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रिद्धिमा भाभी

bhabhi sex stories

रिद्धिमा भाभी और समीर भैया की शादी हुए ज्यादा वक़्त नहीं हुआ था और समीर भैया को उनकी कोमप्न्य नए मलेशिया भेज दिया, समीर भैया के साथ भाभी भी जाने वाली थी लेकिन वीज़ा का प्रॉब्लम होने के कारण भाभी को छः महीने बाद जाना था.

भाभी रोज़ भैया से स्काइप पर बातें करती और उन दोनों को खुश दे कर मैं भी खुश था, एक दिन मम्मी नए मुझे कहा “ऊपर से भाभी को बुला ला हम लोगों को बड़ी बुआ के जाना है”. जब मैं ऊपर पहुंचा तो भैया और भाभी स्काइप पर चैट कर रहे थे.

और भाभी अपने चुचे खोल कर उन्हें दिखा रही थी. मैं जहाँ था वहीँ रुक गया और इस सीन के मज़े लेने लगा फिर मुझे याद आया मुझे तो भाभी को नीचे भेजना था. मैं सीढ़ियों तक वापस गया और वहीँ से आवाज़ लगता हुआ आगे बढ़ा “भाभी, मम्मी नीचे बुला रही है आपको बड़ी बुआ के जाना है या नहीं.” रिद्धिमा भाभी तुरंत अपने कपड़े ठीक कर के आई और बोली “हाँ भैया बस जा रही हूँ”.

उस वक़्त मैंने जो देखा उस से मेरे दिमाग पर सबसे जोरदार असर ये पडा की मैं भाभी के जिस्म का दीवाना हो गया. उनकी जवानी जिसे मेरे भैया नने मुश्किल से कितना टच किया होगा. और उन्हें जाना पड़ा तो ये जवानी तो मतलब अन टच ही रह गयी ना.

मैं चोरी छुपे रिद्धिमा भाभी के कमरे में झाँक लिया करता था. और कभी कभार मुझे सही दर्शन मिल भी जाते थे. पर मैंने तो ठान ली थी की या तो पूरे दर्शन ही लूँगा या फिर इस बारे में सोचना ही छोड़ दूंगा. एक हफ्ते तक कोई ख़ास दर्शन नहीं मिलने के कारण मैं दुखी था.

तो एक दिन रिद्धिमा भाभी नए मुझसे पूछ ही लिया “क्या हुआ भैया आप इतने उदास क्यूँ हो” मैंने कहा “नहीं बता सकता” और मुह फेर कर अपने रूम में चला गया. रिद्धिमा भाभी शाम को मेरे रूम में आई और बोली “देखो जो भी परेशानी है वो सहरे करो अब परेशानी के पीछे कहना थोड़ी छोड़ दोगे”.

मैंने उन्हें अन्दर बुलाकर बेड पर बिठाया. और दरवाज़ा अन्दर से बंद का क्र. उनके पैरों के पास बैठ कर उस दिन से आज तक जो भी मेरे दिमाग में चला मैंने सब बता दिया. रिद्धिमा भाभी को बुरा भी लगा की मैंने उनके और भिया के प्राइवेट मोमेंट में उन्हें देखा और फिर मुझ पर लाड भी आया कि मैंने सब सच सच बता दिया.

रिद्धिमा भाभी नए मुझे सर पे हाथ फेर कर कहा “देखो ऐसा हो सकता है की हमारे को देख कर तुम्हारी भी इच्छा हो लेकिन तुम अपने ब्याह तक कण्ट्रोल कर लो तो अच्छा होगा”. मैं उनकी गोद में सरक गया. और उन्होंने मेरे सर पर प्यार से हाथ फेरा, मैंने नोटिस किया था की जैसे ही मैं उनकी गोद में आगे सरका था.

उनका हाथ मेरे बालों पर थोडा कस सा गया था और इस स्थिति को भांपकर मैंने धीरे धीरे और आगे खिसकना चालू किया जिस पर रिद्धिमा भाभी नए कोई रोक नहीं लगाई थी और अब मैं उनकी नेवल तक पहुँच गया था.

रिद्धिमा भाभी नए कहा “तुम मानोगे नहीं भैया.” तो मैं बोला “तुम इतने करीब हो और कोई हरकत ना हो तो वो मर्द नहीं होगा.” ये कह कर मैंने नेवल को चूमना जारी रखा. और रिद्धिमा भाभी की साडी हटाने में मशगूल हो गया. रिद्धिमा भाभी “नहीं भैया ये गलत है” बोलती रह गयी. और मैंने अपनी स्किल्स से उन्हें खुद अपने हाथ से अपने कपडे उतारने को मजबूर कर ही दिया.

रिद्धिमा भाभी सर से पाँव तक पसीने में हुई जा रही तिह. और मैंने उनके जिस्म पर किसी जूनून की तरह छा रहा था. रिद्धिमा भाभी की नेवल चाटते चाटते जब मैंने उन्की चूत को उनके पेटीकोट के ऊपर से चूमा.

तो उनकी ऊऊउह्ह्ह्ह निकल गयी और इस तरह रिद्धिमा भाभी मेरे साथ सेक्स करने को और उतावली हो गयी. तो मैंने उनको गर्म करने के बारे में बताया. मैं रिद्धिमा भाभी के पेटीकोट को ऊपर और पैन्टी को नीचे खिसका कर उनकी शेव्ड चूत पर अपनी जीभ और होठों से खिलवाड़ करने लगा था.

उन्हें इस सब की आदत नहीं थी सो वो सिसकने लगी. और मेरे सर को अपनी चूत की गहराईयों में दबाने लगी. बस इसी वक़्त मैंने मौका पा कर अपना लंड निकला. और उनकी चूत पर बिना बताये टिका कर ऐसा झटका दिया.

की रिद्धिमा भाभी की चूत में खून निकल आया मैंने उनकी तरफ देखा तो बोली “तुम्हारे भैया ज्यादा अन्दर तक नहीं जा पाते और उनसे मेरा पेट भी नहीं भरता लेकिन वो मेरे पति हैं”.

मैंने अपने धक्कों को धीरे करते हुए उनसे कई सारी बातें की. और उन्हें बीच बीच में प्यार से चूमता भी रहा. जिस से उन्हें बुरा ना लगे. रिद्धिमा भाभी और मैं इतनी पेशेंटली चुदाई कर रहे थे की हमें आधा घंटा हो गया था.

अब भाभी ने कहा “बस मेरे प्यारे अब ज़ोर से लगा ही दो धक्के.” बस फिर तो मैं ऐसी रेल चलाई की भाभी झट से झड़ गयी. और मैंने अपना लंड उनकी चूत में से निकाल कर. उन्ही के ऊपर मुठ मारते हुए अपना साला माल उनके जिस्म पर फैला दिया.

जिसे उन्होंने किसी मोइश्च्राइज़र की तरह अपने शरीर पर मॉल लिए. अब तो मैं और भाभी अक्सर वक़्त निकाल कर चुदाई करने लगे. और जब उनका वीजा रेडी हो गया. तो वो बहुत रोयीं. लेकिन मैंने उन्हें समझाया की भैया को भी तो सेक्स चाहिए ना. इसलिए आप वहां जाओ और जब जब भी आओगी हम ज़रूर चुदाई मचाएँगे.

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