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मधु भी मेरा साथ देने लगी

Antarvasna, desi kahani: मधु मुझे बोलने लगी कि क्या शाम को तुम ऑफिस से जल्दी आ जाओगे तो मैंने उससे कहा कि हां मैं ऑफिस से जल्दी आ जाऊंगा। मधु ने मुझे कहा कि लेकिन तुम कितने बजे तक ऑफिस से आ जाओगे तो मैंने उसे कहा कि मैं ऑफिस से 7:30 बजे तक लौट आऊंगा। उस दिन मधु ने मुझे कहा था कि हम लोग उसकी सहेली के घर डिनर के लिए जाने वाले हैं तो मैंने उसे कहा ठीक है। मैं उस दिन सुबह नाश्ता करने के बाद अपने ऑफिस के लिए निकल गया था। जब मैं अपने ऑफिस के लिए निकला तो उस दिन मुझे ऑफिस पहुंचने में देर हो गई थी। रास्ते में बहुत ज्यादा ट्रैफिक था इस वजह से मुझे ऑफिस पहुंचने में देर हो गई थी। मैं जब ऑफिस से वापस लौट रहा था तो मुझे मधु का फोन आया वह मुझे कहने लगी कि आप कितनी देर में वापस लौट आएंगे मैंने मधु से कहा कि मैं बस थोड़ी देर बाद ही वापस आ जाऊंगा।

 मैं थोड़ी देर के बाद ऑफिस से वापस लौट आया था तो मधु मुझसे कहने लगी कि आप जल्दी से तैयार हो जाइए। मैंने मधु को कहा हां मैं बस थोड़ी देर बाद तैयार हो जाता हूं। थोड़ी देर के बाद ही मैं तैयार हो गया जब मैं तैयार हुआ तो हम लोग मधु की सहेली के घर चले गए। वह लोग कुछ समय पहले ही बेंगलुरु में शिफ्ट हुए थे और जब मैं मधु की सहेली से मिला तो मुझे अच्छा लगा उसकी सहेली का नाम रुपाली है। रुपाली से मिलकर मुझे अच्छा लगा और उस दिन हम लोगों ने उनके घर पर ही डिनर किया। रूपाली के पति भी बहुत अच्छे हैं और डिनर करने के बाद हम लोग घर वापस लौट आए थे। हम लोगों को बेंगलुरु में रहते हुए तीन वर्ष हो चुके हैं। मेरी शादी के कुछ समय बाद ही हम लोग बेंगलुरु आ गए थे और मैं बेंगलुरु में तीन वर्षों से रह रहा हूं। मेरा और मधु का रिलेशन अच्छे से चल रहा है हम लोगों का शादीशुदा जीवन बहुत ही अच्छे से चल रहा है जिससे कि हम दोनों बहुत खुश हैं। मेरा घर जयपुर में है और मैंने अपनी पढ़ाई  जयपुर से ही की। जब मेरी शादी मधु के साथ हुई तो उसके बाद ही मैं बेंगलुरु आ गया था मैं मधु के साथ बहुत खुश हूं और मधु भी मेरे साथ बहुत खुश है। 

हम दोनों की शादीशुदा जिंदगी तो अच्छे से चल ही रही है और मैं जब भी मधु के साथ होता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। मेरी जब भी छुट्टी होती है तो मैं और मधु एक दूसरे के साथ होते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ होते है तो हम दोनों को अच्छा लगता है। एक दिन मधु और मैं साथ में बैठे हुए थे उस दिन जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो मैंने मधु से कहा कि चलो आज हम लोग मूवी देख आते हैं। मधु कहने लगी कि हां काफी दिन हो गए हैं हम लोग कहीं साथ में भी नहीं गए। मेरी भी छुट्टी थी और मधु ने मुझे कहा कि चलो हम लोग मूवी देख आते हैं तो हम लोग उस दिन मूवी देखने के लिए चले गए। हम लोगों ने उस दिन साथ में बहुत ही अच्छा टाइम बिताया और फिर हम लोग कर लौट आए। जब हम घर लौटे तो उस दिन बहुत देर हो चुकी थी तो हम लोगों ने उस दिन का डिनर बाहर से ही ऑर्डर कर लिया था। जब हम लोगों ने खाना बाहर से ऑर्डर किया तो हम दोनों ने डिनर किया।

 उसके बाद जब हम लोग साथ में थे तो मैंने मधु से कहा कि क्या तुम्हारी मुलाकात आजकल रुपाली से नहीं हो पाई। मधु मुझे कहने लगी कि रूपाली का मुझे फोन आया था लेकिन मेरी उससे बात नहीं हो पाई है सोच रही हूँ कि कल रूपाली को मिलने के लिए चली जाऊं। मैंने मधु से कहा कि हां तुम रूपाली को मिलने के लिए चली जाओ मैं जब ऑफिस से लौटूंगा तो मैं भी रूपाली के घर आ जाऊंगा। मधु कहने लगी कि हां यह ठीक रहेगा। अगले दिन मैं सुबह अपने ऑफिस निकल गया था जब लंच टाइम में मैंने मधु को फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि वह रूपाली के घर पर है। मैंने मधु से कहा कि मैं जब शाम के वक्त ऑफिस से लौटूंगा तो तुम्हें लेने के लिए आ जाऊंगा। जब मैं अपने ऑफिस से अपना काम खत्म करने के बाद फ्री हुआ तो मैं मधु को लेने के लिए रूपाली के घर पर चला गया। मैं जब रुपाली के घर पर गया तो रूपाली कहने लगी की आज आप लोग हमारे घर पर ही रुक जाइए।

 मैंने रुपाली से कहा कि नहीं लेकिन उस दिन हम लोगों ने उनके घर पर ही डिनर किया और फिर मधु और मैं वापस लौट आए थे। रूपाली मधु की बहुत ही अच्छी दोस्त है और उस दिन मधु मुझे कहने लगी कि आज कितने दिनों के बाद मैं रूपाली को मिलने के लिए गई थी और मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब मैं आज रूपाली से मिली। मधु और मेरी काफी देर तक बात हुई अगले दिन मुझे अपने ऑफिस जल्दी जाना था इसलिए मैं सो चुका था। अगले दिन मैं अपने ऑफिस सुबह जल्दी निकल चुका था उस दिन मुझे काफी ज्यादा काम था इसलिए मुझे घर लौटने में थोड़ा देर हो गई थी। जब मैं घर लौटा तो मुझे मधु ने कहा कि आज आप काफी देर से घर आ रहे हैं तो मैंने मधु को कहा कि हां आज ऑफिस में बहुत ज्यादा काम था इसलिए मुझे आज घर लौटने में देर हो गई। मधु और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे तो मधु मुझे कहने लगी कि मैं आपके लिए कॉफी बना देती हूं। मधु मेरे लिए थोड़ी देर में कॉफी बना कर ले आई। हम दोनों बैठे हुए थे तो मधु ने मुझे कहा कि काफी टाइम हो चुका है तो मैं सोच रही हूं कि मैं खाना बना लूं। 

मधु रसोई में चली गई और जब मधु ने खाना तैयार किया तो उसके बाद हम लोगों ने डिनर किया। उस दिन डिनर करने के बाद जब हम दोनों एक दूसरे के साथ लेटे हुए थे तो वह मुझसे चिपकने की कोशिश कर रही थी और वह मेरी बाहों में आ गई। वह मेरी बाहों में आई तो मैं तड़पने लगा। वह मेरे लिए बहुत ज्यादा तड़प रही थी। हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने मधु से कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है। वह मुझे कहने लगी मुझसे भी नहीं रहा जा रहा है। ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था ना ही मधु अपने अंदर की गर्मी को रोक पा रही थी। मधु और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़पने लगे थे। मैंने जैसे ही मधु की चूत पर अपने लंड को किया तो मधु की चूत पर मेरा लंड टच हुआ तो वह मचलने लगी। 

मधु मुझे कहने लगी मेरी चूत मे तुम जल्दी से अपने लंड घुसा दो। मैंने भी उसके दोनों पैरों को ऊपर उठाते हुए उसकी चूत मे लंड को घुसा दिया था। मेरा लंड उसकी चूत मे गया तो वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है अब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे और मेरा लंड मधु की चूत के अंदर बड़ी ही आसानी से होता जा रहा था। जिस तरीके से मेरा लंड उसकी चूत में जा रहा था उससे उसको बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढा कर रख दिया था जब मैं उसकी चूत के मजे ले रहा था तो वह मुझे कहने लगी तुम ऐसे ही मुझे धक्के देते जाओ। मेरा लंड बड़ी आसानी से उसकी चूत में जा रहा था अब मधु की सिसकारियां भी बढ़ रही थी और मैंने उसे कहा तुम घोड़ी बन जाओ। मैं मधु को घोड़ी बन चुकी थी उसकी चूतडे मेरी तरफ थी। मैंने जब उसकी चूत के अंदर लंड को घुसाया तो मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड को डालना चाहता हूं। मैंने उसकी चूत मे लंड को डाला तो उसे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। 

जब मैं और मधु एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा ले रहे थे तो हम दोनों को बहुत मजा आने लगा था। मैं मधु की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था। जिस तरीके से मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था उससे मुझे मजा आ रहा था। हम दोनों बहुत ज्यादा गर्म होते जा रहे थे। वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जाती तो मेरी गर्मी और बढती जाती। मधु को मजा आ रहा था मैंने मधु से कहा मैं तुम्हारी चूत में अपने वीर्य को गिराना चाहता हूं। वह कहने लगी हां तुम अपने वीर्य को मेरी चूत मे गिरा दो। मैंने मधु की चूत में अपने वीर्य को गिरा दिया था। जैसे ही मेरा वीर्य उसकी चूत में गया तो वह खुश हो गई थी। मैं बहुत ज्यादा खुश था मेरा माल उसकी चूत मे गिर चुका था। मैंने अपने लंड को मधु की चूत से बाहर निकाल दिया था। मधु ने अपने मुंह को खोलते हुए मेरे लंड को अपने मुंह में समा लिया। वह जिस तरीके से मेरे लंड को चूसने लगी उससे उसको बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और मुझे भी मज़ा आने लगा था। हम दोनों गर्म होते चले गए और हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी। मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा है और मधु को भी बहुत ही ज्यादा मजा आता जा रहा था। हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा लेना चाहते थे।

मैंने दोबारा से उसकी चूत में लंड को घुसा दिया था। मेरा लंड उसकी चूत में जाने के बाद वह बहुत चिल्लाने लगी और मैं उसे तेजी से चोदने लगा। वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी। वह मेरा साथ जिस तरीके से दे रही थी उससे मुझे मजा आ रहा था और मधु को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढा दिया था उससे हम दोनों को बहुत ही ज्यादा मजा आया और हम दोनों की गर्मी शांत हो चुकी थी। जब हम दोनों की गर्मी शांत हुई तो मैं और मधु एक दूसरे के साथ लेटे हुए थे। हम दोनों नग्न अवस्था में थे और हम दोनों को बहुत गहरी नींद आ चुकी थी।

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