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पुराने बॉयफ्रेंड को देखते ही मेरी उत्तेजना जाग उठी

antarvasna

मेरा नाम काजल है मैं एक शादीशुदा महिला हूं, मेरी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं, मेरे पति का नाम अंकित है। हम दोनों का रिलेशन बहुत ही अच्छा है, हम दोनों के बीच में बहुत ही प्रेम है और मुझे अंकित के साथ समय बिताना भी अच्छा लगता है, वह मेरी हर एक जरूरत को समय पर पूरा कर देते हैं इसीलिए मैं अंकित के साथ बहुत खुश हूं। मेरी मुलाकात अंकित से पहली बार  मेरी मम्मी ने करवाई थी, मेरी मम्मी अंकित से पहले ही मिल चुकी थी क्योंकि अंकित का घर मेरी मौसी के घर के सामने ही है और जब मेरी मम्मी अंकित से मिली तो मेरी मम्मी को अंकित बहुत अच्छा लगा। उन्होंने मेरे पिताजी से इस बारे में बात की, मेरे पिताजी ने अंकित के घर मेरा रिश्ता भिजवाया तो उसके घर वाले  हमारे घर पर मुझे देखने आए थे, उन लोगो को मैं बहुत अच्छी लगी।

उसके बाद उन्होंने मेरा हाथ अंकित के लिए मांग लिया, उसके कुछ समय बाद ही मेरी सगाई हो गई थी, मेरी सगाई के कुछ समय बाद हमारी शादी हो गई। शादी के बाद हम लोग एक साथ ही रहते हैं और अंकित मेरी हर छोटी छोटी चीजों का ख्याल रखता है, मैं भी अंकित का बहुत ही ध्यान रखती हूं। अंकित के पास जब भी समय होता है तो हम लोग कहीं ना कहीं घूमने के लिए चले जाते हैं और हम दोनों साथ में बहुत समय बिताते हैं। अंकित का जिस प्रकार का स्वभाव है वह मुझे बहुत अच्छा लगता है, अंकित का स्वभाव बहुत ही शांत स्वभाव है। मेरी शादीशुदा लाइफ बहुत अच्छे से चल रही थी। एक दिन मेरी मुलाकात शौर्य से हो जाती है, शौर्य मेरा पुराना बॉयफ्रेंड था और हम लोग कॉलेज में साथ में ही पढ़ते थे। जब मेरी मुलाकात सौर्य से हुई तो वह मुझसे मिलकर बहुत खुश हुआ,  उसने मुझसे पूछा कि क्या तुमने शादी कर ली, मैंने उसे कहा कि हां मेरी शादी हो चुकी है। मैं कॉलेज के समय में शौर्य को बहुत ज्यादा प्रेम करती थी लेकिन शौर्य विदेश चला गया और उसके बाद हम दोनों का रिलेशन ज्यादा समय तक नहीं चल पाया इसीलिए हम दोनों का ब्रेकअप हो गया। उसके बाद मैंने अंकित से शादी की।

शौर्य मुझे कहने लगा कि मैं तुम्हें तुम्हारे घर तक छोड़ देता हूं, मैं शौर्य के साथ उसकी कार में ही बैठी हुई थी, हम दोनों आपस में बात कर रहे थे। शौर्य मुझसे पूछने लगा कि तुम्हारी शादी शुदा जिंदगी कैसी चल रही है, मैंने उसे कहा कि मेरी जिंदगी अच्छी चल रही है और मैं अपने पति के साथ भी बहुत खुश हूं। वह मुझे कहने लगा कि यह तो बहुत अच्छी बात है यदि तुम अपने पति के साथ खुश हो, मैं भी हमेशा यही चाहता हूं कि तुम अपनी जिंदगी में खुश रहो। शौर्य पहले जैसा बिल्कुल भी नहीं रह गया, वह बहुत ही तमीज से बात कर रहा था। मैंने उससे पूछा कि तुम तो बिल्कुल ही बदल चुकी हो, तुम्हारे बात करने का तरीका भी पहले जैसा नहीं है और तुम्हारे व्यवहार में भी काफी अंतर आ चुका है, शौर्य मुझसे कहने लगा कि अब मेरी उम्र भी हो चुकी है और इतने साल तक विदेश में रहने के बाद थोड़ा बहुत बदलाव तो मेरे अंदर आना ही था। मैंने शौर्य से पूछा कि तुम इतने वर्षों बाद यहां  कुछ काम से आए हो,  वह कहने लगा हां मैं यहां पर एक फैक्ट्री डालने वाला हूं, उसी के सिलसिले में मैं यहां आया हूं और कुछ समय बाद मैं विदेश चला जाऊंगा। मैंने उसे कहा कि यह तो बहुत अच्छी बात है की तुम अपना काम शुरू कर रहे हो। मैंने शौर्य को कहा कि ही आगे पर मेरा घर है तुम मुझे वहीं पर छोड़ देना, जब मेरा घर आया तो शौर्य ने मुझे मेरे घर तक छोड़ दिया और उसके बाद वह चला गया। मेरी हिम्मत नहीं हुई कि मैं उसे अपने घर पर बुला सकू क्योंकि यदि वह मेरे घर पर आता तो मैं अपने पति को शौर्य से नहीं मिला पाती इसीलिए मैंने उसे घर आने के लिए नहीं कहा, वह बाहर से ही चला गया। मैं जब शौर्य के बारे में सोच रही थी तो मेरे दिमाग में कुछ अलग ही प्रकार के ख्यालात आ रहे थे और मैं सोच रही थी की शौर्य और मेरे बीच में कितना अच्छा रिलेशन था परंतु यदि वह विदेश नहीं जाता तो शायद मेरी शादी शौर्य के साथ हो चुकी होती लेकिन वह विदेश चला गया इसी वजह से मेरी शादी उसके साथ नहीं हो पाई। मै जब शौर्य के बारे में सोच रही थी तो उस वक्त मेरे पति आ गए और मैं सोचने लगी कि क्यों ना मैं अपने पति को इस बारे में बताऊ लेकिन फिर मुझे लगा कि मैं यदि इस बारे में अपने पति से बात करूंगी तो शायद उन्हें बुरा लगेगा इसलिए मैंने अंकित के साथ इस बारे में बिल्कुल भी बात नहीं की। वह मेरे साथ बैठे हुए थे और हम लोग आपस में बात कर रहे थे।

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं अंकित के साथ बात कर रही थी, उसके बाद मैं और अंकित सो गए,  मेरे दिमाग में शौर्य का ही ख्याल आ रहा था और उस दिन मैं बहुत देर से सोई। दो-तीन दिन बाद मैं काम के सिलसिले में बाजार गई हुई थी तो उस दिन भी मुझे शौर्य मिल गया। जब मुझे शौर्य मिला तो उसने मुझे कहा कि क्या तुम्हारे पास वक्त है, तुम्हारे पास समय है तो मैं तुम्हें अपनी फैक्ट्री दिखाता हूं। मैंने उसे कहा ठीक है तुम्हारी फैक्टरी यहां से कितनी दूर है, वह कहने लगा कि कुछ दूरी पर ही हमारी फैक्ट्री है। जब मैं उसके साथ वहां गई तो उसने बहुत बड़ी फैक्ट्री लगाई थी और मैंने उसे कहा कि तुमने तो बहुत ही बड़ी फैक्ट्री लगाई है, तुम्हारे पास इतना पैसा कहां से आया। वह कहने लगा कि मैंने इतने वर्ष विदेश में काम किया है तो मैंने अपने सारे पैसे सेविंग किए हुए थे और कुछ पैसे मैंने अपने मामा से लिए हैं, मेरे मामा विदेश में काम करते हैं और वह चाहते हैं कि हम लोग यहां पर अपना कुछ काम शुरू करें इसीलिए मैंने आधे पैसे उनसे लिए हैं। मैंने शौर्य से पूछा कि क्या तुमने यह जगह लीज पर ली है या तुमने खरीदी है, वह कहने लगा कि हम ने यह सारी जमीन खरीदी है।

शौर्य ने मुझे अपना ऑफिस भी दिखाया और कहने लगा कि यहां मेरा ऑफिस है और जब भी मैं यहां पर रहूंगा तो मैं इसी ऑफिस में बैठा करूंगा। मैंने उससे कहा कि तुम्हारा ऑफिस तो बहुत ही अच्छा है, मैंने उससे कहा, मैं तुम्हारी तरक्की से बहुत खुश हूं और जिस प्रकार से तुमने इतनी तरक्की की है मुझे बहुत खुशी हुई। हम लोग कुछ देर तक उसके ऑफिस में ही बैठे हुए थे और शौर्य ने मेरे लिए चाय मंगवा ली, जब उसने मेरे लिए चाय मंगवाई तो मैं और शौर्य एक साथ बैठे हुए थे और चाय पी रहे थे। मैं शौर्य से बात कर रही थी, बातों बातों में हम पुराने दिनों की बात करने लगे, शौर्य ने कहा कि तुम तो बिल्कुल भी नहीं बदली हो, तुम पहले के जैसे ही हो। मैंने उसे कहा कि परंतु तुम्हारे अंदर पहले जैसी बात नहीं रही, पहले तुम बहुत ही मजाक के मूड में रहते थे लेकिन अब तुम बहुत ही सीरियस रहने लगे हो और तुम्हें सिर्फ अपने काम से प्यार है। शौर्य मुझे कहने लगा कि यह परिवर्तन मेरे अंदर विदेश जाने के बाद ही आया है यदि मैं वहां नहीं जाता तो शायद मैं अपने जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं कर पाता, तुम्हें तो मेरी स्थिति के बारे में पता ही है। हम दोनों ही बैठ कर बात कर रहे थे और मुझे शौर्य के साथ बात करना अच्छा लग रहा था वह मुझे कहने लगा कि तुम आज भी पहले जैसी ही माल हो। हम दोनों ही एक दूसरे को देखकर आकर्षित होने लगे ना जाने मुझे अंदर से क्या होने लगा था और मैंने शौर्य के होठों को किस कर लिया। उसे बिल्कुल भी काबू नहीं हुआ और वह अपने आप को काबू नहीं कर पाया। जैसे ही उसने मेरे होठों को किस किया तो मेरी चूत से पानी निकालने रहा था और मैं अपने आप को बिल्कुल भी काबू नहीं कर पा रही थी। शौर्य ने अपने मोटे लंड को बाहर निकाला और मेरे मुंह के अंदर डाल दिया।

मुझे शौर्य का  लंड अपने मुंह में लेकर बहुत ही मजा आ रहा था मैं बड़े अच्छे से उसके लंड को अपने मुंह में समा रही थी। मैंने उसके लंड को अपने गले तक ले लिया और वह भी बड़े मूड में था। मैंने शौर्य से कहा कि तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा और बड़ा है। उसने मुझे नंगा किया और अपने लंड के ऊपर बैठा दिया जैसे ही उसका लंड मेरी योनि में घुसा तो मुझे बड़ा दर्द हुआ। शौर्य कहने लगा तुम्हारा  यौवन आज भी पहले जैसा ही है वह मेरे स्तनों को चूस रहा था। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था मैं भी अपनी चूतडो को उसके लंड के ऊपर नीचे करने लगी। काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया मेरी योनि में दर्द होने लगा था। शौर्य का  लंड मेरे पेट के अंदर जा रहा था मुझे बड़ा अच्छा महसूस होता। जब शौर्य का लंड मेरी योनि की गहराइयों में जा रहा था तो मैं अपने आप को बहुत ही अच्छा महसूस कर रही थी। उसने मुझे कहा कि तुम मेरे लंड पर से उठ जाओ और हम लोग लेट कर सेक्स करते हैं। उसने मुझे लेटा दिया वह मेरे ऊपर लेट गया जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा वह बड़ी तेज गति से मुझे झटके देने लगा। हम दोनों के अंदर से जो गर्मी पैदा हो रही थी उसे मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने कहा कि तुम मुझे बहुत ही अच्छे से चोद रहे हो मुझे बहुत मजा आ रहा है। शौर्य कहने लगा मेरा गिरने वाला है उसने अपने लंड को बाहर निकालते हुए मेरे मुंह में डाल दिया। मैंने उसके लंड को काफी अच्छे से सकिंग किया जैसे ही शौर्य का वीर्य  मेरे मुंह के अंदर गिरा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। उसके बाद हम दोनों ने ही कपड़े पहन लिए और साथ में काफी देर तक बैठे रहे। हम लोग अपनी पुरानी बातें याद कर रहे थे लेकिन मुझे बहुत अच्छा लगा जिस प्रकार से शौर्य ने मुझे चोदा।

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