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मेरे वीर्य की पिचकारी

Antarvasna, desi kahani: मेरी पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद मेरा कैंपस प्लेसमेंट में सिलेक्शन हो गया था जिसके बाद मेरी नौकरी इंदौर की एक अच्छी कंपनी में लग गई थी और मैं इंदौर में ही रहने लगा। मैं नागपुर के एक मिडिल क्लास फैमिली से हूं  मैं अब इंदौर में रहने लगा था। मैं इंदौर में अपने एक कजम भाई के साथ ही रहता था मैं अपने भाई के साथ काफी समय तक रहा। कुछ समय बाद मैं अलग रहने लगा था। मुझे इंदौर में एक वर्ष हो चुका था मैं काफी लोगों को पहचानने में लगा था। मैं जिस कॉलोनी में रहता हूं उसी कॉलोनी में एक दिन मुझे एक लड़की दिखी। यह पहली बार ही था जब मैंने उस लड़की को अपनी कॉलोनी में देखा था इससे पहले मैंने कभी भी उस लड़की को कॉलोनी में नहीं देखा था। उस दिन जब मैंने उस लड़की को कॉलोनी में देखा तो मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगा।

मैं उसके बाद उसे अक्सर कॉलोनी में देखा करता लेकिन मैं उस से अभी बात नहीं कर पाया था परंतु एक दिन मुझे लगा मुझे उससे बात करनी चाहिए। मैंने सोचा क्यों ना आज मैं उस लड़की से बात करू। मुझे अभी तक उसका नाम तक नहीं पता था लेकिन जब पहली बार मैंने कविता से बात की मुझे कविता से बात कर के अच्छा लगा। कविता मुंबई की रहने वाली है वह इंदौर में जॉब करती है। अब कविता और मेरी बात होने लगी थी हम दोनों एक दूसरे को अक्सर मिलने लगे थे। मैं जब भी कविता को मिलता तो मुझे अच्छा लगता मुझे कविता से बात करना अच्छा लगता था। मेरी और कविता की काफी अच्छी बनती थी। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से समझते थे।

हम दोनों अब एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने लगे थे। मैं और कविता एक दूसरे के बहुत ज्यादा नजदीक आते चले गए थे। मैं कविता को बहुत ज्यादा प्यार करने लगा था और कहीं ना कहीं कविता भी मुझे प्यार करने लगी थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे के बिना रह नहीं पाते थे। यही वजह थी मैंने कविता से अपने प्यार का इजहार कर दिया था। जब मैंने कविता से अपने प्यार का इजहार किया तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा और कहीं ना कहीं कविता भी बहुत ज्यादा खुश थी वह मुझसे प्यार करने लगी थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत अच्छा समय बिताने लगे थे मुझे नहीं पता था हम दोनों के प्यार को किसी की नजर लग जाएगी।

कविता मेरी जिंदगी से अब धीरे धीरे दूर होने लगी थी हम दोनों का रिलेशन 6 महीने तक ही चल पाया था और उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे। कविता मुझसे मिलती नहीं थी और ना ही मैं कविता से मिलता था। हम दोनों एक दूसरे से काफी दूर हो चुके थे यही वजह थी  मैं अपनी जिंदगी में काफी ज्यादा परेशान रहने लगा था लेकिन धीरे धीरे सब कुछ ठीक भी होने लगा था। कविता मेरी जिंदगी से दूर हो चुकी थी परंतु एक दिन जब मुझे रोहन ने अपनी पार्टी में इनवाइट किया तो उस दिन मैं अदिति से मिला। अदिति बहुत ही अच्छी है वह बड़ी ही बिंदास है जिस वजह से मुझे अदिति बहुत ही पसंद थी और कहीं ना कहीं हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझने में लगे थे। यही वजह थी अदिति और मैं एक दूसरे से मिलने लगे थे।

हम दोनों जब भी एक दूसरे को मिलते हम दोनों को अच्छा लगने लगा था। कहीं ना कहीं अदिति और मैं एक दूसरे के बहुत ही ज्यादा नजदीक आने लगे थे हालांकि मैंने अपने और कविता के बारे में अदिति को सब कुछ बता दिया था लेकिन अदिति को इससे कोई भी प्रॉब्लम नहीं थी। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ही ज्यादा प्यार करने लगे थे हम दोनों एक दूसरे को जब भी मिलता हम दोनों को अच्छा लगता। एक दिन मैं अदिति के साथ बैठा हुआ था हम दोनों  उस दिन चाहते थे हम दोनों डिनर करने के लिए कहीं साथ में जाएं। उस दिन हम दोनों डिनर करने के लिए गए। उस दिन मैंने अदिति को गिफ्ट दिया तो अदिति भी बड़ी खुश थी। अदिति भी मुझसे बहुत प्यार करती है। हम दोनों ने उस दिन बहुत ही अच्छा समय साथ में बिताया मैंने अदिति को उसके घर पर छोड़ दिया था। अदिति मुझे बहुत ही अच्छे से समझती है और मेरे लिए यह बड़ी खुशी की बात है अदिति और मेरी जिंदगी अच्छे से चल रही थी। मेरी जिंदगी में अदिति के आने से खुशियां वापस लौट आई थी और कहीं ना कहीं अदिति के मेरी जिंदगी में आने से वह भी बहुत खुश थी।

मेरे और अदिति के बीच में बहुत प्यार है हम दोनों चाहते थे अब हम दोनों साथ में अपना जीवन बिताएं। हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था हमारे परिवार को इस से कोई भी ऐतराज नहीं था सब लोग इस बात से बड़े खुश थे। जब अदिति और मैंने शादी करने का फैसला किया अदिति के परिवार वालों को भी इससे कोई एतराज नहीं था सब लोग हम दोनों की शादी के लिए मान चुके थे। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था। हम दोनों ने एक दूसरे से शादी कर ली हम दोनों की शादी हो जाने के बाद हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे। मेरी जिंदगी बहुत ही अच्छे से चलने लगी थी अदिति मुझे बहुत ही अच्छे से समझती है जिससे कि मेरे जीवन में सब कुछ अच्छे से चलने लगा था। एक दिन अदिति ने मुझे कहा मुझे कुछ दिनों के लिए पापा मम्मी से मिलने के लिए जाना है। मैंने अदिति से कहा ठीक है अगर तुम्हें पापा मम्मी से मिलने के लिए जाना है तो तुम चली जाओ। उस दिन अदिति पापा मम्मी से मिलने के लिए चली गई। जब अदिति पापा मम्मी से मिलने के लिए गई तो मैं घर पर अकेला ही था लेकिन मुझे अदिति की बड़ी याद आ रही थी।

मैंने अदिति को फोन किया और अदिति से कहा मैं तुम्हें बहुत ज्यादा मिस कर रहा हूं। अदिति बड़ी खुश थी जिस तरीके से हम दोनों ने उस दिन फोन पर काफी देर तक बातें की अब मैंने फोन रख दिया था। अदिति और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश थे हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही थी। अदिति कुछ दिनों बाद अपने मायके से वापस लौट आई थी हम दोनों ने कुछ दिनों के लिए घूमने का प्लान बनाया। हम दोनों घूमने के लिए लोनावला जाना चाहते थे और हम दोनों ने लोनावाला जाने का फैसला किया। हम दोनों कुछ दिनों के लिए लोनावला चले गए। जब मैं और अदिति लोनावला गए थे हम दोनों वहां पर एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिता रहे थे। हम दोनों ने बड़ा ही अच्छे से इंजॉय किया हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाना चाहते थे। हम दोनों ने जब एक दूसरे के होंठों को चूमना शुरू किया हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी और अदिति भी पूरी तरीके से गर्म होती चली गई थी। मैं अदिति के होठों को चूम रहा था अदिति मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। अदिति और मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे मैंने अदिति के होंठो से खून भी निकाल दिया था।

अदिति ने भी तुरंत मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया और वह मेरे लंड को हिलाने लगी। वह जिस तरीके से मेरे लंड को हिला रही थी उससे मैं पूरी तरीके से गर्म होता जा रहा था और वह भी बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी। जब अदिति ने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया तो वह तड़पने लगी। उसने अपने सारे कपड़े उतार कर मुझे कहा तुम मेरी चूत जल्दी से मारो। मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरु किया और उसके स्तनों को चूस कर मैं उसकी गर्मी को बढाए जा रहा था।

जब मैं ऐसा कर रहा था तो वह काफी ज्यादा खुश थी। मैंने अदिति के स्तनों को बहुत देर तक चूसा। जब मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ को लगाया तो उसकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा था। उसकी योनि से काफी ज्यादा पानी बाहर निकल रहा था। मैंने जैसे ही अदिति की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्लाई और कहने लगी मेरी योनि में दर्द हो रहा है। अब हम दोनों को बहुत ही अच्छा लग रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे का साथ दे रहे थे।

मैंने अदिति की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया था। वह बहुत जोर से सिसकारियां लेकर मेरी गर्मी को बढ़ाती जा रही थी। वह मुझे कहती मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अब हम दोनों इतने ज्यादा गरम हो चुके थे कि हम दोनों एक दूसरे का साथ बिल्कुल भी नहीं दे पा रहे थे। मैंने अदिति से कहा मैं तुम्हारी चूत में अपने वीर्य को गिराने वाला हूं। वह अपने पैरों के बीच में मुझे जकडने लगी हालांकि अदिति भी झड़ चुकी थी लेकिन जैसे ही मैंने अदिति की योनि में अपने वीर्य की पिचकारी को मारा तो वह खुश हो गई और मुझे बोली मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाए उस से हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा था और हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे।

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