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पड़ोस की विधवा से शादी की पहली रात

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मेरा नाम अविनाश है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 25 वर्ष है और मैं अपने पिता के साथ ही उनके प्रॉपर्टी के काम के सिलसिले में इधर रहता हूं। मेरे पापा का प्रॉपर्टी का बहुत बड़ा काम है और वह काफी समय से यह काम कर रहे हैं। मेरे घर में मेरी बहन भी है जो कि अभी स्कूल में पढ़ाई कर रही है और मेरी मां एक ग्रहणी है। मेरे पापा बहुत  समय से यही काम कर रहे हैं इसलिए उन्हें अब काफी लोग पहचानने लगे हैं। यह सब उनकी मेहनत का ही नतीजा है इसीलिए आज उनका काम इतने अच्छे से चल पा रहा है। मुझे उन्होंने कभी भी किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी।

मैं जब कॉलेज में भी पढ़ाई कर रहा था तब भी वह मुझसे हमेशा ही कहते रहते थे कि तुम्हें अपने जो भी शौक पूरे करने हैं तुम वह कर लो, उन्होंने मुझे कभी भी पैसे की कमी नहीं होने दी और ना ही हमारे घर में कभी किसी प्रकार की कोई आर्थिक परेशानी रही। मेरे पापा, लोगों को ब्याज पर भी पैसा देते हैं और वह काम मैं भी संभालता हूं, यह काम संभालते हुए मुझे काफी समय हो चुका है। एक बार हमारे पास एक कपल आए, वह जब हमारे ऑफिस में आए तो मैंने उन्हें बैठने के लिए कहा और उसके बाद उन्होंने मेरे पापा से बात की। उन्होंने बताया कि हमें एक घर लेना है यदि आपकी नजर में कहीं पर कोई ऐसी प्रॉपर्टी हो जो कि हमारे ऑफिस से नजदीक हो, मेरे पापा ने कहा कि ठीक है मैं आपको एक प्रॉपर्टी दिखा देता हूं वह मेरे पास ही है। जहां पर हम लोग रहते थे उसके सामने ही हम लोगों ने एक घर लिया हुआ था और काफी समय से पापा सोच रहे थे यदि उसका अच्छा दाम हमें मिल जाएगा तो हम उस घर को भेच देंगे। जब पापा ने उन्हें वह घर दिखाया तो उन्हें वह बहुत ही अच्छा लगा और कहीं वो लोग उस घर को देख कर बहुत ही खुश थे क्योंकि वह उनके ऑफिस से बहुत ही नजदीक था और उन लोगों की शादी को भी काफी साल हो चुके हैं, उनकी उम्र भी 35, 40 वर्ष के आसपास की रही होगी।

उन लोगों ने वह घर फाइनल कर लिया और उसके बाद उन्होंने कुछ पैसे पापा को दे दिए जिससे कि वह लोग वहां पर शिफ्ट हो सके। अब उन लोगों ने अपना सामान रखना शुरू कर दिया और जब उन्होंने वहां पर शिफ्टिंग की तो उनके साथ में उनके रिश्तेदार भी आए हुए थे, उनकी एक लड़की भी थे जिसकी उम्र साथ 8 वर्ष की रही होगी। जब उन लोगों ने वहां पर शिफ्ट कर दिया तो मेरे पापा और मैं उनके घर पर गए। हम लोग उनके घर पर बैठे हुए थे और उनसे बातें कर रहे थे, वह लोग कहने लगे कि यहां से हमारा ऑफिस बहुत ही नजदीक है और हमें हर लोकेशन भी बहुत अच्छी लगी। जब मेरे पापा ने उन्हें बताया कि हम लोग भी आपके सामने वाले घर में ही रहते हैं तो वह लोग कहने लगे कि यह तो और भी अच्छी बात है यदि हमें कभी भी किसी प्रकार की परेशानी होगी तो हम आपसे ही बात कर लेंगे। अब वह लोग भी बहुत संतुष्ट हैं और पापा भी इस डील से बहुत खुश है क्योंकि जो रेट पापा मांग रहे थे वही दाम उन्हें उस घर का मिल गया था। वह दोनों पति-पत्नी सरकारी नौकरी पर थे और बहुत ही बड़े पद पर थे। मैं ना जाने क्यों उनकी पत्नी को बार बार देखे जा रहा था और मुझे वह बहुत ही अच्छी लग रही थी उनका नेचर बहुत ही अच्छा लग रहा था और वह बात करने से भी बहुत अच्छी थी। अब वह लोग हमारे पड़ोस में ही रहने लगे तो हमें उन लोगों का व्यवहार भी पता चल गया, वह लोग बड़े ही शांत स्वभाव के थे और सुबह वह लोग अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जाते और उसके बाद दिन में अपने बच्चे को घर ले आते थे। मैं भी सुबह काम पर निकल जाता तो, जब भी वह लोग मुझे मिलते तो मुझसे हमेशा ही बात किया करते थे। एक दिन उनकी पत्नी मुझे हमारे मोहल्ले की दुकान में दिख गई और उस दिन मैंने उनसे उनका नाम पूछ लिया, उनका नाम रोशनी है और अब वह लोग बहुत ही अच्छे से हमारे पड़ोस में रहने लगे। मैं भी अक्सर उन्हें आते जाते देख लिया करता था लेकिन एक दिन अचानक से उनके पति की तबीयत खराब हो गई और कुछ ही समय बाद उनकी मृत्यु हो गई।

हम लोग भी उनके घर गए तो हमें भी इस बात का बहुत ही बुरा लगा। उनके सारे रिश्तेदार आए हुए थे और सब लोग कह रहे थे कि अचानक से ऐसे कैसे हो सकता है लेकिन उन्हें शायद कैंसर था और जब मैंने रोशनी से इस बारे में पूछा तो वो कहने लगी कि यह कैंसर से पीड़ित थे इसी वजह से उनकी मृत्यु हो गई। वह बहुत ही दुखी थी इसलिए मैंने उससे ज्यादा बात करना उचित नहीं समझा। अब काफी समय बीत चुका था और उसके बाद मैं भी अक्सर उनसे बात कर लिया करता था लेकिन वह अभी भी अपने आप में खोई रहती थी और उन्हें शायद अपने पति की मृत्यु का सदमा लगा था इसलिए वह किसी से भी ज्यादा बात नहीं करती थी और अपने ऑफिस जाकर अपने घर आ जाया करती थी और वह लोग मोहल्ले में किसी से बात नहीं किया करते थे। मुझे उन्हें देखकर ना जाने क्यों ऐसा लगता था कि मुझे उनसे बात करनी चाहिए। मैंने एक दिन उनसे बात की और कहा कि मैं आपसे शादी करना चाहता हूं। वह कहने लगी कि तुम यह किस प्रकार की बात कर रहे हो, अभी कुछ समय पहले ही मेरे पति की मृत्यु हुई है और सब लोग इस बारे में क्या समझेंगे। मैंने उन्हें कहा कि लोगों को जो सोचना है वह सोचते रहे, लेकिन मेरे दिल में जो था मैंने वह आपको बता दिया है वह इस बात के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी।

वह मुझे कह रही थी कि मैं बिल्कुल भी इसके लिए राजी नहीं हूं लेकिन मैंने रोशनी को शादी के लिए कन्वेंस कर ही लिया। मैंने इस बारे में अपने घर पर भी बात की लेकिन मेरे पापा मेरी इस बात से बहुत ज्यादा दुखी थे और वो कहने लगे की तुम यह किस तरीके की बात कर रहे हो, वह एक विधवा महिला है और उम्र में भी तुमसे बड़ी है यदि वह उम्र में तुम्हारे बराबर होती तो भी मैं एक बार सोच सकता था कि तुम उससे शादी कर लो लेकिन वह उम्र में तुम से 10 बरस बड़ी है और तुम इस तरीके की बात कर रहे हो, यह तुम्हें बिल्कुल भी शोभा नहीं देता। मेरे पापा मुझसे बहुत ही गुस्सा थे और मेरी मां भी मुझसे बहुत गुस्सा थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उस समय कौन मेरा साथ दे सकता है। रोशनी के भाई से जब मैंने इस बारे में बात की तो वो कहने लगे कि मैं तुम्हारे साथ हूं यदि तुम्हें रोशनी से शादी करनी है तो तुम उससे शादी कर सकते हो। उसके भाई का नाम तेजेंद्र है और उन्होंने हमारी बहुत ही मदद की लेकिन मेरे पापा बिल्कुल भी तैयार नहीं थे और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं उन्हें किस प्रकार से मनाऊं। जैसे जैसे समय बीतता जा रहा था वैसे ही मेरी टेंशन बढ़ती जा रही थी, मैं रोशनी से बात तो करता था लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उससे मैं किस प्रकार से शादी करूं।

एक दिन मैंने अपना पूरा मन बना ही लिया और मैंने रोशनी के साथ कोर्ट मैरिज कर ली। मैंने उससे कोर्ट मैरिज की तो मेरे पापा बहुत ही दुखी थे, उन्होंने उस दिन मुझे अपने घर से ही निकाल दिया और फिर मैं रोशनी के साथ उसके घर पर ही था। तेजेंद्र ने मुझे समझाया कि तुम चिंता मत करो, तुम दोनों साथ में बहुत खुश रहोगे और मैं तुम्हारे साथ हमेशा ही हूं लेकिन कहीं ना कहीं मुझे इस बात का बहुत ही दुख था कि मेरे पिता मुझसे बहुत नाराज हैं। अब हम दोनों की शादी हो चुकी थी और हम दोनों पति पत्नी बन चुके थे।

जब हम दोनों की पहली रात थी तो मैंने रोशनी को कसकर पकड़ लिया और उसके होठों को मे चूसने लगा। पहले वह बहुत शर्मा रही थी लेकिन बाद में वह मेरा पूरा साथ देने लगी। कुछ देर बाद उसने मेरी पैंट से मेरे लंड  को बाहर निकाल लिया और उसे मुंह में लेकर सकिंग करने लगी। वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूस रही थी मुझे बहुत मजा आ रहा था। थोड़ी देर बाद जब मैंने उसकी योनि को चाटा तो उसकी चूत से बहुत ही पानी गिरने लगा। उसकी योनि अब भी बहुत टाइट थी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसकी योनि का रसपान कर रहा था। मैंने भी उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मैंने अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम्हारा तो बहुत ही ज्यादा मोटा है। मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और बड़ी तेजी से मैं उसे धक्के मारने लगा।

मैंने इतने तेजी से उसे झटके मारे कि उसका पूरा शरीर हिलता जाता मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने पर लग जाता। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं रोशनी के स्तनों का रसपान कर रहा था वह सिसकीया लिए जा रही थी। मैंने उसे बिस्तर में उल्टा लेटा दिया और उसकी योनि में अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मैंने उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो वह पूरी तरीके से मचलने लगी। वह अपने चूतड़ों को ऊपर की तरफ करने लगी लेकिन मैंने उसे बुहत तेज झटके मारने शुरू कर दिए। मैं उसे इतनी तेज तेज झटके दे रहा था वह चिल्लाने लग जाती। मुझे बहुत ही मजा आता जब मैं उसे इस प्रकार से झटके दे रहा था। वह मेरा पूरा साथ दे रही थी और मैं उसे उतनी ही तेजी से चोदे जा रहा था। मुझसे उसकी चूत की गर्मी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रही थी और एक समय बाद मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर ही जा गिरा और मुझे बहुत ही अच्छा लगा। अब वह प्रेग्नेंट हो गई है और मैं उसकी गांड मरा करता हूं मुझे उसकी गांड मारने में भी मजा आता है। रोशनी मेरा बहुत ही साथ देती है और वह कभी भी मुझे सेक्स को लेकर कमी नहीं होने देती।

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