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चूत मे उंगली डालकर उत्तेजित कर दिया

Antarvasna, desi kahani: मैं अपना काम खत्म कर के घर लौट रहा था तो मेरी मां का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि रोहन बेटा क्या तुम घर आ रहे हो तो मैंने मां से कहा हां मां बस मैं थोड़ी देर बाद घर आ रहा हूं मां ने मुझे कहा कि बेटा तुम अपने पापा की दवाई जरूर लेते हुए आना। पापा का जिन डॉक्टर से इलाज चल रहा था उन्हीं के यहां से मुझे दवाई लेकर आनी थी। मैं जब अपने ऑफिस से निकला तो मैं दवाई लेता हुआ घर पहुंचा और मैंने मां को दवाई दी, मैंने मां से कहा मां पापा की तबीयत कैसी है मां मुझे कहने लगी कि रोहन बेटा अब उनकी तबीयत पहले से बेहतर है। कुछ समय से पापा बीमार थे जिसकी वजह से हम लोग काफी ज्यादा परेशान हो गए थे। पापा के इलाज में काफी पैसा लग चुका था जिससे कि हमारी आर्थिक स्थिति भी अब पहले जैसे नहीं रह गई थी क्योंकि पापा के रिटायरमेंट के तुरंत बाद पापा की तबीयत खराब हो गई और उनके इलाज के लिए काफी पैसा खर्च हो चुका था।

पापा के रिटायरमेंट के वक्त उन्हें जितना भी पैसा मिला था वह सारा का सारा उनके इलाज में लग चुका था और अब उनकी दवाइयां चल रही थी। मां ने मुझे कहा कि बेटा तुम अपने काम पर पूरा ध्यान देते रहो, मैंने मां से कहा हां मां मैं तो अपने काम पर पूरा ध्यान दे रहा हूं लेकिन मां को यह बात पता थी कि मैं इस बात से काफी ज्यादा परेशान हूं। एक दिन मैं जब निकिता को मिला तो निकिता मुझे कहने लगी कि रोहन आजकल तुम कुछ ज्यादा ही परेशान लग रहे हो। मैंने उस दिन निकिता को कहा कि निकिता तुम्हें मेरी परेशानी का कारण तो पता ही है पापा की जब से तबीयत खराब हुई है तब से सब लोग बहुत परेशान रहने लगे हैं और मैं इस बात से बहुत ज्यादा परेशान हो चुका हूं। घर में मां भी बहुत परेशान रहती है और दीदी का भी फोन मुझे अक्सर आता रहता है दीदी भी पापा के बारे में पूछती रहती हैं और अब मुझे लगने लगा है कि इस वजह से हमारी आर्थिक स्थिति भी काफी बदलने लगी हैं। निकिता मुझे कहने लगी कि रोहन सब कुछ ठीक हो जाएगा निकिता मेरी बहुत अच्छी दोस्त है वह मेरे साथ स्कूल में पढ़ती थी और कुछ समय बाद ही उसकी शादी होने वाली है।

निकिता मुझे कहने लगी कि रोहन तुम यह बात छोड़ो कुछ समय बाद मेरी शादी है तुम मेरी शादी में तो आओगे ना, मैंने निकिता को कहा कि मैं तुम्हारी शादी में जरूर आऊंगा। उसके बाद हम दोनों काफी देर तक साथ में बैठे रहे फिर निकिता जा चुकी थी और मैं भी अपने घर लौट आया लेकिन जब मैं घर पहुंचा तो उस दिन पापा की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मुझे उन्हें डॉक्टर के पास लेकर जाना पड़ा। डॉक्टर ने उन्हें खाने के लिए काफी कुछ चीजों के लिए मना किया था लेकिन शायद पापा ने उस दिन कुछ ऐसा खा लिया था जिसकी वजह से उन्हें तकलीफ होने लगी थी और उस दिन पापा हॉस्पिटल में ही रहे फिर अगले दिन हम उन्हें घर ले आए थे। उस दिन शाम के वक्त दीदी भी घर आने वाली थी दीदी की शादी को अभी दो वर्ष ही हुए थे दीदी उस दिन घर आई तो वह काफी ज्यादा परेशान थी लेकिन मैंने दीदी को कहा कि आप परेशान मत होइए पापा की तबीयत ठीक है। उस दिन मैं घर पर ही था अगले दिन सुबह मुझे ऑफिस जल्दी जाना था इसलिए मैं सुबह जल्दी ऑफिस चला गया था। ऐसे ही काफी समय तक मैं परेशान रहा लेकिन अब सब कुछ ठीक होने लगा था पापा की तबीयत भी ठीक होने लगी थी और वह पहले से ज्यादा स्वस्थ महसूस करने लगे थे और वह अब ठीक हो चुके थे। एक दिन मां ने मुझे कहा कि रोहन बेटा तुम भी शादी कर लो तो मैंने मां से कहा मां अभी मैं शादी नहीं करना चाहता हूं अभी मेरी उम्र ही कितनी है। मां कहने लगी कि बेटा लेकिन फिर भी तुम शादी कर लो, मां के कहने पर मैंने उन्हें कहा कि मां कुछ महीने रुक जाओ अभी मैं शादी नहीं करना चाहता मां कहने लगी कि ठीक है रोहन बेटा। उसके बाद मेरे लिए मां और पापा ना जाने कितनी लड़कियां देखने लगे थे लेकिन मुझे अभी तक कोई लड़की पसंद नहीं आई थी। कुछ समय बाद जब मेरी मुलाकात सुहानी के साथ हुई तो सुहानी के साथ मुझे समय बिता कर अच्छा लगता था और एक दिन मैं उसे अपने घर ले आया था। मैं जब उसे अपने घर लेकर आया तो उस दिन मैंने उसे अपनी मां और पापा से मिलवाया सुहानी उनसे मिलकर काफी खुश थी।

हमारे जीवन में सब कुछ सामान्य होने लगा था और मैं चाहता था कि मैं सुहानी से शादी करूं लेकिन जब मैंने सुहानी से इस बारे में बात की तो उसने मुझे बताया कि वह मुझसे शादी नहीं करना चाहती है। सुहानी चाहती थी कि वह नौकरी करने के लिए विदेश चली जाए इसलिए वह मुझसे शादी नही करना चाहती थी फिर मैंने भी उसके बाद सुहानी का ख्याल अपने दिमाग से निकाल दिया। निकिता की शादी जल्दी होने वाली थी और मैं उसकी शादी में जाने वाला था। एक दिन निकिता ने मुझे फोन किया और कहा तुम कहां हो? मैंने उसे कहा मैं तो अभी घर पर ही हूं उसने मुझे उस दिन कहा तुम मेरे घर पर आ जाओ मैं निकिता के घर पर चला गया निकिता के घर पर कोई भी नहीं था हम दोनों ही अकेले थे। निकिता मुझसे कहने लगी जल्दी मेरी शादी होने वाली है और मैं बहुत ज्यादा खुश हूं मैंने निकिता को कहा तुम बहुत ही खुश नसीब हो जो तुम्हारी शादी जल्दी होने वाली है। हम दोनों एक दूसरे के सामने बैठे हुए थे लेकिन उस दिन निकिता ने जो कपडे पहने हुए थे उसमें उसकी जांघ साफ दिखाई दे रही थी मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे कि उसने आज कल में वैक्स की हो।

मैंने जब उसकी जांघ पर हाथ रखा तो वह मुझे कुछ नहीं बोली मैं धीरे-धीरे उसकी जांघ को सहलाने लगा मैंने उससे कहा जल्दी तुम्हारी शादी हो जाएगी और तुम मुझे भूल जाओगी। निकिता कहने लगी रोहन मैं तुम्हें ऐसे ही कैसे भूल जाऊंगी यह कहते हुए उसने मुझे गले लगा लिया। अब तो मेरे अंदर की आग और भी ज्यादा बढने लगी थी मैंने निकिता की गर्मी को भी बढ़ा दिया जब मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू किया तो वह भी उत्तेजित होती चली गई और उसकी उत्तेजना इतनी बढने लगी कि वह मुझे कहने लगी मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही हूं वह अपने आप पर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। मैंने भी इसी का फायदा उठाया और उसके शॉट्स को उतारते हुए उसकी पैंटी के अंदर से उसकी चूत को सहलाना शुरु किया तो उसकी गर्मी और भी ज्यादा बढ़ने लगी वह मुझे कहने लगी लगता है शादी से पहले ही मैं सुहागरात मना लूंगी। मैंने उससे कहा क्या तुम मेरे साथ सेक्स नहीं कर सकती तो वह मुझे कहने लगी अब तो तुम ने मेरे चूत से पानी निकाल दिया है अब तुम जल्दी से मेरी चूत मार लो मेरी चूत तुम्हारे लंड को लेने के लिए तड़प रही है मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसने अपने हाथ में लेकर उसे हिलाना शुरू किया और उसे अपने मुंह के अंदर लेने लगी। उसने अपने गले के अंदर तक मेरे लंड को ले लिया था और उसे बड़े अच्छे तरीके से उसने सकिंग किया मुझे बहुत ही मजा आ रहा था वह काफी देर तक ऐसे ही मेरे लंड को सकिंग करती रही और मेरे अंदर की गर्मी को बढ़ाती रही। मेरे लंड से उसने पानी भी बाहर निकाल दिया था मैं अपने आप को रोक पा रहा था। मैंने भी अपने लंड को उसकी योनि पर लगाया और उसे कहा क्या मैं तुम्हारी चूत के अंदर लंड डाल दूं तो वह कहने लगी क्यों नहीं। मैंने उसकी शॉर्ट्स और पैंटी को उतार दिया था जिस वजह से उसकी चूत के अंदर मै अपने लंड को डालना चाहता था मैंने एक जोरदार झटके के साथ उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया था अब वह जोर से चिल्लाई और कहने लगी मेरी चूत से खून निकल चुका है।

अब वह इतनी ज्यादा गरम हो गई उसने अपनी टीशर्ट को उतार दिया मैंने उसकी ब्रा उतारने में उसकी मदद की और उसके स्तनो को मैंने अपने मुंह में लेकर उनका रसपान किया वह और भी ज्यादा गर्म हो रही थी। जब मैं उसके स्तनो को चूसता तो उसकी गर्मी में बढ़ोतरी हो जाती। निकिता की गर्मी इतनी अधिक बढ़ने लगी थी कि मैं अब उसे बड़ी तेज गति से चोदना लगाया था। मैं जिस तेजी से उसे चोद रहा था उससे वह जोर से चिल्ला रही थी और मुझे कह रही थी कि जल्दी से तुम मेरी चूत के अंदर लंड को घुसा दो मैं उसकी चूत के अंदर अपने लंड को बड़ी तेजी से डाल रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था और वह अपने पैरों को चौड़ा कर रही थी उसकी चूत से इतना ज्यादा खून निकल रहा था कि अभी तक उसकी चूत से निकलता हुआ खून रुका नहीं था कुछ देर बाद मैंने भी उसके पैरों को अपने कंधों पर रख लिया।

जब मैंने उसके पैरों को अपने कंधों पर रखा तो मै उसे बड़ी तीव्रता से धक्के मारने लगा मैं उसे बड़ी तीव्र गति से धक्के मारने लगा मै उसे जिस तेज गति से धक्के मार रहा था उससे मुझे मज़ा आ रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मेरी चूत के मजे लेते रहो 5 मिनट तक मैंने ऐसे ही उसे बड़ी तीव्र गति से धक्के दिए लेकिन फिर मुझे एहसास होने लगा कि उसकी चूत मेरे अंडकोषो से मेरे वीर्य को बाहर निकालने लगी है क्योंकि उसकी चूत से निकलता हुआ गर्म लावा कुछ अधिक गर्म हो चुका था जिसे कि मैं बिल्कुल भी झेल नहीं पा रहा था इसलिए मेरा वीर्य पतन जल्द ही होने वाला था। जैसे ही मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिरा तो निकिता के चेहरे की रौनक बढ़ चुकी थी और वह मुझे कहने लगी आज तो मुझे मजा ही आ गया। शादी से पहले उसके साथ सुहागरात मनाने मेरे लिए भी बड़ा सुखद एहसास था और मै बहुत ज्यादा खुश था थोड़े समय बाद उसकी शादी हो गई थी।

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