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मेरा लंबा मोटा लंड-2

sex stories in hindi फिर करीब दस मिनट लंड को चूसने के बाद मेरा लंड पहले से भी ज्यादा लोहे की तरह कड़क हो गया और अब हम दोनों 69 के आसन में आ गये। अब मैंने भी उसकी चूत को चाटना चूसना शुरू किया और जैसे ही मैंने अपनी गरम जीभ को भाभी की साफ चिकनी गीली चूत पर लगाई तो वो एकदम से सिहर उठी और वो अपने मुँह से अजीब अजीब आवाज़ें निकालने लगी। फिर में करीब दस मिनट तक भाभी की चूत को अपनी जीभ से चाटने के साथ ही चोदता भी रहा और वो बड़े मज़े से मुझसे अपनी चूत की चुदाई करवाती रही। दोस्तों करीब बीस मिनट तक चले इस खेल के दौरान वो दो बार झड़ चुकी थी और उसकी चूत से गरम पानी बह रहा था, जिसकी वजह से भाभी की चूत पूरी तरह से गीली चिपचिपी हो चुकी थी। अब इतना मज़ा लेने के बाद भाभी से बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था और इस वजह से भाभी ने मेरे लंड को पकड़कर खुद की कामुक चूत के मुहं पर रख दिया। अब वो बहुत धीरे से कहने लगी कि मेरे प्यारे देवर जी आज आप अपनी भाभी को बहुत प्यार करो, मुझे अपनी पत्नी बना लो और आज तुम पूरी रात मेरे साथ जमकर प्यार करो, मुझे आज तुम वो सुख मज़ा दो जिसके लिए में इतनी तरस रही हूँ, आज तुम मेरी इस आग को शांत कर दो।

दोस्तों भाभी के मुँह से यह बात सुनकर मुझे जोश आ गया और मैंने एक धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड भाभी की चूत में चला गया और तब मुझे पता चला कि भाभी की चूत बहुत टाइट कसी हुई थी। दोस्तों भाभी की कसी हुई चूत से नहीं लगता था कि वो दो बच्चो की माँ है, वो चूत किसी कुंवारी लड़की की तरह थी। अब मैंने एक बार फिर से धक्का मार दिया और इस बार मेरा करीब पूरा लंड भाभी की चूत में चला गया और भाभी के मुँह से दर्द की वजह से एक हल्की से चीख निकल गयी। फिर मैंने उसी समय भाभी के होंठो पर अपने होंठो को रखकर उसके होंठो को चूमने हुए ही एक और तेज जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से मेरा पूरा का पूरा लंड अब भाभी की चूत में पूरा अंदर तक जा पहुंचा। अब में खुश होकर धनाधन धक्के लगाने लगा था और वो मेरे इस काम तेज गति की चुदाई से खुश होकर मस्ती में ना जाने क्या बड़बड़ा रही थी। फिर मैंने उनको पूछा क्यों भाभी आपको अब मज़ा आ रहा है ना? तब भाभी ने मुझसे कहा कि मुझे अब तुम भाभी मत कहो, मुझे बस नयना कहो क्योंकि आज से में तुम्हारी भाभी सिर्फ़ इस दुनियां को दिखाने के लिए हूँ और असल में तो अब में आज इस चुदाई की वजह से बस तुम्हारी पत्नी बन चुकी हूँ।

अब जब भी तुम्हारी मर्ज़ी हो तुम मुझे चोद सकते हो, मेरी यह पूरी जवानी अब बस सिर्फ़ तुम्हारी ही है। दोस्तों अपनी भाभी के मुहं से यह बात सुनकर मेरे लंड को पहले से ज्यादा जोश आ गया और अब में भाभी को बड़ी तेज रफ़्तार के धक्कों के साथ चोदने लगा था। फिर करीब तीस मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपने लंड को भाभी की चूत से बाहर निकाला और उसको अपने सामने घोड़ी बनाकर मैंने पीछे से उसकी चूत में एक ही तेज झटके में अपना पूरा लंड अंदर डाल दिया। दोस्तों वो इस हमले के लिए तैयार नहीं थी, इसलिए वो दर्द की वजह से चिल्ला उठी और मुझसे कहने लगी प्लीज धीरे करो मेरे सैयाँ, में अब सिर्फ़ तुम्हारी ही हूँ उफ्फ्फ मेरे इस पूरे जिस्म पर अब बस तुम्हारा ही पूरा अधिकार है, हाँ तुम चोदो अपनी इस रानी को ज़ोर से चोदो तुम आज फाड़ दो मेरी इस चूत को ऊह्ह्ह्ह इसने मुझे बहुत परेशान किया है। दोस्तों में उसकी चूत में अपने लंड को दस मिनट तक धक्के मारता रहा और फिर मैंने अब भाभी को उसके पलंग के किनारे लेटा दिया और उस समय भाभी के दोनों पैर ज़मीन पर थे। फिर में उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया और अपने लंड को उसकी चूत में डालकर तेज तेज धक्के देकर चोदने लगा था और वो हर एक धक्के के साथ नीचे से अपने कूल्हों को उठा उठाकर मुझसे अपनी चुदाई के मज़े ले रही थी।

अब वो बड़ी ही अज़ीब सी ऊह्ह्ह ऊओह्ह्ह् हाँ और ज़ोर से आईईई जाने दो पूरा अंदर जैसी आवाज़ें निकाल रही थी। फिर जब एक घंटे की लगातार आसन बदलकर चुदाई करने के बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था उसी समय मैंने उसको कहा कि नयना में अब झड़ने वाला हूँ, बोल मेरी रानी में अपना वीर्य कहाँ निकालूं? फिर उसने मुझसे कहा कि मेरे राजा यह भी कोई पूछने की बात है? एक पति अपना वीर्य अपनी पत्नी की चूत में ही डालता है और तुम भी मेरे पति हो, इसलिए तुम भी डाल दो मेरी चूत में अपने वीर्य को भर दो, आज तुम मेरी चूत को अपने इस वीर्य से में इसको अपनी चूत के अंदर महसूस करना चाहती हूँ। फिर कुछ ही धक्को के बाद मैंने अपना सारा वीर्य अपनी भाभी की चूत में निकाल दिया और में अपने लंड को उसकी चूत की गहराईयों में ही डाले हुए लेटा रहा। दोस्तों हमारी इस घंटे भर की चुदाई में मेरी नयना भाभी करीब चार बार झड़ चुकी थी और उसने मुझसे कहा कि मेरा राजा अब तुम मुझे जब भी मौका मिले ज़रूर ऐसे ही जमकर चोदना, में तुमसे अपनी इस तरह की मस्त चुदाई के लिए हर समय तैयार हूँ। फिर में उसको कहा कि हाँ ज़रूर मेरी नयना रानी तुम्हे चोदने के लिए में भी हर समय तैयार हूँ और अब हम दोनों एक दूसरे को सहलाने लगे और मैंने उसको अपनी बाहों में उठा लिया और उसको लेकर में बाथरूम में चला गया।

फिर वहां पर हम दोनों ने एक दूसरे को पानी डालकर साफ किया और उसी समय मेरा लंड तनकर एक बार फिर से खड़ा हो गया और मैंने नयना को बाथरूम में ही नीचे फर्श पर लेटाकर करीब बीस मिनट चुदाई के मज़े दिए और भाभी ने भी उस खेल में मेरा पूरा साथ दिया उसके बाद हम दोनों वापस ऊपर आ गये और अपने अपने बिस्तर पर सो गये। फिर दूसरे दिन जल्दी सुबह नयना भाभी मुझे उठाने आई और वो मुझसे बहुत प्यार भरे अंदाज में कहने लगी कि कल रात को ज़्यादा मेहनत की इसलिए तुम क्या थक गये हो, इसलिए अभी तक सोए हो? अब मैंने भाभी की तरफ मुस्कुराते हुए उनको कहा कि नहीं मेरी रानी, में इतनी जल्दी थकने वाला नहीं हूँ। फिर हम दोनों नीचे आ गये और नहा-धोकर मैंने चाय नाश्ता किया और उसके बाद में अपनी बुआ के घर पर करीब बीस दिन रुका और इस बीच हम दोनों ने हर रात को सही मौका देखकर करीब दो तीन बार चुदाई के मज़े जरुर लिए, जिसकी वजह से अब मेरी भाभी मुझसे बहुत खुश होकर मेरा पहले से भी ज्यादा ध्यान रखने लगी थी, क्योंकि में उसकी जमकर चुदाई जो करता था और वो मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट होकर बड़ी खुश रहने लगी थी और यह सब मुझे अपनी भाभी के खुले हुए चेहरे से साफ नजर आता था। दोस्तों अब जब भी में राजकोट अपनी बुआ के घर जाता हूँ। में और मेरी हॉट सेक्सी भाभी नयना जरुर चुदाई के मज़े लेते है ।।

धन्यवाद …

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