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हम दोनों की गर्मी

Antarvasna, desi kahani: पायल और मैं साथ में थे हम दोनों उस दिन रेस्टोरेंट में डिनर करने के लिए आए हुए थे और हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे। जब मैं पायल के साथ बातें कर रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था हम दोनों अपने फ्यूचर को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित है। मैं चाहता था कि मैं पायल से जल्द से जल्द शादी कर लूं लेकिन पायल अपने करियर को लेकर काफी सोचती है इसलिए वह मुझसे शादी नहीं करना चाहती है। पायल को लगता है कि अगर उसने शादी कर ली तो शायद वह अपने करियर को आगे नहीं बना पाएगी इसीलिए मैं उस दिन पायल के साथ इस बारे में बात करना चाहता था। मैंने उस दिन पायल से अपने और उसके रिलेशन को लेकर बात की लेकिन पायल मुझे कहने लगी कि मुझे लगता है कि हम दोनों को थोड़ा समय और रुकना चाहिए।

मैं अब ज्यादा समय नहीं रुक सकता था क्योंकि पापा और मम्मी मुझ पर शादी का दबाव बना रहे थे और वह लोग अक्सर मुझसे इस बारे में कहते लेकिन मैं उन्हें कुछ ना कुछ कह कर टाल ही दिया करता था। मेरी उम्र भी हो चुकी है और उन्हें लगता है कि अब मुझे शादी कर लेनी चाहिए। शायद यही वजह थी कि वह लोग मुझे अक्सर मेरी शादी को लेकर कहते थे लेकिन मैं पायल से प्यार करता हूं और मुझे लगता है कि पायल और मैं एक दूसरे के साथ काफी खुश रहेंगे। शायद इसी वजह से मैं और पायल एक दूसरे के साथ अपने रिलेशन को आगे बढ़ा रहे थे लेकिन अब मुझे लग रहा था कि हम दोनों के रिलेशन का कोई भी भविष्य नहीं है। पायल और मैं एक दूसरे से दूर होते जा रहे थे पायल जॉब करने के लिए अमेरिका चली गई थी और मेरी उससे बात भी काफी कम हुआ करती थी।

पापा और मम्मी को लगने लगा था कि मुझे शादी कर लेनी चाहिए और वह अक्सर मुझे इस बारे में कहते तो अब मैं भी उन्हें मना ना कर सका और मैंने उन्हें पायल के बारे में बता दिया था। मुझे लगा था कि पायल मुझसे शादी करने के लिए मान जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ पायल मुझसे दूर हो चुकी थी और मुझे घर वालों की बात माननी पड़ी। मैं अब शादी करने के लिए तैयार था पहली बार मेरी मुलाकात महिमा के साथ हुई। पापा और मम्मी महिमा के पिताजी को काफी समय से जानते हैं और सब लोग हम दोनों की शादी के लिए तैयार थे। अब मैं महिमा के साथ शादी करने के लिए तैयार था और महिमा भी मेरे साथ शादी करने के लिए तैयार थी। पायल को भी यह बात मालूम चल चुकी थी लेकिन अब पायल मुझसे दूर हो चुकी थी और मुझे महिमा से शादी करनी पड़ी, महिमा मेरी पत्नी बन चुकी थी। महिमा से मेरी शादी हुई तो हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही थी और मैं बड़ा खुश था जिस तरीके से महिमा घर में सब लोगों का ध्यान रखती है।

पापा और मम्मी महिमा से बड़े खुश थे और सब कुछ अच्छे से चल रहा था। पायल से मेरा कोई संपर्क नहीं था क्योंकि उससे मेरी बात हो ही नहीं पाती थी और अब हम दोनों एक दूसरे से दूर हो चुके थे शायद यही वजह थी कि अब  मेरे और पायल के रास्ते अलग थे। मैं महिमा के साथ बहुत खुश हूं और महिमा भी मेरे साथ काफी खुश है हम दोनों की शादीशुदा जिंदगी अच्छे से चल रही है। महिमा और मैं एक दूसरे के साथ में समय बिताने की अक्सर कोशिश किया करते हैं जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता है। महिमा बहुत खुश रहती है जब भी मैं उसके साथ में समय बताता हूं। एक दिन महिमा और मुझे मेरे दोस्त की पार्टी में जाना था और उस दिन मैंने महिमा से जब इस बारे में कहा तो महिमा कहने लगी कि जब आप ऑफिस से लौटेंगे तो मैं तैयार हो जाऊंगी। जब मैं घर लौटा तो महिमा तैयार हो चुकी थी और हम दोनों उस दिन पार्टी में चले गए।

जब हम दोनों उस दिन पार्टी में गए तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा और हम दोनों बड़े खुश थे लेकिन उस दिन मेरी मुलाकात पायल से हुई। मैंने कभी सोचा नहीं था कि पायल से मेरी मुलाकात हो जाएगी। मैंने उस दिन महिमा को पायल से मिलवाया अब हम दोनों की जिंदगी काफी बदल चुकी है और मेरी जिंदगी में भी बहुत बदलाव आ चुके हैं। मैं महिमा से बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और महिमा भी मुझसे काफी प्यार करती है। हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही है और मैं बड़ा खुश हूं जिस तरीके से मैं और महिमा एक दूसरे के साथ में समय बिताने की कोशिश करते हैं। जब एक दूसरे के साथ हम दोनों होते हैं तो हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगता है। मेरा प्रमोशन भी हो चुका था जिससे कि मैं बहुत ज्यादा खुश था। जब मैं उस दिन घर लौटा तो मैंने महिमा को इस बारे में बताया, महिमा मुझे कहने लगी कि यह तो बड़ी ही खुशी की बात है और हम लोगों को इसे सेलिब्रेट करना चाहिए। मैं भी महिमा की बात से सहमत था और मैंने भी पार्टी देने की सोच ली।

उस मैंने अपने सारे दोस्तों को इनवाइट किया था और मैं बड़ा ही खुश था। उस दिन मैंने अपनी पार्टी में अपने सारे पुराने दोस्तों को बुलाया हुआ था और महिमा के भी कुछ दोस्त आए हुए थे। पार्टी बड़ी अच्छी रही सब लोग बड़े खुश थे। मैं और महिमा एक दूसरे के साथ बहुत ही अच्छे से समय बिताते हैं और हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े खुश हैं। थोड़े ही समय बाद मेरा ट्रांसफर मुंबई हो गया मैं मुंबई में अपने परिवार से अलग था। मैं महिमा से फोन पर बातें किया करता महिमा घर पर पापा मम्मी के साथ ही थी लेकिन मैं चाहता था कि महिमा मेरे साथ आ मुंबई आ जाए। मैंने जब महिमा से इस बारे में कहा तो महिमा ने कहा कि मैं आपके साथ मुंबई आना चाहती हूं और महिमा भी मेरे साथ मुंबई आने के लिए तैयार थी। हम दोनों मुंबई में ही रहने लगे थे, मैंने वहां पर फ्लैट ले लिया था और महिमा मेरे साथ मुंबई में रहने लगी थी। पहले मैं अपने एक दोस्त के साथ मुंबई में रहता था लेकिन अब महिमा और मैं एक दूसरे के साथ रहते हैं और हम दोनों बड़े ही खुश हैं जिस तरीके से हम दोनों की जिंदगी चल रही है।

महिमा चाहती थी कि वह भी जॉब करें और महिमा ने जब मुझसे इस बारे में बात की तो मैं महिमा को मना ना कर सका और महिमा भी जॉब करने लगी थी। महिमा एक कंपनी में जॉब करने लगी थी वह बड़ी खुश थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था। हम दोनों एक दूसरे को समय देने की कोशिश करते हैं और जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ होते है तो हमे बड़ा ही अच्छा लगता है। जिस तरीके से मैं और महिमा एक दूसरे के साथ समय बिताते हैं उससे हम दोनों ही बड़े खुश हैं। महिमा ने हमेशा ही मेरा साथ दिया। जब भी वह मेरे साथ होती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। एक दिन मैं और महिमा सोफे पर बैठे हुए थे हम दोनो बातें कर रहे थे। महिमा मेरे बिल्कुल बगल में बैठी हुई थी महिमा की चूतडे मुझसे टकरा रही थी। मैंने महिमा के स्तनों पर अपने हाथ को रखा महिमा मेरी तरफ देखने लगी महिमा समझ चुकी थी मेरे मन में क्या चल रहा है।

महिमा ने मेरे लंड को दबाया। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उसके बाद मैंने महिमा के होंठों को चूमना शुरू किया हम दोनों बेडरूम में चले आए। अब हम दोनों बेडरूम में चले आए थे मेरी गर्मी पूरी तरीके से बढने लगी थी। मैं चाहता था मैं महिमा के साथ सेक्स करूं। मैंने महिमा की होंठो को चूसकर उसकी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था। महिमा की गर्मी बढ़ने लगी थी मैंने महिमा से कहा तुम मेरे लंड को सकिंग कर लो। महिमा ने मेरी बात मान ली महिमा ने मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया वह उसे अच्छे तरीके से चूसने लगी थी। महिमा मेरे लंड का रसपान कर रही थी उससे मुझे मजा आने लगा था और महिमा को भी बड़ा अच्छा लग रहा था।

हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी मैं बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से मै और महिमा एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। अब हम दोनों बिल्कुल भी रह ना सके मैंने महिमा के स्तनों को कुछ देर तक चूसा और फिर उसके निप्पलो का रसपान करने के बाद मैंने उसके स्तनों के बीच में अपने लंड को लगाना शुरू किया जिससे उसे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। अब हम दोनों पूरी तरीके से गर्म होने लगे थे मैंने महिमा की गीली हो चुकी चूत पर अपने लंड को लगाकर अंदर की तरफ धकेलना शुरू किया और धीरे धीरे मेरा लंड महिमा की चूत के अंदर की तरफ जाने लगा था। मैं तेजी से महिमा को चोदता जा रहा था मेरा लंड महिमा की चूत के अंदर तक जा रहा था वह बहुत जोर से चिल्लाए जा रही थी  और अपने पैरों को खोलने लगी।

महिमा की टाइट चूत के अंदर तक मेरा लंड घुस चुका था अब मैं उसे बड़े अच्छे तरीके से धक्के दिए जा रहा था। मैं और महिमा एक दूसरे का साथ दे रहे थे हम दोनों को मजा आने लगा था मैं बहुत ज्यादा खुश था। मैं महिमा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था मेरा लंड बड़ी ही आसानी से महिमा की चूत को चिरता हुआ अंदर बाहर हो रहा था। मैं महिमा की चूत को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। मैं उसे और भी तेजी से धक्के मारने लगा था हम दोनों को सेक्स करते हुए काफी देर हो चुकी थी इसलिए मेरा वीर्य गिरने को था। मैंने जैसे ही अपने वीर्य को महिमा की चूत को गिराया तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगा। महिमा भी बहुत ज्यादा खुश थी जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स संबंध बनाए थे हम दोनो खुश थे।

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