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शुभी ने मेरा लंड लिया

Antarvasna, desi kahani: मैं अपने घर से सुबह एयरपोर्ट के लिए निकला उस वक्त सुबह के 5:00 बज रहे थे क्योंकि मुझे सुबह की फ्लाइट से ही हैदराबाद जाना था इसलिए मुझे उस दिन सुबह घर से जल्दी निकलना पड़ा। जब मैं एयरपोर्ट पहुंचा तो मैं अपनी फ्लाइट में बैठ चुका था मेरे बगल में ही एक महिला बैठी हुई थी उनकी उम्र यही कोई 30 वर्ष के आसपास रही होगी। कुछ देर तक तो मेरी उनसे बातें नहीं हुई लेकिन फिर जब मैंने उनसे बातें करनी शुरू की तो हम दोनों की बातें होने लगी और मुझे काफी अच्छा लग रहा था जब मैं उनसे बातें कर रहा था। हम दोनों की बातें हो रही थी और मैंने उनसे उनका नाम पूछा तो उन्होंने मुझे अपना नाम बताया उनका नाम शुभी है वह हैदराबाद में ही रहती हैं। मेरी उनसे फ्लाइट में काफी अच्छी बात हुई और उन्होंने मुझे अपना नंबर भी दे दिया था। जब हम लोग हैदराबाद एयरपोर्ट पर पहुंचे तो वहां से मैं होटल में चला गया।

मैंने अपने पापा को फोन किया और उन्हें इस बारे में बता दिया था कि मैं हैदराबाद पहुंच चुका हूं। मेरी पापा से थोड़ी देर तक ही बात हुई और फिर मैंने फोन रख दिया। मुझे हैदराबाद में काम था और कुछ दिनों तक मैं हैदराबाद में ही रहा फिर मैं वापस मुंबई लौट आया था। जब मैं मुंबई वापस लौटा तो मुझे शुभी जी का फोन आया और उन्होंने मुझसे कहा कि आपने मुझे फोन नहीं किया। मैंने उन्हें कहा कि दरअसल मैं बिजी था। हम दोनों की इतनी अच्छी बातचीत हो चुकी थी कि मैंने सोचा भी नहीं था कि उनका फोन मुझे कभी आएगा लेकिन उन्होंने मुझसे उस दिन काफी देर तक बात की। मुझे उनके बारे में ज्यादा नहीं मालूम था लेकिन अब मैं उनसे बातें करने लगा था और मुझे उनसे बातें करना अच्छा लगता। मैं अपने काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहता हूं और मेरे पास समय काफी कम होता है लेकिन फिर भी जब मैं उनसे बातें करता हूं तो मुझे काफी अच्छा लगता है।

वह भी काफी खुश रहती हैं जब भी हम दोनों की बातें होती हैं। एक दिन मैं और शुभी जी आपस में बात कर रहे थे तो उन्होंने मुझसे कहा कि वह कुछ दिनों के लिए मुंबई आ रही हैं। मुझे लगा शायद उन्हें कुछ जरूरी काम होगा इसलिए वह मुंबई आ रही है लेकिन वह सिर्फ मुझसे ही मिलने के लिए मुंबई आ रही थ। जब हम दोनों की मुलाकात हुई तो उन्होंने मुझे अपने जीवन से जुड़ी बातों को बताया। उन्होंने मुझे बताया कि उनकी शादी को हुए 3 वर्ष हो चुके हैं लेकिन उनके पति और उनके बीच बिल्कुल भी नहीं बनती है जिस वजह से वह अलग रहती है। उनसे मेरी बात जब इस बारे में हुई तो मुझे भी लगने लगा कि शायद वह मुझसे प्यार करती हैं और कहीं ना कहीं मैं भी उनसे प्यार कर बैठा था। हम दोनों एक दूसरे से काफी ज्यादा बात करने लगे थे और अब हम दोनों एक दूसरे से मिलने भी लगे थे।

मैं उनसे मिलने के लिए हैदराबाद चला जाया करता और वह मुझसे मिलने के लिए मुंबई आ जाती। मैं जब भी उनसे मुलाकात किया करता तो मुझे काफी अच्छा लगता है वह भी काफी ज्यादा खुश है जिस तरीके से मेरी और शुभी जी की बात होती रहती है। कहीं ना कहीं हम दोनों ने अब एक दूसरे के साथ अपना जीवन बिताने का फैसला कर लिया था। मेरी मदद शुभी जी ने मेरे बिजनेस को शुरू करने में की और मैं अब अपना बिजनेस शुरू कर चुका था। उन्होंने ही मेरी मदद की और मैं इस बात से काफी खुश हूं कि मेरी जिंदगी में काफी बदलाव आ चुका है और मैं अपने बिजनेस को अच्छे से चला पा रहा हूं। मेरा बिजनेस बहुत ही अच्छे से चल रहा है और शुभी जी की वजह से ही मैं अपने बिजनेस को खोल पाया हूं। अब हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था और जब हम दोनों की शादी हुई तो हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश है। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं उससे हमें काफी अच्छा लगता है।

शुभी अब मेरा काफी ध्यान रखती हैं और मुझे भी शुभी के साथ बहुत ही अच्छा लगता है। एक दिन मैं और शुभी साथ में बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो शुभी ने मुझे कहा कि चलो आज हम लोग मूवी देख आते हैं। मैंने भी शुभी से कहा कि ठीक है आज हम लोग मूवी देख आते हैं और उस दिन हम लोग मूवी देखने के लिए चले गए। जब हम लोग मूवी देखने के लिए गए तो हम लोगों ने उस दिन काफी अच्छा समय साथ में बिताया और मुझे बहुत अच्छा लगा जिस तरीके से हम लोगों ने मूवी देखी और एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताया। मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि शुभी और मैं एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और हम दोनों की जिंदगी बहुत ही अच्छे से चल रही है। मेरी जिंदगी में शुभी के आने से मेरी जिंदगी तो पूरी तरीके से बदल ही चुकी है लेकिन शुभी भी बहुत ज्यादा खुश है कि हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते हैं।

एक दिन मैं और शुभी मेरे एक दोस्त के साथ डिनर के लिए गए जब हम लोग वहां पर डिनर के लिए गए तो मुझे उस दिन अपने दोस्त रजत से मिलकर काफी अच्छा लगा। रजत भी बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से हम लोग एक दूसरे को मिले और काफी लंबे समय के बाद हम लोगों की मुलाकात हुई थी। रजत और मैं एक दूसरे से करीब 3 वर्ष बाद मिल रहे थे और मैंने जब शुभी को रजत से मिलवाया तो वह दोनों भी खुश थे। रजत ने अपनी पत्नी से मुझे पहली बार ही मिलवाया था हम लोगों ने उस दिन रजत के घर पर ही डिनर किया और हम लोगों को काफी अच्छा लगा जिस तरीके से हम लोगों ने उस दिन रजत के घर पर डिनर किया। हम लोग एक दूसरे के साथ काफी खुश हैं मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से मेरी और शुभी की शादीशुदा जिंदगी चल रही है। मैं काफी दिनों से अपनी दीदी से नहीं मिला था तो सोचा कि क्यों ना अपनी दीदी से मुलाकात कर लूं। मैंने जब शुभी से इस बारे में कहा कि मैं सुहानी दीदी को मिलने के लिए जा रहा हूं तो शुभी ने मुझे कहा कि मैं भी तुम्हारे साथ चलती हूं। सुहानी भी दीदी को मिलना चाहती थी जब हम लोग उनके घर पर गए तो हम लोगों को काफी अच्छा लगा।

हम लोग उनसे मिले और हम लोगों ने उस दिन उनके घर पर ही रहने का फैसला किया और हम लोग उस दिन सुहानी दीदी के घर पर ही रुक गए थे। शुभी और मैं उसकी दीदी के घर पर ही थे। हम दोनों एक दूसरों से बातें कर रहे थे तभी मेरा हाथ शुभी की जांघ पर लगा। वह मुझे देखकर कहने लगी लगता है आज आपका मन कुछ ज्यादा ही मचल रहा है। मैं भी इस बात पर मुस्कुरा उठा। मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया। मैंने जब शुभी को अपनी बाहों में भरा तो वह भी खुश हो गई और मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया। जब मैं उसके होंठों को चूमकर उसकी गर्मी को बढ़ा रहा था तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी मुझे मजा आ रहा है।

मैंने शुभी के रसीले होंठो को चूमा तो वह भी तडप रही थी। उसकी चूत से पानी निकल रहा था। उसके गुलाबी होंठ चूमकर मेरी गर्मी बढ रही थी और मैं भी उसकी चूत के अंदर लंड को डालने के लिए बेताब था। वह मेरे लंड को अपने हाथो से दबा रही थी। जब वह ऐसा कर रही थी तो उसे मजा आ रहा था और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। जब वह मेरे लंड को अपने हाथो से हिला रही थी और मेरी गर्मी को बढा रही थी। शुभी ने मेरे लंड से पानी भी निकाल दिया था। उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेना शुरु किया। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे मजा आ रहा था।

उसने मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूसा। जब वह ऐसा कर रही थी तो मुझे मजा आ रहा था। उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर तक ले लिया था और जब मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ को लगाकर चाटना शुरू किया तो उसे मजा आ रहा था। वह अपने पैरो को आपस मे मिला रही थी और मुझे मजा आ रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था और उसकी चूत से निकलता हुआ पानी बढ रहा था। मैंने उसकी चूत के अंदर अब अपने लंड को लगाना शुरु कर दिया था। उसकी चूत पर मेरा मोटा लंड लगता उस से मेरी आग बढ रही थी। मैंने शुभी की चूत के अंदर लंड को डालना शुरु किया। उसकी चूत को चिरता हुआ मेरा लंड अंदर जा चुका था। मैंने उसकी चूत पर तेजी से प्रहार करना शुरु कर दिया था। मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था।

वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी और मुझे मजा आ रहा था। जब वह मेरे लंड को अपनी चूत मे ले रही थी उस से मेरी आग बहुत बढ रही थी। मैंने उसके पैरो को खोलकर उसकी चूत पर तेजी से प्रहार कर रहा था। उसकी चूत के अंदर बाहर मेरा लंड हो रहा था। उसकी चूत के अंदर से निकलती हुई गर्मी बढ रही थी। उसकी चूत की गर्मी बहुत बढ चुकी थी। मैं अब उसकी चूत की गर्मी को झेल नहीं पा रहा था। मेरा माल उसकी चूत के अंदर सेट हो चुका था और जैसे ही मेरे वीर्य की बूंदे बाहर आई तो वह मुझे बोली मेरी चूत से लंड बाहर निकाल दो।

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