Best Hindi sex stories

Sab se achi Indian Hindi sex kahaniya!

कप्लना मेरी गर्लफ्रेंड-1

desi kahani हैल्लो दोस्तों, में सेक्सी मुनेश आज अपनी एक और स्टोरी लेकर आपके सामने आया हूँ। में आशा करता हूँ कि आपको मेरी स्टोरी बहुत पसंद आएगी, तो अब स्टोरी शुरू की जाए। हाँ तो दोस्तों अभी तो में एक मल्टीनेशनल कम्पनी में इंजिनियर हूँ, लेकिन ये बात तब की है, जब में फाइनल ईयर का स्टूडेंट था। हमारी क्लास में टोटल 66 स्टूडेंट्स थे, जिनमें 22 गर्ल्स थी, उन्ही में से एक थी कल्पना। फिर जब हमारी रिपोर्टिंग हुई तो मैंने उसे पहली बार देखा था और सोचा था कि इसे तो में अपनी गर्लफ्रेंड बनाऊंगा, चाहे कुछ भी करना पड़े। फिर हमारी Ist ईयर की क्लास स्टार्ट हुई। अब मैंने पहले दिन से ही क्लास लेना स्टार्ट कर दिया था, क्योंकि अब में कोई चान्स नहीं लेना चाहता था कि कोई और कल्पना पर नजर डाले। फिर वो 4 दिन के बाद कॉलेज आई। फिर कुछ दिन के बाद रैगिंग दौरान मेरे एक सीनियर ने मुझसे पूछा कि मुझे क्लास में सबसे ज़्यादा कौन सी लड़की पसंद है? तो मैंने कहा कि कल्पना। अब बस मैंने तो इतना ही कहा था और मेरे गाल पर एक जोरदार थप्पड़ पड़ा, तो बाद में मुझे पता चला कि वो उस सीनियर की कज़िन है।

अब तो मेरा इरादा और पक्का हो गया था, क्योंकि मुझे उसकी वजह से थप्पड़ भी पड़ चुका था। अब में कल्पना से क्लास में थोड़ी बहुत बातें करता था, हालाँकि में शुरू से ही को-एड स्कूल में पढ़ा हूँ, लेकिन कभी मैंने लड़कियो को भाव नहीं दिया था, क्योंकि में क्लास का दूसरा टॉपर था और लड़कियाँ खुद ही मेरे पास आती थी, लेकिन यहाँ की बात ही कुछ और थी। अब कॉलेज का पहला फ्रेंडशिप-डे था। अब सभी एक दूसरे को बैंड बाँध रहे थे। फिर में फ्रेंडशिप बैंड लेकर कल्पना के पास गया और उसे वो एक्सेप्ट करने के लिए कहा। तो तब उसने मुझे देखा और उस बैंड को देखा और कहा कि तुम्हारी मुझे दोस्ती का प्रस्ताव देने की हिम्मत कैसे हुई? क्या हो तुम? उसने सारी क्लास के सामने मुझसे ऐसा कहा था।

मुझे उस वक़्त इतना बुरा लगा था कि क्या बताऊँ? मेरी इतनी बेइज़्ज़ती कभी नहीं हुई थी। तब तक तो में सिर्फ़ कल्पना से दोस्ती करना चाहता था, लेकिन उसे चोदूंगा या और मेरी कुछ ऐसी कोई चाहत नहीं थी, लेकिन उस दिन मैंने सोच लिया था कि इस दिन का बदला में जरूर लूँगा। फिर उसके बाद मेरे कई अच्छे दोस्त बन गये, उनमें कई लड़कियाँ भी थी, क्योंकि में हमेशा से पढ़ाई में और प्रेक्टिकल्स में सबकी मदद करता था। अब हम IInd ईयर में आ गये थे, हमारे क्वालिटी ग्रुप बने तो उसमें कल्पना भी थी। में हमारे ग्रुप का सबसे बुद्धिमान स्टूडेंट था, अब सबको मेरी मदद चाहिए होती थी। में सबकी मदद करता था, ख़ासकर प्रेक्टिकल में कल्पना की भी करता था, लेकिन उससे उस दिन के बाद कभी बात नहीं की थी, इस बार फ्रेंडशिप-डे पर कल्पना ने मुझे प्रपोज़ किया, लेकिन मैंने उसे मना कर दिया था। लेकिन मेरे क्वालिटी ग्रुप मेंबर्स के कहने पर मैंने बैंड बँधवा लिया, लेकिन मैंने बात तब भी नहीं की थी, वक़्त सारी बातो को भुला देता है।

अब हम सभी सब कुछ भूलकर मस्ती और पढ़ाई करने लगे थे। अब कप्लना मेरी गर्लफ्रेंड बन चुकी थी और सारा कॉलेज इस बात को जानता था। फिर मैंने 15 फरवरी 2016 को कल्पना से मेरे साथ मेरे मामा जी की लड़की की शादी में चलने को कहा तो उसने हाँ कर दिया, बाकी फ्रेंड्स भी हमारे साथ थे, अब में यहाँ एक बात बताना चाहूँगा कि हम दोनों ही हॉस्टल में रहते थे। अब 18 फरवरी को हम मेरे मामा जी के घर पर थे, हम कॉलेज से 8 दिन की छुट्टी लेकर आए थे, टीचर्स से संपर्क होने के कारण हमें कोई परेशानी नहीं थी। शादी 21 फरवरी की थी, अब मस्ती में शादी कंप्लीट हो गयी थी।

फिर उसके बाद मेरे सारे फ्रेंड्स अपने शहर चले गये। तब कल्पना ने भी कहा तो मैंने उसे नहीं जाने दिया। फिर में उसे अपने शहर लेकर आया, मेरे सारे फेमिली मेंबर्स अभी मामा जी के यहाँ ही थे और अगले 5 दिन तक नहीं आने वाले थे। फिर मैंने पड़ोस की आंटी से चाबी ली और सीधा बेड पर जाकर गिरा। फिर कप्लना ने हम दोनों के लिए चाय बनाई। फिर मैंने उसे अपना पूरा घर दिखाया और नहाने चला गया। अब कल्पना कंप्यूटर पर गाने सुन रही थी। फिर में बाथ लेकर बाहर आया तो मैंने देखा कि कल्पना का गोरा चेहरा एकदम लाल हो रहा था और वो तेज-तेज साँसे ले रही थी। फिर जब मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? तो उसने कहा कि कुछ नहीं और तेज़ी से अपने कपड़े लेकर बाथरूम में चली गयी। अब मेरी समझ में कुछ भी नहीं आया था, उसने गाने बंद कर दिए थे। तब मैंने सोचा कि में गाने स्टार्ट करता हूँ। फिर जैसे ही मैंने विंडो मीडीया प्लेयर ओपन किया, उसमें जो फाईल ऑलरेडी स्टोर थी वो प्ले हो गयी थी और उसे देखते ही मेरी समझ में सब कुछ आ गया था। दरअसल यह कंप्यूटर मेरे छोटे भाई जितेंद्र के लिए है, जो बी.सी.ए का छात्र है। अब उस पर ब्लू फिल्म लोड थी।

फिर जब मैंने ध्यान से देखा है तो ग्रिल एंजेलिना जॉली पूरी नंगी होकर डांस कर रही थी। फिर मैंने देखा तो वो सारी क्लीप थी, जो हॉलीवुड मूवी में होती तो है, लेकिन जब उन्हें इंडिया में रिलीज करते है तो हटा देते है। अब मुझे मज़ा आने लगा था और जितेंद्र पर हँसी भी आ रही थी, लेकिन वो भी तो लड़का है उसकी भी तो कुछ इच्छा होती होगी। फिर में उन्हें देखता रहा, वो एक से एक शानदार क्लिप थी, बेसिक इन्सिट का वो सीन भी था जिसकी वजह से उस एक्ट्रेस का तलाक हो गया था। तो तभी अचानक से मुझे ध्यान आया की बहुत देर हो गयी है, लेकिन कल्पना अभी तक बाथ लेकर नहीं आई। अब मेरा लंड तो टाईट होना ही था। अब में सोच रहा था कि क्यों ना कल्पना को चोदा जाए? अब घर में हम दोनों ही थे और कोई डर भी नहीं था। अब वो भी उत्तेजित थी और इधर में भी था।

फिर में चुपके से बाथरूम के पास गया, लेकिन वहाँ कोई आवाज नहीं थी तो मैंने एक बार तो सोचा कि कल्पना को आवाज़ दूँ, लेकिन मैंने धीरे से दरवाजे पर हाथ रखा तो वो खुल गया, यानि दरवाजा अंदर से लॉक नहीं था। तो मैंने देखा कि कल्पना अपने दोनों पैर फैलाकर बैठी थी और अपनी चूत को रगड़ रही थी। अब मेरा लंड तो पहले से ही टाईट था और अब इस सीन को देखकर तो वो मेरी पेंट से बाहर आने को तड़पने लगा था। तो तब मैंने कुछ भी नहीं सोचा और अपने सारे कपड़े बाहर ही उतारकर एकदम से अंदर चला गया। तो कल्पना मुझे देखकर एकदम चौंक गयी, लेकिन मुझे भी नंगा देखकर उसने अपना मुँह दूसरी तरफ कर किया था। फिर में उससे बोला

Best Hindi sex stories © 2017
error: