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पैरों को चौड़ा करके पेल दिया

Hindi sex stories, antarvasna: कॉलेज के पुराने दोस्तों से मिलना बहुत ही अच्छा था हम लोगों की गेट टुगेदर पार्टी में हम सब लोग एक दूसरे को मिले और जब हम लोग एक दूसरे से मिले तो हमें काफी अच्छा लगा। हम लोग करीब एक दूसरे को 5 वर्ष बाद मिल रहे थे। इन 5 वर्षों में मेरी जिंदगी में बहुत बदलाव आया और सब लोगों की जिंदगी में कहीं ना कहीं काफी बदलाव आया था। मैं इन 5 सालों बाद अपने दोस्तों को मिला तो मुझे काफी अच्छा लगा। कॉलेज पूरा हो जाने के बाद मैं नौकरी करने के लिए ऑस्ट्रेलिया चला गया था और वहां से अब मैं वापस मुंबई लौट आया था। जब मैं मुंबई वापस लौटा तो मैंने हीं अपने दोस्तों से मिलने की बात कही और हम सब लोगों ने गेट टूगेदर पार्टी रखने के बारे में सोचा।

5 साल बाद मैं शोभिता को मिला तो शोभिता से मिलकर मुझे अच्छा लगा शोभिता के अंदर काफी बदलाव आ चुके थे। पहले हम दोनों की ज्यादा बात नहीं हुआ करती थी लेकिन जब मैं शोभिता से इन 5 सालों बाद मिला तो वह मुझसे बड़े अच्छे से बात कर रही थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगा कि शोभिता के व्यवहार में काफी बदलाव आ चुका है। शोभिता कॉलेज के समय में किसी से भी ज्यादा बात नहीं किया करती थी लेकिन अब वह सब लोगों से बड़ी बिंदास तरीके से बात कर रही थी जिससे कि सब लोग काफी खुश थे। मैं उस दिन शोभिता के साथ ही बैठा हुआ था शोभिता के बारे में मैं जानना चाहता था कि आखिर वह अपनी जिंदगी में किस तरीके से बदल गई है।

शोभिता और मैं साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे तो शोभिता ने मुझसे कहा कि मेरे बदलाव का कारण मेरी फैमिली है उन लोगों ने मुझे कहा कि तुम्हें अपने आप को बदलने की जरूरत है क्योंकि मैं घर में ज्यादा बात नहीं किया करती थी इस वजह से मुझे भी लगने लगा कि मुझे अपनी लाइफ में थोड़ा बदलना चाहिए। उस दिन शोभिता के साथ बात करना मुझे बहुत ही अच्छा लगा और मैं अब मुंबई में ही रहने लगा था इसलिए मैंने शोभिता का नंबर ले लिया और मैंने शोभिता से कहा कि जल्द ही हम लोग मुलाकात करेंगे। मैं मुंबई की बड़ी कंपनी में नौकरी करता हूं और गेट टुगेदर पार्टी हम लोगों की बहुत ही अच्छी रही। उसके बाद जब हम लोग एक दूसरे को मिले तो हम दोनों को काफी अच्छा लगा उस दिन शोभिता और मैं साथ में बैठे हुए समय बिता रहे थे।

शोभिता से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा था जिस तरीके से उसके व्यवहार में बदलाव आ चुका है उससे मुझे काफी अच्छा लगा और मैं बहुत खुश भी हूं। उस दिन शोभिता और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए बातें कर रहे थे जब हम लोग एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो मैंने शोभिता से कहा कि अब मैं चलता हूं। शोभिता कहने लगी कि ठीक है हम लोग कल मुलाकात करते हैं। उस दिन हम लोग वहां से चले गए लेकिन मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने शोभिता के साथ इतना अच्छा समय बिताया और शोभिता के साथ समय बिता कर मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मैं अपने घर वापस लौट आया था और शोभिता भी अपने घर चली गई थी लेकिन उसके बाद हम लोग एक दूसरे को मिलने लगे थे। हम लोग एक दूसरे को अक्सर मिला करते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे से मिलते तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगता है और जिस तरीके से हम दोनों की मुलाकात होती है उससे हम दोनों बड़े ही खुश हैं।

मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब भी शोभिता और मैं एक दूसरे के साथ होते हैं। मुझे यह लगने लगा था क्या मैं शोभिता से प्यार करने लगा हूं क्योंकि हम दोनों की बढ़ती हुई नज़दीकियां बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। वह जिस तरीके से मेरे साथ होती उससे मुझे अच्छा लगता। एक दिन शोभिता और मैं साथ मे थे मैंने शोभिता से कहा मुझे तुम्हारा साथ बहुत ही अच्छा लगता है। वह मुझे कहने लगी मुझे भी तुम्हारे साथ बहुत ही अच्छा लगता है। मैंने उस दिन शोभिता से अपने प्यार का इजहार कर ही दिया था। मैंने शोभिता से अपने प्यार का इजहार कर दिया था। उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ जिस तरीके से रिलेशन में है उससे हम दोनों को बहुत अच्छा लगता है। हम दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं और एक दूसरे से मिलना हम दोनों को अच्छा लगता। ज्यादा समय हम दोनो एक दूसरे के साथ बिताते हैं।

मैं जब भी ऑफिस से घर लौटता हूं तो मैं उस से पहले शोभिता को मिला करता। शोभिता भी मुझसे मिलकर बहुत ज्यादा खुश है। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ अपने रिलेशन को चला रहे हैं वह बहुत ही अच्छा है। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते हैं और यही वजह है हम दोनों को काफी अच्छा है। हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं और एक दूसरे के साथ हम लोग समय बिताया करते हैं। शोभिता और मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा है अब मैं चाहता था शोभिता अपनी फैमिली से हम दोनों के रिलेशन के बारे में बात करें। मैंने जब शोभिता से इस बारे में बात की तो शोभिता ने मुझे कहा हां मुझे भी लगता है मुझे उन लोगों से बात करनी चाहिए।

शोभिता ने जब अपने परिवार से हम दोनों के रिश्ते के बारे में बात की तो वह लोग भी हम दोनों के रिलेशन को स्वीकार कर चुके थे और मुझे इस बात की बड़ी खुशी है कि शोभिता के परिवार वालों ने हम दोनों के रिलेशन को स्वीकार कर लिया था। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश हैं और जिस तरीके से हम दोनो एक दूसरे के साथ होते हैं उससे हम दोनों को ही बहुत ज्यादा अच्छा लगता। मैं शोभिता के साथ बहुत खुश हूं और वह भी मेरे साथ बहुत ज्यादा खुश है। शोभिता और मेरा रिलेशन बड़े ही अच्छे से चला रहे हैं। एक दिन जब हम दोनों को ऑफिस में बैठे हुए थे तो उस दिन मैं और शोभिता एक दूसरे से बातें कर रहे थे। ना जाने उस दिन शोभिता को देखकर मेरे अंदर क्या चल रहा था और मैं चाहता था शोभिता के साथ मे मजे लूं।

मैंने शोभिता से जब इस बारे में कहा तो शोभिता भी बहुत ज्यादा खुश थी और वह बहुत ज्यादा गर्म होने लगी थी। मैं और शोभिता एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाएं जा रहे थे। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ थे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं और शोभिता एक होटल में चले गए थे वहां पर हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे। शोभिता को यह बहुत अच्छे से पता था कि हम लोगों के बीच सेक्स होने वाला है लेकिन उसे इससे कोई एतराज नहीं था। मैं अब शोभिता के बदन से उसके कपड़े उतारकर उसके होठों को चूमने लगा था और उसकी गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ाने लगा था। उसकी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढने लगी थी। मैं और शोभिता एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा खुश थे और मैंने शोभिता के नरम होंठों को चूमना शुरू कर दिया था।

मैं उसके होठों को चूमकर उसकी गर्मी को बढता जा रहा था। उसकी गर्मी बढ़ती जा रही थी वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से पानी बाहर निकलने लगा है मैं ज्यादा देर तक अब रह नहीं पाऊंगी। मैंने उसके रसीले गुलाबी होंठों को चूस कर उसकी आग को बढ़ाना शुरू कर दिया था। जब मैंने उसके बदन से कपड़े उतारे तो वह बहुत ज्यादा तडपने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मेरी तड़प को तुमने बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। मेरी तडप भी बढ़ने लगी थी। जिस तरीके से शोभिता और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे उससे हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। मैंने शोभिता की चूत पर अपने लंड को लगाते हुए अंदर की तरफ डालना शुरू कर दिया था उसकी चूत बहुत गीली हो चुकी थी। जब उसकी चूत में मेरा लंड घुसा तो वह कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है।

मैंने शोभिता के दोनों पैरों को खोल दिया था जब मैंने उसके पैरों को खोला तो मेरा लंड आसानी से उसकी चूत के अंदर होने लगा था। जिस तरीके से मेरा लंड उसकी चूत में जा रहा था उससे वह बहुत गर्म हो गई थी और मैं भी शोभिता को तेजी से धक्के दिए जा रहा था। हम दोनो एक दूसरे की गर्मी को बढा रहे थे और जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे उससे हम दोनों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था। हम दोनों की गर्मी बढ़ रही थी अब हम दोनों की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि हम दोनो बिल्कुल भी रह ना पाए। मैंने शोभिता से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। ना तो मैं रह पा रहा था और ना ही शोभिता रह पा रही थी। शोभिता की चूत से निकलती हुई आग मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी और मेरे धक्के और भी ज्यादा तेज होते जा रहे थे।

वह मुझे अब अपने पैरों के बीच में जकड़ने की कोशिश करने लगी और जिस तरीके से वह अपने पैरों के बीच में मुझे जकडने की कोशिश कर रही थी उससे उसे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। शोभिता और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था। मैंने उसके पैरों को अपने कंधे पर रखा तो वह खुश हो गई और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। मेरा वीर्य मेरे अंडकोषो तक आ चुका था। जैसे ही मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को शोभिता की चूत में गिरारा तो वह खुश हो गई और मैं भी बहुत ज्यादा खुश हो चुका था। शोभिता और मेरे बीच अच्छे से सेक्स संबंध बने। अब हम दोनों की सगाई भी हो चुकी है और हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स कर के बहुत ज्यादा खुश रहते हैं।

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