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मम्मी की चूत का पानी-2

indian sex stories अब उधर पापा ने मम्मी की चूत में धक्के मार-मारकर मम्मी की टागों को थका दिया था। तब मम्मी बोली कि बस करो, अब तुम्हारा है की झड़ने का नाम नहीं ले रहा है और मेरी टांगे थककर चूर हो गयी है, प्लीज और पोज़िशन में चुदाई कर लो, में बहुत थक गयी हूँ। तब पापा ने काहा कि जो हुकम मेरी रानी, लेकिम पहले एक बार तुम मेरे मजेदार लॉलीपोप को चूस तो लो और यह कहकर पापा ने मेरी मम्मी की चूत में से अपना लंड बाहर निकाला तो में देखकर दंग रह गयी आआहह, उनका लंड जब अंदर गया था तो इतना मोटा और लंबा नहीं था और जब बाहर आया तो और भी मोटा, लम्बा और काला लग रहा था। अब पापा अपने घुटनों के बल बैठ गये थे और फिर मम्मी ने उनके लंड को अपने दोनों हाथों में पकड़ लिया और गप-गप की आवाज से अपने मुँह में डाल लिया था और बहुत ही प्यार से चूसने लगी थी। ।

पापा का लंड उनके दोनों हाथों से लगभग 6 इंच बाहर होगा, यानी उनका लंड लगभग 10 इंच का होगा और मोटाई का तो कहना ही क्या? अब उनके लंड पर मम्मी की चूत का पानी चमक रहा था। फिर थोड़ी देर तक लंड चुसवाने के बाद पापा ने अपने लंड को मम्मी के मुँह में से बाहर निकाल लिया और मम्मी से कहा कि अब तुम कुत्तिया की तरह बन जाओ, में तुम्हें कुत्ते की तरह चोदूंगा, इस तरह से तुम्हारी चूत में मेरा पूरा का पूरा लंड तुम्हारी बच्चेदानी में चला जाएगा और तुमको मजा भी बहुत आएगा। तब मम्मी बोली कि लो मेरे राजा, जो तुम्हारा हुकम, में तो तुम्हारी गुलाम हूँ और यह कहकर मम्मी किसी कुत्तिया की तरह अपने दोनों घुटनों और दोनों हाथों पर हो गयी। फिर पापा ने मम्मी के पीछे से जाकर अपने लंड को अपने हाथ में पकड़कर उनकी चूत के मुँह पर रखा और एक ही धक्के में अपना पूरा का पूरा लंड अंदर तक पेल दिया। तब मम्मी के मुँह से आआहह की आवाज निकली, लेकिन वो मजे लेने वाली आवाज थी दर्द वाली नहीं थी। फिर पापा नहीं रुके और धक्के-पे-धक्के मारते चले गये।

अब मम्मी पापा के मुँह से हर धक्के के बाद सिसकियाँ निकल रही थी। फिर अचानक से पापा को पता नहीं क्या सूझा कि पापा ने अपना पूरा लंड मम्मी की चूत से बाहर निकाल लिया और अपने मुँह से बहुत सारा थूक निकालकर मम्मी की गांड पर डाल दिया। अब यह सोचकर मेरा दिल धड़क उठा था कि अब पापा मम्मी की गांड मारेंगे। मैंने अपनी सहेलियों से सुन रखा था कि कई औरतें और लड़कियाँ गांड भी मरवाती है और गांड मरवाने में बहुत दर्द होता है। फिर पापा ने अपने दोनों हाथों से मम्मी की गांड का मुँह खोल दिया, लगभग 2 इंच का छेद खुल गया होगा। फिर पापा ने अपना लंड मम्मी की गांड के ऊपर सेट किया और अपने लंड का सुपाड़ा थोड़ा सा अंदर फिक्स कर दिया और फिर मम्मी की कमर के नीचे से अपने हाथ डालकर अपने हाथों में जकड़ लिया और फिर एक ही धक्के में अपना लगभग आधा लंड मम्मी की गांड में डाल दिया था।

फिर तब मम्मी के मुँह से एक जोरदार आवाज निकली अया मर गयी, यह क्या कर दिया जी? यह चूत मारते-मारते अचानक गांड मारने की क्या सूझी? अया मार डाला, पहले बता दिया तो होता, थोड़ा तेल ही लगा लिया होता तो इतना दर्द तो नहीं होता। तब पापा बोले कि अरे मेरी रानी जो सख़्त-सख़्त लंड डालने में जो मजा है, वो मज़ा फिसलता हुआ लंड डालने में नहीं आता, देखो अब कितना टाईट लंड तुम्हारी गांड में जा रहा था। अभी देखना तुम्हें भी कितना मज़ा आएगा? लो अब में पूरा का पूरा लंड तुम्हारी प्यारी मजेदार गांड में डालने वाला हूँ, अभी तक चूत मरवा रही थी, अब गांड भी मरवाओ। अब पापा का लम्बा, मोटा लंड आराम से मम्मी की गांड में अंदर तक जा रहा था। अब पापा अपने लंड को सुपाड़े तक निकालकर पूरा का पूरा ही अंदर तक डालकर मम्मी को मज़ा दे रहे थे।

अब मम्मी के मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी थी अया मेरे राजा, तुम्हारा जवाब नहीं, क्या चोदते हो? मेरा तो दिल करता है कि तुमसे सारा दिन ही चुदवाती रहूँ, तुम गांड और चूत दोनों ही बुरी तरह से चोदते हो, लेकिन मजबूरी है, लड़की जवान हो रही है, पता नहीं वो कब देख ले? तो गजब हो जाएगा। लेकिन उनको पता नहीं था कि यह गजब तो हो चुका है, मेरी चूत अब पापा जैसा ही लंड मांगने लगी थी। अब पापा ने अपनी चोदने की स्पीड तेज कर दी थी और फिर वो बोले कि ले मेरी रानी, अब मेरा लंड झड़ने वाला है, बोलो में अपना पानी कहाँ निकालूँ? तो तब मम्मी बोली कि मेरे राज़ा जैसे रोज निकालते हो, आह लाओ मेरे मुँह में डालो। तब पापा ने मम्मी की गांड में से अपना लंड बाहर निकाल लिया। फिर मम्मी पापा के लंड को अपने एक हाथ में लेकर स्पीड से आगे पीछे करने लगी और गप से अपने मुँह में ले लिया। फिर कुछ देर के बाद ही पापा के लंड ने पिचकारी छोड़ना शुरू कर दिया।

अब मम्मी ने अपना मुँह पूरा खोल दिया था और अब पापा के लंड का वीर्य मम्मी के मुँह में पूरा का पूरा भर गया था, शायद उनके वीर्य का रस 100 ग्राम के करीब तो होगा ही। फिर मम्मी ने अपना मुँह बंद कर लिया और जब खोला तो में हैरान रह गयी थी, उनका मुँह खाली था। अब वो पूरा का पूरा वीर्य-रस अपने अंदर गटक गयी थी, लेकिन फिर भी वो पापा के लंड को चाटने लगी और जितना बचा था, वो भी चाट-चाटकर साफ कर दिया था। अब पापा का लंड कुछ-कुछ ढीला होने लगा था। फिर मम्मी ने अपनी चूत और पापा के लंड को साफ कपड़े से साफ कर दिया और कहा कि अब जल्दी से उठ जाओ, मुझे काम पर भी जाना है, नहीं तो गुज़ारा कैसे होगा? अब में समझ गयी कि मम्मी अब बाहर आने वाली है, तब में जल्दी से अपने कपड़े सही करके बिस्तर पर चादर डालकर अपनी आँखें बंद करके लेट गयी। फिर मम्मी बाहर आई और मुझे लेटा हुआ देखकर मुस्कुराती हुई काम करने चली गयी थी ।।

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