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मॉडर्न खयालातो की पड़ोसन को ऑफिस में चोदा

hindi chudai ki kahani

मेरा नाम संदीप है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं, मैंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ही एक जॉब जॉइन कर ली थी लेकिन मैं अपनी नौकरी से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं क्योंकि मैं अपने जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता हूं इसीलिए मैं सोचता हूं कि मुझे कुछ अच्छा करना चाहिए लेकिन मुझे कहीं से भी कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा था और मेरे घर वाले भी इतने पढ़े लिखे नहीं हैं जो कि मुझे किसी भी प्रकार से मदद कर पाते इसलिए मैं सिर्फ अपनी नौकरी पर ही ध्यान लगा पा रहा था। मैं अपनी नौकरी में इतना बिजी हो गया था कि मुझे किसी भी चीज के लिए समय नहीं मिल पाता और मैं सोच रहा था कि मुझे अपने लिए भी समय निकालना चाहिए क्योंकि उसी के बाद मैं कुछ अच्छा कर पाऊंगा। अब मैं अपना थोड़ा समय अपने लिए निकालने लगा और मैं इंटरनेट पर कुछ ना कुछ न नई चीजें देखता रहता था, जिससे कि मुझे नए-नए आईडिया मिलते रहते थे क्योंकि मुझे अपना ही कपड़ों का एक बड़ा ब्रांड बनाना था, इसी वजह से मैंने अब अपना छोटा सा काम भी शुरू कर दिया।

मैं जैसे ही अपने ऑफिस से आता उसके तुरंत बाद मैं अपने काम में लग जाया करता था अब मैंने अपनी खुद की शर्ट निकालनी शुरू कर दी जिससे कि मुझे बहुत अच्छी डिमांड मिलने लगी। मेरा काम अब धीरे-धीरे बढ़ने लगा था और मैंने उसके तुरंत बाद ही नौकरी छोड़ दी क्योकि मेरा काम ठीक-ठाक चल रहा था। मैंने जो जगह किराए पर ली थी उसका किराया मैं समय पर भर दिया करता था तो मुझे भी अच्छा लगता था। मुझे इस बात की बहुत खुशी हो रही थी कि मेरा काम अब अच्छे से चलने लगा है। मेरे माता-पिता भी मुझसे बहुत खुश है और कहने लगे कि तुमने अपने जीवन में जो फैसला लिया था तुम उस पर ही अड़े रहे इस वजह से तुम्हें सफलता मिल पा रही है। मेरे माता-पिता मेरी ज्यादा मदद तो नहीं कर पाए परंतु वह मुझे हमेशा ही मानसिक तौर पर बहुत ज्यादा सपोर्ट किया करते थे और मैं जब भी कोई बात कहता था तो वह मुझे कहते कि तुम यह काम जरूर कर लोगे, इसी वजह से मैं अब अपनी शर्टो के डिमांड को बढ़ाता चला गया और मैं चाहता था कि मेरी शर्ट की डिमांड और ज्यादा बढ़ने लगे लेकिन मुझे कोई भी ऐसा नहीं मिल पा रहा था जो कि मेरे साथ काम कर पाये और इस डिमांड को और बढ़ा सके इसीलिए मैं सोचने लगा मुझे किसी को अपने साथ रखना ही चाहिए जो कि मेरे काम में मन लगा कर काम कर सके और मेरे बिजनेस को और ज्यादा बढ़ा पाये लेकिन मुझे कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिल पा रहा था।

मैं किसी को भी अपने साथ नौकरी पर नहीं रखना चाहता था क्योंकि यदि कोई मेरे साथ नौकरी पर काम करता तो शायद अच्छे से काम नहीं कर पाता इसीलिए मैं किसी को भी अपने साथ नहीं रखना चाहता था। एक दिन हमारे पड़ोस में एक लड़की आई वह मुंबई की रहने वाली थी। मुझे उसका नाम पता नहीं था। मैंने उसके बारे में किसी से भी नहीं पूछा। एक दिन जब मैं अपने घर वापस लौट रहा था तो वह कहीं जा रही थी, मैंने उसे रोकते हुए उसका नाम पूछ लिया, पहले वह अपना नाम बताने में झिझक रही थी लेकिन बाद में उसने मुझे अपना नाम बता दिया उसका नाम मालती है। मैंने जब उसे अपना परिचय दिया तो वो कहने लगी की आप मुझे अपना विजिटिंग कार्ड दे दीजिये मैं आपसे जरूर मिलूंगी। मैंने जब उसे विजिटिंग कार्ड दिया तो वह चली गई और उसने मुझे एक दिन फोन करते हुए कहा कि क्या मैं आपसे मिल सकती हूं, मैंने उसे अपने ऑफिस का एड्रेस दे दिया और वह मुझे मिलने मेरे ऑफिस में आई। जब वह मुझसे मिलने मेरे ऑफिस में आए तो मैंने उसे अपने शर्ट के कुछ सैंपल दिखाए और उसे कहा कि मुझे अपने काम को और अच्छे से बढ़ाना है यदि कोई व्यक्ति मेरे साथ काम कर सके तो मुझे बहुत ही अच्छा लगेगा। मैंने उसे अपने काम की सारी जानकारी समझा दी, उसके बाद जब उसे पूरा काम समझ आ गया तो वो कहने लगी कि मैं आपके साथ ही यह काम करना चाहती हूं क्योंकि मैं भी कुछ ऐसा ही सोच रही थी जिससे कि मुझे अपना काम शुरू करने में मदद मिल सकती है।

वह मुझे कहने लगी कि मुझे भी लड़कियों के कुछ कपड़े बनाने है जिससे कि मुझे आपसे मदद मिल पाएगी और मैं आपकी शर्ट का भी प्रचार प्रसार करवा दूंगी। अब वह मेरे साथ ही जुड़ कर काम करने लगी और उसने मुझे एक बहुत बड़ा ऑर्डर दिलवा दिया। जब वह ऑर्डर मुझे मिला तो मैंने उसे पूरा करवा दिया। मैंने उसके बदले उसे कुछ पैसे भी दिए। पहले वह मना कर रही थी लेकिन उसके बाद उसने वह पैसे पकड़ लिये। अब हम दोनों ही साथ में काम कर रहे थे और मैं भी उसकी मदद कर दिया करता था। मैंने भी उसकी पूरी मदद की और अब उसने भी अपने लेडीस टॉप का काम शुरू कर दिया था। वह खुद ही डिजाइन करती थी और नए नए तरीके के टॉप बनाती थी क्योंकि मेरे पास पूरा सेटअप था इसलिए उसे कहीं भी बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही थी। मैंने अपने यहां पर कुछ लोग सिलाई के लिए रखे हुए थे जो लोग मेरी शर्ट का काम करते थे वही लोग अब मालती के लिए उसके टॉप की सिलाई करते थे। उसका काम भी बहुत अच्छे से चलने लगा था और वह भी बहुत खुश हो रही थी और मुझे कहने लगी कि तुम्हारी वजह से ही मेरा काम इतना बढा है, मैंने उसे कहा कि तुम्हारी वजह से भी मुझे कई आर्डर मिले हैं इसमें तुम्हारी ही पूरी मेहनत है। अब उसका काम भी बहुत अच्छे से चलने लगा था। वह बहुत ही खुश थी और मैं भी कहीं ना कहीं अंदर से बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि उसकी वजह से मुझे बहुत ही ऑर्डर मिलने लगे थे। मालती मुझे हमेशा कहती थी कि तुम एक बहुत ही मेहनती व्यक्ति हो, मैंने जब उसे अपने बारे में बताया कि मैंने शुरुआत में नौकरी की और उसके बाद यह काम शुरू करने में मुझे काफी समय लग गया लेकिन अब मेरा काम अच्छे से चलने लगा है।

हम दोनों ऐसे ही काम करते गये और अब हमारा काम बहुत ही अच्छे से जम चुका था। मुझे मालती ने कई बड़े ऑर्डर दिलाये और अब मैं उसके लिए मार्केटिंग भी करने लगा। मैं भी उसके टॉप का प्रचार-प्रसार करता रहा। उसके बाद अब हमने अपना काम बढ़ाने की सोची और अब हम दोनों ने ही अपना काम बढ़ा लिया। हमारा काम अच्छे से चलने लगा, हमें ऑर्डर भी बहुत सारे मिलने लगे थे। मुझे इतने सारे ऑर्डर मिलने लगे की मैं उसकी डिमांड को पूरा भी नहीं कर पा रहा था, जिसकी वजह से मुझे अब एक बडी जगह लेनी पड़ी और मालती के पास भी बहुत बडे ऑर्डर आने लगे थे, जिस वजह से हमने अब एक बड़ी जगह ले ली थी और हम लोग शहर के बाहर भी सप्लाई करने लगे। पहले हम लोग अपने शहर में ही सप्लाई किया करते थे लेकिन अब हमने बाहर भी सप्लाई करना शुरू कर दिया और हमने एक मार्केटिंग की टीम भी रख ली थी जो कि हमें बहुत ही ज्यादा डिमांड दिलवाया करते थे। अब हम दोनों के बीच में भी काम करते करते हैं बहुत अच्छी दोस्ती होने लगी थी और मुझे कहीं ना कहीं मालती के साथ काम करना भी अच्छा लगता था और उसे भी मेरे साथ काम करना बहुत अच्छा लगता था। मालती और मैं ऑफिस में बैठकर नई नई प्लानिंग करते रहते थे किस प्रकार से बिजनेस को और ऊपर उठा सकते है। वह बिजनेस के मामले में बहुत ही ज्यादा एक्टिव थी हम लोग बैठकर बातें करते रहते थे लेकिन एक दिन उसने कुछ ज्यादा ही बड़े गले का सूट पहना हुआ था। जैसे ही उसके हाथ से पैन छुटा तो वह पैन उठाने के लिए झुकी और उसके बड़े बड़े स्तन मुझे दिखाई दे गए। जब उसके स्तन मुझे दिखाई दे रहे थे तो मेरे अंदर की उत्तेजना भी बढ़ने लगी। मैंने जैसे ही उसके सूट के गले के अंदर से उसके स्तनों को दबाया तो वह पूरे मूड में आ गई उसने तुरंत ही मेरे पैंट से लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह के अंदर ले लिया। वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूसने लगी उसने मेरे लंड को इतने अच्छे से चूसा की मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया और मैंने भी उसे नंगा कर दिया। जब मैंने उसे नंगा किया तो उसका बदन बड़ा ही मुलायम और गोरा था मैंने उसके पूरे शरीर को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटा।

जिसके बाद उसकी उत्तेजना पूरी चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी और वह मेरे लंड को हिलाने लगी मैंने भी उसे लेटाते हुए उसकी योनि को चाटा। उसकी योनि के अंदर जैसे ही मैंने अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी और मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया। मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के मारे जिससे कि उसे बड़ा मजा आ रहा था मैंने काफी देर तक उसे ऐसे ही चोदा लेकिन अब मैंने उसे 69 पोज मे बना दिया मैं उसकी योनि को चाटता और वह मेरे लंड को अपने गले तक ले रही थी। मुझे काफी मजा आ रहा था जब वह मेरे लंड को चूस रही थी और मै उसकी योनि को चाट रहा था। उससे भी बिल्कुल नहीं रहा जा रहा था और मुझसे भी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रहा था। हम दोनों ने दोबारा से सेक्स शुरू कर दिया मैंने उसे घोड़ी बनाते हुए चोदना शुरू कर दिया। मैंने उसे इतनी तेजी से झटके दिए कि उसका पूरा शरीर हिलने लगा और वह कहने लगी कि तुम तो मुझे बड़े ही अच्छे से चोद रहे हो। मैंने उसे इतनी तीव्रता से झटके मारे कि उसका पूरा शरीर दर्द होने लगा और वह अपनी चूतड़ों को मुझसे  मिलाने लगी। उसने काफी देर तक ऐसे ही किया और उसके बाद मेरे अंदर से मेरा वीर्य निकलने वाला था मैंने तुरंत ही अपने लंड को बाहर निकालते हुए मालती के मुंह के अंदर डाल दिया। उसने बहुत देर तक मेरे लंड को चूसने के बाद मेरा वीर्य जैसे ही उसके मुंह में गया तो वह बहुत खुश हो गई उसने मेरे माल को अपने अंदर ही समा लिया। उसे बहुत अच्छा लगा मुझे भी कहीं ना कहीं मालती के साथ सेक्स करते हुए बड़ा ही मजा आया और मैं अंदर ही अंदर से बहुत खुश था।

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