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सालो बाद बहन की चूत मारी

hindi sex story, antarvasna मैं घूमने के बारे में कई बार सोचता रहता हूं लेकिन मुझे घूमने का समय मिल ही नहीं पाता मैं अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहता था परंतु कभी भी सही मौका मुझे मिल नहीं पाया और ना ही मैं कहीं घूमने जा पाया, मेरी पत्नी हमेशा मुझे कहती कि आपका प्लान हर बार कैंसिल हो जाता हैं आप मुझे सिर्फ सपने दिखा देते हैं और उसके बाद कहीं भी नहीं लेकर जाते लेकिन मेरा काम ही ऐसा है कि जब भी मैं घूमने के बारे में सोचता हूं तो हमेशा कोई ना कोई अड़चन आ जाती है इस वजह से मैं अपने परिवार के साथ कभी भी घूमने नहीं जा पाया। एक दिन मैं अपने ऑफिस में बैठकर काम कर रहा था तभी मेरे फोन पर मेरी बहन रेखा का फोन आया और वह कहने लगी अजय तुम कैसे हो? मैंने अपनी बहन से कहा मैं तो ठीक हूं लेकिन आज तुमने काफी समय बाद मुझे फोन किया, वह कहने लगी बस सोचा आज तुमसे फोन पर बात कर लूं।

रेखा और मेरी काफी देर तक बात हुई क्योंकि रेखा अपने पति के साथ विदेश में रहती है इसलिए हम लोगों की फोन पर कम ही बात हो पाती है रेखा और मेरे बीच बहुत ही ज्यादा अच्छी दोस्ती है वह मेरे साथ पहले बहुत ही ज्यादा समय बिताया करती थी, मैंने रेखा से कहा तुम घर कब आ रही हो? वह कहने लगी बस कुछ समय बाद हम लोग दिल्ली आने का प्लान बना रहे हैं और तुम्हें उस वक्त अपने ऑफिस से छुट्टी लेनी होगी, मैंने रेखा से कहा शायद यह मुश्किल हो पाएगा क्योंकि तुम्हें तो पता ही है कि मैं अपने काम से कितना प्यार करता हूं और मैं जब भी कहीं घूमने का प्लान बनाता हूं तो हमेशा ही वह प्लान कैंसिल हो जाता है तब तक कोई ना कोई काम आ ही जाता है, रेखा मुझे कहने लगी लेकिन इस बार मैं बिल्कुल भी बहाना नहीं सुनना चाहती और तुम्हें हम लोगों के साथ घूमने के लिए तो चलना ही पड़ेगा मैं इतनी दूर से आ रही हूं तो क्या तुम कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी नहीं ले सकते, मैंने रेखा से कहा चलो ठीक है तुम आ जाओ उसके बाद देखते हैं कि क्या किया जा सकता है, रेखा कहने लगी चलो मैं भी अभी फोन रखती हूं और हम लोग कुछ दिनों बाद आ रहे हैं तुम तैयार रहना, मैंने रेखा से कहा ठीक है और यह कहते हुए मैंने फोन रख दिया।

मैं अपने ऑफिस का काम करने लगा और जब शाम के वक्त मैं अपने ऑफिस से 6:30 बजे निकला तो मेरी पत्नी का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि आप घर कितने बजे तक आ जाएंगे, मैंने उसे कहा बस कुछ ही देर में मैं घर पहुंच रहा हूं, वह कहने लगी ठीक है तो फिर आप आ जाइए मुझे आपसे कुछ बात करनी है मैंने अपनी पत्नी से कहा ठीक है मैं आधे एक घंटे में घर पहुंच रहा हूं तब हम लोग बात कर लेते हैं। मैं जब घर पहुंचा तो मैंने अपनी पत्नी से पूछा हां निधि बोलो तुम्हें क्या काम था? वह कहने लगी मुझे आज रेखा दीदी ने फोन किया था और वह मुझे कह रही थी कि हम लोग आ रहे हैं क्या यह सही बात है? मैंने निधि से कहा हां यह बिल्कुल सही बात है वह अपने पति के साथ कुछ दिनों के लिए आ रही है और उसने मुझे भी फोन किया था, जब यह बात मैंने अपनी पत्नी से कहीं तो निधि कहने लगी चलो कम से कम इसी बहाने मेरा भी मन तो लगा रहेगा नहीं तो मैं घर पर अकेले बोर हो जाती हूं क्योंकि मम्मी से तो मेरी ज्यादा बात हो ही नहीं सकती। वाकई में निधि भी घर में अकेले बोर हो जाती होगी क्योंकि मेरी मम्मी ना तो अच्छे से कान सुन पाती है और ना वह ज्यादा किसी के साथ बात करती हैं, करीब एक महीने बाद रेखा और उसके पति आ गए जिस दिन वह लोग आए तो उस दिन मैं उन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट चला गया और एयरपोर्ट से मैंने उन्हें घर पर ड्रॉप किया लेकिन मुझे अपने ऑफिस जाना था इसलिए मैं अपने ऑफिस निकल गया मैंने रेखा से कहा मैं शाम को जल्दी घर लौट आऊंगा तब हम लोग बात करते हैं, रेखा कहने लगी ठीक है तब तक हम लोग भी फ्रेश हो जाते हैं और मैं वहां से अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ा, जब शाम के वक्त मैं अपने ऑफिस से लौटा तो रेखा मुझे कहने लगी तुम तो बड़े ही बिजी रहते हो तुम्हारे पास तो बिल्कुल भी समय नहीं होता तुम यह नौकरी छोड़ क्यों नहीं देते, मैंने उसे कहा यदि मैं नौकरी छोड़ दूंगा तो मैं क्या करूंगा और अपना परिवार कैसे पालूंगा, वह कहने लगी तुम्हें अपना ही कोई काम खोल लेना चाहिए और तुम अपना कोई काम शुरू कर लो इतने वर्षों से तुम नौकरी कर रहे हो लेकिन तुमने अपनी पत्नी को क्या कभी समय दिया है तुम्हें उसके लिए भी समय निकालना चाहिए।

रेखा ने मुझसे कहा कि तुम उसके लिए बिल्कुल भी समय नहीं निकालते हो मैंने रेखा से कहा की मैं सोचता तो काफी हूं लेकिन मेरी हिम्मत नहीं होती और अब जॉब करते हुए इतना समय हो चुका है कि कुछ सोचने की आदत ही नहीं रह गई है, रेखा मुझे कहने लगी चलो यह बात तो छोड़ो लेकिन तुम यह बताओ कि हम लोग घूमने के लिए कहां जा रहे हैं? मैंने रेखा से कहा यार मेरा तो मुश्किल हो पाएगा रेखा मुझे कहने लगी देखो मैं अब कोई बहाना नहीं सुनना चाहती तुम हर बार यही कहते हो लेकिन इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा, मैंने उसे कहा ठीक है तुम मुझे आज का वक्त तो दे दो कल मैं ऑफिस जाकर अपने बॉस से बात कर लेता हूं, मैं जब अगले दिन अपने ऑफिस में गया तो मेरे बॉस से मुझे छुट्टी मांगने की हिम्मत नहीं हो रही थी क्योंकि उनका काम पूरी तरीके से मेरे ऊपर ही निर्भर रहता है और जब भी मैं उनसे छुट्टी के लिए कहता हूं तो वह मुझ उस पर गुस्सा हो जाते हैं इसलिए मेरी बिल्कुल भी हिम्मत नहीं हो रही थी पर मैंने हिम्मत करते हुए उनसे कहा कि सर मुझे कुछ दिनों के लिए छुट्टी चाहिए थी मेरी बहन घर पर आई हुई है और हम लोग घूमने का प्लान बना रहे हैं।

जब मैंने हिम्मत करते हुए अपने बॉस से यह बात कही तो मुझे बहुत डर लग रहा था परंतु उस दिन उनका मूड शायद अच्छा था उन्होंने मुझे कहा अजय आजकल वैसे भी काम काफी कम है तुम कुछ दिनों के लिए घूम जाओ तो तुम्हें भी अच्छा लगेगा और तुम्हारा भी मूड फ्रेश हो जाएगा जब तुम वापस लौट आओगे तो तब तुम और भी एनर्जी से काम कर पाओगे। मैंने अपने बॉस के मुंह से यह बात पहली बार सुनी तो मैं खुश हो गया, मैं सोचने लगा आज मेरी किस्मत अच्छी थी या फिर और कोई बात थी लेकिन बॉस का मूड बड़ा ही अच्छा था उन्होंने मुझे जाने की परमिशन दे दी और मैं जब शाम के बाद घर लौटा तो मैंने रेखा और अपनी पत्नी से कहा हम लोग घूमने के लिए चल रहे हैं, वह मुझे कहने लगी लेकिन हम लोग घूमने कहां जाएं? हम लोगों ने ऊटी जाने का प्लान बना लिया और हम लोग ऊटी घूमने के लिए चले गए, इतने समय बाद मैं अपने मम्मी और अपनी पत्नी के साथ समय बिता पा रहा था और उनसे इतनी देर तक मैं बात कर रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और रेखा और उसके पति भी पूरा इंजॉय कर रहे थे हम लोग बहुत खुश थे रेखा मुझे कहने लगी कभी-कबार तुम्हें समय निकाल लेना चाहिए। हम लोग जिस होटल में रुके हुए थे वहां का माहौल भी बड़ा अच्छा था और हम सब लोग बहुत खुश थे। मैंने उस दिन निधि के साथ जमकर सेक्स किया मुझे काफी समय बाद निधि के साथ सेक्स करने में बड़ा मजा आया क्योंकि काफी समय बाद हम दोनो साथ में सेक्स कर पाए थे।

जब मैं निधि को चोद रहा था तो उस वक्त मेरी बहन रेखा ने मुझे फोन किया था लेकिन मैंने उसका फोन रिसीव नहीं किया। उसके बाद मैंने जब रेखा को फोन किया तो वह कहने लगी मैं तुम्हें कब से फोन कर रही हूं। मैंने उसे कहा जीजा जी कहां है तो वह कहने लगी वह टहलने के लिए निकले हैं तुम मेरे पास आ जाओ। मैंने उसे कहा ठीक है मैं आता हूं निधि मुझे कहने लगी मैं आराम कर रही हूं तुम तो रेखा दीदी के पास चले जाओ। मैं रेखा के पास चला गया, मैं जब रेखा के पास गय तो हम दोनों बैठ कर बात करने लगे। मैंने रेखा से पूछा जीजा जी कहां चले गए तो वह कहने लगी वह ऐसे ही पैदल-पैदल घूमने निकले हैं। मैंने रेखा से कहा चलो तुम्हें अब तो अच्छा लगा होगा इतने समय बाद हम लोग साथ में घूमने आए हैं। वह कहने लगी हां मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और मैं बहुत ज्यादा खुश हूं, तुमने कम से कम समय तो निकाला नहीं तो तुम्हारे पास समय ही नहीं होता। इस बात से हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे मैंने रेखा के हाथ को पकड़ा और कहां यार रेखा मुझे कभी भी समय मिल ही नहीं पाता। अपने परिवार को मे समय नहीं दे पाता। वह कहने लगी कभी कभी ऐसा हो जाता है वह मुझे कहने लगी मैं तुम्हें कब से फोन कर रही थी लेकिन तुमने फोन ही नहीं उठाया।

मैंने उसे कहा मैं निधि के साथ बात कर रहा था। वह कहने लगी या फिर कुछ और कर रहे थे मैंने उसे कहा बस ऐसे ही हम दोनों सेक्स कर रहे थे। रेखा भी अपने मुंह से लार टपकाने लगी, वह मेरे पास आकर बैठ गई हालांकि वह मेरी बहन है लेकिन हम लोगों के बीच में बचपन में सेक्स हुआ था और उस दिन भी शायद उसने मुझसे सेक्स की उम्मीद की। मैंने रेखा की चूत को चाटना शुरू किया और उसकी चूत में लंड डाल दिया, मेरा लंड उसकी चूत में जाते ही उसे मजा आने लगा। हम दोनों ने एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा उठाया हम दोनों ने काफी देर तक सेक्स का मजा लिया। वह कहने लगी आज मुझे मजा आ गया यहा आने का, मेरे लिए बहुत ज्यादा अच्छा रहा। मैंने रेखा से कहा हां मेरे लिए भी तो यहां आना अच्छा ही रहा इतने समय बाद हम सब लोग साथ जो हैं और इतने सालों बाद तुम्हे चोदने का मौका भी मिल गया।

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