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नैन से नैन मिले और चूत से लंड

Hindi sex story, antarvasna मैं अलवर का रहने वाला हूं हमारे परिवार में हम लोग दो भाई और एक बहन हैं मेरे बड़े भैया रवि जो कि केरल में रहते हैं वह होटल में नौकरी करते हैं उन्हें वहां पर 3 वर्ष हो चुके हैं मेरी बहन आकांक्षा की कॉलेज की पढ़ाई भी हो चुकी है और अब उसके लिए मेरे मम्मी पापा कोई अच्छा लड़का देख रहे हैं ताकि उसकी शादी करवा सकें। मैं अलवर में एक कंपनी में मार्केटिंग का काम करता हूं मुझे मार्केटिंग का काम करते हुए काफी समय हो चुका है, मैं एक दिन अपने घर से अपने ऑफिस के लिए निकला जब मैं अपने ऑफिस के लिए निकला तो मेरे फोन पर मेरे दोस्त ने मुझे कॉल किया और कहा तुम यहां पार्क के पास आ जाओ।

मैंने उसे कहा वहां पर क्या कुछ काम है वह कहने लगा नहीं तुम यहां आओ तो सही मैं सीधा ही पार्क की तरफ निकल गया और जब मैं वहां पर गया तो मैंने देखा की मेरी बहन किसी लड़के के साथ बात कर रही है। मुझे लगा कि वह उसका दोस्त होगा काफी देर तक मैं देखता रहा लेकिन तब मुझे इस बात का अंदाजा हो गया कि वह उसका दोस्त नहीं है बल्कि उन दोनों के बीच में कुछ और ही चल रहा है। मैंने अपनी बहन को उस वक्त कुछ नहीं कहा लेकिन जब शाम के वक्त मैं अपने ऑफिस से घर लौटा तो मैंने आकांक्षा से कहा आकांक्षा आजकल क्या चल रहा है वह कहने लगी भैया आप तो देख ही रहे हैं आप तो हमेशा मुझे देखते हैं। मैंने आकांक्षा से कहा पापा मम्मी तुम्हारे लिए लड़का देख रहे हैं तो क्या तुम शादी करने के लिए तैयार हो वह कहने लगी हां मैं शादी करने के लिए तैयार हूं मैंने आकांक्षा से पूछा क्या मम्मी पापा तुम्हारे लिए जहां लड़का देखेंगे तुम वही शादी करोगी। पहले तो वह कुछ देर चुप रही लेकिन उसके बाद उसने अपनी गर्दन हिलाते हुए कहा हां भैया मैं वहां शादी कर लूंगी मैंने उसे कहा तुम पक्का वहां शादी कर लोगी वह कहने लगी हां मैं वही शादी कर लूंगी। उसने जब मुझसे यह बात कही तो मैंने उसे कहा मुझे तुम्हारी आंखों में देखकर लग रहा है कि तुम किसी और को चाहती हो या कुछ तो ऐसी बात है जो तुम छुपाने की कोशिश कर रही हो उसने अपनी गर्दन को नीचे कर लिया और अपनी आंखें झुका कर वह कहने लगी नहीं भैया ऐसा कुछ भी नहीं है।

मैंने उससे कहा देखो आकांक्षा मुझसे झूठ बोलने की जरूरत नहीं है यदि तुम सच बोलोगी तो हो सकता है कि मैं तुम्हारी मदद करूं लेकिन तुम झूठ बोलोगी तो मुझे नहीं लगता कि ऐसे में तुम्हारी जिंदगी कभी सवर पाएगी तुम अपनी जिंदगी को खुद ही बर्बाद कर बैठोगी। आकांक्षा ने मुझे कहा नहीं भैया ऐसा कुछ भी नहीं है आप गलत समझ रहे हैं। मैंने अपनी आंखों से सब कुछ देख लिया था तो मैं चाहता था कि आकांक्षा अब खुद ही अपने मुंह से स्वीकार करें कि उसका रिलेशन किसी लड़के के साथ चल रहा है। आखिरकार उसने यह बात स्वीकार कर ही ली और मुझे उसने अमन के बारे में बताया उसने बताया कि अमन के पिताजी कॉलेज में प्रोफेसर हैं और अमन भी अच्छा लड़का है लेकिन अभी वह कुछ करता नहीं हैं वह अपनी आगे की तैयारी कर रहा है। मैंने आकांक्षा से कहा देखो आकांक्षा मैं कभी भी नहीं चाहता कि तुम्हारा जीवन किसी भी तरीके से खराब हो यदि तुम अमन से प्यार करती हो तो उससे मुझे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन तुम्हें इस बात को मानना चाहिए कि अमन और तुम्हारे बीच में कुछ चल रहा है। मम्मी और पापा तुम्हारे लिए कोई लड़का देख कर उससे तुम्हारी शादी करवा देंगे तो क्या तुम खुश रहोगी। आकांक्षा मुझे कहने लगी भैया मैं खुश नहीं रहूंगी लेकिन मम्मी पापा के आगे भी तो मैं कुछ नहीं कह सकती मैंने उसे समझाया और कहा देखो तुम उन लोगों के बारे में मत सोचो यदि तुम अमन से प्यार करती हो तो तुम मुझे अमन से मिलवाना मैं उससे बात करना चाहता हूं। आकांक्षा ने मुझे जब अमन से मिलवाया तो मुझे वह बहुत अच्छा लगा मुझे उसमें कोई ऐसी दिक्कत नहीं लगी अमन नेचर का भी बहुत अच्छा है और बात करने में भी वह अच्छा है। मैंने अमन से कहा क्या तुम दोनों शादी करना चाहते हो अमन कहने लगा हां मैं आकांक्षा से शादी करना चाहता हूं लेकिन अभी मुझे कुछ समय चाहिए होगा।

मैंने अमन से कहा ठीक है मैं इस बारे में अपने बड़े भैया से बात करूंगा क्योंकि वह मम्मी पापा को समझा सकते हैं आकांक्षा को मैं बहुत प्यार करता हूं और मैं नहीं चाहता कि उसके जीवन में कुछ परेशानियां आये जिसकी वजह से वह तकलीफ में रहे। मैंने अपने बड़े भैया को एक दिन फोन किया और उन्हें कहा भैया आकांशा एक लड़के को पसंद करती है वह लड़का अच्छा है और अच्छे परिवार से भी है लेकिन अभी वह अपने आगे की तैयारी कर रहा है इसलिए उसे थोड़ा समय चाहिए। मैंने जब यह बात भैया से कहीं तो भैया कहने लगे यदि तुम्हें वह सही लगा तो वह अच्छा ही होगा और मैं तो यह कह रहा था कि तुम कुछ दिनों के लिए यदि मेरे पास आ जाते तो मुझे भी अच्छा लगता। मैंने रवी भैया से कहा भैया मैं कोशिश करूंगा कि आपके पास कुछ दोनों के लिए आ जाऊं भैया मुझे कहने लगे कि तुम यहां घूमने ही आ जाओ तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा। मैंने भी सोचा कि चलो भैया इतनी जिद कर रहे हैं तो मैं केरल घूमने चला जाता हूं मैं अब घूमने के लिए पूरी तैयारी में था मैंने अपना रिजर्वेशन करवा लिया और वहां से मैं केरल चला गया मैं जब केरल पहुंचा तो भैया ने मुझे वहां पर रिसीव किया और उसके बाद वह मुझे अपने होटल में ले गए जहां पर वह काम करते थे। उन्होंने मुझे कहा क्या तुम मेरे साथ रुकोगे या फिर यहीं होटल में तुम्हारे लिए रूम करवा दूँ मैंने भैया से कहा आप देख लीजिए जैसा आपको ठीक लगे वह कहने लगे तुम मुझे बताओ तो सही कि तुम कहां रुकना चाहते हो।

मैंने उन्हें कहा भैया मैं आपके साथ ही रुक जाऊंगा भैया के स्टाफ के लिए रूम बने थे वह वहां पर रहते थे तो उन्होंने मेरा सामान वहीं रखा और कहने लगे कि अभी तो मैं काम पर जा रहा हूं यदि तुम्हें कुछ खाना हो तो तुम मुझे फोन कर देना मैं तुम्हारे लिए खाना भिजवा दूंगा। मैंने कहा अभी तो मुझे भूख नहीं है पर मैं आपको एक दो घंटे बाद फोन करूंगा वह मुझे कहने लगे ठीक है तुम मुझे एक दो घंटे बाद फोन कर देना। मैंने करीब एक घंटे बाद भैया को फोन किया तो उन्होंने कहा तुम्हारे लिए मैं कुछ भिजवा देता हूं उन्होने कुछ देर बाद मेरे लिए खाना भिजवा दिया मैंने खाना खाया और मैं आराम करने लगा। कुछ देर बाद मैंने टीवी ऑन की और उस पर मैं मूवी देखने लगा मूवी देखने में मैं इतना खो गया कि मुझे समय का ही पता नहीं चला। मैंने जब अपनी घड़ी में समय देखा तो समय काफी हो चुका था मैंने भैया को फोन किया और कहा आप कब तक फ्री हो जाएंगे वह कहने लगे कि बस कुछ देर बाद मैं फ्री हो जाऊंगा और फिर मैं तुम्हारे पास ही आता हूं। कुछ देर बाद भैया फ्री हो गए हो और वह आ गए मैंने भैया से कहा क्या कल आप छुट्टी लेंगे वह कहने लगे हां मैं कल छुट्टी ले लूंगा हम दोनों भाइयो ने बैठ कर बात की तो मैंने उन्हें आकांक्षा के बारे में बताया। जब मैने उसके बारे में कहा तो वह कहने लगे यदि अमन अच्छा लड़का है तो उसमें भला मुझे क्या दिक्कत होगी मैं मम्मी पापा से इस बारे में बात कर लूंगा और वह भी एक बार अमन से मिल लेंगे। अगले दिन भैया की छुट्टी थी तो भैया मुझे अपने साथ घुमाने के लिए ले गए काफी समय बाद हम दोनों भाइयों ने एक साथ इतना समय बिताया था तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था।

उसी होटल में एक भाभी रुकी हुई थी और ना जाने वह मुझे ऐसी नजरों से क्यों देख रही थी हम दोनों एक दूसरे को काफी देर तक देखते रहे। जब वह मेरे नैनो से अपने नैन टकराने लगी और मुझे बहुत ज्यादा गंदे इशारे करने लगी तो मैंने भी सोच लिया कि उनकी चूत मारकर ही रहूंगा। मैंने इशारो इशारो में कहा कि आप मेरे पीछे आ जाइए वह मेरे पीछे आ गई जब वह मेरे पीछे आई तो मैं उन्हें अपने भैया के रूम में लेकर आ गया। वहां पर मैंने उनके होठों को चूमना शुरू किया मेरे अंदर बहुत गर्मी थी और उनके अंदर भी बहुत ज्यादा गर्मी थी हम दोनों ने एक दूसरे को बड़े ही अच्छे तरीके से किस किया जब मैंने उनकी योनि को चाटना शुरू किया तो उन्हें बड़ा मजा आने लगा और वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई उनकी चूत से गिला पर्दाथ बाहर की तरफ को निकालने लगा तो मुझे उनकी चूत को चाटने में बड़ा मजा आता। मैंने जब अपने लंड को उनकी योनि के अंदर घुसाया तो वह मुझे कहने लगी तुम्हारे लंड में तो कुछ अलग ही बात है। वह अपने पैरों को चौड़ा करती जाती मैंने उनसे कहा भाभी आपका क्या नाम है वह कहने लगी मेरा नाम सविता है।

उन्होंने जब अपने पैरों को कुछ ज्यादा चौड़ा कर लिया तो मैं उन्हें तेज गति से धक्के मारने लगा उनकी योनि से चिपचिपा पदार्थ बाहर की तरफ को निकलने लगा उनकी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैने उन्हें अपने ऊपर से आने को कहा तो उन्होंने अपनी योनि के अंदर मेरे लंड को प्रवेश करवा दिया मैं उन्हें बड़ी तेजी से धक्के देने लगा वह भी अपनी बड़ी चूतडो को ऊपर नीचे करती जाती जिससे कि हम दोनों के अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी और मैं उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश करता लेकिन उनकी योनि से जो गर्मी बाहर आ रही थी उसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाई। जब वह झड गई तो वह मुझे कहने लगी तुम मुझे डॉगी स्टाइल में चोदो उन्होंने अपनी चूतड़ों को मेरी तरफ किया और मैंने उन्हें डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया मैं उन्हें बड़ी तेज गति से चोदता जब मेरा वीर्य पतन सविता भाभी की योनि में हो गया तो वह कुछ देर बाद चली गई। मुझे उम्मीद नही थी की ऐसे ही मुझे किसी से चूत मिलेगी लेकिन उन्हें चोदने में मुझे बड़ा मजा आया।

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