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चूत मे लंड मौज कर रहा था

Antarvasna, desi kahani: मैं अपने दोस्त अमन की शादी में चंडीगढ़ गया हुआ था अमन मेरे साथ मेरे ऑफिस में ही जॉब करता है। अमन की शादी के लिए मैं कुछ दिनों के लिए चंडीगढ़ गया था और जब मैं चंडीगढ़ गया तो अमन की शादी में ही मुझे एक लड़की काफी पसंद आई और उसके बारे में मैं जानना चाहता था। मुझे उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई लेकिन मुझे इतना पता था कि उसका नाम संजना है संजना अमन के किसी दूर के परिचित की बेटी थी। मैंने अमन को कहा कि तुम किसी भी प्रकार से मेरी संजना से बात करवा दो तो अमन कहने लगा कि ठीक है मैं कोशिश करता हूं। अमन ने किसी प्रकार से संजना का नंबर अरेंज कर के मुझे दे दिया, अमन ने मेरी काफी मदद की और उसके बाद मैं संजना से बातें करने के बारे में सोच रहा था परंतु मेरे अंदर इतनी हिम्मत नहीं थी कि मैं संजना से बात करता। एक दिन मैंने हिम्मत करते हुए संजना को पहली बार फोन किया जब मैंने संजना को फोन किया तो उसने मेरा फोन उठाया और सामने से हेलो कहा लेकिन मेरे अंदर इतनी हिम्मत ही नहीं हो पाई की मैं उसे कुछ कहूं इसलिए मैंने तुरंत ही फोन काट दिया।

उसके बाद भी मैंने संजना को कई बार फोन किया लेकिन मैं उससे कुछ बोल नहीं पाता था। एक दिन मैंने अपना पूरा मन बनाया कि मुझे संजना से आज बात करनी है मैं उससे बात करना चाहता था। मैंने उस दिन संजना से बात की जब मैंने संजना से बात की तो मैंने उससे कहा कि मैं तुम्हें अमन की शादी में मिला था। संजना मुझे कहने लगी कि मैं आपको पहचानती नहीं हूं और ऐसे ही मैं किसी से बात नहीं कर सकती। उस दिन हम लोगों की सिर्फ दो मिनट ही बात हो पाई उसके बाद संजना ने फोन काट दिया लेकिन मैं संजना को अक्सर फोन करता जिससे कि संजना को भी अब लगने लगा था कि उसे मुझसे बात करनी चाहिए। वह मुझसे बातें करने लगी थी जब वह मुझसे बात करती तो मुझे काफी अच्छा लगता लेकिन अभी तक हम दोनों एक दूसरे को मिले नहीं थे। संजना को यह बात बहुत अच्छे से पता थी कि मेरे दिल में संजना के लिए कुछ चल रहा है और मैं चाहता था कि मैं संजना को मिलने के लिए चंडीगढ़ जाऊं।

मैंने फैसला किया कि मैं संजना को मिलने के लिए चंडीगढ़ जाऊंगा मैं जब संजना को मिलने के लिए चंडीगढ़ गया तो संजना से मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा संजना भी मुझसे मिलकर काफी खुश थी। संजना ने मुझे कहा कि मुझे तो लगा था कि तुम शायद मुझसे कभी मिलने के लिए आओगे ही नहीं। जब हम दोनों की पहली बार मुलाकात हुई तो हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताया, संजना को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगा और वह काफी खुश थी। संजना की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था और अब वह मुझसे काफी बातें करने लगी थी। मैं दिल्ली लौट आया था लेकिन उसके बाद भी मैं संजना से फोन पर बात कर रहा था। हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें करते तो हम दोनों को अच्छा लगता और हम दोनों काफी खुश थे। मैंने यह फैसला कर लिया था कि मैं संजना से अपने दिल की बात कह दूंगा और एक समय ऐसा आया जब मैंने संजना को अपने दिल की बात कह दी। मैंने संजना को अपने दिल की बात कह दी थी और वह भी मेरी इस बात से काफी खुश थी। संजना ने भी तुरंत मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लिया और मुझे इस बात की बहुत ज्यादा खुशी हुई कि संजना मेरे प्रपोज को स्वीकार कर चुकी है और हम दोनों दूसरे के साथ समय बिताने लगे थे।

हम दोनों एक दूसरे के साथ जब भी होते हैं तो हम दोनों को अच्छा लगता मैं संजना को मिलने के लिए चंडीगढ़ चला जाया करता था। एक दिन संजना ने मुझे बताया कि वह अपने ऑफिस के किसी काम से दिल्ली आ रही है मैं इस बात से बहुत ज्यादा खुश था कि इस बहाने मेरी संजना से मुलाकात हो पाएगी। जब संजना दिल्ली पहुंची तो मैं संजना को लेने के लिए रेलवे स्टेशन गया और मैं संजना के साथ काफी खुश था। मैंने संजना को कहा कि आज तुम्हें यहां देख कर मुझे काफी अच्छा लग रहा है तो वह मुझे कहने लगी कि मुझे भी तो बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। संजना को मैंने होटल तक छोड़ दिया था और उसके बाद मैं अपने घर लौट आया था। संजना अपने ऑफिस के काम से जा चुकी थी लेकिन मैं जब संजना के साथ होता तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगता और संजना को भी अच्छा लगता। हम दोनों को एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा अच्छा लगता हम दोनों ने साथ में काफी अच्छा समय बिताया। थोड़े दिनों तक संजना दिल्ली में ही रही उसके बाद वह वापस चंडीगढ़ चली गई  थी उसके जाने के बाद हम लोगों की फोन पर ही बातें हो पा रही थी। मैं संजना के बिना एक पल भी रह नहीं पाता था मुझे लगने लगा था कि संजना के परिवार वालों से मुझे अब अपने और संजना के रिश्ते की बात करनी चाहिए।

मैंने इस बारे में जब संजना से बात की तो संजना मुझे कहने लगी कि मुझे थोड़ा टाइम चाहिए क्योंकि मेरा अभी शादी करने का बिल्कुल भी इरादा नहीं है और मुझे थोड़ा समय चाहिए मैंने संजना को कहा ठीक है। संजना और मैं एक दूसरे के साथ रिलेशन में काफी खुश थे। संजना और मुझे इस बात की बहुत ज्यादा खुशी है कि हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में काफी खुश हैं। अब संजना और मेरे रिलेशन को काफी समय हो चुका था। हम दोनों ही चाहते थे कि हम दोनों एक दूसरे से मिले काफी समय भी हो गया था जब हम लोग एक दूसरे से मिले नहीं थे। मैंने संजना को कहा मैं तुमसे मिलने के लिए चंडीगढ़ आ रहा हूं। संजना ने कहा ठीक है तुम चंडीगढ़ आ जाओ और मैं चंडीगढ़ चला गया। मैं जब चंडीगढ़ गया था तो उस दिन संजना और मैं एक दूसरे के साथ कॉफी शॉप में बैठे हुए थे। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे लेकिन उस दिन संजना को देखकर एक अलग फीलिंग जाग रही थी और मैंने संजना को  अपने साथ होटल में चलने के लिए कहा तो संजना मेरी बात मान गई। वह मेरे साथ होटल मे चली आई जब संजना मेरे साथ होटल मे आई तो मैं काफी खुश था और संजना भी बहुत ज्यादा खुश थी। हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आने के लिए बहुत ज्यादा तड़प रहे थे।

मैंने जैसे ही संजना को अपनी बाहों में लिया तो वह मुझे किस करने लगी। संजना के होंठ मेरे होठों से टकराने लगे थे। उसके और मेरे होठ टकराते तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था। हम दोनों के अंदर से निकलती हुई गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी थी। अब हम दोनों को अच्छा लग रहा था। हम दोनो एक दूसरे के साथ सेक्स करने की तरफ बढ़ रहे थे। मैंने संजना के स्तनों को दबाना शुरू किया। मैंने जैसे ही संजना की जींस के अंदर हाथ डालते हुए उसकी चूत को दबाया तो वह मुझे कहने लगी कहीं कुछ होगा तो नहीं। मैंने संजना को कहा नहीं कुछ नहीं होगा तुम बिल्कुल मैं डरो मत। मैंने संजना के कपड़ों को उतार दिया। मैंने संजना के कपड़े उतार कर एक किनारे रख दिए और संजना के बदन को महसूस करने लगा था। मैं जब संजना की गर्मी को महसूस कर रहा था तो वह कहती मुझे अच्छा लग रहा है। मैंने उसके स्तनों को काफी देर चूसा मैंने संजना के स्तनों को बहुत ही देर तक चूसा। जब मैंने संजना की जींस को उतार कर उसकी पैंटी को नीचे उतारकर उसकी चूत को अपनी उंगली से सहलाने लगा मुझे मजा आने लगा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत गर्मी का एहसास हो रहा है। संजना की चूत से पानी बाहर निकाल रहा था मुझे साफ तौर पर लगने लगा था कि वह मेरे लंड को लेने के लिए उतावली है।

उससे पहले मैं संजना की चूत को चाटना चाहता था। मैं जब संजना की चूत को चाट रहा था तो उसे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था। संजना और मैं एक दूसरे की गर्मी को महसूस कर रहे थे। जब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को महसूस करते तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था। मैंने संजना को कहा मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है लेकिन उसके अंदर से गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कि वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेने के लिए उतावली हो चुकी थी। वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे सकिंग करना है। संजना ने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसना शुरू कर दिया था। मै जब उसकी गर्मी को बढ़ने लगा तो उसे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा। मेरे अंदर की गर्मी भी बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी थी मैंने संजना की चूत पर अपने लंड को लगाया। जब मेरा लंड संजना की योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्लाई और कहने लगी मेरी चूत से खून निकल आया है। मैंने संजाना की योनि की तरफ देखा तो उसकी योनि से खून निकल रहा था।

मैं संजना को बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा था। जिस तरह मैं उसे चोद रहा था उस से उसे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और वह मुझे कहने लगी मुझे तुम धक्के मारते रहो। मैं संजना को बहुत देर तक ऐसे ही धक्के मारता रहा तो उसे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। जब मैं संजना की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था तो मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी थी और मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आने लगा था। एक समय ऐसा आया जब मेरा वीर्य पतन होने वाला था। मैंने संजना की योनि के अंदर ही अपने माल को गिरा दिया। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो वह मुझसे लिपटकर कहने लगी आई लव यू। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था जिस प्रकार से मैंने संजना की चूत का मजा लिया था।

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