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पहली नजर मे मिली चूत 

Desi kahani, antarvasna: मैं जब अपने ऑफिस से घर लौटा तो मैंने देखा कि मेरी पत्नी सिमरम बहुत बीमार है वह आराम कर रही थी। जब मैं घर आया तो मैंने सिमरन से पूछा कि सिमरन क्या हुआ आज तुम काफी गुमसुम हो। सिमरन ने मेरी बात का कोई जवाब नही दिया मैं जब सिमरन के पास गया तो मैंने देखा कि उसे बहुत तेज बुखार है। उसकी हालत देखकर मैं बहुत घबरा गया था क्योकि घर पर कोई भी नही था मेरे मम्मी पापा गांव में ही रहते है और हम लोग दिल्ली में रहते है। मैं तुरन्त ही अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल चला गया, जब मैं उसे अस्पताल ले गया तो डॉक्टर ने सिमरन को देखा और कहा कि इन्हें तो काफी तेज बुखार है और इनकी हालत भी बहुत खराब है। उस दिन मुझे अपनी पत्नी के साथ अस्पताल में ही रुकना पड़ा, दो दिन तक हम लोग अस्पताल में रहे और जब दो दिन बाद सिमरन थोड़ा ठीक हो गयी तो मैं सिमरन को घर ले आया था। मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी ले ली थी ताकि मैं सिमरन की देख भाल कर सकूं, मैं घर ही था और सिमरन की देख भाल कर रहा था। सिमरन भी अब ठीक होने लगी थी पर फिर भी कुछ समय तक मैंने उसे घर का कोई काम नही करने दिया मैं ही घर मे सब कुछ देख रहा था।

एक दिन सिमरन मुझे कहने लगी कि अभय आप काफी थक जाते होंगे, मेरी वजह से आपको कितनी परेशानियां झेलनी पड़ रही है सब मेरी ही वजह से हो रहा है। मैंने सिमरन से कहा कि ऐसा कुछ भी नही है तुम मेरी पत्नी हो और तुम्हारी ज़िम्मेदारी मेरे ऊपर है भला इसमे परेशानी की क्या बात है और जितना मुझे हो सकेगा उतना मैं करूँगा। मैंने सिमरन को समझाया तो वह कहने लगी कि अभय आपके जैसा पति मिल पाना मुश्किल है आप बहुत ही अच्छे पति हो। मैं और सिमरन आपस मे बाते कर रहे थे सिमरन मुझसे शादी कर के बहुत खुश थी। मैं सिमरन से बहुत प्यार करता हूँ सिमरन को अपनी पत्नी के रूप में पाकर मैं बहुत खुश हूं सिमरन मेरे लिए हर वह चीज करने को तैयार रहती है जो मुझे पसंद है। सिमरन और मेरी शादी हमारे घर वालो की मर्जी से हुई थी सिमरन के पिता जी और मेरे पिताजी एक ही दफ्तर में काम करते थे और उसी दौरान उन दोनों की दोस्ती भी हो गयी। अपनी दोस्ती को आगे बढ़ाने के लिए उन दोनों ने अपनी दोस्ती को रिस्तेदारी में बदल दिया और उन्होंने सिमरन और मेरी शादी करवाने का फैसला कर लिया। जब मैंने पहली बार सिमरन को देखा तो पहली ही नजर में मुझे सिमरन पसन्द आ गयी थी और सिमरन ने भी मुझे देखते ही पसन्द कर लिया था उसके बाद हम दोनों की शादी तय हो गयी। शादी हो जाने के बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश है और हम लोग एक दूसरे के साथ अक्सर समय बिताते है।

जब भी मैं अपने काम से फ्री होता तो मैं हमेशा ही सिमरन को अपने साथ या तो मूवी दिखाने ले जाता या फिर हम लोग कहीं घूमने जाते जिससे कि सिमरन भी खुश रहती और उसे मुझसे कोई शिकायत नही होती। सिमरन की भी तबीयत अब ठीक हो चुकी थी और मुझे भी इस बात से अच्छा लग रहा था कि अब सिमरन की तबीयत ठीक हो चुकी है। सिमरन और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताया करते थे जिससे कि सिमरन और मेरे बीच हमेशा ही प्यार बना रहता था। एक दिन हम लोग हमारी कॉलोनी के पार्क में टहल रहे थे उस दिन सिमरन और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे तो सिमरन ने मुझे बताया कि वह चाहती है कि कुछ दिनों के लिए वह अपने पापा मम्मी से मिल आये। मैंने सिमरन को कहा कि अगर तुम पापा और मम्मी से मिलना चाहती हो तो तुम उनसे मिलने चली जाओ। सिमरन ने मुझे कहा कि लेकिन अभी मुझे मम्मी से बात करनी पड़ेगी तो मैंने सिमरन से कहा की ठीक है तुम मम्मी से बात कर लो। सिमरन मुझे कहने लगी की कल घर पर दीदी आ रही है मैंने सिमरन से कहा की अनामिका दीदी घर पर आ रही है तो सिमरन कहने लगे कि हां। मैंने सिमरन को कहा ठीक है मैं मम्मी से बात कर लूंगा। हम लोग बातें करते करते घर चले आए और जब हम लोग घर आए तो रात के वक्त हम दोनों साथ में डिनर करने लगे। जब हम लोग डिनर कर रहे थे तो मैंने उस वक्त मां से कहा कि मां कल सिमरन घर जाना चाहती है वह अपने मम्मी पापा से मिलना चाहती है। मां ने कहा कि अगर सिमरन को अपने घर जाना है तो क्या सिमरन मुझसे यह बात नहीं कह सकती थी। मैंने मां से कहा कि मां क्या कल दीदी घर आ रही है तो मां कहने लगी कि हां कल अनामिका घर आ रही है।

मैंने मां को कहा कि इसी वजह से सिमरन को आपसे पूछने में थोड़ा हिचकिचाहट सी हो रही थी इसलिए मैंने आपसे पूछ लिया। मां ने सिमरम को कहा कि बेटा कल तुम अपने पापा मम्मी को मिल आओ। अगले दिन जब मैं सिमरन को उसके पापा मम्मी के घर छोड़ने के लिए गया तो वह बहुत ज्यादा खुश थी और वह मुझे कहने लगी कि आज मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है काफी समय बाद मैं पापा और मम्मी से मिल रही हूँ। मैंने सिमरन को कहा अच्छा तो मुझे भी बहुत लग रहा है क्योंकि तुम्हारे चेहरे पर खुशी जो है। मैं सिमरन के चेहरे पर जब भी खुशी देखता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और सिमरन को भी यह बात अच्छे से पता थी कि मैं सिमरन को कभी भी किसी बात को मना नहीं करता इसलिए तो  सिमरन हमेशा ही मुझसे अपनी बातों को शेयर कर लिया करती। मैं और सिमरन एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं और हम दोनों के बीच प्यार की यही वजह है क्योंकि मैं सिमरन को बहुत ही अच्छे से समझता हूं और सिमरन भी मुझे बहुत अच्छे से समझती है। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश भी है।

सिमरन अपने पापा मम्मी के घर पर ही थी और मैं अकेला ही था लेकिन सिमरन और मेरी फोन पर बातें हो जाया करती थी। मुझे सिमरन की बहुत ही ज्यादा याद आ रही थी तो मैं सिमरन से फोन पर बात कर करने लगा सिमरन को अपने पापा मम्मी के घर पर एक हफ्ता हो चुका था। इस बीच मेरी और सिमरन की सिर्फ फोन पर ही बात हो रही थी उस रात में शराब के नशे में था। मेरे नशे में होने का पता सिमरन को पता चल चुका था सिमरन ने जब मुझसे इस बारे में पूछा तो मैंने सिमरन को कहा आज मैं अपने दोस्तों के साथ था इसलिए मैंने शराब पी ली। सिमरन को इससे कोई एतराज नहीं था उसने मुझे कहा कोई बात नहीं लेकिन उस दिन मेरा कुछ ज्यादा ही मन सेक्स करने का हो रहा था और मैं चाहता था मैं सिमरन के साथ सेक्स करू लेकिन वह तो अपने पापा मम्मी के घर गई हुई थी इसलिए मैंने उस रात सिमरन के साथ फोन सेक्स किया। हम दोनों ने सेक्स किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैंने सिमरन के साथ फोन सेक्स का मजा लिया। अगले दिन मैं अपने दोस्त के घर पर गया।

जब मैं उसके घर पर गया तो उसकी पड़ोस में रहने वाली भाभी जिनकी नजरे ऐसी थी जैसे वह मेरे लंड को उसी वक्त अपने मुंह में ले ले। मैं अपनी जगह बिल्कुल सही था उनका चरित्र बिल्कुल भी ठीक नहीं था इसलिए मैंने सोचा क्यों ना उनसे मैं बात कर लूं। मैंने उनसे बात की तो उन्होंने मुझे अपना नाम बताया उनका नाम सविता है। सविता भाभी दिखने में तो बहुत ज्यादा सुंदर है उन्होंने पहली ही बार बात करने के दौरान मुझे अपने घर पर चलने के लिए कहा और मैं उनके घर पर चला गया। मैं जब सविता भाभी के घर पर गया तो वह मेरे लिए जैसे अपने बदन को सजाने लगी। उन्होंने जब मेरे सामने अपने कपडो को खोलने शुरू किया तो मैं उनके बदन को देखे जा रहा था मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो गया था। मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था और उन्हें भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था अब मैंने उनके बदन को महसूस करना शुरू कर दिया था। मैं उनके बदन को बड़े अच्छे तरीके से महसूस कर रहा था वह बहुत ही ज्यादा तड़पने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी को तुमने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया है। मैं समझ चुका था अब उनकी गर्मी पूरी तरीके से बढ़ चुकी है इसलिए मैंने भी उनकी स्तनों का रसपान करना शुरू कर दिया। मै उनके स्तनों का रसपान कर रहा था मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। उन्हें भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था वह पूरी तरीके से उत्तेजित होती चली गई और मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है। मैंने उन्हें कहा आप मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। उन्होंने भी तुरंत मेरे लंड को मुंह मे लेकर उसे चूसना शुरू कर दिया।

उन्हें बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था। उन्होंने मेरे लंड को तब तक चूसा जब तक उन्होंने मेरे लंड से पानी बाहर नहीं निकाल दिया था। मेरा लंड भी अब उनकी चूत में जाने के लिए तैयार था जैसे ही मैंने उनकी योनि को चाटने शुरू किया तो उनकी चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा बढ़ने लगा। उनकी चूत से इतना ज्यादा पानी निकलने लगा था मैंने उनकी योनि पर अपने लंड को लगाकर अंदर धकेलना शुरू किया। जब मेरा लंड अंदर चला गया तो मुझे लगा मेरी गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी और उनके अंदर की आग भी इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी। मैंने जैसे ही उनकी योनि के अंदर अपने लंड को तेजी से अंदर बाहर करना शुरु किया तो मुझे मजा आने लगा। वह जोर से चिल्ला कर मुझे कहती मुझे ऐसे ही धक्के मारते रहो। मैंने उन्हें तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे मैंने उनको बहुत देर तक चोदा। वह अपने पैरों के बीच में मुझे जकडने की कोशिश कर रही थी जिससे कि मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ती जा रही थी और उनके अंदर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी है। अब मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। मैंने उन्हें कहा मेरा माल गिरने वाला है। मेरे लंड से बहुत ही ज्यादा पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था। मुझे समझ आ गया था मेरा माल जल्दी ही गिरने वाला है और जैसे ही मेरा माल गिरा तो वह बहुत ज्यादा खुश हो गई और कहने लगी तुम्हारा लंड बड़ा ही अच्छा है। मैं सविता भाभी की चूत मार कर खुश था।

 

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