क्या सोचने लगी थी और कुछ देर तक हमारे बीच वो एक चुप्पी सी रही। फिर कुछ देर बाद रीमा मुझसे कहने लगी, उस उसके पहले उसने अपना पूरा बदन बिल्कुल ढीला छोड़ दिया और अब वो बोली हाँ भैया आप शायद ठीक ही बोल रहे है, हम सब परिवार के लोग कितने मतलबी किस्म के इंसान है। हम सभी लोग हमेशा बस अपने बारे में ही सोचते रहे, कभी हमने आपके बारे में कुछ भी नहीं सोचा, काश मुझे पहले यह सब अपने भाई के लिए सोचना चाहिए था, जिसने हमारे लिए हमेशा अपनी सारी कुर्बानी दे दी, भाई में आपसे बहुत प्यार करती हूँ। दोस्तों मुझसे यह सब कहते हुए रीमा तुरंत मेरी छाती से लिपट गयी, जिसकी वजह से अब उसके वो खुले हुए आजाद गदराए हुए बूब्स मेरी छाती से टकरा रहे थे। अब वो मुझसे कहने लगी भैया आप आज जो भी चाहे वो सब मेरे साथ कर सकते है, आज से में बस आपकी ही हूँ इसलिए आज आप पूरी तरह से जैसे चाहो भोगो अपनी इस जवान बहन रीमा का यह सोने सा बदन, आप इसका जैसे चाहो वैसे मज़े ले सकते है, में आपको कुछ भी नहीं कहूंगी।

दोस्तों अब मेरी बहन का वो कामुक बदन मेरी बाहों में मचल रहा था और में भी अब उसकी चुदाई करके उस सुख का अनुभव लेने के लिए तड़पने लगा था, क्योंकि आज मेरा पहली बार चुदाई करना का वो सपना जो पूरा होने जा रहा था। फिर मैंने बिना देर किए जल्दी से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी पेंटी को भी उतारने में मैंने ज्यादा देर नहीं की, जिसकी वजह से अब रीमा मेरे सामने उस अवस्था में थी में जिसके बारे में किसी भी शब्दों में लिखकर आप सभी को नहीं बता सकता। दोस्तों उस द्रश्य को देखकर मेरी आंखे एकदम चकित हो चुकी थी में उसके गोरे कामुक बदन को बहुत चकित होकर देखकर पागल हुआ जा रहा था और अब उसकी वो गोरी चिकनी चिकनी जांघे मुझे अपने पास बुला रही थी। फिर मैंने भी अब अपने सभी कपड़े उतार दिए और उसके बाद मेरे लंड का आकार देखकर रीमा एकदम सिहर गयी और वो मुझसे कहने लगी कि भैया प्लीज ज़रा सम्भलकर धीरे से करना। फिर मैंने उससे कहा कि रीमा तू बिल्कुल भी मत घबरा, तुझे कुछ भी नहीं होगा। यह सब कहकर मैंने उसको हिम्मत दी और फिर मैंने उसके दोनों पैरों को पूरा फैलाकर अपने तनकर खड़े लंड को एक जोरदार धक्के के साथ उसकी चूत के अंदर पहुंचा दिया।

दोस्तों उस एक पहले धक्के से ही मेरा लंड उसकी कामुक चूत में 1/4 चला गया और दर्द की वजह से वो ज़ोर से चिल्ला उठी ऊईईई माँ में मर गई ऊफ्फ्फ्फ़ भैया प्लीज आप इसको बाहर निकाल लो वरना में इस दर्द की वजह से मर ही जाऊंगी आह्ह्ह आपका यह बहुत मोटा लंबा है और मेरी चूत इसके सामने छोटी है यह इसमे कैसे जाएगा, आप कोई भी ज़ोर जबरदस्ती अब मत करो, इसको प्लीज बाहर निकाल लो। दोस्तों उस समय मेरे सर पर तो उसकी चुदाई करने का भूत सवार था, इसलिए मुझे उसका कुछ भी कहना दुख दर्द नजर नहीं आ रहा था। अब मैंने रीमा की पतली कमर को कसकर पकड़कर उसको जोश में आकर लगातार धक्के देने शुरू किए और मेरे दो चार धक्को से ही मेरा पूरा लंड रीमा की चूत में जा चुका था, लेकिन अब उसका बड़ा बुरा हाल था और वो सिसकियाँ लेते हुए लगातार मुझसे आग्रह करके कह रही थी, भैया प्लीज इसको अब आप बाहर निकाल लो, आप बाद में दोबारा कर लेना अभी मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है आईईईइ प्लीज भाई मेरी बात मान जाओ। दोस्तों फिर मैंने धक्के देते हुए नीचे की तरफ ध्यान देकर देखा कि खून से उसकी चूत और लंड दोनों ही तरबतर थे, जो यह साबित कर रहे थे कि मेरे प्यारी सेक्सी बहन रीमा अभी तक 24 केरेट सोने की तरह पूरी तरह से शुद्ध है और उसकी चूत की सील अभी तक बंद ही थी।

अब मुझे यह सब देखकर अपनी बहन की चूत में पहली बार अपने लंड को डालकर धक्के देते हुए अपनी इस किस्मत पर नाज़ हो रहा था कि मेरी किस्मत कितनी अच्छी है जो पहली बार में मुझे कुंवारी चूत की चुदाई करने का यह मौका मिला, जिसकी वजह से में मन ही मन बहुत खुश भी था। दोस्तों सभी बातें सोचते हुए भी मैंने रीमा की चूत में अपने उन तेज धक्को की स्पीड को कम नहीं किया में उसको वैसे ही धक्के देकर लगातार चोदता रहा। फिर कुछ देर बाद जब रीमा का दर्द कम हुआ तब जाकर उसको भी मेरे साथ मज़ा आने लगा था और वो जोश में आकर अब अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर मेरा पूरा साथ देते हुए मुझसे कहने लगी हाँ भाई प्लीज आप और भी ज़ोर से मारो हाँ ऐसे ही मुझे अब दर्द नहीं है आपको आज से हमेशा मेरी इस तरह की चुदाई करनी होगी, मुझे आपके साथ यह सब करने से बड़ी खुशी मिली कि आज से में आपके कुछ काम आ सकती हूँ यह मेरी अच्छी किस्मत है। दोस्तों उसके बाद मैंने भी उसके मुहं से यह सभी बातें सुनकर खुश होकर बड़ी तेज गति से जोश में आकर धक्के देते हुए उसकी चुदाई के मज़े लेने शुरू किए, जिसकी वजह से अब मेरा पूरा पूरा लंड उसकी गीली चूत की गहराइयों में अंदर बाहर हो रहा था और करीब बीस मिनट के बाद मैंने अपना पूरा वीर्य धक्को के साथ उसकी चूत की गहराइयों में निकालकर पूरा अंदर तक पहुंचा दिया।

फिर उसके बाद में थककर उसके ऊपर लेट गया और एक बूब्स को चूसने और दूसरे को दबाने सहलाने लगा था। अब वो मुझसे कहने लगी वाह भैया मज़ा आ गया, आज आपने मुझे पूरी एक औरत बना दिया है और इस सुख को पाने के लिए में कितना तरसी हूँ में आपको किसी भी शब्दों में बोलकर बता नहीं सकती, आज से आप मेरे दूसरे पति हो मुझे आपके साथ यह ऐसे ही मज़े चाहिए आप मुझे कभी भी चुदाई के लिए मना मत करना, आज से मेरा पूरा जिस्म बस आपका है।

दोस्तों यह थी मेरी पहली चुदाई अपनी प्यासी तरसती हुई बहन के साथ मैंने उसकी चुदाई करने बड़े मज़े लिए और उसको भी अपनी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट किया, मुझे उम्मीद है कि सभी पढ़ने वालों को यह जरुर पसंद आएगी।

धन्यवाद …

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