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लंड चूत मे आग उगलने लगा

Antarvasna, hindi sex kahani: पापा का ट्रांसफर कोलकाता से नागपुर हो चुका था नागपुर में मेरे लिए सब कुछ नया था क्योंकि मैं अपनी 12वीं की पढ़ाई तो कोलकाता से पूरी कर चुका था और अब फिर मैंने नागपुर के कॉलेज में दाखिला लिया। मैंने कॉलेज में दाखिला लिया और जब पहले दिन मैं कॉलेज गया तो उस दिन क्लास में मेरे साथ कमलेश बैठा हुआ था। कमलेश के साथ मेरी ज्यादा बात तो नहीं हुई लेकिन कमलेश से ही मेरा परिचय पहले दिन हुआ था और बाकी धीरे-धीरे मेरा क्लास में परिचय होने लगा था। मैं जब संजना से बात करने लगा तो मुझे संजना से बात करना अच्छा लगने लगा अब हम लोग एक दूसरे से बातें करने लगे थे। धीरे-धीरे कॉलेज का समय पर बीता जा रहा था और कॉलेज के फर्स्ट ईयर के एग्जाम भी नजदीक आ चुके थे। जब फर्स्ट ईयर के एग्जाम पूरे हो गए तो उसके कुछ दिनों बाद कॉलेज की छुट्टियां पड़ गई थी और मैं घर पर ही था। घर पर मैं अकेले बोर हो जाया करता था इसलिए मैं कमलेश के घर चला जाया करता था जब भी मैं कमलेश के घर जाता तो वह मुझे कहता की मुझे कई बार लगता है कि तुम जैसे संजना से प्यार करने लगे हो। मैं उसे कहता कि ऐसा तो कुछ भी नहीं है कमलेश मुझे कहने लगा कि नहीं अमित तुम संजना से प्यार करते हो और मुझे यह बात पता है।

उस दिन मैंने भी इस बात को स्वीकार कर लिया कि मैं संजना से प्यार करता हूं लेकिन संजना और मेरे बीच अच्छी दोस्ती थी तो मैं नहीं चाहता कि उसे इस बारे में कुछ पता चले। संजना और मैं एक दूसरे के बहुत नजदीक थे लेकिन मैंने कभी भी संजना से इस बारे में बात नहीं की थी। एक दिन मैंने संजना से अपने दिल की बात कहने का फैसला कर लिया उस दिन हम लोग हमारे कॉलेज की कैंटीन में साथ बैठे हुए थे और संजना भी हमारे साथ बैठी हुई थी। मैं और कमलेश आपस में बात कर रहे थे तो संजना मुझे कहने लगी कि अमित आज तुम मुझसे बात नहीं कर रहे हो तो मैंने उससे कहा कि नहीं ऐसा तो कुछ भी नहीं है। मैंने संजना से बात करनी शुरू की और संजना को मैंने उस दिन जब अपने दिल की बात कह दी तो संजना मुझे कहने लगी कि अमित मैं चाहती हूँ कि हम दोनों दोस्त ही रहे और मैंने इस बारे में कभी सोचा नहीं था।

मैंने संजना को कहा संजना तुम्हें जैसा ठीक लगता है तुम सोच कर मुझे बता देना क्योंकि मैं तो तुम्हें प्यार करने लगा हूं और मुझे नहीं पता कि तुम मेरे बारे में क्या सोचती हो। उस दिन तो मेरी और संजना की बस इतनी ही बात हो पाई लेकिन उसके बाद जब संजना ने मेरे प्रपोज को स्वीकार कर लिया तो हम दोनों एक दूसरे के साथ अब ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगे और हम दोनों मूवी देखने के लिए भी जाते। मेरे जीवन में जैसे सब कुछ अच्छा चल रहा था मैं बहुत ज्यादा खुश था लेकिन समय इतनी तेजी से बीत रहा था कि ग्रेजुएशन पूरा हो जाने के बाद अब संजना अपने भैया के साथ अमेरिका पढ़ने के लिए चली गई। संजना मुझसे दूर हो चुकी थी, हम लोगो की शोशियल मीडिया के माध्यम से ही बातें होती थी और कभी कबार वह मुझे फोन कर लिया करती थी। मैं नागपुर में ही था और पापा का ट्रांसफर भी अब जल्द ही होने वाला था लेकिन पापा चाहते थे कि अब हम लोग नागपुर में ही घर बना ले इसलिए हम लोगों ने नागपुर में ही एक घर खरीद लिया और हम लोग नागपुर में ही रहने लगे। पापा का ट्रांसफर पुणे हो चुका था और पापा पुणे में ही रहते थे मेरे और संजना के बीच बातें तो होती थी लेकिन हम लोग काफी समय से मिल नहीं पाए थे। करीब एक साल बाद जब संजना ने मुझे कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रही हूं तो मैं इस बात से बड़ा ही खुश था। संजना अपनी बहन की शादी के लिए घर आ रही थी और जब संजना घर आई तो मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था और इतने सालों बाद संजना को मिलकर मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मेरे जीवन से कोई कितने सालों तक दूर था लेकिन संजना अब वापस आ चुकी थी और संजना से मिलकर मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था। संजना और मैं एक साथ बैठे हुए थे तो मेरा मन हो रहा था कि मैं बस संजना से ही बात करता रहूँ। संजना भी मुझसे बात कर रही थी तभी संजना मुझे कहने लगी कि काफी रात हो चुकी है।

उस वक्त 9:00 बज चुके थे तो संजना मुझे कहने लगी कि अमित तुम मुझे घर छोड़ दो कहीं पापा और भैया ने मुझे तुम्हारे साथ देख लिया तो यह ठीक नहीं होगा। मैंने संजना को कहा ठीक है मैं तुम्हें तुम्हारे घर छोड़ देता हूं और मैंने संजना को घर छोड़ दिया। संजना को घर छोड़ने के बाद मैं अपने घर वापस आया तो संजना का मुझे फोन आया वह मुझसे कहने लगी कि क्या तुमने डिनर कर लिया है तो मैंने उसे कहा नहीं अभी मैंने डिनर नहीं किया है मैं तुम्हें थोड़ी देर बाद फोन करता हूं। मैंने थोड़ी देर बाद संजना को फोन किया मैंने जब संजना को फोन किया तो हम दोनों बातें करने लगे हम दोनों करीब 2 घंटे तक बात करते रहे उसके बाद मुझे कुछ पता ही नहीं चला कब मुझे नींद आ गई और मैं सो गया। संजना ने भी फोन रख दिया था और सुबह जब मैं उठा तो मैंने संजना को फोन किया लेकिन उसने फोन उठाया नहीं था। संजना ने मेरा फोन नहीं उठाया तो मैंने उसे दो-तीन बार और कॉल किया लेकिन वह मेरा फोन नहीं उठा रही थी फिर थोड़ी देर बाद उसका मुझे फोन आया और उसने मुझे कहा की अमित मैं तुम्हें तुमसे मिलना चाहती हूं। मैंने संजना को कहा ठीक है मैं तुमसे मिलने के लिए तुम्हारे घर के पास ही आता हूं और मैं संजना को मिलने के लिए उसके घर के पास ही चला गया।

मैं संजना से मिलने गया तो संजना ने मुझे अपने पापा मम्मी से मिलवाया जब उसने मुझे उन लोगो से मिलवाया तो वह लोग मुझसे मिलकर काफी खुश थे उसके बाद संजना और मैं साथ में घूमने के लिए निकल गए। उस दिन संजना और मैंने मूवी देखने का प्लान बनाया और हम लोग मूवी देखने के लिए चले गए काफी समय बाद हम दोनों साथ में मूवी देख रहे थे तो हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। संजना भी बड़ी खुश थी कि हम दोनों साथ में मूवी देख रहे थे। मूवी देखते समय हम दोनों एक दूसरे की तरफ आ गए थे और हम दोनों के बीच में किस हो गया। जब हम दोनों के बीच किस हो गया तो मैं अपने आपको बिल्कुल रोक ना सका और ना ही संजना अपने आपको रोक सकी। हम दोनों एक दूसरे के लिए इतने ज्यादा उत्तेजित होने लगे कि मैंने संजना को कहा मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूं और हम दोनों मूवी देखने के बाद एक होटल में चले आए। मैंने जब संजना के कपड़े उतारे तो उसके बदन की खुशबू से मैं अपने आपको बहुत अच्छा महसूस कर रहा था। उसके बदन के हर हिस्से को मैं महसूस करने लगा मैंने अपनी जीभ से जब उसके स्तनों को चाटा तो उसके बाद मै उसके होंठों को चूमने लगा। मैं जब उसके होठों को चूम रहा था तो मैंने उसके होठों को हल्का सा काट भी दिया था जिससे कि उसके होठों से खून भी निकल आया था। संजना को तो मजा आ रहा था वह मुझे और भी ज्यादा उत्तेजित करने लगी थी। जब उसने मेरे कपड़े खोलकर मेरा लंड को हिलाना शुरू कर दिया था तो मुझे मजा आने लगा। उसे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था हम दोनों पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे और हमारी गर्मी अब इतनी अधिक हो चुकी थी कि हम लोग बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैंने संजना से कहा मुझसे भी बिल्कुल रहा नहीं जा रहा है उसने अपनी चूत के अंदर उंगली घुसाने की कोशिश की लेकिन उसकी चूत में उंगली नहीं जा रही थी।

मैंने अपने मोटे लंड को उसकी चूत पर लगाया जब मैने उसकी चूत मे लंड को घुसाया तो वह जोर से चिल्लाई और उसकी चूत से निकलता हुआ खून बहुत ज्यादा बढ़ चुका था। उसकी योनि से निकलता हुआ खून इतना ज्यादा हो चुका था कि वह बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पा रही थी। मैं उसको तेजी से धक्के देने लगा मैं उसे जिस प्रकार से चोद रहा था उससे उसकी सिसकारियां बढ़ती ही जा रही थी और मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। मैंने संजना को कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तो संजना मुझे कहने लगी मुझे बहुत मजा आ रहा है। अब हम दोनों के अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ने लगी थी कि मैं और संजना एक दूसरे का साथ अच्छे तरीके से दे रहे थे। मै उसके होठों को चूम रहा था और उसे बड़े ही तेज गति से धक्के मार रहा था। मैं उसे जिस प्रकार से धक्के मार रहा था मुझे मजा आने लगा था मेरा माल संजना की योनि में गिर गया।

जब मेरा माला संजना कि योनि में गिरा तो मुझे मजा आने लगा संजना भी बड़ी खुश हो गई थी। मैंने संजना की चूत से अपने माल को साफ किया उसकी चूत से निकलता हुआ पानी अब दोबारा से बढने लगा था इसलिए वह मुझसे अपनी चूत दोबारा मरवाना चाहती थी। मैंने अपने लंड को उसकी चूत मे धकेल दिया जैसे ही मेरा मोटा लंड उसकी योनि के अंदर घुसा तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और कहने लगी मुझे दर्द हो रहा है। मैंने उसे कहा दर्द में ही मजा है बस थोड़ी देर का दर्द होगा फिर मजा आने लगेगा। मै उसे तेज गति से धक्के मारने लगा उसे जिस प्रकार से मै चोद रहा था उसको आनंद आ रहा था और मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी मेरे अंदर इतनी ज्यादा गर्मी पैदा होने लगी कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था और ना ही संजना अपने आपको रोक पा रही थी। वह मुझसे अपनी चूतडो को मिलाए जा रही थी। मुझे उसे चोदने में मजा आता मैंने अपने माल को उसकी योनि मे गिराया और उसे खुश कर दिया वह बहुत ही ज्यादा खुश हो चुकी थी।

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