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रायपुर की लडकी का कातिल भोसड़ा

hindi sex story, kamukta हाय दोस्तो, आप लोगो को सुनाने के लिए मैं आज आपको अपनी एक असली कहानी सुना रहा हूँ | इस कहानी को सुनने के बाद आप मुझे एक चुदक्कड लड़का कहने लगोगे | ये असलियत है कि मैं लडकियो के पीछे अपना समय व्यर्थ नही गवाता हूँ | लेकिन अगर कोई लड़की को पटाना है तो तय कर लेता हूँ तो उस लड़की को आसानी से हथिया लेता हूँ | ये उन दिनो की कहानी है जब मैं रायपुर में रहा करता था | मैं रायपुर अपने एक दूर के चाचा के घर गया हुआ था | मुझे फोन आया था कि तुम काम संभालो | मुझे उनका घर कहाँ पर है मालूम नही था इसलिए मैंने फोन पर उससे कहा कि तुम मुझे लेने के लिए आ जाना रेलवे स्टेशन पर | वो भी मुझे लेने के लिए रेलवे स्टेशन पहुच चुके थे | मैं जब रेलवे स्टेशन पहुंचा तो मुझे लेने के लिए मेरे चाचा के साथ उनकी लड़की भी आई हुई थी | मुझे लेने के लिए मेरे चाचाने उसकी कार को ले कर आया हुआ था | रेलवे स्टेशन से मेरे चाचा का घर दूर था इसलिए कार में सफर करने के दौरान मैं लड़की रूपा से बात कर रहा था जो की उस चाचा के साथ मुझे लेने के लिए आई हुई थी | सफर के समय मुझे मालूम चला की कुछ लड़कियां मेरे चाचा के यहाँ महमान बनकर आई थी | मेरे चाचा की एक बहन थी और वो लडकिया जो की उस दिन मुझे लेने के लिए आई थी वो उसकी सहेलिया है | उन लडकियो से मेरा परिचय हो चूका था घर पहुंचते ही | उस चाचा की बहन मेरी भी बहन लगती थी |

इसलिए मैं उसे बहन कहकर पुकारा करता था | मेरी बहन ने मुझे उसकी सहेलियो का नाम बताया | छुट्टिया बिताने के लिए ये लडकियां मेरी बहन के घर पर एक महीने के लिए आई हुई थी | उस समय मेरी तो लौटरी लग गयी थी | मुझे लड़की को चोदने का शौक था | अब मेरे पास मेरी बहन की सहेलिया मौजूद थी और बहन भी | मुझे कार चलानी आती थी इसलिए मैं कार चलाने के बहाने उन लड़कियों को कार से घुमाया करता था | मैं उन लडकियो को पकड़ने और उन से बात चीत आगे बढाने के लिए उनको कार चलाना सिखाया करता था | गर्मी की छुट्टी चल रही थी इसलिए लडकिया भी पतले कपडे पहनकर आती थी | मैं जब लडकियो को कार चलाना सिखाया करता था तब मैं उन लडकियो के हातो को पकड़ा करता था | ऐसा करना भी अवश्यक था | मैं कभी कभी धोके से उन लडकिया के दूध को छू लिया करता था जब उन लडकियो को कार चलाना सिखाया करता था | वो लडकिया मुझ पर फिदा हो चुकी थी | इसलिए मैं उनका भरोसा जीत चुका था | मैं किसी भी लड़की को फोन लगाया करता था तो वो तुरन्त मेरा फोन उठा लिया करती थी | मुझे लेकिन लडकियो को चोदना था | इसलिए मैं बहाने तयार किया करता था ताकि मैं एक लड़की को सिर्फ कार चलाने सिखाने के लिए ले कर जाऊ | लडकियां एक साथ कार चलाने के लिए कार में घुस जाती थी तब मैं उन लडकियो से कहता था कि तुम लोग अकेले कार चलाया करो ताकि तुम लोग का डर बाहर निकल पाए | इसलिए वो लडकिया कार चलाना सिखने के लिए मेरे साथ अकेले चला करती थी | पहली लड़की को एक दिन मैंने कार पर चोदने में सफलता पाई | वो लड़की ने उस दिन पतले कपडे पहने हुए थे | मैं उसके दूध को आसानी से देख पा रहा था |

गर्मी का समय था इसलिए उस लड़की ने ब्रा नही पहना हुआ था | उस लड़की को मैं कार चलाना सिखाने के बहाने घर से बाहर ले कर आया था | मैं कार चला रहा था तब वो लड़की मेरे बगल में बैठी हुई थी | वो मुझे कार चलाते हुए देख रही थी | मैं कार धीरे चला रहा था | फिर उस लड़की के कार चलाने का अवसर आया और वो लड़की कार चलाने लगी | जब वो कार की सीट से उठ रही थी तब मैंने उसे अपने उपर गिरा दिया और वो मेरी गोद पर बैठ गयी थी | फिर मैंने उसे उठाया और कार चलाने के लिए कहा | उसने कार चलाना शुरु किया और उसके पैर कार के ब्रेक पर रखा हुआ था |

उस लड़की को मैं एक शायरी सुनाने लगा ताकि वो हसे मैंने शायरी में उसे सुनाया | “कुछ लोग मिलते है कुछ समय के लिए और बिछड़ जाते है कुछ समय के लिए | क्योकि जो लोग लौटकर आते है वो समय के बीतने पर फिर मिल जाते है उन लोगो से जो उनसे दूर चले जाते है |”

तभी मैंने उसकी कमर पर अपना हाथ रख दिया | उसके कमर दबाने पर वो हसने लगी और मैं फिर उसकी चूत में अपना हाथ लगाने लगा | मैं ये कर रहा था जब उसने कपडे पहने हुए थे | कुछ और करने के लिए मैंने उसके पयजामे की रस्सी को खोला | पजामा खोलने के बाद मैंने उसके चूत में अपनी एक ऊँगली डाली | जब मैंने उसके चूत में ऊँगली डाली तो वो अह अह कह रही थी | मुझे तो उसे चोदना था इसलिए मैंने उस लड़की का पजामा खोलने के बाद उसकी चूत तक पहुंचा था पर वो शायद नाटक समझ रही थी | फिर मैंने उससे कहा सुनो कार रोक लो और उसने मेरी बात सुन ली |

उसके बाद मैने उस लडकी को अपना लंड चूसने के लिए दिया | लंड का रसपान चल रहा था उसके बाद मैने लडकी से कहा कि तुम गांड मेरी तरफ करके बैठो ताकि मै अपना लंड तुम्हारी गांड में डाल सकू | कुछ देर बाद मैने उस लडकी के दूध को पीना शुरु कर दिया | उसके दूध बड़े थे और उसके दबाने पर मुलायम लग रहे थे | उसके बाद मैने उसकी चूत को चाटने के लिए उससे कहा कि अब तुम दीवाल पर सटकर खाड़ी हो जाओ ताकि मै उसकी चूत को चाट सकू | उसके बाद जब मै उसकी चूत को चाटकर थक गया तो मैने उसे लेटने के लिए कहा और उसकी चूत के अंदर लंड को डालता रहा ताकि मेरे लंड कि गर्मी बाहर आये | मैने काफी अवस्थाओ में उसको चोदा | उसे खड़े रहने के लिए कहा और उसकी चूत में अपना लंड डालकर उसे चोद रहा था | फिर मैंने उसके चूत के अन्दर अपने लंड को घुसेड दिया | मेरा माल जब झरने लगा तो मैंने उसके चूत से अपने लंड को बाहर निकाल लिया | मेरा वीर्य उस लड़की के चूत के अन्दर गिर गया था | चोदने के बाद जब मेरे लंड से सफेद रंग का तरल निकलकर बाहर आने लगा तो मैने उसे कहा कि तुम अब मेरे लंड से निकले माल को चाटो और उस लडकी ने वैसा किया उसने मेरे लंड से निकल रहे माल को चाटना शुरु कर दिया | जब मैने उस लडकी से पूछा कि माल का स्वाद कैसा है तो उसने मुझे बताया कि इसके स्वाद लाजवाब है | चोदने के कारण उसकी चूत बिखर चुकी थी | लेकिन उस लडकी को कोई फर्क नही पड़ा तब मैने उस लडकी को लेटने के लिए कहा और उसकी चूत को चाटने लगा | कुछ देर की चुदाई मुझे गवारा नहीं थी इसलिए मैने उस लडकी को काफी देर तक चोदा |  कुछ समय तक उस लड़की को चोदने के बाद मैंने उस लड़की से कहा अब हम लोग घर लौट चलते है | उस लड़की ने उसके कपड़ो को पहन लिया |

फिर उसके बाद मैंने उस लड़की से बात करना शुरु किया | उस लड़की ने मुझ से कहा तुम अगर मुझे कार चलाना सिखा दोगे तो मैं तुम्हे अपना चूत देती रहूंगी | उसकी चूत को पाने के लिए मैं उस लड़की का इन्तजार किया करता था | एक सप्ताह के बाद मुझे उस लड़की को कार चलाना सिखाने का मौका मिला | एक सप्ताह के बाद मैं उस लड़की को चोदने वाला था जिससे मैंने पहेले कार में चोदा था | मैंने उस लड़की को फोन किया था की मुझे कार मिली है | अगर तुम्हे कार से घूमना है तो मैं तुम्हे अपनी कार से घुमा सकता हूँ और कार में हम लोग चुदाई कर सकते है | वो लड़की मेरे साथ अकेले कार से चलने के लिए तयार हो चुकी थी | जब मैंने कार बाहर निकाला तो वो लड़की मेरे कार के अन्दर आ गयी | उस लड़की ने मेरी कार को चलाया | जब वो कार चला रही थी तब मैं उस लड़की के दूद को दबा रहा था | उसके दूद नर्म थे और उसे दबाने के बाद मैंने उस लड़की के चूत को पजामा के उपर से रगड़ने लगे | चूत को रगड़ने के बाद मैंने उसे पजामा को खोलने के लिए कहा और वो पजामा खोलने में लग गयी | उसने जब उसका पजामा खोला तो मैंने उसकी चूत में अपना जीब डाला और चाटने लगा | फिर मैंने उस लड़की को एक वीरान जगह ले कर गया | वहा पर मैं उस लड़की को आराम से चोद रहा था | चुदाई करने के लिए मैंने उस लड़की से कहा की कार को एक मैदान पर ले चलो और उसने कार को मैदान पर ले जाकर रोका | वहा पर मैं उस लड़की को चोद रहा था |

मैंने उस लड़की के कपड़ो को उतारा और लड़की को अपने गोद पर बैठाया और उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया | उस लड़की ने चुदाई के दौरान मेरा साथ दिया | वो लड़की मेरे लंड के ऊपर बैठी हुई थी और वो लड़की मेरे उपर निचे हो रही थी | कुछ देर बाद उस लड़की ने मुझे उसकी गाड मेरी ओर कर दिया और वो घोड़ी बन गयी तब मैं उस लड़की के गाड में अपने लंड को अन्दर डाल दिया | फिर मैं उस लड़की को धक्के दे रहा था | उसकी चूत मैं मैंने अपना हाथ को डाला और फिर उसकी चूत को अपनी हाथो से सहला रहा था | उस लड़की को चोदने के बाद मैंने अपनी बहन की अन्य सहेलियो को चोदने की योजना बनाया | अगली सहेली का नाम रीना था | उस लड़की का फोन नम्बर मेरे पास था | मैं उस से फोन पर हसी मजाक करता था | उस लड़की से मैंने कहा की अगर तुमको कही घूमनेके लिए चलना है तो क्यो न हम लोग कही घूमनेके लिए चले | उस लड़की ने जब मुझ से फोन पर कहा की वो घूमनेके लिए चलने को तैयार है |

खैर मुझे तो पता था एक बार चोद चुका हूँ कार में अब फिर कार में ही चुदाई होगी | इसलिए मैंने उसको कहा ठीक है पर देर से लौटेंगे क्या तुम्हे मंज़ूर है तो उसने हौले से अपना सर हिला दिया |

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