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चेन्नई से 29 साल की शादीशुदा लड़की-1

hindi sex stories हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम पारस है और मेरी उम्र 28 साल है और में अपने गोरे गठीले बदन, व्यहवार और हर एक औरत लड़की को अपनी मस्त चुदाई की वजह से पूरी तरह संतुष्ट करने के लिए ही पैदा हुआ हूँ। दोस्तों मैंने अभी तक जिनको भी चोदा है वो सभी मेरे लंड की महिमा को समझ सकती है और वैसे मेरा काम भी बस यही है। मैंने अब तक ना जाने कितनी चूत को अपने लंड से चोदकर शांत किया है। दोस्तों में चेन्नई में रहता हूँ और उसके पहले में अपनी पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था और वहीं से मैंने चुदाई का काम शुरू किया था। मुझे हर कभी किसी ना किसी प्यासी चूत को शांत करने उसकी जमकर चुदाई करके खुश करने के लिए फोन आने लगे थे और में उनकी इच्छा को पूरी करके मन ही मन बहुत खुश था, लेकिन दिल्ली में होते हुए भी मुझे चेन्नई से बहुत बार फोन आते थे। फिर इसलिए मैंने एक बार सोचा कि चेन्नई में इस काम को करवाने वालों की कमी नहीं है और इसलिए क्यों ना चेन्नई जाकर ही यह काम किया जाए और इसलिए में वापस चेन्नई ही आ गया।

अब मेरा काम बहुत अच्छा चल रहा है मुझे हमारे पूरे देश से इस काम को करने के लिए फोन आते है और अक्सर कई बार बहुत बार इस तरह की रोचक और सेक्सी घटनाए मेरे साथ होती है जिन्हें में किसी को बता भी नहीं सकता, लेकिन कामुकता डॉट कॉम के माध्यम से अब में आप सभी को बता सकता हूँ और इसलिए लिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद। दोस्तों चलो अब एक और सच्ची घटना को में सुनाना शुरू करता हूँ। एक बार मुझे चेन्नई से 29 साल की शादीशुदा लड़की का फोन आया, उन्होंने मुझे बताया कि वो एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है और अब वो मेरे साथ मज़े लेना चाहती है। फिर मैंने आने के लिए हाँ बोल दिया और उन्होंने मुझे तारीख बताई कि उस दिन शाम को आठ बजे के बाद आप मुझे मेरे मोबाइल पर फोन करना में बता दूँगी कि तुम्हे कहाँ आना है? उन्होंने मुझे अपने घर का पता नहीं बताया। अब मैंने उनको कहा कि ठीक है और में उनकी बताई तारीख पर शाम को पहुँच गया और उसके बाद में मैंने 8:30 बजे उनको फोन किया। फिर उन्होंने मुझे एक शादी गार्डन का पता बता दिया और बोला कि तुम यहाँ चले आओ और उधर पहुँचकर तुम मुझे फोन करना।

फिर में ऑटो से उस पते पर पहुँच गया और मुझे वो गार्डन मिल भी गया। मैंने बाहर से ही उन्हें फोन लगाया और अपना हुलिया बता दिया। अब उन्होंने मुझे बाहर ही रुकने के लिए कहा, बाहर बहुत भीड़ थी और बहुत सी गाड़ियाँ खड़ी हुई थी, वो शायद किसी पैसे वाले की शादी थी। फिर कुछ देर के बाद एक बहुत सुंदर 29 साल की गोरी लड़की साड़ी पहने हुए बालों में फूल लगाए हुए एकदम मस्त सजकर गेट से बाहर आई और वो अपने कान पर मोबाइल लगाए किसी को खोज रही थी। अब मेरे मोबाइल की घंटी बजी। अब तक वो मेरे पास पहुँच चुकी थी, इसलिए मेरे मोबाइल की घंटी उसको भी सुनाई दे गई और में अपनी जेब से मोबाइल को बाहर भी नहीं निकाल सका था कि उसने फोन करना बंद कर दिया। अब में भी उन्हें ही देख रहा था और फिर उन्होंने मेरे पास आकर खड़े होकर फिर दोबारा मेरे पास फोन किया और दोबारा से मेरा फोन बजने लगा। अब वो मुझे देखकर मुस्कुराने लगी और में भी मुस्कुराया गया। मोबाइल को बंद करके वो मेरे पास आ गई और अब उसने मुझसे पूछा क्या तुम ही पारस हो? मैंने कहा कि हाँ मेरा नाम ही पारस। फिर हम दोनों ने हाथ मिलाया, जिसके बाद उसने मुझे बताया कि यह मेरी एक बहुत अच्छी सहेली की शादी है और बस अभी कुछ देर में प्रोग्राम ख़त्म हो जाएगा।

अब तुम आओ मेरे साथ खाना खा लो, मैंने कहा कि हाँ ठीक है और अब में मन ही मन में हंस रहा था और सोच रहा था कि बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना। फिर में उसके साथ अंदर गया और उस भीड़ में शामिल हो गया, वो मुझे वहीं छोड़कर स्टेज पर चली गई और में खाना खाने लगा, लेकिन वो स्टेज से लगातार मुझे ही देखे जा रही थी और वैसे में भी उसको देख रहा था। दोस्तों वो एक 29 साल की सेक्सी लड़की थी, उसका जिस्म बहुत ही सेक्सी लग रहा था। वो बिल्कुल प्रिंयका चौपड़ा की तरह नजर आ रही थी। अब में खाना खा चुका था और एक कुर्सी पर बैठकर में बड़े आराम से कॉफी पीने लगा था, तभी मैंने देखा कि अब दूल्हा दुल्हन और सब लोग स्टेज से नीचे उतरकर खाना खाने के लिए जा रहे है। फिर इसने में वो उसी समय उन लोगों को छोड़कर मेरे पास आ गई और एक कॉफी लेकर मेरे पास वाली कुर्सी पर बैठ गई और हम दोनों उस समय भीड़ से बिल्कुल अलग बैठे हुए थे। अब हम दोनों कॉफी पीते हुए बातें करने लगे। उसने मुझसे पूछा कि आपको यहाँ पर आने में कोई परेशानी तो नहीं हुई? मैंने कहा कि नहीं में आते समय एक दो बार पूछते हुए आराम से यहाँ तक चला आया। अब उसने मुझे बताया कि यह मेरे बॉस की बेटी की शादी है और वो मेरी सहेली भी है, मेरे बॉस बहुत ही अमीर आदमी है।

फिर मैंने कहा कि हाँ यह सब इंतज़ाम देखने से ही पता चलता है कि यह बहुत बड़े आदमी की शादी है। अब उसने मुझे बताया कि यह जो आप दो आसपास महलनुमा कोठी देख रहे है ना, मैंने कहा कि हाँ मुझे नजर आ रही है। फिर वो बोली कि एक कोठी में लड़की वाले रुके है और एक में लड़के वाले हम सभी के लिए अलग अलग कमरे दिए गये है और अब यह स्टेज का काम खत्म होने के बाद फेरे का कार्यक्रम है और जहाँ यह काम होना है उधर भी मेरा एक कमरा है। अब वो कहने लगी कि यहाँ बहुत से लड़के लड़कियाँ है, किसी को हमारे ऊपर कोई शक नहीं होगा, क्योंकि यहाँ भीड़ इतनी है कि किसी को किसी के बारे में सोचने का समय ही नहीं है। दोस्तों में बड़े ही ध्यान से उसकी वो सभी बातें सुन रहा था और मैंने एक बात पर भी ध्यान दिया कि वो यह सब मुझसे बोल तो रही थी, लेकिन बोलते हुए उसकी साँसे फूल रही थी। अब में उसकी स्थिति को तुरंत समझ रहा था और फिर उसने मुझे बताया कि में मांगलिक हूँ और इस वजह से अभी तक मेरी शादी कहीं तय नहीं हो सकी है और मेरे साथ की सभी लड़कियों की शादी हो चुकी है और उनके अपने बच्चे भी है, लेकिन अब इस उम्र में सेक्स को लेकर मेरा क्या हाल हो रहा होगा, तुम अच्छी तरह से समझ सकते हो?

आज इसलिए मैंने तुमसे मिलने और यह सब करने के बारे में विचार किया, लेकिन यह हम दोनों की पहली और आखरी मुलाकात होगी। फिर में उसकी वो सभी बातें सुनने के बाद उसको बोला कि अगर कभी आप बाजार जाती है और अगर आपकी ठंडा पीने की इच्छा होती है और आप दुकान पर जाकर ठंडा पीती है, पैसे देती है और वापस अपने घर आ जाती है ना। अब वो बोली कि हाँ तो उसमे क्या नई बात है? अब आप मुझे एक बात बताओ कि आप वो गिलास अपने साथ घर क्यों नहीं लेकर आती हो जिसमे आपने ठंडा पिया था? अब वो कहने लगी कि मैंने क्योंकि वो गिलास नहीं खरीदा था, बस उसमे रखा हुआ ठंडा खरीदा था। फिर मैंने उनको कहा कि हाँ ऐसे ही आपने मेरे काम को खरीदा है मुझे नहीं और इसलिए आपसे आज के बाद मुझे कोई मतलब नहीं रहेगा, आप निश्चित रहे। अब वो मेरी पूरी बात को सुनकर मुस्कुराने लगी और हम दोनों करीब बीस मिनट तक वैसे ही बैठकर बातें करते रहे और फिर इस बीच दूल्हा दुल्हन उस कोठी की तरफ जाने लगे, जहाँ पर मंडप बना हुआ था और उधर ही उनका कमरा भी था। अब वो मुझसे बोली कि उठो और मेरे साथ में चलो, हम दोनों भी दूल्हा दुल्हन की भीड़ के साथ शामिल हो गये और मैंने देखा कि वो कोठी अंदर से भी बहुत अच्छी थी बिल्कुल फिल्मो के सेट की तरह नजर आ रही थी।

फिर हम दोनों अंदर पहुँचे और कुछ भीड़ में शामिल लोग इधर उधर हो गये। कुछ लड़के लड़कियाँ कपड़े बदलने के लिए अपने अपने कमरों में जाने लगे। अब दूल्हा दुल्हन और चार पांच लड़के, लड़कियाँ मंडप के पास बैठ गये और उसी समय प्रिया ने मुझे इशारा किया। फिर हम दोनों भी शांत होकर कमरे की तरफ उस भीड़ के साथ चले गये, प्रिया ने दरवाजा खोला और वो अंदर चली गई और में कुछ दूरी पर था। फिर सही मौका देखकर में भी अंदर चला गया। वो एक बड़ी होटल की तरह का कमरा था, उसमे एक बड़ा बेड था और टीवी, फोन रखे हुए थे। दोस्तों वो कमरा महक भी रहा था। उसने ऐ.सी. को चालू कर दिया और बाथरूम का दरवाज़ा खुला हुआ था, मैंने अब अंदर झांककर देखा कि वो बहुत बड़ा और सुंदर भी था। अब हमने अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया में पलंग पर बैठ गया और मैंने अपने जूते उतारकर में पलंग पर दीवार से अपनी पीठ को लगाकर लेट गया। फिर मैंने टीवी को चालू किया और में देखने लगा और उस समय प्रिया पलंग के पास खड़ी हुई थी। वो मुझे ही लगातार देखे जा रही थी। दोस्तों तेज गति से साँस लेने की वजह से उसके बूब्स ऊपर नीचे हो रहे थे, मैंने उसकी तरफ अपने एक हाथ को आगे बढ़ा दिया और कुछ देर के बाद उसने मेरा हाथ पकड़ा।

फिर मैंने तुरंत ही उसको पलंग पर खींच लिया और वो बड़ी ही अदा से मेरी छाती पर आ पड़ी। हम आधे लेटे हुए थे, जिसकी वजह से उसका सर उस समय मेरी छाती पर था। दोस्तों अपने एक हाथ से में उसको थामे हुए था और एक हाथ से मैंने उसके गालों को छुआ, उसने अपनी आँखों को तुरंत बंद कर लिया। दोस्तों उस समय वो दुल्हन की तरह सजी हुई थी और उसने साड़ी गहने भी पहने हुए थे और उसके बदन की मदहोश कर देने वाली उस महक से में दीवाना हो गया था। अब मैंने उसके माथे पर चूम लिया और आज में भी उसके साथ सुहागरात मनाने के मूड में था और प्रिया एक 29 साल की कुंवारी लड़की थी, इसलिए में यह बात भी अच्छी तरह से जानता था कि उसको क्या चाहिए? फिर मैंने उसकी बंद आँखों को चूमा और में एक हाथ को उसके बालों में घुमाने लगा और वो किसी नयी दुल्हन की तरह शरमा रही थी। उसका एक हाथ मुझे अपने घेरे में लिए हुए था। फिर में उसके ऊपर कुछ झुका और मैंने अपने होंठ उसके होंठों से लगा दिए, जिसकी वजह से वो काँप गई और ज़ोर से उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया। अब में उसके रसीले होंठो को चूस रहा था और वो भी मेरे होंठो को चूस रही थी, कुछ देर होंठ चूसते हुए वो इतनी बैचेन हो गई कि उसने अपने दोनों हाथों से मेरे दोनों गाल पकड़े और ज़ोर ज़ोर से सर को घुमाकर वो मेरे होंठो को चूसने लगी, वो पागलों की तरह मेरे होंठो को चूमती रही।

दोस्तों एक समय तो में भी छटपाटने लगा था। वो इतनी गरम हो चुकी थी कि वो एक भूखी शेरनी बन गई थी और उस समय उसके बड़े आकार के मुलायम बूब्स मेरी छाती पर दब रहे थे। फिर मैंने भी अपना एक हाथ उसके सर के पीछे ले जाकर उसका सर पकड़कर पूरे ज़ोर से उसके होंठो को में चूसने लगा था और करीब दस मिनट तक हम बस वही सब करते रहे। फिर कुछ देर के बाद हम अलग हुए हम दोनों ही बुरी तरह से हाँफ रहे थे, हम दोनों बिस्तर पर अलग अलग लेटे हुए थे। फिर कुछ देर बाद जब हम सामान्य हुए तो में उसकी तरफ पलटा वो अपनी आँखों को बंद किए लेटी थी। अब मैंने उसको गर्दन पर चूमते हुए उसके बूब्स पर चूमने लगा और साड़ी का पल्लू उसकी छाती से अलग करते ही में एकदम चकित रह गया, वाह क्या मस्त बड़े आकार के मुलायम बूब्स थे? एकदम गोरे गोलमटोल बूब्स को देखकर में मचल उठा। फिर मैंने अपने दोनों हाथ उसके दोनों बूब्स पर रख दिए और में सहलाने लगा, उसकी साँसे तेज़ गति से चलने लगी और वो मेरी तरफ देखने लगी। फिर मैंने उसके बूब्स को सहलाते हुए अपना मुहं उसके ब्लाउज में डाल दिया, जिसकी वजह से वो मचल उठी और उसने मेरा सर अपने दोनों हाथों से पकड़कर बूब्स पर दबा दिया और में अपने होंठो को उसके बूब्स पर फेरे जा रहा था।

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