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मस्त सेक्सी पड़ोसन-1

desi sex kahani हैल्लो दोस्तों, आप सभी पढ़ने वालों के लिए में आज अपनी एक मस्त सेक्सी पड़ोसन के साथ मेरी चुदाई की कहानी को सुनाने यहाँ पर आया हूँ। में बताने जा रहा हूँ कि उस पड़ोसन को चोदकर उसकी प्यासी, चुदाई के लिए तरसती हुई चूत को अपने लंड से चोदकर शांत किया और उसको अपनी चुदाई से मस्त कर दिया। दोस्तों में दिल्ली का रहने वाला हूँ और में बहुत सालों से सेक्सी कहानियों को पढ़ने का आदी रहा हूँ। अब तक में बहुत कहानियों को पढ़कर उनके मज़े ले चुका हूँ और में दिखने में बहुत स्मार्ट लगता हूँ। मेरी लम्बाई 5.11 इंच है, मेरा वजन 60 किलो है, में दिखने में बहुत अच्छा हूँ। मेरा दमदार गठीला बदन और मेरा लंबा, बहुत गरम लंड है, किसी भी चूत को चोदकर पूरी तरह से एक ही बार में संतुष्ट करने के लिए बहुत अच्छा उपाय है। दोस्तों मेरा लंड किसी भी चूत को ठंडा करने के लिए बहुत है, मेरी उम्र 23 साल है और मेरी आज की कहानी कुछ इस तरह है।

दोस्तों यह कहानी आज से करीब पांच महीने पहले की है, जब हमारे पास वाले घर में एक शादीशुदा जोड़ा रहने आया। उनकी शादी को हुए करीब 7-8 महीने हुए थे और मेरी वो पड़ोसन करीब मेरी ही उम्र की होगी। उनके पति का कुछ आयात निर्यात का काम था। थोड़े दिन उनके साथ रहने के बाद उनकी और मेरी बहुत अच्छी जान पहचान हो गई। अब मेरा और उनका मेरे घर आना जान भी शुरू हो गया था, में उनके साथ घंटो बैठकर हंसी मजाक बातें किया करता था और वो भी अब मेरी हर बात खुलकर जवाब देने लगी थी। फिर इस वजह से थोड़े ही दिनों के बाद मेरी और भाभी की बहुत अच्छी दोस्ती हो गई, उनका मेरे लिए व्यहवार बहुत अच्छा था, वो मुझसे बहुत प्यार से बातें करती, मुझे अपने पास बैठा लेती और कभी किसी बात का कोई भी ऐतराज नहीं करती थी और में भी उनके साथ बड़ा खुश था। दोस्तों वो दिखने में बहुत गोरी सुंदर हॉट सेक्सी थी और मेरी भाभी के बदन का आकार करीब 34-28-30 होगा, उसके बूब्स बड़े आकार के उभरे हुए थे और वो बूब्स बहुत ही आकर्षक मस्त थे। दोस्तों ज्यादा बड़े होने की वजह से जब भी वो चलती वो बूब्स हिलते हुए मुझे नजर आते और यह देखकर कोई भी मचल जाए। दोस्तों मेरी पड़ोसन का पति अक्सर अपने काम की वजह से महीने में 15-20 दिन बाहर ही रहता था और में जब भी उसके घर पर जाता।

अब बस में उसको चकित होकर देखता ही रहता और अब देखकर में उसकी चुदाई करने की बातें और अपने मन में चुदाई के विचार बनाया करता। फिर उसके सामने बैठा हुआ में सोचा करता कि काश में इसकी चुदाई के पूरे मज़े लूँ और फिर अपने घर आकर में उसके नाम की मुठ भी मारता। में उसके बूब्स और गांड के बारे में सोच सोचकर हर कभी मुठ मारा करता। फिर में जब भी उसके घर जाता तो उसको देखकर मुझे ऐसा लगता था कि वो हमेशा ही उदास उदास रहती है। एक दिन जब में उसके घर गया, तब मैंने देखा कि उसके घर का दरवाजा खुला हुआ था और में दरवाजे पर लगी घंटी को बजाए बिना ही उसके घर में चला गया। अब मैंने देखा कि उस समय घर में कोई भी नहीं था। शायद वो उस समय बाथरूम में थी, इसलिए में वो बात सोचकर सोफे पर जाकर बैठ गया और मैंने कुछ देर बाद देखा कि वहां पास वाली टेबल पर एक किताब रखी हुई थी। फिर मैंने उस किताब को उठाकर देखा तो उसमे सेक्सी फोटो थे, वो सारे फोटो आदमियों के थे और उन सभी फोटो में उन सभी के बहुत बड़े बड़े लंड थे, में उनको देखकर एकदम गरम हो गया और फिर मैंने पूरी किताब को देखने के बाद वहीं पर उस किताब को रख दिया।

अब भी भाभी बाथरूम में ही थी, में उसकी तरफ चल पड़ा और अब में बाथरूम के अंदर कहाँ से देखा जाए यह जुगाड़ देखने लगा और जब मैंने बाथरूम में झांककर देखा। भाभी उस समय पूरी नंगी खड़ी होकर नहा रही थी और वो अपने पूरे बदन पर साबुन लगाकर अपने बूब्स और चूत को अपने एक हाथ से मसल रही थी। दोस्तों यह सेक्सी द्रश्य देखकर मेरा लंड पूरा तनकर खड़ा हो गया, झटके देने लगा और अब भाभी अपनी चूत में अपनी दो उँगलियों को डालकर अंदर बाहर करने लगी थी। अब वो हल्की हल्की सिसकियाँ भी ले रही थी। फिर कुछ देर बाद उसकी उंगली अब ज़ोर से चलने लगी थी और में तुरंत समझ गया कि यह अब झड़ने वाली है। फिर में वहां से हट गया और यह द्रश्य देखकर में उसी समय तुरंत अपने घर पर आ गया और में अपने रूम में आकर अपनी पेंट को उतारकर अपना पूरा लंड बाहर निकाला और में कुछ बातें सोचते हुए मुठ मारने लगा। अब मुझे महसूस होने लगा था कि भाभी को क्या चाहिए? यह बात में अच्छी तरह से जान गया था और अब में बस यही बात अपने मन में सोचने लगा था कि कैसे में भाभी की चुदाई के मज़े लूँ? क्योंकि इस बीच उसका पति भी सात दिनों के लिए अपने घर से बाहर जाने वाला था और तभी मुझे लगा कि बस यही मेरे पास एक सबसे अच्छा मौका है और इसका फायदा उठाकर में भाभी की चुदाई कर सकता था।

फिर दूसरे दिन बाहर जाते समय उसके पति ने उसके सामने ही मुझसे कहा कि एक सप्ताह के लिए तुम इसका ध्यान रखना। फिर उसी समय भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा कि कोई बात नहीं आप बिल्कुल भी चिंता मत करो, यह मेरा और में इसका पूरा ध्यान रखूंगी और वो चले गए। दोस्तों पहले दिन उसी रात को में भाभी के घर पर उनके साथ बैठकर खाना खाने के बाद मैंने भाभी को मेरे घर की दूसरी चाबी दे दी और उनको कहा कि अगर सुबह मुझे उठने में देरी हो जाए, तो प्लीज आप मुझे आकर उठा देना। अब भाभी ने मुझसे कहा कि कोई बात नहीं है, हाँ में आकर तुम्हे उठा दूँगी और फिर में अपनी चाबी उनको देकर अपने घर पर आ गया और दूसरे दिन जब में सुबह उठा उस समय मेरा लंड खड़ा हुआ था। अब में लेटे हुए ही अपनी भाभी के बारे में सोचने लगा, जिसकी वजह से मेरा लंड और भी ज्यादा तन गया। फिर मैंने अपनी अंडरवियर को उतारा और अपनी भाभी को याद करके मुठ मारना शुरू कर दिया, में मुठ मारने में इतना व्यस्त हो गया था कि में सब कुछ भूल गया और तभी अचानक से मेरे कमरे में भाभी मुझे उठाने के लिए आ गई, लेकिन में मुठ मारने में इतना व्यस्त था कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब आ गई? फिर उसने मुझे उस हालत में देखा और मुझसे कहा कि तुम यह क्या कर रहे हो?

तभी में उनकी आवाज को सुनकर एकदम से घबरा गया और अपनी अंडरवियर को पहनने लगा। अब भाभी मुझे देखकर मेरी तरफ मुस्कुराई और वो मुझसे कहने लगी कि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है, तुम इतने बड़े लंड को हिला हिलाकर क्यों बिना वजह तंग कर रहे हो? अब मैंने भाभी को कहा कि यह भी हमेशा मुझे बहुत तंग किया करता है, इसलिए में आज इसको हिला रहा हूँ। फिर उसने मुझसे कहा कि में आज से इसका तुम्हे ऐसे तंग करना बिल्कुल बंद करवा दूँगी, उसके बाद यह तुम्हे कभी भी परेशान नहीं किया करेगा। अब में भाभी के सामने जानबूझ कर अपना 6 इंच का लंड उनको दिखा दिखाकर अपने हाथ से हिलाने लगा था, जिसकी वजह से मेरा आठ इंच का लंड फंनफनाकर खड़ा था। फिर भाभी मेरे खड़े हुए लंड को देखती हुई मुझसे बोली वाह सचमुच तुम्हारा लंड बहुत लंबा और मोटा है उस लड़की को बहुत मज़ा आएगा, जो तुमसे अपनी चुदाई करवाएगी। अब इस बात पर में अपना लंड उनकी तरफ अपनी कमर को हिलाकर आगे बढ़ाते हुए बोला आप ही मुझसे चुदवाकर देख लो कि कितना मज़ा आता है? फिर मेरी उस बात को सुनकर भाभी मुझसे बोली हाए राम तुम यह क्या कहते हो? क्या तुम्हे शरम नहीं आती? अगर मेरे पति को पता चल गया तो बहुत ही बुरा होगा। फिर मैंने कहा कि जब हम दोनों बाहर किसी को नहीं बताएँगे तो किसी को कैसे पता चलेगा?

तभी मेरे मुहं से यह बात सुनकर भाभी मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी और वो अपने होंठो पर अपनी जीभ को फेरने लगी। दोस्तों मुझे उनकी वो हरकते देखकर तुरंत पता चल गया था कि भाभी भी अब मुझसे अपनी चूत की चुदाई करवाना चाहती है, लेकिन वो पहल मेरी तरफ से चाहती थी। अब मैंने आगे बढ़कर उनके बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया और उन्हे में धीरे धीरे सहलाने लगा, लेकिन भाभी कुछ नहीं बोली वो बस मेरी आँखों में आखें डालकर मंद मंद मुस्कुरा रही थी। फिर उसके बाद मैंने हिम्मत करके उनकी मेक्सी को उतार दिया, जिसकी वजह से अब मेरे सामने भाभी सिर्फ़ काले रंग की ब्रा और गुलाबी रंग की पेंटी में वो मुझे अपनी जवानी का जलवा दिखाते हुए अध नंगी खड़ी हुई थी। फिर मैंने ज्यादा देर ना करते हुए तुरंत उसकी ब्रा को निकाल फेंका और तभी में उनके गोरे गोलमटोल बूब्स को पूरा नंगा अपने सामने पहली बार देखकर बिल्कुल हैरान हो गया। दोस्तों दोनों बूब्स की निप्पल कुछ उठी हुई थी और वो तनी हुई थी। निप्पल हल्के भूरे रंग के थे और वो निप्पल देखने में फूले हुए मुनक्के लग रहे थे। अब मैंने धीरे से उनको अपनी बाहों में भर लिया और उसके बाद उनके बूब्स पर अपनी पकड़ को मजबूत करके उनको अपने दोनों हाथों में लेकर में अब मसलने लगा था। अब मैंने भाभी को अपनी बाहों में भरकर कसकर जकड़ लिया और भाभी भी मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़े हुए थी।

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