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मन करता बस चोदता जाऊं

Desi kahani, antarvasna: मेरी जिंदगी में सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था मैं काफी ज्यादा खुश था कि मैं आकांक्षा से शादी कर पाया हूं लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि जल्द ही हम दोनों के बीच की यह खुशियां झगड़े में बदलती चली जाएगी। आकांक्षा और मेरे बीच अब कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था आकांशा और मेरे बीच काफी झगड़े होने लगे थे। मेरी और आकांक्षा की लव मैरिज हुई थी उस वक्त मुझे नहीं मालूम था कि जल्द ही हम दोनों एक दूसरे से इतनी ज्यादा नफरत करने लगेंगे कि एक समय ऐसा आएगा कि जब हम दोनों का डिवोर्स हो जाएगा। मैंने अब आकांक्षा को डिवोर्स देने का फैसला कर लिया था और जब मैंने इस बारे में आकांक्षा से बात की तो आकांक्षा को भी यह बात मंजूर थी और वह मुझसे डिवोर्स लेने के लिए तैयार हो गयी। मैंने आकांक्षा को कहा कि मैं अब तुम्हारे साथ बिल्कुल भी रह नहीं सकता हूं आकांशा भी अब मेरे साथ रहने को तैयार नहीं थी इसलिए हम दोनों ने एक दूसरे को डिवोर्स देने का पूरा फैसला कर लिया था।

हम दोनों का डिवोर्स हो जाने के बाद आकांक्षा मेरी जिंदगी से बहुत दूर जा चुकी थी आकांक्षा की जॉब इंग्लैंड में लग चुकी थी और वह इंग्लैंड जा चुकी थी इसलिए आकांक्षा और मेरा कोई भी संपर्क नहीं था और ना ही मैं आकांक्षा से संपर्क रखना चाहता था। आकांक्षा और मैं पहली बार मेरे एक दोस्त की शादी में मिले थे जब हम दोनों वहां पर मिले तो उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को काफी समझने लगे और हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे थे। उसके बाद हम दोनों के बीच प्यार हो गया था इसलिए मैंने आकांक्षा के परिवार वालो से बात की थी और  वह हम दोनों के रिश्ते को मान चुके थे। उन्होंने हमारी शादी के लिए रजामंदी दे दी थी और जल्द ही हमारी शादी का दिन भी तय हो गया। हम दोनों की शादी हो जाने के बाद मुझे नहीं मालूम था कि आकांक्षा के व्यवहार में इतना ज्यादा बदलाओ आ जाएगा। शादी के कुछ समय बाद आकांक्षा के व्यवहार में काफी बदलाव आने लगा और वह मुझसे भी सही तरीके से बात नही करती थी इसलिए मैंने आकांशा से डिवोर्स लेने की बात कही थी उसके बाद मेरी जिंदगी में बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ा।

मैं बहुत ज्यादा परेशान रहने लगा था और मुझे कुछ समझ नहीं आया कि आखिर मुझे क्या करना चाहिए। मैं इतना परेशान हो चुका था कि मैंने फैसला किया कि अब मुझे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना है और फिर दोबारा कभी पीछे मुड़कर नही देखूंगा। मैं अब अपनी जिंदगी में इतना आगे बढ़ चुका था कि मैं अपने पुराने दिनों को याद भी नहीं करना चाहता था जो कि मैंने आकांशा के साथ बिताए थे। आकांशा के साथ मैंने काफी अच्छा समय बिताया था और हम दोनों एक दूसरे के साथ खुश रहते थे उसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे से शादी कर ली। आकांशा के चले जाने के बाद मेरे जीवन में जब प्रतिभा ने कदम रखा तो मुझे यह भी डर था कि कहीं प्रतिभा को मैं खो ना दूं क्योंकि मैं प्रतिभा को खोना नहीं चाहता था। प्रतिभा से मैं बहुत ज्यादा प्यार करने लगा था और मैंने प्रतिभा को अपनी बीती हुई जिंदगी के बारे में सब कुछ बता दिया था प्रतिभा को भी इससे कोई एतराज नहीं था और वह मेरे साथ काफी खुश थी। प्रतिभा चाहती थी कि हम दोनों पहले एक दूसरे को पूरी तरीके से समझे और जब हम दोनों को लगे कि हम दोनों को साथ में रहना चाहिए तो उसके बाद ही हम दोनों शादी करने का फैसला करेंगे।

मैंने भी प्रतिभा की बात को मान लिया और हम दोनों एक दूसरे को ज्यादा से ज्यादा समय देने की कोशिश करने लगे। हम दोनों एक दूसरे के साथ अधिकतर समय बिताते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता मैं प्रतिभा को बहुत ही अच्छे तरीके से समझने लगा था और वह भी मुझे काफी ज्यादा अच्छे तरीके से समझने लगी थी। हम दोनों के जीवन में काफी समानता थी क्योंकि प्रतिभा और मेरी पसंद लगभग एक जैसी ही थी हम दोनों के बीच काफी ज्यादा अंडरस्टैंडिंग भी थी और इसी वजह से हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में भी थे। हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी ज्यादा समय बिताया करते तो अब हम दोनों को लगने लगा था कि हम दोनों को एक हो जाना चाहिए और हमें जल्द से जल्द शादी कर लेनी चाहिए। मैंने प्रतिभा से कहा कि क्या तुम इस बारे में अपने पापा मम्मी से बात कर सकती हो तो प्रतिभा ने कहा कि क्यों नहीं। प्रतिभा के पापा बैंक में जॉब करते हैं और जब प्रतिभा ने पहली बार मुझे अपनी फैमिली से मिलवाया तो मुझे उन लोगों से मिलकर काफी ज्यादा अच्छा लगा और मैं काफी खुश भी था। जब पहली बार मेरी उन लोगों से मुलाकात हुई तो  मुझे काफी ज्यादा अच्छा लगा और हम दोनों बहुत खुश थे। हम दोनों की खुशी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी थी क्योंकि हम दोनों के रिश्ते को सब लोगों की रजामंदी मिल चुकी थी। मेरे परिवार वाले तो पहले ही प्रतिभा से मुलाकात कर चुके थे और उन्हें प्रतिभा बहुत पसंद थी इसलिए अब हम दोनों जल्द से जल्द एक होना चाहते थे हम दोनों को एक दूसरे से मिलना काफी ज्यादा अच्छा लगता। एक दिन मैं और प्रतिभा साथ में बैठे हुए थे उस दिन मैंने प्रतिभा से कहा कि क्यों ना हम लोग अब शादी कर ले तो प्रतिभा कहने लगी कि हां तुम ठीक कह रहे हो मुझे इस बारे में पापा से बात करनी होगी।

प्रतिभा ने इस बारे में अपने पापा से बात की तो सब लोग अब हम दोनों की शादी के लिए तैयार हो चुके थे। हम दोनों की शादी के लिए सब तैयार हो चुके थे। प्रतिभा अगले दिन मुझसे मिलने के लिए घर पर आई जब वह मुझसे मिलने के लिए घर पर आई तो मैंने प्रतिभा को कहा तुम थोड़ी देर बैठो मैं अभी आता हूं। मैं बाथरूम में चला गया। जब मै बाथरूम से नहाकर बाहर निकला तो पापा मम्मी अपने किसी परिचित से मिलने के लिए जा रहे थे और थोड़ी देर बाद वह लोग चले गए। प्रतिभा और मैं घर में साथ में थे हम दोनों साथ में बैठे हुए थे। जब मैं और प्रतिभा साथ में बैठे हुए थे तो मैं प्रतिभा को देखे जा रहा था। मुझे उसे देखकर काफी अच्छा लग रहा था वह भी काफी ज्यादा खुश थी। जब मैंने प्रतिभा के होंठों को चूमना शुरू किया तो मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा और प्रतिभा को भी काफी अच्छा लगने लगा था वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी। प्रतिभा के बदन से गर्मी बाहर निकलने लगी मै एक पल के लिए भी अपने आपको रोक नहीं पाया और मेरे अंदर की गर्मी अब बढ़ने लगी थी। मैंने प्रतिभा से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है प्रतिभा ने मुझे कहा रहा तो मुझसे भी नहीं जा रहा है। मैंने प्रतिभा को कहा मुझे तुम्हारे बदन की गर्मी को महसूस करना है।

जब उसने अपने बदन से पूरे कपड़ों को उतार दिया तो मैंने प्रतिभा के होंठों को चूमना शुरू किया। मैने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर उनका रसपान करना शुरू कर दिया। मैं प्रतिभा के स्तनों को चूस रहा था तो उसके बदन से गर्मी बाहर निकल रही थी। मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था जब मैं प्रतिभा के स्तनों को चूम रहा था और उसके स्तनों को चूसने में मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने प्रतिभा के स्तनों को काफी देर तक चूसा और उसे लगने लगा अब मैं रह नहीं पाऊंगा। मैंने प्रतिभा की चूत पर अपनी उंगली का स्पर्श किया। जब मैंने उसकी योनि पर अपनी उंगली का स्पर्श करके उसकी चूत को सहलाना शुरु किया तो प्रतिभा की योनि से पानी बाहर निकलने लगा था और मैंने अपने लंड को प्रतिभा की चूत पर रगडना शुरू किया तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा और प्रतिभा को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी और मेरी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी कि मैंने प्रतिभा की चूत पर अपने लंड को लगाकर अंदर की तरफ डाल दिया। जैसे ही मैंने प्रतिभा की योनि के अंदर अपने मोटे लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्ला कर मुझे कहने लगी मेरी चूत में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। प्रतिभा की चूत के अंदर मैंने देखा तो उसकी योनि से खून बाहर की तरफ को निकल आया था। उसकी चूत से निकलता हुआ खून कुछ ज्यादा ही अधिक हो चुका था।

मैंने प्रतिभा को कहा मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है। प्रतिभा मुझे कहने लगी मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है वह अपने पैरों को चौड़ा कर के मुझे अपनी और आकर्षित कर रही थी। जब वह ऐसा करती तो मेरी गर्मी को वह पूरी तरीके से बढ़ा देती और मेरी गर्मी इस कदर बढ़ने लगी थी कि मैं अब एक पल के लिए भी रह नहीं पा रहा था। मैंने प्रतिमा को कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। प्रतिभा ने मुझे कहा रहा तो मुझसे भी नहीं जा रहा है उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ना शुरू किया। जब उसने ऐसा किया तो मुझे अच्छा लगने लगा था। मेरे अंदर की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी मैंने अपने माल को गिरा दिया। प्रतिभा बहुत ज्यादा खुश हो गई जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया। प्रतिमा की योनि में मेरा माल चला गया मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आया जब मैंने पहली बार प्रतिभा की चूत में अपने माल को गिराया।

उसके बाद दोबारा मैं उसे बड़ी ही तेज गति से चोदने लगा। जब मैं उसे धक्के मारने लगा तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और प्रतिभा को भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। जब मैं उसे चोदता तो वह मुझे कहती  मुझे और चोदो। प्रतिभा की चूतडे मेरी तरफ थी। वह अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी जिससे कि उसकी चूतडो का रंग लाल होने लगा था और मेरा माल भी उसकी चूत में जाने के लिए तैयार था। मैंने जैसे ही अपने माल को उसकी योनि में गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा किया तो प्रतिभा बहुत ज्यादा खुश हो गई। वह मुझे कहने लगी मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं। मैंने प्रतिमा को कहा मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है जिस तरह मैंने तुम्हारी चूत मारी। हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था और हम दोनों की शादी हो गई। प्रतिभा मेरी पत्नी बन चुकी है और मैं बहुत ज्यादा खुश हूं।

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