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निकिता की चूत की चिकनाई

Antarvasna, hindi sex stories: निकिता और मेरी शादी को एक वर्ष हो चुका हैं। जब हम दोनों की शादी हुई उसके बाद मेरी नौकरी पुणे में लग गई और निकिता भी मेरे साथ ही रहने लगी। हम दोनों नागपुर के रहने वाले हैं और नागपुर में ही हम दोनों की मुलाकात मेरे एक दोस्त ने करवाई थी। जब पहली बार मैं निकिता से मिला तो निकिता को देखते ही मैंने उसी वक्त तय कर लिया था कि मैं निकिता से ही शादी करूंगा और निकिता से मेरी शादी हो गई। जब निकिता से मेरी शादी हुई तो उसके बाद हम लोग पुणे में रहने लगे। मैं अपने ऑफिस के लिए सुबह घर से निकल गया था निकिता घर पर नहीं थी इसलिए मैंने नाश्ता अपने दोस्त के घर पर ही कर लिया था। मेरा दोस्त जो कि मेरे पड़ोस में ही रहता है उसकी पत्नी मेरे लिए नाश्ता बना दिया करती थी। नाश्ता करने के बाद मैं ऑफिस के लिए निकला ही था कि निकिता का फोन मुझे आ गया।

जब निकिता का फोन मुझे आया तो मैंने निकिता से पूछा कि तुम वापस कब लौट रही हो तो वह मुझे कहने लगी कि मैं परसों वापस आ जाऊंगी। मैंने निकिता से कहा कि तुमने आज मुझे सुबह ही फोन कर दिया क्या कोई जरूरी काम था तो वह कहने लगी कि बस ऐसे ही आपसे बात करने का मन था तो सोचा कि फोन कर लूं। मेरी निकिता से बात ज्यादा देर तक नहीं हो पाई थी क्योंकि मैं अब ऑफिस पहुंचने वाला था। उस दिन जब मैं ऑफिस पहुंचा तो मुझे बहुत काम था और अपना काम खत्म करने के बाद मैं जब शाम के वक्त घर लौटा तो मैंने निकिता को फोन किया निकिता से मैंने काफी देर तक बात की।

उस दिन मुझे अपने ही कॉलोनी में राकेश के घर जाना था राकेश से मेरी मुलाकात कुछ समय पहले ही हुई है और राकेश ने मुझे अपने घर पर इनवाइट किया था। मैं उस दिन राकेश के घर पर गया तो राकेश के बेटे का जन्मदिन था राकेश ने ज्यादा लोगों को घर पर तो नहीं बुलाया था लेकिन थोड़े बहुत लोग राकेश के घर पर आए हुए थे। राकेश ने उस दिन खाने का भी अरेंजमेंट किया हुआ था और खाना खाने के बाद मैं वापस लौट आया था। मैं घर पर ही था इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न मैं कहीं घूमने चले जऊँ क्योंकि काफी दिन हो गए थे मैं कहीं गया भी नहीं था। मैंने अपने ऑफिस के दोस्त रोहन को फोन किया और रोहन ने मुझे कहा कि चलो आज हम लोग मूवी देख आते हैं। मैं भी घर पर अकेला बोर हो रहा था तो सोचा कि मूवी ही देखने के लिए चलते हैं। उस दिन हम लोग मूवी देखने के लिए चले गए।

मूवी देखने के बाद जब मैं वहां से वापस लौट रहा था तो मुझे निकिता का फोन आया और निकिता मुझे कहने लगी कि कल सुबह मैं पुणे पहुंच जाऊंगी। मैंने निकिता से कहा कि मैं चाबी महिमा को दे दूंगा वह मुझे कहने लगी कि ठीक है तुम चाबी महिमा को दे देना। अगले दिन सुबह मैं ऑफिस निकल गया था और निकिता भी घर पहुंच चुकी थी। निकिता जब घर पहुंची तो उसने मुझे फोन कर दिया था। जब उसने मुझे फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि मैं घर पहुंच चुकी हूं मैंने निकिता से कहा ठीक है मैं भी शाम के वक्त घर आता हूं। जब मैं शाम को घर  पहुंचा तो निकिता से मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा इतने दिनों के बाद हम लोग एक दूसरे से मिल रहे थे तो मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और निकिता भी बहुत ज्यादा खुश थी। निकिता मुझे कहने लगी हम लोगों की मुलाकात कितने दिनों बाद हो रही है मैंने निकिता से कहा की हां तुम सही कह रही हो। हम लोग काफी दिनों बाद एक दूसरे को मिल रहे थे उस दिन हम लोगों ने काफी बातें की।

मैंने निकिता से पूछा कि घर में सब लोग कैसे हैं तो निकिता कहने लगी कि घर में सब लोग ठीक है। निकिता मुझे कहने लगी कि मैं खाना बना देती हूं। निकिता रसोई में चली गई और वह खाना बनाने लगी थोड़ी देर बाद निकिता ने खाना बना दिया था उसके बाद हम लोगों ने डिनर किया। मैंने निकिता से कहा कि कल मैं अपने ऑफिस से छुट्टी ले लेता हूं और मैंने अगले दिन अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी। मैं चाहता था कि मैं निकिता के साथ समय बिताऊं और निकिता और मैं अगले दिन साथ में ही थे। अगले दिन निकिता और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे और हम लोग बातें कर रहे थे जब हम लोग बातें कर रहे थे तो हमें बहुत ही अच्छा लग रहा था। मैंने निकिता से कहा कि क्या आज हम लोग कहीं घूमने के लिए चलें तो निकिता भी कहने लगी कि ठीक है और हम लोग उस दिन घूमने के लिए चले गए। पहले हम लोग मॉल में गए वहां पर हम लोगों ने कुछ शॉपिंग की और उसके बाद हम दोनों ने उस दिन साथ में कुछ समय बिताने का फैसला किया।

हम लोगों ने बाहर ही डिनर करने का फैसला कर लिया था और हम लोग उस दिन साथ में बैठे हुए थे। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे और जब हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो हम दोनों को ही अच्छा लग रहा था। हमने साथ में डिनर किया और उसके बाद हम लोग घर लौट आए थे। जब हम लोग घर लौटे तो उस वक्त 9:30 हो रहे थे और निकिता और मैं साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे। निकिता ने मुझे कहा कि मैं सोच रही हूं कि कल मैं अपनी सहेली के घर चली जाऊं? मैंने निकिता से कहा कि ठीक है तुम अपनी सहेली के घर चले जाना। काफी दिनों से हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध में नहीं बने थे। मैंने उस दिन निकिता से कहा आज मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूं। निकिता और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते थे।

हम दोनो एक दूसरे की बाहों में थे। मैं निकिता के होठों को चूमने लगा था और जिस प्रकार मे निकिता के होठों को चूम रहा था उससे वह गर्म हो रही है और मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुमने बढ़ा दिया है। मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ रही है और निकिता भी पूरी तरीके से गर्म होती जा रही थी। अब उसे मैंने बिस्तर पर लेटाते हुए जब उसके स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी मुझे इतना ना तड़पाओ मैं रह नहीं पाऊंगी। निकिता और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तडपने लगे थे। हम दोनों को ही मजा आने लगा था। हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उसे निकिता ने अपने हाथों में ले लिया। वह मेरे लंड को हिलाने लगी थी जिस तरीके से वह मेरे लंड को हिला रही थी उससे मुझे मजा आने लगा था और निकिता को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था।

वह बहुत ज्यादा गर्म होने लगी थी। मैंने उसके कपडो को खोलते हुए पहले तो उसके स्तनों को चूसना शुरु किया। जब मैं उसके स्तनों को चूसने लगा तो मुझे मजा आने लगा था और उसकी चूत से मैंने पानी भी बाहर निकाल दिया था। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं उसके स्तनों को चूस रहा था। वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी थी वह मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुम अब और ना बढ़ाओ मुझसे रहा नहीं जा रहा है। मैंने उसे कहा मुझसे भी रहा नहीं जा रहा है। हम दोनों बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे वह अपनी चूत मे मेरे लंड को लेने के लिए तैयार थी। वह अपनी चूत में मेरे मोटे लंड को लेने के लिए तैयार थी। मैंने उसे कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगा था जब निकिता और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे।

हम दोनों की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। मेरा मोटा लंड निकिता की चूत के अंदर तक जा चुका था। मुझे बहुत मजा आने लगा था जब वह मेरा साथ दे रही थी। वह अपने पैरों को खोलती तो मुझे और भी ज्यादा मजा आता। जब वह अपने पैरों को खोलकर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी मैं उसे और भी ज्यादा तेजी से धक्के देने लगा था। मेरा मोटा लंड बड़ी आसानी से उसकी चूत में जा रहा था। मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था।

मैंने जब उसके पैरों को चौड़ा किया तो हम दोनो एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स कर रहे थे। उसकी चूत की चिकनाई मे बढ़ोतरी होती जा रही थी। जब उसकी चूत की चिकनाई में बढ़ोतरी हो रही थी तो वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। अब हम दोनों को बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे उससे हम लोगों को मजा आने लगा था। निकिता की चूत से निकलता हुआ पानी बढ़ता ही जा रहा था। निकिता और मैं दूसरे को पूरी तरीके से संतुष्ट कर रहे थे। मेरा वीर्य मेरी चूत में गिरने का था। मैंने उसकी योनि में आपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई थी और मुझे कहने लगी आज मुझे अच्छा लग रहा है। मैंने अपने लंड को उसकी चूत से निकाल दिया था निकिता की चूत से मेरा वीर्य बाहर निकाल रहा था।

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