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बचपन की पहचान वाली लडकी को मस्त चोदा

hindi sex stories हाय दोस्तो, आप लोग कैसे हो ? मेरे पास आपके लिए एक बिलकुल और बिलकुल नयी कहानी है | ये मेरी सच्ची और आप बीती वाली कहानी है | जब मैं बचपन में अपने दादा के गाँव जाया करता था तब वहा पर मेरे छोटे मित्र रहा करते थे उन में से कुछ लडकियां भी थी | बचपन का समय एक सुनहरा समय होता है क्योकि तब आप छोटे होते है और आपके ऊपर कोई भी जिमेदारी नही होती | मैं अपने बचपन में लड़के और लडकियां दोनों के साथ खेला करता था | मुझे बचपन में कुछ भी खाने का शौक था इसलिए मैं मेरे गाँव के एक घर से अन्य घरो में घुमा करता था ताकि मुझे कुछ नया खाने को मिल जाये | जब मैं बड़ा हो गया तो मैं अपने मित्र से मिलने के लिए अपने गाँव लौटकर गया | मेरे मित्र गाँव आने पर मेरा स्वागत करते है और वैसे ही उन्होंने किया | अब वो लडकियां जो मेरे साथ बचपन में खेला करती थी वो भी बड़ी हो चुकी थी | फिलहाल मैं जवान हो गया हूँ इसलिए मैं अपनी जवानी को व्यर्थ होने से बचाने के लिए एक गर्लफ्रेंड बनाई है | जिस लड़के की कोई गर्लफ्रेंड नही होती उसका जीवन और उसकी जवानी व्यर्थ है | मेरा एक मित्र जो की शहर में रहता है वो मुझे लड़कियों से मित्रता करने के लिए कहा करता था | क्योकि मैं देखने में सुन्दर हूँ |

इसलिए वो मुझसे कहा करता था अगर लड़की को पटाने में आओगे तो तुम कोई भी लड़की को सरलता से पटा सकते हो | उसकी सलाह को मैंने महत्व दिया और मैंने अपने गाँव की लड़की को मेरी गर्लफ्रेंड बना लिया | मुझे उस लड़की को गर्लफ्रेंड बनाना सरल था क्योकि वो बचपन से मेरे साथ खेला करती थी | जब मैं बड़ा हुआ और जवान हो गया तब मुझे एक गर्लफ्रेंड की ज़रूरत होने लगी क्यूंकि सबके लंड में खुजली होती है और मेरे लंड में भी थी | आज मैं खुश हूँ क्योकि उस लड़की के मेरे जीवन में आने से मुझे काफी ख़ुशी मिली है | आज का समय एक ऐसा समय है जहाँ पर सबके पास एक गर्लफ्रेंड होती है | उस लड़की की मम्मी भी सुन्दर थी और वो लड़की उसकी सबके साथ ही रहा करती है और उसकी मामी भी वही रहती हैं | उसकी मामी को एक दिन मालूम चल गया की मेरी उसकी भांजी से मित्रता तो है लेकिन अब उसने एक नया रूप ले लिया है | क्योकि मैं उस गाँव की उसी लड़की को अपने दादा के घर पर चोद चूका हूँ | जब मैं उस लड़की को चोद रहा था मेरे दादा के घर पर तब मुझे मालूम नही था की कोई हमारे विषय में जानकारी रख रहा है |

उसकी मामी उसकी परवाह करती थी इसलिए वो उस गाँव की लड़की का पीछा भी किया करती थी कि वो कहा जा रही है | जब उससे मालूम चल गया की वो मुझ से मिलने के लिए आया करती है तो उसने उसकी भांजी के घर से निकलने पर रोक लगा दी | अब मुझ को कुछ नया करना था ताकि मैं उस लड़की को इस बंधन से आजाद कर सकूँ | मेरे द्वारा किये गए प्रयास के कारण वो लड़की उसकी मामी के बन्धन से आजाद हो पाई | मैंने एक तरकीब निकाली ताकि मैं अपनी गाँव वाली गर्लफ्रेंड से आसानी से मिल सकू | मैंने उससे कहा की तुम तुम्हारी मामी से कहना की मुझे शहर से बाहर अपने भाई के घर जाना है | उसकी मामी उसकी परवाह करती थी इसलिए अगर वो उसके भाई के घर जाती तो उसका भाई ठीक से उसकी देखभाल कर सकता था | उसके किये गए अनुरोध से उसकी मामी ने उसे उसके भाई के घर जाने के लिए उसे हाँ कर दिया | उस दिन मैं खुश था क्योकि मुझे मालूम की अब मैं उस लड़की मिल सकता हूँ | लेकिन ये मेरे लिए एक मौका नही था बल्कि एक समस्या बन गयी थी | क्योकि उसके भाई को मेरे विषय में उसकी मामी ने बता दिया | उसकी मामी ने एक दिन मुझसे आकर कहा की क्या चल रहा है ? ऐसा तब हुआ जब मैं उसके घर पर पहुचा था | उसकी मामी ने मुझे साफ बता दिया था कि उन्हे मालूम चल गया था की मैं उनकी भांजी को चोद रहा था |

चुदाई के दौरान मैं उस लड़की की गांड को चोदना पहेले पसन्द करता था क्योकि उसकी गांड मोटी थी | वो एक भरे हुए शरीर वाली लड़की थी इसलिए उसकी गांड मस्त थी | पहले मैं उसके पयजामे से उसका नाडा खोला करता था | फिर उसके बाद मैं उसकी चड्डी उतार दिया करता था और ऐसा करने में मुझे बड़ा मज़ा आता था | चड्डी उतारना के बाद मैं उसकी गांड को चूमता और फिर उसके बाद मैं उसकी चूत को चूमता | मैं अपने हाथो से चूत को सहला सहला के गरम करता था | उसकी चूत को जब मैं सहलाता था तब उसकी चूत से पानी निकलता था जिसको मैं चाट के साफ़ करता था | फिर मैंने अपना लंड बाहर करने के लिए अपनी पेन्ट को खोल दिया और फिर मेरा लंड तयार था उस लड़की की चूत में अन्दर घुसने के लिए | मेरा लंड उस लड़की की चूत के अन्दर आसानी से घुस रहा था | मुझे चुदाई करते समय आसानी हो इसलिए मैंने एक कन्डोम पहना हुआ था | कन्डोम पहनने के कारण लंड आसानी से अन्दर और बाहर जा रहा था | चूत उसकी देखने में सुन्दर थी क्योकि उस लड़की ने उसकी चूत के बालो को साफ करवाया था | उसकी लाल चूत को मैं फिर अपने जीब से चाटने लगा | जब मैं उसकी चूत को चाट रहा था तब वो कुछ अजीब आवाज निकाल रही थी जैसे आआअ उम्म्मम्म अआह्हह | कुछ देर तक चोदने के बाद मेरे लंड से वीर्य की नदी बहना शुरु हो गयी | उसके नंगे बदन पर वीर्य पड़ा हुआ था | उसको चोदने के दौरान मेरे लंड से काफी वीर्य बाहर आ गया था और मुझे थकावट आने लगी थी इसलिए मैंने उससे कहा कि अब मैं किसी अन्य दिन उससे चोदुंगा लेकिन वो मुझ से कह रही थी तुम काफी पहेले थक जाते हो | वो उस समय मेरे लंड की प्यासी थी इसलिए वो उसकी चूत में मेरा लंड घुसेड रही थी | जब एक घन्टे हो चुके थे तो मैंने उसे घर जाने के लिए कहा और वो फिर उसके घर चली गयी | जब भी कभी मुझे फुर्सत का समय मिलता था तब मैं उस लड़की से मिलने के लिए उसके घर के सामने खड़ा हो जाया करता था और उसे घुरा करता था | वो लड़की से मेरा चुदाई वाला सम्बन्द करीब 3 साल तक चला लेकिन एक दिन उसकी मामी ने मुझे उसको चोदते हुए पकड लिया तब से मैं उस लड़की को चोद नही पाता था | चुदाई करने के लिए मैं सावधानी बरता करता था लेकिन अंजाने में मुझ से कुछ ऐसा हो गया था की उसकी मामी को मालूम चल गया | जब वो लड़की उसके भाई के पास चली गयी थी | तब मैं उस लड़की के पीछे उसके भाई के घर गया हुआ था | उसका भाई एक व्यापारी है |

एक धनवान बन्दा है | उसके भाई को मेरे विषय में सब मालूम था इसलिए जब मैं उसके भाई के शहर में पहुंचा तो उसके भाई ने मुझे देखते हुए कहा कि तुम मेरी बहन से दूर रहना और मैंने उसको हाँ करते हुए वहां से चले जाने पर फायदा पाया इसलिए वहां से चला गया | अगले दिन मैंने उस गाँव की लड़की के फोन नम्बर पर फोन किया और उसके भाई के विषय में बताया कि उसे मेरे विषय में मालूम चल गया | मैं उस दिन के बाद से नयी तरकीब तलाश करके लाया | क्योकि उस लड़की को बाहर निकलने तो दिया जाता था लेकिन उसका भाई सतर्क रहता था कही मैं उस लड़की की कही पर चुदाई तो नही कर रहा हूँ | उस लड़की को उसके भाई के बंधन से मुक्त करवाने के लिए मैंने एक तरकीब का उपयोग किया | मैं गाँव लौटकर गया था ताकि मैं उसकी मामी को पटा सकू | एक दिन मैं उसकी मामी के घर पर गया और उसकी मामी ने मुझे बताया कि उसे मालूम चल गया था की मेरा और उसकी भांजी का सम्बन्द चल रहा है तभी उसकी भांजी को उसने उसके भाई के घर पर भेज दिया है | उसके ऐसा कहने पर मैंने हा में जवाब देने के बाद वहा से चला गया | कुछ दिन बाद मैं उसकी मामी के घर पर गया और उनके लिए मिठाई ले कर गया था | मेरे यहा एक नयी गाडी आई थी जिसको मैंने खरीदा था | उस गाडी के आना से मेरे पास एक मौका था की मैं उनके घर मिठाई ले कर जाऊ और मैंने उन्हे मिठाई दिया | उसकी मामी को मैंने मिठाई खाने के लिए दिया | मिठाई इतनी लाजवाब थी की वो उस मिठाई को खाए बिना रह नही पाई | फिर उसकी मामी कुछ देर तक मुझ से बात करने लगी | मैंने भी उसकी मामी को अस्वासन दिया की मैंने आपकी भांजी को छोड़ दिया हूँ | उसकी मामी के सामने से जब मैं अपनी गाडी से गुजरा करता था तो उस लड़की का मामा भी वहा खड़ा रहता था | वो मुझ देखकर पहेले गुसा हो जाया करता था | लेकिन जब मैंने उसके मामा को अपना मित्र बना लिया तो उसका मामा उसके घर जाने पर मेरी स्वागत किया करता था | अब उसकी मामी से भी मेरी मित्रता हो चुकी थी | क्योकि जब मैं उस लड़की के मामा को अपनी गाडी से ले कर घुमा करता था तब उसके मामा का छोटा मोटा घर का कार्य कर देता था | इस वजय से उसके मामा के घर सरलता से आने जाने लगा रहता था |

फिर क्या था एक दिन जब उसके मामा घर पर नही थे तो मैं उसकी मामी से बात करते हुए उसकी मामी के हाथो को पकड लिया और उसकी मामी के होटो को चूमने लगा और फिर उसकी साडी को उठाकर उसकी चूत में मेरी उंगली डाल दिया | फिर मैंने उसकी मामी के दूद दबाना शुरु किया | उसकी मामी की गांड गोरी और मोटी थी इसलिए मैं अपने हाथो से उसकी गांड को दबा रहा था | फिर कुछ देर बाद मैंने अपने पेन्ट को खोला और मेरा लंड तयार था उसकी चुदाई करने के लिए | देर किये बिना मैंने अपना लंड उसकी मामी के चूत के अन्दर डाला और अन्दर बाहर करने लगा | मुझे लेकिन डर था कही उसका पति न आजाये इसलिए मैंने उसे आज के लिए इतना ही कह कर उसे चोदना बन्द कर दिया | फिर उसके घर से बाहर निकल आया | कुछ महीने तक यह सिलसिला चलता रहा और मैंने फिर उसकी भांजी को बाहर घुमने की आजादी देने के लिया कहा और उसकी मामी तयार हो गयी | अब वो गाँव की लड़की कही भी आजादी से घुमती है |

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