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मेरा और शिप्रा का प्यार

Hindi sex story, antarvasna: मैं सुबह 7:00 बजे उठा जब मैं सुबह उठा तो मैं अपने हॉल में बैठा हुआ अखबार पड़ने लगा। मां मुझे कहने लगी कि बेटा मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर लाती हूं और मां थोड़ी ही देर में मेरे लिए चाय बना कर ले आई। जब मां ने मेरे लिए चाय बनाई तो मैं चाय पीने के बाद अपने ऑफिस के लिए तैयार होने लगा था। मां मुझे कहने लगी कि बेटा आज तुम अपने ऑफिस जल्दी जा रहे हो तो मैंने मां से कहा कि हां मां मुझे आज अपने ऑफिस जल्दी जाना है। मैं अपने ऑफिस घर से करीब 9:00 बजे के आसपास निकला था। जब मैं अपने ऑफिस के लिए निकला तो उस वक्त मुझे शिप्रा दिखी। शिप्रा हमारी कॉलोनी में ही रहती है और मैं उसे बहुत ज्यादा पसंद करता हूं।

मुझे उस वक्त ऑफिस के लिए देर हो रही थी इसलिए मैं शिप्रा से ज्यादा देर तक बातें ना कर सका और मैं वहां से  अपने ऑफिस चला गया था। मैं अपने ऑफिस चला गया था और उसके बाद जब मैं और शिप्रा शाम के वक्त मिले तो मैंने शिप्रा से बात की। शिप्रा मुझे कहने लगी कि सुबह तुम्हें ऑफिस के लिए देर हो रही थी तो मैंने शिप्रा से कहा कि हां मुझे ऑफिस जल्दी जाना था इसलिए सुबह मैं तुमसे बातें ना कर सका। शिप्रा और मैंने थोड़ी देर बात की और शिप्रा मुझे कहने लगी क्या कल तुम फ्री हो। मैंने शिप्रा से कहा कि हां कल तो मेरे ऑफिस की छुट्टी है और मैं कल घर पर ही हूं। शिप्रा ने मुझे कहा कि क्या कल तुम मेरे साथ चल सकते हो मैंने शिप्रा को कहा कि लेकिन हमें जाना कहां है। शिप्रा ने मुझे कहा कि उसे कल शॉपिंग करनी है और वह मेरे साथ जाना चाहती थी। मैंने शिप्रा को कहा कि ठीक है कल हम लोग चलते हैं।

मैं भी बहुत ज्यादा खुश था कि शिप्रा ने मुझे अपने साथ चलने के लिए कहा। शिप्रा और मैं एक दूसरे से बातें तो करते ही हैं लेकिन हम दोनों के बीच कभी भी प्यार को लेकर बातें हो नहीं पाई थी। जब अगले दिन मैं शिप्रा के साथ गया तो मुझे काफी अच्छा लगा हम दोनों सुबह 10:00 बजे घर से निकल चुके थे। जब हम वापस लौट रहे थे तो शिप्रा मुझे कहने लगी आज मुझे तुम्हारे साथ बहुत ही अच्छा लगा। शिप्रा के चेहरे पर भी खुशी थी और मैं भी काफी खुश था कि शिप्रा के साथ मैं अच्छा समय बिता पाया हूं। शिप्रा और मैं एक दूसरे को काफी वर्षों से जानते हैं और हम लोग एक दूसरे के अच्छे दोस्त भी हैं। मेरे दिल में शिप्रा को लेकर हमेशा से ही जो प्यार था मैं कभी उस प्यार का इजहार शिप्रा के सामने कर ना सका। मैं जब भी शिप्रा से मुलाकात करता हूं तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और उसे भी बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता था जब भी वह मुझसे मिला करती। एक दिन शिप्रा मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आई हुई थी और जब वह मुझसे मिलने के लिए आई तो उस वक्त पापा मम्मी भी घर पर थे।

शिप्रा को घर में सब लोग जानते हैं इसलिए मुझे भी इस बात की बड़ी खुशी थी कि शिप्रा मुझसे मिलने के लिए आई थी। उस दिन जब शिप्रा और मैं साथ में बैठे हुए थे तो मैं शिप्रा की तरफ़ देख रहा था। मेरी नज़रे शिप्रा की तरफ ही थी और मैं उसकी आंखों में देखकर बहुत ज्यादा खुश था। कहीं ना कहीं मैं शिप्रा से अपने दिल की बात कहना चाहता था और मैंने उसे प्रपोज कर दिया। थोड़ी देर बाद शिप्रा वहां से चली गई। मुझे लगा कि शायद शिप्रा उस दिन के बाद मुझसे कभी भी बात नहीं करेंगी लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ शिप्रा और मैं अब एक दूसरे के साथ रिलेशन में है और हम दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे थे।

शिप्रा और मेरे बीच में बहुत ज्यादा प्यार है क्योंकि शिप्रा मुझे काफी वर्षों से जानती है इसलिए शिप्रा को मेरे बारे में सब कुछ मालूम है और उसे बहुत ही अच्छा लगता है जब भी वह मेरे साथ होती है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही अच्छे से समय बिताया करते हैं और मैं और शिप्रा एक दूसरे के साथ जिस तरीके से समय बिताते हैं उससे हम दोनों को अच्छा लगता है। मुझे जितना भी मौका मिल पाता मैं शिप्रा के साथ समय बिता लिया करता हूं उस दिन भी ऐसा ही हुआ है। उस दिन हम दोनों साथ में बैठे हुए थे। शिप्रा के घर के बाहर ही एक रेस्टोरेंट है वहां पर हम लोग बैठे हुए थे। हम लोग वहां पर बैठे हुए एक दूसरे से बातें कर रहे थे मुझे शिप्रा कहने लगी मुझे लगता है हम लोगों को अपने रिलेशन के बारे मे घर मे बता देना चाहिए। मैंने शिप्रा को कहा शिप्रा हमें थोड़ा समय और लेना चाहिए क्योंकि अभी हमारी शादी की उम्र नहीं हुई है। हम दोनों को बहुत अच्छा लगता है लेकिन शिप्रा चाहती थी वह मुझसे शादी करे। मैंने शिप्रा को जब उस दिन समझाया तो शिप्रा भी मेरी बात मान गई और कहने लगी अगर तुम्हें लगता है हम दोनो को एक दूसरे को थोड़ा समय देना चाहिए तो मैं उसके लिए तैयार हूं। हम दोनो एक दूसरे को समय देना चाहते थे।

मैं और शिप्रा एक दूसरे के साथ जिस तरीके से डेट कर रहे हैं वह हम दोनों के लिए बहुत ही अच्छा है और मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि शिप्रा और मैं एक दूसरे को डेट कर रहे हैं। जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ होते हैं तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है और मुझे बहुत खुशी है कि शिप्रा और मैं एक दूसरे के साथ अपने रिलेशन को अच्छे से चला पा रहे हैं। जिस तरीके से शिप्रा मेरे साथ रिलेशन में है उससे मुझे बहुत ही खुशी है और शिप्रा को भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता है जब भी वह मेरे साथ होती है। एक दिन शिप्रा मुझसे मिलने मेरे घर पर आ जाती हैं।

मैं उससे मिलने के लिए उसके घर पर चला जाता। एक दिन जब हम दोनों एक दूसरे के साथ बैठे हुए बातें कर रहे थे। उस दिन मैं शिप्रा के घर पर था। शिप्रा के घर पर कोई भी नहीं था और हम दोनों को एक दूसरे का साथ बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब मैंने अपने हाथ को शिप्रा की जांघ पर रखा तो मैं उसकी जांघ को सहलाने लगा था। कुछ देर तक शिप्रा ने मुझसे बात नहीं की लेकिन जब मैंने शिप्रा के चेहरे की तरफ देखा तो मुझे लगा उसके दिल में आग जल रही है। उसने मेरे होंठों को चूमना शुरू किया जब वह मेरे होठों को चूम रही थी तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मैं भी उसके होठों को चूम कर उसकी गर्मी का बढा रहा था। मैंने उसे सोफे पर लेटा दिया था। जब मैंने उसे सोफे पर लेटाया तो वह तड़पने लगी उसकी तडप बढ़ने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है मुझसे बिल्कुल रहा नहीं जा रहा था और ना ही वह रह पा रही थी।

मैंने अब शिप्रा के बदन से कपड़े उतार दिए। जब मैंने उसके बदन से कपड़े उतारे तो वह चिल्लाने लगी उसकी तडप बढ़ने लगी थी और मैं भी गर्म होता चला गया था। मैं उसके स्तनों को दबाने लगा था मुझे उसके स्तनों को दबाने में मजा आ रहा था वह भी गर्म होती जा रही थी। हम दोनो पूरी तरीके से गर्म हो रहे थे और जब मैंने शिप्रा की चूत पर अपनी उंगली को लगाया तो वह बहुत मचलने लगी। मेरी उंगली शिप्रा की चूत पर लग चुकी थी। मैंने जैसे ही शिप्रा की चूत के अंदर लंड को घुसाने की कोशिश की तो मेरा लंड बड़ी ही आसानी से उसकी चूत में चला गया था।

जब मेरा लंड उसकी योनि में गया तो मुझे मजा आने लगा और शिप्रा को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों पूरी तरीके से तड़पने लगे थे और मेरी तडप बढ़ने लगी थी। मैंने शिप्रा से कहा मुझे मजा आ रहा है। वह भी मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुम ऐसे ही बढ़ाते जाओ। अब मैं और शिप्रा एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाते जा रहे थे। हम दोनों बहुत ज्यादा गर्म हो गए थे जब मैंने शिप्रा के चूत के अंदर बाहर अपने लंड को तेजी से करना शुरू कर दिया था तो मुझे अच्छा लग रहा था और शिप्रा भी बहुत ज्यादा खुश हो रही थी। मैं बहुत ज्यादा खुश था मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था जिससे कि शिप्रा की चूत में मेरा लंड बड़ी आसानी से जा रहा था।

जब उसकी चूत मे लंड गया तो वह चिल्लाती और मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से धक्के मारते रहो। शिप्रा की चूत से खून बाहर निकल रहा था और शिप्रा बहुत ही ज्यादा खुश थी। हम दोनों की गर्मी बढ़ चुकी थी मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। मैंने शिप्रा से कहा मुझे लग रहा है मेरा वीर्य गिरने वाला था। मैंने शिप्रा की चूत में अपने वीर्य को गिरा दिया था। उसकी चूत में मेरा वीर्य गिर जाने के बाद शिप्रा ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और मेरे लंड पर लगे वीर्य को चूसने लगी थी। मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब शिप्रा और मैंने एक दूसरे की गर्मी को शांत कर दिया था। अब हम दोनों एक दूसरे के साथ हमेशा ही सेक्स करने के लिए तड़पते रहते। जब मुझे और शिप्रा को सेक्स करना होता तो हम दोनों एक दूसरे को मिल लिया करते और मैं शिप्रा के साथ जमकर सेक्स किया करता। हम दोनों एक दूसरे के पड़ोस में रहते हैं इसलिए हम दोनों का मिलना बहुत ही आसान है और जब भी हम दोनों एक दूसरे से मुलाकात करते हैं तो हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स की जमकर मजा लिया

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