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मुझ पर जवानी लुटा दी

Antarvasna, hindi sex story: मेरे घर की स्थिति कुछ ठीक नहीं थी जिस वजह से मैं हमेशा ही अपने दोस्तों के बीच में मजाक का कारण बनता था। मेरे दोस्त सब अच्छे घर से थे और मैं इस बात को लेकर हमेशा ही शर्मिंदा होता लेकिन जब मेरी जॉब लग गई तो उसके बाद मैंने अपने दोस्तों से मिलना कम कर दिया और मैंने अपनी जिंदगी में काफी बदलाव किये। मैं ज्यादातर अपनी फैमिली के साथ ही समय बिताया करता था। पापा और मम्मी के साथ में मुझे बात करना अच्छा लगने लगा था पहले मैं उन लोगों के साथ ज्यादा बात नहीं किया करता था लेकिन अब ज्यादातर मैं पापा और मम्मी के साथ बातें किया करता। एक दिन हम लोग साथ में बैठे हुए थे मैं उस वक्त ऑफिस से घर लौटा ही था मैंने अपने बैग को अपने मेज पर रखा और उसके बाद मैं पापा मम्मी के साथ बैठ गया। मेरी छोटी बहन सुहानी मेरे लिए पानी लेकर आई और वह उसके बाद रसोई में खाना बनाने के लिए चली गई तभी मां ने मुझसे कहा कि अब सुहानी बड़ी हो चुकी है और हम लोगों को लगने लगा है कि अब उसकी शादी हम लोगों को कर देनी चाहिए।

मैंने पापा मम्मी से कहा कि हां क्यों नहीं लेकिन वह लोग मेरे ऊपर ही निर्भर थे क्योंकि मैं ही घर का खर्चा चला रहा था इस वजह से मैंने पापा को कहा कि हां आपको जैसे ही कोई अच्छा रिश्ता मिले तो आप सुहानी की शादी की बात कर लीजिएगा। मैंने उन लोगों से काफी देर तक बात की उसके बाद सुहानी खाना बना चुकी थी मैं फ्रेश होने के लिए चला गया और उसके बाद मैं अपने कपड़े चेंज कर के खाना खाने के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठा। खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में चला गया और काफी दिनों के बाद मेरे दोस्त रजत का मुझे फोन आया। मैंने रजत को कहा कि काफी दिन से तुमने मुझे आज फोन किया है तो वह मुझे कहने लगा कि अमन तुमने तो अब सब लोगों से दूरी बना ली है तो मुझे लगा कि मुझे ही तुमसे बात कर लेनी चाहिए इसलिए मैंने तुम्हें फोन कर दिया। मैंने रजत को कहा कि तुम कैसे हो वह मुझे कहने लगा कि मैं तो ठीक हूं सोचा कि आज तुमसे बात कर लूँ तो तुम्हें फोन कर दिया। रजत और मेरी काफी देर तक फोन पर एक दूसरे से बातें हुई फिर मैंने फोन रख दिया और उसके बाद मैं सोने की तैयारी करने लगा। लेटते ही मुझे गहरी नींद आ चुकी थी और मैं सो चुका था अगले दिन मैं अपने ऑफिस के लिए तैयार हुआ और अपने ऑफिस चला गया। काफी दिनों के बाद पापा और मम्मी ने मुझे बताया कि सुहानी के लिए उन्होंने एक लड़का पसंद किया है वह बहुत ही अच्छा है और अच्छा कमाता भी है। मैंने पापा और मम्मी से कहा कि आप लोग उन्हें एक बार घर पर बुला लीजिए उसके बाद आप लोग आपस में बैठकर बात कीजिए। वह लोग कहने लगे हां बेटा तुम ठीक कह रहे हो।

सुहानी को देखने के लिए जब वह लोग घर पर आए तो उन्हें सुहानी पसंद आ गई और पापा और मम्मी को भी वह लड़का काफी अच्छा लगा तो उन लोगों ने अब रिश्ता तय कर लिया। मुझे भी इस बात की काफी खुशी थी की सुहानी का रिश्ता तय हो चुका है लेकिन उसकी शादी की सारी जिम्मेदारी मेरे ऊपर ही थी। मैंने सुहानी की शादी की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया उसकी शादी बहुत ही धूमधाम से हुई। सुहानी की शादी हो चुकी थी और मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि सुहानी अपने ससुराल जा चुकी है। सुहानी काफी दिन बाद जब घर आई तो सुहानी बहुत ही खुश थी सुहानी के पति उसका बहुत ध्यान रखते हैं और सुहानी उनके बारे में मुझसे बात कर रही थी तो मुझे इस बात की खुशी हुई कि सुहानी अपने पति के साथ खुश है। सुहानी के चेहरे की खुशी बता रही थी कि उसके पति उसे किसी भी प्रकार की कोई कमी कभी महसूस नहीं होने देते हैं। पापा और मम्मी ने मुझे कहा कि अमन बेटा अब सुहानी की भी शादी हो चुकी है तो तुम भी अब शादी कर लो तुम्हारी भी उम्र हो चुकी है लेकिन मैं अभी शादी नहीं करना चाहता था मुझे समय चाहिए था। मैंने उन लोगों से कहा कि मुझे थोड़ा समय चाहिए उसके बाद ही मैं कोई फैसला ले पाऊंगा। मैं चाहता था कि जब तक घर की स्थिति पूरी तरीके से ठीक नहीं हो जाती उसके बाद ही मैं शादी करूं इसलिए मैंने शादी का ख्याल ही अपने मन से निकाल दिया था। पापा और मम्मी ने भी मेरी इस बात को समझ लिया था और उन्होंने उसके बाद मुझे कभी कुछ नहीं कहा। मेरी दिनचर्या एक समान थी मैं सुबह ऑफिस जाता और शाम को घर लौट आता कभी मुझे सुहानी की याद आती तो मैं उससे फोन पर बात कर लेता हूं मुझे उससे बात कर के काफी अच्छा लगता है।

जब भी मैं सुहानी से बातें करता तो मुझे काफी खुशी होती थी और सुहानी को भी बहुत अच्छा लगता जब भी हम लोग एक दूसरे से बातें किया करते हैं। एक दिन हम दोनों फोन पर बातें कर रहे थे उस दिन सुहानी ने मुझे कहा कि भैया मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रही हूं। मैंने सुहानी को कहा कि ठीक है तुम घर आ जाओ वैसे भी काफी समय हो चुका है तुम घर नहीं आई हो। सुहानी ने कहा कि भैया मैं कल घर आ जाऊंगी और सुहानी अगले दिन हम लोगों से मिलने के लिए आ गई। सुहानी बहुत ही खुश थी और हम लोगों को भी काफी अच्छा लगा कि इतने समय बाद ही सही लेकिन सुहानी घर आई है और हम लोग सब साथ में थे। हमारा पूरा परिवार साथ में था और मुझे इस बात की बहुत ही खुशी हुई। सुहानी कुछ दिनों तक घर पर रही और फिर वह अपने ससुराल चली गई। हमारे पड़ोस में रहने के लिए राधिका भाभी आई। राधिका भाभी को हमारे पड़ोस में रहते हुए अभी एक महीना ही हुआ था लेकिन उनका व्यवहार ऐसा था कि वह सब लोगों से घुलने मिलने लगी थी। वह सब लोगों के साथ बड़े ही अच्छे से रहती और मेरे साथ भी वह बहुत बातें करती लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि राधिका भाभी अपने पति से बिल्कुल भी खुश नहीं है। उनके फैमिली में ना जाने क्या चल रहा था मुझे उससे कुछ लेना देना भी नहीं था परंतु जब मुझे इस बारे में पता चला उनके पति और उनके बीच के रिश्ते बिल्कुल भी ठीक नहीं है तो मैंने एक दिन राधिका भाभी से इस बारे में बात कि और राधिका भाभी के चेहरे पर हमेशा ही खुशी रहती।

उस दिन मैं उनके घर पर था पायल ने मुझे कहा अमन मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर ले आती हूं। वह मेरे लिए चाय बनाने के लिए चली गई वह चाय लेकर आई तो उसके बाद वह मेरे बगल में बैठी हुई थी। मैंने उनसे उनके पति के रिश्ते के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे उस दिन सारी बात बताई और कहने लगी वह अपने ऑफिस में एक लड़की से प्यार करने लगे हैं उनका उसके साथ अफेयर है। राधिका भाभी बहुत परेशान थी मैंने उन्हें समझाने के लिए उनकी जांघ पर हाथ रखा तो वह मेरी बाहों में आ गई है। वह मेरी बाहों में आई तो मैंने उनके होठों को चूम लिया उन्होने कुछ नहीं कहा वह मुझे गर्म करने की कोशिश करने लगी। मेरे अंदर की गर्मी बढ चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने राधिका भाभी से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। उन्होंने मेरी पैंट की चैन को खोलते हुए मेरे लंड को बाहर निकाल लिया। जब उन्होंने मेरे लंड को बाहर निकाला तो उसे उन्होंने अपने मुंह में ले लिया और वह उसे अच्छे से चूसने लगी जिस प्रकार वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर सकिंग कर रही थी उस से मुझे मज़ा आ रहा था। उन्होंने मेरी गर्मी को बहुत ज्यादा बढ़ा कर रख दिया था। मेरी गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने राधिका भाभी से कहा मैं आपकी चूत को चाटना चाहता हूं। उन्होंने अपने बदन से अपने सारे कपड़े उतार दिए वह मेरे सामने नंगी थी।

उनके बदन को देखते ही मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था और उन्हें भी बड़ा मजा आ रहा था। मैंने अपने लंड को अब उनकी योनि को लगाना शुरू किया। मैं अपने लंड को उनकी चूत पर रगड़ने लगा तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा। मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया था। मैंने उनकी चूत को जिस प्रकार से चाटना शुरु किया उस से उनको बहुत ही मज़ा आने लगा था और मुझे भी काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था। जब मैं उनकी चूत का रसपान कर रहा था तो मुझे मजा आता। कुछ देर तक उनकी चूत चाटने के बाद मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरू किया। मैं जब उनके स्तनों को दबाता तो मुझे मजा आने लगा था और उनको भी बड़ा मजा आने लगा था। मैंने उनकी योनि पर अपने लंड को लगाया और उनकी चूत से निकलती हुई गर्मी को मैं शांत करना चाहता था। मैने अपने लंड को उनकी योनि में घुसा दिया। उनको बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था जब मैंने उनकी योनि में अपने लंड को घुसा दिया था। उनकी चूत में मेरा लंड जा चुका था वह जोर से सिसकारियां ले रही थी।

वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है। मैंने उनकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया था। मै बड़ी तेज गति से अपने लंड को उनकी चूत के अंदर बाहर कर रहा था मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और उनके अंदर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। उन्होंने मुझे कहा मेरी चूत में अब तुम माल को गिरा दो। मैंने अपने माल को उनकी चूत में गिराने का फैसला कर लिया जैसे ही मैंने अपने माल को उनकी चूत मे गिराया तो मुझे मजा आ गया और उन्हें भी बड़ा मजा आ गया था। वह मेरे लंड को चूसने लगी और कहने लगी आज तुमने मेरी इच्छा को पूरा कर दिया है। मैंने उनके पति की कमी को पूरा कर दिया था वह मेरे पीछे इतनी ज्यादा पागल हो चुकी थी जब भी उन्हें मेरी जरूरत होती तो वह मुझे बुला लिया करती और मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए वह हमेशा ही तैयार रहती।

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