Best Hindi sex stories

Sab se achi Indian Hindi sex kahaniya!

मेरी कामुक बीवी बनी प्राइवेट रण्डी-2

kamuk aurat अब फोन रखने के बाद मै अपनि बिवीके ऊपर टूट पड़ा और ऊसके मखमली बुरमे उंगली पेलते हुवे बिस्तर पे लेटाकर ऊसके मस्त चुंचिको अपने मुंहमे लेकर चुसने लगा. वो अपने चुंचिको मेरे मुहमे ठेलकर चुस्वाने लगी. मै कभी उसकी दांयी तो कभी बांयी चुचिको चुस रहा था. एक चुंचिको चूसते वक्त मै ऊसकि दुसरी चुंचिको बड़े बेरहमिसे मसलते जारहा था. वो लगातार मेरे लंड पर अपना हाथ घुमाकर उसे सहला रही थी. हम दोनोकी मस्ती हर पल बढती जारही थी.
अब मैं उठकर घुटनेके बल बैठते हुवे उसे चित लेटा दिया और थोड़ी देर तक ऊसके चुंचियोंका लुत्फ़ उठानेके बाद ऊसके पेट और पेंडूको चुमने लगा. मेरे हाथ रेणुके पुरे बदनको सह्लानेमे मशगुल थे. मैंने अपना हाथ ऊसके पेट पर फेरते फेरते अपनी उंगलीसे उस्के गहरी नाभिको कुरेदने लगा. फिर मैंने अपना जिभ लगाकर कुछ देर तक उसके नाभिको चाटा फिर उसके चिकनी मांसल जांघोंको सहलाने और चुमने लगा. बिच बिचमे मै रेणुकि बुरको भी सहलाते जरह था और कभी अभी ऊसके बुरमे उंगली भी पेल देता था. उसकी बुर गरमाकर पानी छोड़ने लगी थी. वह अपने बदनको ऐंठने लगी और बुर उठा उठा मचलने लगी थी.
अब मैंने अपना पुरा ध्यान ऊसके बुरपे केन्द्रित करके उसके बुरको सहलाने और चुमने लगा. फिर मैने अपने उँगलियोंसे उसकी बुरको फैलाया. बुरकि छेद गुलाबी थी जिससे लगातार पानी रिस रहा था. मैं कुछ देर तक ऊसके बुरको निहारता रहा फिर अपना मुंह उसपे लगाकर ऊसके बुरका पानी चाटने लगा. मै जोर जोरसे अपना जिभ रेणुके बुरमे डालकर उसका बुर चाटने लगा. वह गांड उठा उठाकर अपनी बुर चटवा रही थी.
फिर मैंने उसे घोड़ी बनाकर ऊसके चूतडोंको मसलने लगा. मेरे उंगली पिछेसे ऊसके बुरमे घूम रहे थे. पिछेसे चौंडा करके मै उसके बुरमे उंगली अन्दर बाहर करने लगा. ऊसके बुरसे लगातार पानी बह रहा था. अब मैंने अपना जिभ उसके बुरपे लगाकर उसे चाटना सुरु कर दिया. वह अपना गांड पुरे ताक़तसे मेरे मुंह पर दबाने लगी. बुरको जीभसे चाटते चाटते मै उसकी गांडके छेदमे अपना एक उंगली डालके अन्दर बाहर करने लगा. इसी तरह थोड़ी देर तक उसके बुरको चाटते हुवे अपनी उंगलीसे उसकी गांड चोदता रहा. फिर मैंने अपना जिभ उसके गांड पर लाकर उसके गांडको अपने जीभसे चाटना शुरू कर दिया. वह बड़ी मस्त होकर अपना गांड चटवा रही थी. कुछ देर तक ऐसे हिं गांड चाटनेके बाद मैंने अपने एक उंगलीको उसके गांडके अन्दर बाहर करते हुवे दुसरी हाथकी उंगलीको बुरमे पेल दिया. पहले मै उसके बुरमे एक फिर दो और अब एक साथ तिन उंगली पेल रहा था. इसी तरह कभी एक कभी दो और कभी तिन उँगलियोंसे अपने बिवीके बुरको चोदते चोदते मैंने अपनी चौथी उंगली भी एक साथ ऊसके बुरके अन्दर बाहर करने लगा. वह बड़े मस्त होकर अपनी बुरमे एक साथ चार चार उंगलियोंको डलवाकर मज़े करती रही. यूँही उंगलियोंसे चोदवाते चोदवाते उसकी बुरने पानी उगल दिया, वह खल्लाश होगयी.

खल्लास होनेके बाद मेरी पत्नि रेणु मेरे सिनेसे चिपक कर मुझे चुमने लगी और मै उसकी चुंचिया मसलता रहा. थोड़ी देरमे वो नार्मल हुई तो उठ कर मेरे बगलमे बैठ गई. मै लेटा रहा. वह मेरे खड़े लंडको सहलाने लगी. मेरा लंड उत्तेजनासे लपलपा रहा था. मेरे लंडको पकडे हुवेही वह झुक कर अपनी होंठ मेरे होंठों पर रखकर एक लम्बी चुम्बन लि और अपना जिभ मेरे मुंहमे ठेल्ने लगी. मै थोडासा अपना मुंह खोलके ऊसके जीभको अन्दर जानेका रास्ता बना दिया. अब वह अपनी जिभ मेरे मुंहमे ठेलकर अन्दर घुमाने लगी मानोकी अपने जीभसे मेरा मुंह चोद रही हो. थोड़ी देरमे मै अपना जिभ ऊसके जिभ पर रगड़ने लगा और फिर उसे चुसने लगा. अब कभी मै उसका तो कभी वह मेरा जिभ चुसने लगे. मै उसकि बलोंको सह्लाता तो उसकी चुन्चियोंको मसलने लगा.

कुछ देर बाद वह मेरे छातिको चुमने लगी. अब वह मेरे निप्प्लको चाटने और चुसने लगी. इससे मै बहुत तावमे आगया और उसे पछाड़कर ऊसके सरको हांथोंसे थोडा उठाकर ऊसके मुंहमे अपना लंड पेल दिया. वह मेरे लंडको चुसने लगी. बिच बिचमे मै अपना कमर हिलाहिलाकर अपने लंडसे उसका मुंह चोदने लगा. उसने मुझे लेटनेका इशारा किया, मै लेट गया. मेरे बगलमे बैठकर वो मेरा लंड चुसने लगी. रेणु मेरा लंड जड़ तक अपने मुहमे लेती, मेरा लंड ऊसके गले तक पहुंच जाता, फिर बाहर निकल कर जीभसे चाटती. मुझे बहुत मज़ा आरहा था जब वह मेरे लंडको मुहमे लेने लगती थी तो मै निचेसे अपना लंड ठेल देता था और वो जड़ तक रेणुके मुहमे समा जाता था. मेरा मस्ती हर पल बढ़ता जारहा था.
मैंने उसे बिस्तर पर पटक कर ऊसके जांघोंको फैला कर उनके बिच बैठ अपना लंड ऊसके बुरपे सटाया और पुरे ताकातसे हुमच कर ऐसा जोरदार धक्का मारा कि एकही धक्केमे पुरा लंड जड़ तक बुरमे समा गया.
वह जोरसे चिल्लाई, ‘उई मा मर गई’
मै बोला, ‘भोसड़ी तु क्या मरेगी हरामजादी, तेरे भोसडामे घोडेका लंडभि पुरा चला जाए तो भि तेरा भोसडा सह लेगी.’
रेणु, ‘अबे वो पेलु जल्दी जल्बी पेलना शुरू कर भंडूवे.’
मै, ‘ले रण्डी.’ कहते हुवे अपना लंड गचागच पेलना शुरू कर दिया.
रेणु, ‘पेल मेरे राजा … चोद … और चोद्द्द्दद्द्द्द … ऊऊऊऊईईईईइमा ,,,, हाय्यय्यय्य्य मेरी बुर’
मै, ‘ले रण्डी और ले, ले मेरा पुरा लंड अपने चुत मे. ओय भोंस्सस्ससड़ीईईईईईई तेरा बुर एकदम भोंस्डा हो गया है रे भोंस्डा.’ मै अपना लंड दनादन पेले जारहा था. वो बिना किसी रुकावटके सटासट भोंसड़ीके बुरमे आ जा रहा था.
रेणुके बुरको मै घचर घचर चोद रहा था. उसके बुरसे निकलती फचर फचर कि और उसके मुहसे निकलती सिस्कर्योंकी आवाज़से माहौल हर पल और मादक होता जारहा था. मै उसके बुरपे दनादन ठाप पे ठाप मारे जारहा था. वह मेरे हर ठापका जवाब कमर उछाल उछालके देरही थी. मेरा लंड सटासट अन्दर बाहर होरहा था. मेरे हर धक्के पर उसकी चुंचियां थलथल करते हुवे हिचकोले भर रहे थे. पलंगसे चरचरकि आवाज़ निकल रही थी. मै पुरे जोशके साथ उसको चोद रहा था. वह गांड हिलाहिलाकर उछालउछलकर अपने बुरमे लंड लेरही थी. उसकी चुदियोंकी खनखन और पयालकी छनछनकि आवाज़ मस्तिको और बढ़ा रहे थे.
अब उसने मुझे लेटनेको कहा. मै लेट गया. वह मेरे ऊपर चढ़ कर अपनी चुत मेरे लंड पर रखकर बैठ गई और उछल उछलकर खुद चुदने लगी. मै निचेसे कमर हिलाहिलाकर उसे चुदनेमे सहयोग करने लगा. उसकी चुंचियां कुद रहे थे और चुत चुद रही थी. वह मेरे लंडपे बड़ी तेजिके साथ झटका मार रही थी. अब दोनो एक साथ झड़कर शांत हुवे और एक दुसरेसे अलग होकर सो गए. हम इतना थक गए थे कि हम दोनोकि आँख लग गई.
फोनके रिंगसे हमारी आँख खुली. देखातो मनुका कॉल था. रेणुने कॉल रिसीव किया तो उसने बतायाकि कल शामके ट्रेनमे मनोजको रिजर्वेशन मिल गया है, वह परसों सुबह यहां पहुच जाएगा. उसने हमारा घर नही देखा है इसलिए पता पूछ रहा था. रेणुने कह दियाकि हम दोनो या हममेसे कोई एक जाकर उसे रिसीव कर लेंगे, तुम बिलकुल चिन्ता मत करो.
वह यहांके एक पाच तारा होटेलमे इंटर्नशिपके लिए आरहा है. वह होटल मैनेजमेंटका स्टूडेंट है. वह छे हप्तेके लिए आरहा है.
ऊसके बाद हम उसे रिसीव करने और ऊसके बादके सेटिंगके बारेमे बात करने लगे. तय हुआ कि उसपे अपना पहला इम्प्रैशन डालनेके हिसाबसे उसे रिसीव करने रेणु जाएगी. ऊसके ठहरनेका कमरा तय करनेमे हमने ऐसा प्लान बनया कि ऊसके हरकतोंको हममेसे जोभी चाहे आसानीसे देख सके परन्तु उसे पताभी नचले. सभी बातों पर अच्छी तरह सोंच बिचार करनेके बाद हमने सारे डिसीजन कर लिए और तैयारिमे जुट गये.
घरकी तैयारीके बाद अगले रोज शामके वक़्त रेणु और मै मार्किट गए. जरुरतके अन्य समानके साथ रेणुके लिए दो दो आकार्सक और बहुतही सेक्सी ब्रा और पैंटी तथा एक झिनिसी पारदर्सक नाईटी खरीदा. मर्केटसे लौटते समय रेणु बोली तुम चलो मै थोड़ी देर बाद आजाउंगी. मै कुछ नासमझते हुवे पुछा क्या प्रोग्राम है, मैडमका? तब उसने बतायाकि कुछ नही मै पार्लर जाकर आती हूँ. सामानोंके साथ मै घर चला आया और वह पार्लर. मेरे घर पहुंचनेके करीब दो घंटे बाद पुरे सजधजकर आई तो मै उसे बस देखताही रह गया. वह ऐसे बनठनकर आई थी कि कहर ढारही थी. ‘वो तो कल आनेवाला है और तु अभिसेही सजधज कर तैयार हो. उसे हलालही कर डालनेका इरादा है क्या?’ कहते हुवे मैंने उसे अपनी बाहोंमे भरके छातिसे लगाते हुवे चुम लिया.

‘वह कल सुबह ८ बजेही आजायेगा और इतना सवेरे पारलर तो खुलेगा नही, हेयर कट और कुछ फालतुके बाल साफ करवाना था सो आजही चली गई.’
कहां कहांके बाल साफ करवाना था जरा हमभीतो देखें.
भवें, फेस, बगल, बांहें और …
उसने बात अधुरी छोड़दी तो मैंने कहा, ‘और ..’
वह थोडा शरमाते हुवे बोली, ‘टांगे और चुत.’
मै हैरान रह गया और पुछा, ‘ये पार्लरवाले झांटभि साफ करते हैं?’
‘एक पार्लर है जंहा बहुतही अच्छी तरह करते हैं. एक बार साफ करवानेके बाद बहुत दिनों तक दुबारा नही निकल्ता. वो कोई बिदेसी लोशन यूज़ करते हैं, लेकिन काफी महंगा है और उस कामका एकही एक्सपर्ट है और …’
फिर और क्या? क्या बात है? घुमा फिराकर बात क्यों कर रहिहो, साफ साफ क्यों नहि बोलती?
बताती हूं सोंच रही थी कहीं तुम कुछ और न सोंचलो. प्राइवेट बालोंको साफ करनेवाला एक मर्द है.
मै अवाक रह गया. मेरा मुंह खुला का खुला ही रह गया. मै सोंचने लगा ये औरतें कितनी बेशर्म हो गयीं हैं? फैशनके नाम पर पराये मर्द्के सामने कैसे चुत उघाड़ देतीं हैं.
मैंने उसे गाली बकते हुवे कहा, ‘ साली छिनाल मैंने मनोजके साथ सोनेका परमिशन क्या देदिया तु रण्डीयोंकि तरह बाजारमे अनजान मरदोंके सामने चुत पसारने लगी, तुझे जरासा भी शरम नही आया. अब पुरी बात बता उसने कैसे कैसे और क्या क्या किया तेरे साथ.’
वह मेरे गुस्सेसे सहमते हुवे बोली, ‘पहले वादा करो तुम और नाराज नही होगे और मुझपे गुस्सा नही निकालोगे तो मै सारी बातें बिलकुल संच संच बताती हूँ.’
‘चल अब बताओ क्या क्या कैसे किया उसने.’
वह डरते डरते रुक रुक कर कहने लगी, ‘मै मनोजके लिए बहुत रोमांचित हो रही थी. तुमने ऊसके बारेमे प्लानिंग और एक्सनमे अब तक मेरा जिस तरह सपोर्ट कर रहेहो और मेरा हौसला बढानेके साथ साथ खुद भी रोमांचित होरहे हो इसे देखते हुवे मैंने सोंचाकि क्योंन कुछ और तैयारी करलूँकि मनोज एक बार मेरा चुत देखनेके बाद पुरी तरहसे मेरा दीवाना बन जाए और मुझे चोदनेके लिए पागल होजाए. बस यहि सोंचकर मै ये सब कर आईकि उसे मेरे ऊपर लट्टू होते और चोदनेके लिए मुझ पर डोरे डालते देखकर तुम खुद कितना रोमांच महशुश करोगे और नखरे दिखती हुई जब धीरे धीरे उसे अपने तरफसे हरी झंडी दिखाउंगी तब तुम्हे कितना मज़ा आएगा.’
थोड़ी देर रुककर मेरे चेहरेके तरफ गौरसे देखने लगी, सायद मेरा फीलिंग मेरे चेहरेपे पढनेका कोशिस कररही थी. फिर वो बताने लगी, ‘मैंने सोंचा था की कुछ ऐसा कुरुन्गीके मनोज मुझे चोदनेके लिए पागल होकर मेरे आगे गिडगिडाने लगे. मेरा प्लान थाकी उसे लाने जाते वक़्त मै पुरी तरह सजधजकर जाऊँ ताकि वो फर्स्ट लुकमेही ऐसा आकर्षित हो कि मुझे चाहने लगे. अपने बयव्हार और अदाओंसे मै उसे खुद आगे बढनेके लिए मजबुर कर दूँ. मेरा प्लान है कि कल मै हमारे आजके खरीदे हुवे सेटमेसे एक ब्रा और पैंटी पह्नु. मैंने सोंच लिया है कि कल मै कोई पारदर्शी साड़ी और ब्लाउज पह्नु ताकि कमरसे काफी निचे बंधे हुवे साड़ी और छोटे लम्बाइके ब्लाउजके बिच पारदर्शी साड़ीके पीछे मेरे मुलायम पेट, पेंडू और गहरे नाभि स्टेशन परही उसे दिखा दूँ. मैंने सोंचा है के कल मै जो ब्लाउज पहनकर जाऊँ उसकी लम्बाई काफी छोटा, गला आगे और पीछे दोनो तरफसे इतना बड़ा और चौड़ा हो कि पिछेसे मेरा पुरा पीठ नंगासा लगे और आगेके तरफ मेरे चुंचियोंका कुछ हिस्साभि ब्लाउजके बाहर दीखता रहे. ब्लाउजका कपडा इतना पारदर्शी होकि उसके अन्दरके ब्राका स्टिच तक साफ साफ दीखता रहे. उसे सामान उठानेमे मदत्त करनेके बहानेसे झुकते समय उसे मेरे चुन्चियोका आधेसे ज्यादा हिस्सा दिख जाये.’

रुक कर एक लम्बी सांस लेनेके बाद वह फिर बोलने लगी, ‘सोंचा है कि स्टेशनसे लौटते वक्त गाड़ीमे मै उसके इतनि करीब बैठूंकि मेरा शारीर बार बार उसके बदनसे टच होता रहे और रास्ते भर उसे मेरे बदनकी खुशबु मिलती रहे. घर पहुंचकर भी हर उचित मौका देखकर मै उसे अपनी चुंचियोंका दीदार करा कराकर उसे पागल बनाति रहुं और कोई अच्छासा मौका देखकर अपनी साड़ी कुछ इस तरह सरकाउंकि उसे मेरे चिकने जांघ और पैंटी दिख जाए. यहि सोंचकर मैंने पारलरमे पुछ बैठिकी आपके यहां निचेके बालोंके सफाईका फैसिलिटी है.’
उसपर पारलरवाली लडकिने कहाकि मैडम हमतो यह काम नही करते हैं लेकिन एक आदमी है जो बड़े अच्छे ढंगसे यह काम करता है. जरुरत पड़ने पर हम उसे बोलाकर ये काम करवा देते हैं. कहियेतो ट्राई करके देखेंकी अभि वह फ्री है या नही, और हां उसका चार्ज जरा ज्यादाही है.
मैंने बिना कुछ सोंचे सम्झेही ट्राई करनेको कह दिया और संयोगसे वह फ्री था और दश मिनटमे पहुंच जाएगा बताया. मैंने बुला लेनेको कह दिया. वह बिलकुल सही वक्तपे पहुंच गया. पारलरवाली लडकिने मुझे अन्दर कमरेमे जानेको बोली. मै उसके साथ अन्दर चली गई.
कमरेमे पहुंचकर उसने कहा, ‘मैडम अगर आपको एतराज़ नहो और कहेंतो दरवाज़ा बंद करदूं ताकि किसीके आजानेका डर नारहे.’

Best Hindi sex stories © 2017
error: