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लडके की छोटी बहन हुई चुदाई की मुरीद

hindi sex stories, kamukta हाय दोस्तो | चलो मैं एक अनजान बन्दा आपको अपनी जवानी के असली घटना सुनाने वाला हूँ | मैंने अपने एक मित्र की बहन को उसके घर पर चोदा | पहेले मैं बिलकुल भोला बन्दा हुआ करता था | वैसे बचपन में हमे लडकियो के विषय में कुछ मालूम नही होता है | मेरे बचपन का एक मित्र था वो अक्सर मेरे घर घूमने के लिए आया करता था | उस मित्र की एक बहन भी थी | बचपन में उसकी बहन कुछ ख़ास नहीं दिखती थी | लेकिन समय के गुजरने पर उसकी बहन बड़ी हो गयी और माल लगने लगी | वो अब सुडोल और जवान लड़की है | करीब दस साल तक मैं अपने बचपन वाले मित्र से दूर रहा | क्योकि मेरे पापा का तबादला किसी अन्य शहर में हो गया था | पहले मैं और मेरा बचपन वाला मित्र एक शहर में रहा करते थे | लेकिन मेरे पापा के साथ मुझे अन्य शहरों में रहने के लिए जाना पड़ता था | तब मैं छोटा था और अपनी पढाई नयी नयी जगहों पर किया करता था | जब मैं जवान हो गया तो मुझे एक दिन मेरा वो मित्र मिला और उसने मुझ से मेरे विषय में पूछा की तुम पहले किस शहर में रहते थे | उस दिन मैं अपने पुराने शहर में किसी अपने परिचित के घर गया हुआ था ताकि मैं उन्हे एक कार्ड दे सकू मेरे मामा की पहली सालगिरह का |

मैं जब अपने परिचित के घर से बाहर निकल रहा था तब वो लड़का उसकी बहन के साथ एक गाडी से कही जा रहे थे | उसने मुझे जब देखा था उसने मेरे पास गाडी को रोका और पूछने लगा की ये लड़का किधर से आया है | मेरे मामा ने उस लड़के को बताया की ये सुरेन्द्र है | उसने मुझे पहचान लिया और मुझसे मिलने के लिए मेरे पास आया | जब वो मेरे पास आ रहा था तब उसकी बहन भी उसके साथ मुझ से मिलने के लिए आई | उस मित्र ने मुझसे मेरे पापा और मम्मी के विषय में पूछा की वो लोग कैसे है | मैंने उसे बताया की दोनों ठीक है और उनको आपकी याद आती है |

उसकी बहन ने भी उस दिन मुझ से बात की | मैं उस समय जवानी के चरम पर पहुँच चुका था इसलिए उसकी बहन ने मुझे जब उसके घर पर चलने को कहा तो मैंने भी हाँ कर दी | मेरे मित्र ने उसकी बहन को उसकी गाडी पर बैठाया और मैंने अपनी गाडी को चालू किया | उन लोगो के साथ उनके घर चल पड़ा | मैं जब मित्र के घर पर पहुंचा तब मुझे उस मित्र के मम्मी और पापा दिखाई दिए | उनके साथ मैंने चाय का लुफ्त लिया और पोहा भी खाया | फिर मेरे मित्र ने मुझ से पूछा कि तुम कितने दिन के लिए यहा पर आये हो | उसने मुझ से कहा तुम आराम से हमारे घर पर रुक सकते हो | क्योकि तुम अनजान नही हो | मैंने अपने मित्र से कहा कि मैं अपने मामा के घर पर रुक सकता हूँ लेकिन मेरा मित्र ने मुझे जोर देते हुआ कहा कि तुम्हे हमारे घर पर रुकना ही पड़ेगा | मैंने अपने उस मित्र को हां कर दिया | क्योकि मेरे मामा का घर छोटा था और उन लोगो को मेरी वजह से दिक्कत हो सकती थी | मुझे उन लोगो के घर पर रहते हुए एक महीना वैसे भी हो गया था | उस मित्र की बहन फुरसत के समय में मेरे पास आकर मुझ से दुनिया भर की बाते किया करती थी | मुझे उसकी बहन नए पकवान भी बनाकर खिलाया करती थी | उसकी बहन लाजवाब पकवान बनाया करती थी | एक दिन मेरे एक मित्र का फोन आया और ये वाला मेरा मित्र उस शहर का था जिस शहर से मैं आया हुआ था | मेरे शहर के मित्र ने मुझ से फोन पर पूछा कि तुम कहाँ पर हो तब मैंने उसे बताया कि मैं मेरे मामा के घर पर घूमने के लिए आया हूँ लेकिन अपने एक पुराने मित्र के घर पर रुका हुआ हूँ | फोन पर मैंने अपने पुराने मित्र के विषय में बताया | मैंने उस मित्र को बताया की उसकी एक बहन है जो जवान है | मेरे मित्र ने मुझे फोन पर कहा तेरे पास एक मौका है की तू उस लड़की को गर्लफ्रेंड बना ले और उस लड़की के घर पर तू उसकी चुदाई कर सकता है | उस मित्र के ऐसा कहने पर मैंने उस लड़की का पहेले फोन नम्बर ले लिया | उस लड़की को गर्लफ्रेंड बनाना मेरे लिए सरल था | उसे मैंने अपनी गर्लफ्रेंड बना लिया था |

उस लड़की को एक दिन मैंने उसके घर पर चोदा था | उस दिन उस लड़की के घर पर कोई नही था | मुझे एक मौका मिला था कि मैं कुछ कर सकूँ | मैं उस लड़की को देखता था तो उसके दूध को अक्सर देखा करता था क्यूंकि उसके दूध बड़े थे | जब वो पैदल चलती थी तो उसके दूध हिलने लगते थे | मुझे उसके दूध को दबाने का एक मौका उस दिन मिला जब उसके घर पर कोई नही था | उसकी चुदाई शुरु करने से पहले मैंने उससे हसी मजाक शुरु किया | उसके साथ मैं एक कमरे के अन्दर था | कोई बाहर से आ ना जाये इसलिए मैंने दरवाज बन्द करने के लिए कहा था | मैंने उस दिन बीमार होने का बहाना किया था और उस लड़की से बाहर का दरवाजा बन्द करवा लिया था | उस लड़की ने मेरे अनुरोध पर दरवाजा बन्द कर दिया | फिर मैंने उस लड़की से कहा तुम मेरे लिए कुछ गरमा गर्म पकाकर लाओ | उसने मेरे लिए गाजर का हलवा बनाया और परोस लायी | मैं उस लड़की के साथ गाजर का हलवा खा रहा था | मुझे उस लड़की को चोदना था इसलिए मैंने उससे हसी मजाक करना शुरु कर दिया | हसी मजाक करते समय मैंने झटके से उसका हाथ पकड लिया और उसके होटो को चूमने लगा | ऐसा करने पर वो लड़की हैरान हो गयी थी लेकिन मैंने उसके होटो को चूमना नही छोड़ा | कुछ समय तक उसके होटो को चूमता रहा | फिर कुछ समय बाद वो मुझे देखकर हसने लगी | फिर क्या था मैंने उसके चूत में अपना हाथ डाल दिया |

वो जोर से हसने लगी और अब मेरे पास एक छूट थी जो की उस लड़की ने मुझे दी थी | उस समय मैंने उस लड़की की दी हुई छूट का फायदा उठाया और उसकी चूत को अपने हाथों से रगड़ने लगा | मुझे कुछ समय तक उसे चोदने का अवसर मिला था क्योकि हो सकता था की कोई उसका घर वाला आ जाए | इसलिए मैंने फटाफट उसके कपडा उतार दिए और फिर मैंने उसकी गांड को मसलना शुरु किया | मैं अपने हाथो से उसके दूध को दबा रहा था और मैं इसके बाद नंगा हो गया | फिर मैंने कुछ समय बाद उसके मुंह के अन्दर मेरा लंड घुसेड दिया | वो लड़की मेरा लंड चूस रही थी |

उस लड़की ने कुछ समय तक मेरा लंड चूसा | फिर मैंने उसकी चूत को रगड़ना शुरु किया | कुछ समय के बाद मैंने अपना लंड उसके चूत में थूक लगा कर डाल दिया | मेरे लंड की गर्मी बढ़ रही थी तब मेरे लंड से वीर्य निकलना शुरु हो गया था |

जब मेरा वीर्य निकलकर बाहर आ गया तब मैं थक गया | फिर मैंने उससे कहा अब तुम कपडे पहन लो वर्ना कोई आ गया तो हमे कोई पकड सकता है | उस लड़की को मैंने अपनी गर्लफ्रेंड बना लिया था इसलिए मैं उसके घर पर उसे आसानी से चोद सकता था | जब मैंने अगली बार उसे चोदने का फैसला किया तब उसके घर पर उसके घर वाले मौजूद थे इसलिए मैंने उस लड़की से कहा की मैं तुम्हे कही घुमाने के लिए ले चलता हूँ | मैंने अपने मित्र से कहा की मैं तुमको अपने मामा के घर घुमाने के लिए ले चलता हूँ तब उस समय उसकी बहन भी वहां पर मौजूद थी | उसकी बहन भी मेरे मामा के घर घूमने चलने के लिए तैयार थी | जब हम लोग तैयार हो रहे थे तब मुझे एक नजारा देखने को मिला | मैं पहले ही कपडे पहनकर तयार हो गया था | तब मैंने अपने मित्र से कहा तुम भी रेडी हो जाओ | फिर मैं लड़की के कमरे के पास गया | वो लड़की उस समय कपडे पहन रही थी और मैंने खिड़की से झाककर देखा तो वो सच में उसके कपडे पहन रही थी | उसे कपडे पहनता हुआ देखकर मैं उसके कमरे के सामने रुक गया | उसने कपडे उतारे और उसके बड़े बड़े दूध को मैंने देखा | फिर उसने उसकी चड्डी को उतारा और एक पजामा पहन लिया | मुझे उस दिन मालूम था की उसने उस दिन चड्डी नही पहनी है | इसलिए मुझे उसे चोदने के समय उसकी चड्डी को उतारना नही पड़ेगा | जब हम लोग हमारे मामा के घर पर पहुंचे तो मैंने अपने मामा से कहा मेरे महमान को कुछ नया खिलाओ और उन्होने मेरे महमानो के लिए पुडी और छोला बनवाया | हम सब ने पुडी और छोला खाया | उस दिन मुझे उस लड़की को चोदना था इसलिए मैंने मेरी मामा की लड़की के साथ मेरे मित्र की बहन को अपनी गाडी में बैठाया और उन्हे एक मेरे पहचान वाले के घर ले कर गया | पहेले से सब कुछ तय था |

मैंने अपने पहचानने वाले से कहा था की मैं एक अपने मित्र की बहन को लेकर आने वाला हूँ ताकि मैं उसकी चुदाई कर सकू | मैंने अपनी बहन से कहा कि तुम घर से बाहर चले जाओ और कुछ खाने के लिए ले आओ | मेरे मामा की बहन बाहर चली गयी और फिर मैं अपनी मित्र की बहन को ले कर अन्य परिचित वाले के घर चला गया | ऐसा करने पर मेरे पास मौका था की मैं उस लड़की को चोद सकू | वो लड़की उस दिन मुझ से चुदवाने के लिए तयार थी | मैंने चुदाई शुरु करने से पहेले उसकी चूत में अपना मुंह डाल दिया | मुंह डालने से पहेले मैंने पहेले उसके पजामा को उतार दिया | उसकी चूत को फिर मैं अपने जीभ से चाटने लगा | उसकी चूत चिप चिपी थी इसलिए मेरा लंड उसकी चूत में आसानी से घुस सकता था | मैंने देर किये बिना अपना लंड उसकी चूत को चाटने के बाद उसमे अपना लंड घुसेड दिया | जब मैं उस लड़की की चुदाई कर रहा था तो वो कह रही थी इसलिए तुम मुझे मामा के घर पर घूमने का बहाना किया था | मेरे पास समय था और मैंने चुदाई करते हुए उसे बताया की आज का दिन मेरे लिए खास है क्योकि मैं तुम्हे देर तक चोद सकता हूँ | उसकी चूत मेरी चुदाई के कारण लाल हो चुकी थी | जब मैं थक चूका था तो मैंने उस लड़की से घर चलने के लिए कहा और हम लोग घर पर लौटकर आ गए |

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