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चुदने की बेताबी गज़ब ढा गयी

Antarvasna, hindi sex kahani मैं लखनऊ का रहने वाला हूं मैं मार्केटिंग की जॉब पिछले 4 वर्षों से कर रहा हूं मेरे पिताजी सरकारी विभाग में काम करते हैं और मेरे बड़े भैया राजेश वह भी जॉब करते हैं। एक दिन मुझे राजेश भैया ने कहा क्या आज तुम मुझे ऑफिस तक छोड़ दोगे मेरी बाइक खराब है मैंने उन्हें कहा ठीक है भैया मैं आपको ऑफिस छोड़ देता हूं बस मुझे तैयार होने में 15 मिनट लगेंगे। उन्होंने कहा ठीक है तुम तैयार हो जाओ थोड़ी ही देर में मैं तैयार हो गया उसके बाद मैंने उन्हें उनके ऑफिस तक छोड़ा जब मैंने उनके ऑफिस तक उन्हें छोड़ा तो उनके ही ऑफिस में काम करने वाली एक लड़की से भैया ने मेरी मुलाकात कराई उसका नाम रंजना है। जब उन्होंने मुझे रंजना से मिलवाया तो रंजना ने मुझसे पूछा तुम कौन सी कंपनी में काम करते हो मैंने उन्हें अपनी कंपनी का नाम बताया और बताया कि मैं वहां पर मार्केटिंग का काम करता हूं उसके बाद मैं वहां से चला गया।

मैं अपने ऑफिस पहुंच चुका था ऑफिस में उस दिन हमारे बॉस जल्दी आ चुके थे नही तो वह ऑफिस 11:00 बजे के आस पास आते थे लेकिन उस दिन वह एक घंटा पहले ही पहुंच चुके थे। उस दिन उन्हें ना जाने उन्हें क्या काम था उन्होंने सब लोगों को बुलाया और कहा आजकल काम ठीक से नहीं हो पा रहा है और जिस जिस ने काम अच्छे से नहीं किया उसको उन्होंने कहा आप इस हफ्ते तक इतना काम कर लीजिएगा और उसके बाद वह अपने केबिन में चले गए। मेरे काम में कभी कोई शिकायत नहीं आती थी मैं अच्छे से काम किया करता था क्योंकि मुझे काम करते हुए 4 साल हो चुके हैं और मेरे जितने भी कस्टमर हैं उन लोगों से मेरा बड़ा ही अच्छा व्यवहार है जिस वजह से मुझे कभी भी कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। एक दिन मैं अपने काम से निकला उस दिन मेरी मुलाकात रंजना से हो गई रंजना ने जब मुझे देखा तो उन्होंने मुझे रोकते हुए कहा मनीष तुम कहां जा रहे थे मैंने उन्हें बताया कि मैं तो अपने ऑफिस के काम से किसी से मिलने के लिए आया था। मैंने उन्हें कहा आज आप ऑफिस नहीं गयी तो वह कहने लगे नहीं आज घर में मेरा कोई जरूरी काम था इसलिए ऑफिस नहीं जा पाई।

उनसे मेरी बात करीब 5 मिनट तक हुई और उसके बाद मैं वहां से चला गया जब शाम को मैंने भैया से कहा कि मुझे आज रंजना मिली थी तो वह कहने लगे हां दरअसल उनके भैया की शादी होने वाली है शायद इसी वजह से वह ऑफिस नहीं आए होंगे। मैंने कहा हां उन्होंने मुझे बताया तो था कि वह किसी काम से आई हुई है लेकिन इस बारे में उन्होंने कोई बात नहीं की, कि उनके भैया की शादी होने वाली है। राजेश भैया मुझसे पूछने लगे यार वह बात छोड़ो तुम यह बताओ कि तुम्हारा काम कैसा चल रहा है। मैंने उन्हें बताया भैया आपको तो मालूम ही है कि हमारे काम में कितनी समस्याएं झेलनी पड़ती है और बस काम चल ही रहा है राजेश भैया कहने लगे चलो कोई बात नहीं तुम अपने काम पर ध्यान दो। मेरे जीवन में सब कुछ सामान्य चल रहा था तभी शायद मेरे जीवन में बड़ा भूचाल आने वाला था क्योंकि मुझे कुछ भी मालूम नहीं था कि यह सब कैसे होगा मैं उससे अनजान था। मुझे रंजना के बारे में ज्यादा मालूम नहीं था लेकिन हम दोनों की जब भी मुलाकात होती तो वह मुझे देखकर मुस्कुरा दिया करती मुझे भी उसका साथ अच्छा लगता जब रंजना के भाई की शादी होने वाली थी तो उस वक्त उसने हमें भी शादी में बुलाया था और हमारा पूरा परिवार शादी में गया था। रंजना से मेरी काफी अच्छी बातचीत हो रही थी लेकिन जब हम लोग शादी से लौटे तो भैया ने मुझे रंजना के बारे में बताया तो मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि मुझे उसके बारे में कुछ भी मालूम नहीं था। उन्होंने मुझसे कहा कि उसकी शादी आज से दो साल पहले हुई थी और उसके पति और अब उसका डिवोर्स हो चुका है मेरे तो जैसे सारे अरमान ही टूट गए थे। मैंने सोचा था कि मैं रंजना से शादी करूंगा और वह भी मुझे पसंद करने लगी थी लेकिन मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि ना तो इस बारे में भैया ने मुझे कुछ बताया था और ना ही रंजना ने मुझे कभी कुछ बताया था।

हम दोनों के बीच अच्छी दोस्ती जरूर थी लेकिन मुझे यह मालूम नहीं था कि रंजना मेरे बारे में क्या सोचती है लेकिन मैं तो उसे पसंद करने लगा था उसके बाद मैंने उससे मिलना ही कम कर दिया। जब मेरे और उसके बीच दूरियां बढ़ने लगी तो एक दिन ना जाने उसने मेरा नंबर कहां से लिया शायद उसने मेरा नंबर भैया से ही लिया होगा और उसने मुझे फोन किया। वह कहने लगी मनीष मुझे तुमसे मिलना था मैंने उसे कहा हां ठीक है हम लोग मिलते हैं मैं रंजना से मिलने के लिए चला गया उसने मुझे अपने किसी परिचित के घर पर बुलाया था तो मैं उससे मिलने के लिए वही गया। जब मैं वहां पर गया तो रंजना के साथ एक और लड़की बैठी हुई थी मुझे नहीं मालूम था कि वह कौन है मैं पहली बार ही उसे देख रहा था रंजना ने मुझे कहा बैठो तो मैं सोफे पर बैठा। रंजना मुझसे कहने लगी मनीष काफी समय से मैं देख रही थी कि तुम मुझसे दूरी बना रहे हो लेकिन मुझे नहीं मालूम कि ऐसा क्यों है। मैंने रंजना को बताया दरअसल मैं तुम्हे दिल ही दिल चाहने लगा था और तुम्हारे बारे में ना जाने मैंने क्या सपने देख लिये थे लेकिन जब मुझे तुम्हारी शादी के बारे में मालूम पड़ा तो मुझे बहुत बुरा लगा। रंजना मुझे कहने लगी हां मेरी शादी दो वर्ष पहले हुई थी और मैंने अपने ही पसंद के लड़के से शादी की थी लेकिन ज्यादा समय तक हम दोनों की शादी नहीं चल पाई।

इसके पीछे उनकी ही गलती थी और मैं नहीं चाहती थी कि मैं अपने शादीशुदा जीवन में कोई और तकलीफ आने दूँ इसलिए मैंने उस वक्त डिवोर्स लेना ही उचित समझा। रंजना ने मुझे बताया कि यह मेरी ननद शोभा है शोभा मुझे कहने लगी रंजना की इसमें कोई गलती नहीं थी इसमें सारी गलती मेरे भैया की थी उन्होंने कभी रंजना को प्यार ही नहीं किया। हम लोग नहीं चाहते थे कि रंजना का जीवन बर्बाद हो इसलिए हमने अपने भैया को समझाया और वह डिवोर्स लेने की बात को मान गए और जब वह मान गए तो उसके बाद भैया भी विदेश जॉब करने के लिए चले गए। मेरे सामने यह समस्या थी कि मैं अपने घर में किसी को भी रंजना के बारे में नहीं बता सकता था क्योंकि शायद कोई भी मेरा रिश्ता रंजना के साथ नहीं करा सकता था इसलिए मैंने घर में किसी को भी नहीं बताया। उसके बाद मेरे और रंजना के बीच में जो भी गलतफहमी थी वह सब तो ठीक हो चुकी थी लेकिन मैंने जब इस बारे में राजेश भैया को बताया तो वह मुझ पर गुस्सा हो गए और कहने लगे तुम्हें मालूम है पिताजी कभी भी इस बात को स्वीकार नहीं करेंगे। तुम अपने दिमाग से रंजना का ख्याल निकाल दो और कभी गलती से भी इस बारे में मत सोचना इसलिए तुम यह बात पिताजी को मत बताना नहीं तो वह तुम्हें घर में भी निकाल सकते है इसलिए तुम उनसे इस बारे में कुछ भी बात मत करना। मैंने किसी को भी इस बारे में नहीं बताया रंजना और मेरी मुलाकात कभी कबार हो जाती थी लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ अपना जीवन बिताना चाहते थे। रंजना और मेरी मुलाकात तो होने लगी थी हम दोनों की फोन पर भी बातें बहुत होने लगी थी। एक दिन रंजना ने शॉपिंग की मैंने उसे कहा आज तुमने क्या शॉपिंग की तो वह कहने लगी मैंने अपने लिए कपड़े लिए है। मैंने उसे कहा जरा अपने कपड़ों की तस्वीर भेजो तो वह कहने लगी ठीक है मैं अभी भेजती हूं।

उसने जब अपने कपड़ो की तस्वीर भेजी तो उसमें उसकी पैंटी देखकर मैंने उसे कहा तुमने तो पैंटी भी ली है। वह कहने लगी हां मैंने पैंटी ली है तो इसमें क्या गलत किया मैंने उसे कहा जरा मुझे दिखाओ तो सही कि तुम पैंटी में कैसी लगती हो। उसने मुझे अपनी नंगी तस्वीर भेजी तो मैं अपने आप पर काबू ना कर सका मैंने उसे कहा मुझे तुमसे मिलना है वह कहने लगी आज तो मैं तुमसे नहीं मिल सकती लेकिन कल हम लोग मिलते हैं। उस दिन मैं अपने आप पर काबू नहीं रख सका और मैंने हस्तमैथुन किया लेकिन अगले दिन जब मैं रंजना को मिलने के लिए गया तो वह भी बहुत ज्यादा उत्तेजित थी। उसने मेरे होठों को चूमना शुरू किया उसे बड़ा मजा आने लगा काफी देर तक उसने मेरे होठों का रसपान किया, जैसे ही उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया तो उसे बड़ा मजा आता। वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर अच्छे से सकिंग करती जिससे की हम दोनों के अंदर के गर्मी और बढने लगी मुझे बड़ा मजा आने लगा। काफी देर तक उसने मेरे लंड का रसपान किया जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि पर रगडना शुरू किया तो वह बेचैन होने लगी।

मैंने जैसे ही उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी और कहने लगी तुम्हारा लंड तो बड़ा मोटा है मैंने उसे कहा लेकिन तुम्हारी चूत का जवाब नहीं है। यह कहते हुए वह अपनी चूतड़ों को मुझसे टकराने लगी जब वह मुझसे अपनी चूतडो को टकराती तो मेरे अंदर की उत्तेजना और बढ जाती। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देता जिससे कि उसकी चूतड़ों का रंग लाल होने लगा मैं जब उसे तेज गति से धक्के देता तो मुझे और भी ज्यादा मजा आता मैं उसकी चूत के मजे काफी देर तक लेता रहा। जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो मुझे और भी ज्यादा मजा आया उसके बाद मैंने दोबारा से अपने लंड को खड़ा किया और रंजना को घोड़ी बनाकर दोबारा से चोदना शुरू किया। मुझे रंजना को धक्के देने में बड़ा मजा आता वह मेरे लंड को अपनी योनि में बड़े अच्छे से ले रही थी जिससे कि मेरे अंदर की और भी ज्यादा गर्मी बढने लग जाती। मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के देता उस दिन मैंने रंजना की चूत का भोसड़ा बना दिया था लेकिन उसके बाद वह मुझसे चुदने के लिए बेताब रहने लगी।

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