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कामवाली को विदेश से आने के बाद पैसे देकर चोदा

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मेरा नाम सुरेश है मैं मध्य प्रदेश का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 26 वर्ष है और मैं विदेश में रहता हूं। मेरे पिताजी ने मुझे कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए विदेश में भेज दिया था क्योंकि वह चाहते थे कि मैं विदेश में ही अपनी पढ़ाई करूं और वहीं पर मैं काम करना शुरू कर दू। मैं अपनी पढ़ाई के साथ साथ पार्ट टाइम नौकरी भी करता हूं, जिससे कि मैं कुछ पैसे कमा लिया करता हूं और उससे मेरा खर्चा निकल जाता है। मैं जब अपने पिताजी से फोन पर बात करता हूं तो वह कहते हैं कि हम लोग तुम्हें बहुत ज्यादा मिस कर रहे हैं क्योंकि मैं काफी समय से घर नहीं गया हूं। मैंने जब से अपने कॉलेज की पढ़ाई शुरू की है उसके बाद से मैं एक बार भी घर नहीं गया, मुझे भी अपने घर वालों की याद आती है। मैं यहां के माहौल में बिल्कुल ढल चुका हूं।

मेरे जितने भी दोस्त यहां पर हैं हम लोग शाम को हमेशा ही पार्टी करते हैं और पूरा इंजॉय लेते हैं। मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि मुझे इतना समय विदेश में कब हो गया। मुझे विदेश में काफी समय हो गया है लेकिन मुझे लगने लगा कि मुझे कुछ समय के लिए घर जाना चाहिए, मैंने अपने पिताजी से इस बारे में बात की तो वह कहने लगे तुम यहां आ कर क्या करोगे, तुम वहीं रह कर अपने पढ़ाई पूरी करो और जब तुम्हारी पढ़ाई पूरी हो जाए तो उसके बाद तुम यहां लौट आना। मेरे पिताजी गांव में प्रधान हैं और जब मैं उनसे मां के बारे में पूछता हूं तो वह कहते हैं कि वह बिल्कुल अच्छी है, मैं जिस वक्त अपने पिताजी को फोन करता हूं उस वक्त बहुत रात हो जाती है इसलिए मेरे पिताजी ही मुझसे बात करते हैं। मेरी बहन भी मुझसे कभी कबार बात कर लेती है, उसकी शादी को भी काफी वर्ष हो चुके हैं और अब वह आपने ग्रहत्थी जीवन में ही व्यस्त है इसलिए उसके पास भी ज्यादा वक्त नहीं हो पाता। मैं जब भी उसे फोन करता हूं तो वह मुझसे बात कर लेती है या कभी कबार वह मुझे मैसेज कर दिया करती है।

वह अपने छोटे बच्चों की भी फोटो मुझे भेजती है, मैं जब उन्हें देखता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। जब मैंने उन्हें काफी वर्ष पहले देखा था तो वह बहुत छोटे थे लेकिन अब वह भी बड़े हो चुके हैं क्योंकि मुझे काफी वक्त से घर नही गया और अपनी बहन के बच्चों से मिले हुए भी काफी समय हो गया है। मेरे जीजा जी का भी अपना भी कारोबार है और वह भी बहुत संपन्न परिवार से हैं, यह रिश्ता मेरे पिताजी ने किया था। मेरे पिताजी ने शादी में बहुत ज्यादा खर्चा किया, मेरे पिताजी मेरी बहन को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं इसीलिए उन्होंने शादी में बहुत अच्छे से सारा बंदोबस्त किया था। एक दिन मेरी बहन कहने लगी की तुम काफी वक्त से घर नहीं आए हो तो तुम घर आ जाओ क्योंकि उसका जन्मदिन भी आने वाला था। मैं सोचता था कि मुझे घर चले ही जाना चाहिए इस वजह से मैं घर जाने की तैयारी करने लगा, मैंने अपनी फ्लाइट की टिकट बुक करवा ली और मैंने इस बारे में अपने पिताजी को भी सूचित कर दिया। वह बहुत खुश हो गए जब मैंने उनसे कहा कि मैं घर आ रहा हूं। अब मैं घर जाने की पूरी तैयारी में था और जब मैं एयरपोर्ट पहुंचा तो वहां बैठ कर मैं बहुत खुश हो रहा था क्योंकि मेरे अंदर घर जाने की उत्सुकता थी और मैं जब घर पहुंचा तो मेरे घर वाले बहुत खुश हुए, मेरे पिताजी ने मुझे देखते ही गले लगा लिया और मेरी मम्मी भी बहुत खुश थी, वह लोग मेरे साथ ही बैठे हुए थे और बहुत बातें कर रहे थे। वह मुझसे विदेश के बारे में पूछ रहे थे। वह कहने लगे कि तुम इतने साल बाद घर लौटे हो तो तुम तो बिल्कुल ही बदल चुके हो, मैंने जिम में बहुत कसरत की इसलिए मेरा शरीर अब पहले जैसा नहीं रह गया था। पहले मैं बहुत दुबला पतला भी था लेकिन अब मेरी बॉडी बनने के बाद मेरे शरीर में पूरा परिवर्तन हो चुका है और मैं अब पहले से अच्छा दिखने लगा हूं। मेरे पिताजी बहुत खुश हो गए और कहने लगे कि तुमने तो बहुत अच्छी बॉडी बना ली है, मैंने कहा कि मेरे दोस्तों को जिम का शौक था तो एक दिन वह मुझे जिम ले गये और कहने लगे कि तुम यहीं पर समय दिया करो, तो मैं उनके साथ ही जाने लगा। मुझे काफी समय हो चुका है जिम जाते हुए इसलिए मेरी पूरी पर्सनैलिटी ही बदल चुकी है।

हमारे घर पर एक लड़की काम भी करती है उसका नाम राधा है, वह हमारे गांव की है, उसका परिवार बहुत गरीब है इसलिए मेरे पिताजी ने उसे अपने घर पर काम के लिए रख लिया। मैंने जब पिताजी से इस बारे में पूछा तो वह कहने लगे कि राधा के घर की स्थिति ठीक नहीं थी इसलिए मैंने उसे घर में काम पर रख लिया, उसकी मां मेरे पास आई थी और कहने लगे कि मेरी लड़की को आप अपने घर पर काम पर रख दीजिए ताकि हमारे घर का खर्चा निकल सके, मैंने उन्हें कहा था कि यदि तुम्हें पैसों की आवश्यकता है तो तुम मुझसे पैसे ले जाओ लेकिन उसकी मां ने मना कर दिया और कहने लगी कि तुम राधा को ही अपने घर पर रख लो ताकि वह आपका घर का काम कर सके और आप उसके बदले उसे कुछ पैसे दे देना। राधा हमारे घर का ही काम करती है और वह मेरे पिताजी के साथ खेत में भी काम करती हैं। मैं भी अपने पिताजी के साथ खेत में चला गया, जब मैं उनके साथ खेत में गया तो वहां पर बहुत अच्छी फसल लगी हुई थी। मैंने उन्हें कहा कि मैं कितने समय बाद गांव में आया हूं और गांव में आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मेरे पिताजी मुझसे कहने लगे कि यहां की हवा ही कुछ अलग प्रकार की है, यहां बहुत ही ताजगी महसूस होती है। मेरे पिताजी जब शहर जाते हैं तो वह बिल्कुल भी नहीं रह पाते क्योंकि उन्हें अब गांव में रहने की आदत हो चुकी है और गांव में उनसे सब लोग परिचित हैं इसी वजह से वह गांव में ही रहते हैं। हम लोग अब घर पर ही थे और घर पर मैंने आराम किया लेकिन मेरे पिताजी कहने लगे कि हम तुम्हारी बहन के घर चलते हैं और फिर हम लोग मेरी बहन के घर चले गए क्योंकि उसका बर्थडे भी था इसलिए मैंने उसके लिए गिफ्ट ले लिया था और मैं उसके लिए कुछ सामान  अपने साथ भी लेकर आया हुआ था। हमारे साथ मेरी मां भी थी।

जब हम लोग मेरी बहन के घर पहुंचे तो वह मुझसे मिलकर बहुत खुश हुई और कहने लगी तुम्हें इतने साल बाद देख कर कितना अच्छा लग रहा है, मैंने उसे कहा कि मैं भी तो तुम्हें इतने सालों बाद देख रहा हूं, मैं बहुत ही खुश था,  वह भी बहुत खुश हो रही थी। जब मैं उसके बच्चों से मिला तो वह बहुत बड़े हो चुके थे और वह मुझे कहने लगे कि मामा आप हमारे लिए क्या लेकर आए हैं, मैंने उनके लिए भी कुछ गिफ्ट लिए हुए थे और मेरे पास कुछ चॉकलेट भी थी, मैंने वह उन बच्चों को दे दी और वह बहुत खुश हो गए। उसके बाद कुछ देर मैं उनके साथ ही खेलता रहा। अब मेरी बहन मुझसे पूछने लगी कि तुम्हारा आगे का क्या विचार है, मैंने उसे बताया कि मैं विदेश में ही काम करने वाला हूं और मैं वहीं पर रहने वाला हूं क्योंकि वहां पर मुझे अच्छे पैसे मिल जाएंगे इसलिए मैं वही काम करूंगा। वह कहने लगी यह तो अच्छी बात है की तुम वहीं काम करोगे। मेरे पिताजी भी कहने लगे कि यह सुरेश के लिए अच्छा होगा कि वह विदेश में नौकरी करें। अब हम लोगों ने मिलकर मेरी बहन का बर्थडे बनाया। मेरे जीजा भी घर पर थे और हम सब लोग काफी एंजॉय कर रहे थे। हम लोग मेरी बहन के घर पर दो दिन तक रुके, उसके बाद हम लोग वापस अपने घर आ गए। उस दिन बहुत रात हो गई थी इसलिए हम सब लोग जल्दी सो गए सुबह में देरी से उठा तो मेरे पिताजी खेतों में जा चुकी थे मेरी मां भी काम से कहीं गई हुई थी।

राधा मेरे कमरे में आई वह सफाई करने लगी जब वह सफाई कर रही थी तो उसके स्तन मुझे दिखाई दे रहे थे। मैं बड़े घूर घूर कर उसके स्तनों को देख रहा था वह मुझसे कहने लगी कि तुम इस प्रकार से मेरे स्तनों को क्यों देख रहे हो। मैंने उसे अपने पास बुलाया और कहां की तुम मेरी इच्छा पूरी कर दो तो मैं तुम्हें उसके बदले कुछ पैसे दे दूंगा। वह यह बात सुनकर बहुत खुश हुई उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू कर दिया और हिलाते हुए अपने मुंह में समा लिया। उसने काफी देर तक मेरे लंड को चूसा जिससे कि मेरे पानी बाहर की तरफ निकले लगा और मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी वह भी उत्तेजित हो गई। मैंने उसे अपने बिस्तर पर लेटाते हुए उसके होठों का रसपान किया। मैंने उसके होठों को बहुत अच्छे से चूसा जिससे कि उसके होठों से खून भी निकलने लगा था और मुझे बहुत अच्छा लगने लगा जब उसके होठों से खून निकल रहा था। मैंने उसे नंगा कर दिया जब मैने उसके स्तनों को देखा तो वह बड़े ही मुलायम और नर्म थे। मैंने जैसे ही उन्हें अपने हाथों से दबाया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था और राधा भी बहुत खुश हो रही थी। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेते हुए चूसना शुरू कर दिया और काफी देर तक उसके स्तनों का रसपान किया। मैंने उसकी योनि को भी चाटा उसकी योनि से पानी निकल रहा था वह मैंने सब बहुत अच्छे से चाटा। मैंने जब उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया तो उसकी योनि में एक भी बाल नहीं था और मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि में डाला तो वह पूरे मूड में आ गई। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा लेकिन जब मेरा लंड अंदर बाहर हो रहा था तो वह अपने मुंह से मादक आवाज निकाल रही थी। वह मुझे कहने लगी की आपने तो मेरी सील तोड़ दी है मैंने जब अपने बिस्तर पर देखा तो उस पर पूरा खून लगा हुआ था। मैं अब पूरे मजे ले रहा था और वह भी पूरे मूड में थी आधे घंटे तक मैंने उसे अच्छे से चोदा और उसके बाद मेरा वीर्य उसकी योनि में जा गिरा।

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