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चाचा की लडकी के यौवन को खिला दिया

kamukta

मेरा नाम हरीश है मैं फरीदाबाद का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 33 वर्ष की हो चुकी है और हमारे परिवार में सब लोग एक साथ ही रहते हैं। मेरे चाचा और चाची भी अभी तक हमारे साथ में ही रहते हैं क्योंकि हमारी जॉइंट फैमिली है। हमारे घर पर बहुत शोर शराबा रहता है, घर में मेरे बड़े भैया भी हैं जिनकी शादी हो चुकी है उनकी शादी कुछ समय पहले ही हुई है और मेरी भाभी का व्यवहार भी बहुत अच्छा है। वह मेरे माता पिता के साथ बहुत ही अच्छे से रहती है और मेरे चाचा चाची भी उनकी बहुत तारीफ करते हैं। हम घर में दो भाई हैं और मेरे चाचा के तीन बच्चे हैं, उनमें सबसे बड़ी लड़की है जो कि कॉलेज कर रही है, उसका नाम वर्षा है, वह पढ़ने में बहुत ही अच्छी है और अपनी पढ़ाई में बहुत ध्यान देती है उनके दोनों छोटे बच्चे अभी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं, वह दोनों बहुत ही शैतानियां करते हैं इस वजह से घर में बहुत ज्यादा शोर शराबा होता है।

मेरे पिताजी बहुत ही शांत स्वभाव के हैं वह जब भी अपने काम से लौटते हैं तो अपने कमरे में ही बैठे रहते हैं, वह ज्यादा किसी से भी बात नहीं करते। मेरी मम्मी उनके लिए उनके कमरे में ही खाना लेकर जाती है  और वह खाना खा कर  जल्दी सो जाते हैं लेकिन हम लोग बहुत देर से सोते हैं क्योंकि सब लोग रात को काफी देर तक बातें करते हैं इस वजह से हम लोग देर से होते हैं। मेरे पिताजी बहुत जल्दी सो जाते हैं क्योंकि उन्हें सुबह जल्दी अपने काम पर जाना होता है। मैं जिस कंपनी में नौकरी करता हूं वहां पर मैं मैनेजर के पद पर हूं और मुझे उस कंपनी में काम करते हुए काफी समय हो चुका है। जब मैंने इस कंपनी में शुरुआत की थी तो कंपनी की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी लेकिन हमारे जितने भी टीम के सदस्य है उन्होंने बहुत मेहनत की और कंपनी को एक अच्छे मुकाम पर पहुंचा दिया इसीलिए मेरा प्रमोशन भी हो गया और फरीदाबाद ब्रांच में मैं मैनेजर हूं। मेरे ऑफिस में मेरे जितने भी लोग है वह सब मुझे कहते हैं कि आप बहुत ही ज्यादा मेहनत करते हैं। मैंने उन्हें कहा कि यदि हम लोग मेहनत नहीं करेंगे तो कंपनी कैसे ऊपर उठेगी और अगर हम लोग काम चोरी करेंगे तो कंपनी भी हमें सैलरी कहां से देगी इसीलिए मेरा मानना यह है कि आप अच्छे से काम कीजिए इसीलिए सारी कंपनी मेरा बहुत ही साथ देती है और मुझे बहुत अच्छा भी लगता है  जब मैं अपनी कंपनी के लिए अच्छे से काम करता हूं।

मेरे ऑफिस में ही एक लड़की है, उससे मेरा रिलेशन है लेकिन यह बात हमारे ऑफिस में बहुत कम लोगों को मालूम है क्योंकि मैं नहीं चाहता कि यह बात हमारे ऑफिस में किसी को पता चले इसलिए मैंने उसको भी साफ मना कर रखा है कि तुम्हें ऑफिस में किसी भी प्रकार से यह बताने की जरूरत नहीं है कि हम दोनों रिलेशन में हैं इसीलिए उसने किसी को भी अभी तक नहीं बताया। जब भी मुझे समय मिलता है तो हम लोग साथ में समय बिता लेते हैं और कभी कबार हम दोनों साथ में घूमने भी चले जाते है। मुझे घूमने या फिर मूवी देखने का ज्यादा शौक नहीं है इसलिए मैं इन चीजों से दूर ही रहता हूं परंतु वह मुझसे जिद करती है इसलिए मुझे उसके साथ जाना पड़ता है। वह मुझसे कहती है कि हम लोग कब शादी करने वाले हैं, मैंने उसे कहा कि मैं फिलहाल अभी शादी नहीं करना चाहता क्योंकि मुझे अभी अपने लिए कुछ समय चाहिए लेकिन वह कहती है कि मुझे तो आपसे जल्दी से जल्दी शादी करनी है। उसने यह बात अपने घर में भी बता दी थी, उसके पिताजी भी मुझसे एक बार मिलने मेरे ऑफिस में आए थे। वह मुझसे मिलकर बहुत ही खुश हुए और कहने लगे कि तुम लोग जल्दी से शादी कर लो। मैंने उन्हें कहा कि मुझे अभी कुछ और वक्त चाहिए उसके बाद ही मैं शादी कर पाऊंगा इसलिए उन्होंने उसके बाद मुझसे ज्यादा बात नहीं की और वह ऑफिस से चले गए। मेरा रिलेशन भी अच्छा चल रहा है लेकिन मैं उसे ज्यादा समय नहीं दे पाता क्योंकि मैं अपने काम में ही बिजी हो जाता हूं, मैं अपने काम को पहले प्राथमिकता देता हूं।

मेरे चाचा की लड़की वर्षा का भी कॉलेज कंप्लीट हो गया था और वह घर पर ही थी। एक दिन वह मुझसे कहने लगी कि मुझे क्या करना चाहिए, मैंने उसे कहा कि तुम अभी आगे क्या करना चाहती हो, वह कहने लगी कि आगे तो मैं नौकरी करना चाहती हूं यदि मुझे किसी अच्छी जगह पर नौकरी मिल जाए तो मैं काम कर लूंगी। मैंने उसे कहा कि तुम एक काम करो मेरे ऑफिस में ही ज्वाइन कर लो, तुम्हें वहां पर मैं अच्छी तनख्वाह भी दिलवा दूंगा। मैंने जब इस बारे में अपने हेड ऑफिस में बात की तो मैंने वर्षों की जॉब अपनी ही कंपनी में लगवा दी और वह मेरे साथ ही सुबह ऑफिस आती थी। शुरुआत में तो उससे काम नहीं हो पा रहा था लेकिन मैंने उसे काम सिखा दिया और वह बहुत अच्छे से काम करने लगी। अब वह पूरा मन लगाकर काम करती थी और मुझे भी बहुत खुशी होती थी जब वह इस प्रकार से काम करती थी। मैंने उसे कहा कि यदि तुम अच्छे से काम करोगे तो तुम्हारा प्रमोशन भी हो जाएगा। मैंने उसे अपने बारे में भी बताया कि जब कंपनी की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी तो उसके बाद मैंने कंपनी में बहुत मेहनत की और हमने कंपनी को एक अच्छे मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया इसीलिए मुझे यहां पर मैनेजर बना दिया गया।

वह जब ऑफिस में आती थी तो उसे भी मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पता चल गया लेकिन उसने मुझसे कभी भी इस बारे में जिक्र नहीं किया क्योंकि वह मुझसे छोटी है और शायद उसे इस बारे में मुझसे बात करना अच्छा नहीं लग रहा था इसीलिए उसने मुझसे इस बारे में नहीं पूछा परंतु एक दिन जब हम दोनों ऑफिस साथ आ रहे थे तो वह कहने लगी कि आपके और संगीता के बीच में बहुत ही अच्छे संबंध है, मैंने उसे टालते हुए कहा कि वह ऑफिस में काम करती है इसलिए मैं उसे अच्छे से बात करता हूं लेकिन वह मुझे कहने लगी नहीं कुछ और बात है, आप दोनों के बीच में कोई तो रिलेशन चल रहा है। मैंने उसे बहुत टालने की कोशिश की परंतु वह इन बातों को समझ चुकी थी और मुझे उसे बताना ही पड़ा कि मेरा और संगीता के बीच में रिलेशन चल रहा है। अब उसे भी हम दोनों के रिश्ते के बारे में पता चल गया था और मुझे भी उसे बताना ही पड़ा, नहीं तो वह मेरे पीछे ही पड़ी हुई थी। मेरा वर्षा के साथ भी बहुत समय बीतता था क्योंकि वह सुबह भी मेरे साथ ही ऑफिस जाती और रात को भी हम लोग साथ में ही होते थे इसीलिए उसे आप मेरी हर एक बात की खबर रहती है और वह मुझसे हमेशा ही पूछती रहती थी कि आप दोनों का रिलेशन कितना पुराना है, मैंने उसे बताया कि जब से संगीता ने ऑफिस ज्वाइन किया है तब से ही हम दोनों के बीच में है रिलेशन है। एक दिन मैं और वर्षा ऐसे ही खाली बैठे थे और संगीता भी उस दिन फ्री थी इसलिए हम तीनों हमारे ऑफिस के बाहर ही एक रेस्टोरेंट था वहां पर बैठ गए। वर्षा संगीता से पूछने लगी कि आप लोग शादी का विचार कब कर रहे हैं। संगीता कहने लगी की मैंने तो इनसे कई समय पहले ही कह दिया था परंतु इन्हें अभी थोड़ा समय और चाहिए। उस दिन हम तीनों खुल कर बात कर रहे थे और वर्षा को भी हमारे साथ बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। अब हम लोग अपने अपने ऑफिस आ गए, उस दिन शाम को हम दोनों घर चले गए और मैं जब भी संगीता से फोन पर बात करता था तो वर्षा मुझे देखती रहती थी और वह मुझे परेशान करती थी। एक दिन रात को मैं संगीता से बात कर रहा था तो वह मुझसे बड़ी सेक्सी बात कर रही थी और उसी वक्त वर्षा मेरे रूम में आ गई। मेरा लंड पूरा खड़ा हो रखा था और जब वर्षा ने देखा तो उसने तुरंत ही मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया।

मैंने उसे कहा तुम यह क्या कर रही हो वह कहने लगी कि मुझे आपके लंड को देखकर बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा। उसने अपने गले तक मेरे लंड को उतार लिया और बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूसने लगी वह इतने अच्छे से मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और उसे भी बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। मैंने जब उसे अपने नीचे लेटाया तो उसके सारे कपड़े खोल दिए उसके स्तन बहुत छोटे थे परंतु बहुत ज्यादा टाइट और मुलायम थे। मैंने जब उसके स्तनों का रसपान किया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और मैंने उसके दोनों पैरों को खोलते हुए उसकी योनि को चाटना शुरू कर दिया। मैंने उसकी योनि को काफी देर तक चाटा जिससे उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा। मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा जब उसकी योनि से पानी बाहर निकल रहा था मैंने तुरंत ही उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी योनि में गया तो वह चिल्ला उठी और मुझे बहुत मजा आने लगा जब मैं वर्षा को चोदे जा रहा था। मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के मारे कि उसके गले से आवाज निकल जाती और वह कहती भैया आप तो मुझे बड़े ही अच्छे से चोद रहे हो यदि आप पहले से मुझे चोदते तो शायद मेरा यौवन और भी ज्यादा खिल जाता। जब उसने यह बात कही तो मैंने उसे घोड़ी बना दिया और उसकी चूत मारना शुरू कर दिया। मैंने उसे इतनी तेज तेज धक्के मारे कि मुझे बहुत मजा आने लगा मैं उसे बड़ी तेजी से चोदे जा रहा था और उसका शरीर पूरा दर्द होने लगा और ना जाने कब मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर गया मुझे पता भी नहीं चला। जब मेरा माल उसकी योनि में गया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। अब मैं हमेशा ही वर्षा को ऑफिस से आने के बाद चोदता हू और एक बार वह प्रेग्नेंट भी हो गई थी मुझे उसे गोली खिलानी पड़ी। अब उसका यौवन पूरा खिल चुका है और उसका शरीर भी मस्त हो चुका है इसलिए मुझे उसे चोदने में और भी मजा आता है।

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