Best Hindi sex stories

Sab se achi Indian Hindi sex kahaniya!

गोरे-गोरे भरे बदन की मालकिन नीलू -2

desi porn kahani फिर लगभग आढे घंटे के बाद मेरे मोबाईल की घंटी बज़ी तो मैंने फोन उठाया। मुझे जमीला की आवाज सुनाई दी आ जाओ अपनी पत्नी की चुदाई अपनी आँखो के सामने देखो। तब मैंने पूछा कि नीलू राज़ी हो गई? तो तब वो बोली कि राज़ा आकर तो देखो पूरी नंगी होकर मेरे पति के लंड पर अपनी चूत रखकर उनकी गोद में शेरख़ान से छिपकली की तरह चिपककर बैठी है। फिर में शेरख़ान के घर गया, तो जमीला मुझे दरवाजे पर मिली। फिर जमीला मुझे अंदर करके दरवाजा लॉक करके बोली कि जूते उतारकर धीरे-धीरे आओं। फिर जब में बेडरूम के दरवाजे पर गया तो नज़ारा देखकर में लहरा गया। उस रूम में पूरी रोशनी थी और रूम के बीच में जमीन पर मोटा कारपेट बिछा था, जिस पर दो चार गोल तकिए रखे थे और बगल में एक स्टूल पर शेरख़ान अपने पैरो को लटकाकर बैठा था और मेरी पत्नी उसकी गोद में अपने पैरो को शेरख़ान की कमर में लपेटकर उसके लंड पर बैठी लंबी-लंबी साँसे ले रही थी।

अब शेरख़ान का लंड नीलू की गांड की दरार पर था, ओह इतना बड़ा लंड अब में साफ देख रहा था। शेरख़ान का लंड नीलू की गांड से बाहर तक निकला था। फिर जमीला नीलू के पास जाकर नीलू की गांड को सहलाकर शेरख़ान से बोली क्यों जी अंदर डाल दिया क्या? तो तब शेरख़ान ने मुझे देखा और बोला कि नहीं भई अभी तो मालिश ही हो रही थी। फिर जमीला नीलू की गांड सहलाकर बोली कि तो रानी रुक क्यों गई? जरा लंड की ठीक से मालिश करो ना। तब नीलू कांपते स्वर में अपनी आँखे बंद किए हुए बोली कि ओह भाभी, अब में नहीं कर पाऊंगी। तब जमीला बोली कि पगली जितनी लंड की मालिश करोगी, लंड उतना खड़ा होगा और देर तक चूत पर धक्के मारेगा। तो जमीला की बात सुनकर नीलू की गांड हरकत में आई और अपनी गांड उसके लंड पर सरकाते हुए पीछे आई, जिससे उसका लंड पूरा छुप गया था। तब नीलू ने अपने चूतड़ को आगे सरकाना शुरू किया।

फिर जमीला ने मुझे इशारा करके अपने पास बुलाया और नीलू के पीछे खड़ा करके इशारे में बोली कि देखो। अब नीलू अपनी पूरी गांड शेरख़ान के लंड पर आगे पीछे चला रही थी। फिर वो ऐसा 10 बार ही कर पाई और शेरख़ान से चिपककर मादक आवाज निकाली और अपनी गांड ज़ोर से सिकुड़ ली। तब मैंने देखा कि शेरख़ान के लटकते हुए लंड से टप-टप करके पानी की बूँद टपकने लगी थी। फिर जमीला बोली कि तुम दोनों तो मज़ा लूट रहे हो, में क्या करूँ? तो तब शेरख़ान बोला कि तुम भी अजीत से चुदवाकर मज़ा ले लो। तब जमीला बोली कि वो तो ठीक है, लेकिन नीलू बुरा मान गई तो? तो तब शेरख़ान बोला कि बुरा क्यों मानेगी? जब यह तेरे पति से चुदवा रही है तो तुम भी इसके पति का लंड अपनी चूत में डलवा लो। तब जमीला नीलू के कान में बोली कि क्यों रानी में अजीत से चुदवाऊँगी तो बुरा तो नहीं मानोगी? तो तब नीलू धीरे से बोली कि नहीं।

फिर जमीला शेरख़ान से बोली कि तो में जाती हूँ। तो तब शेरख़ान बोला कि जाने की क्या जरूरत है? अजीत को यही बुला लो। तभी नीलू बोल पड़ी कि नहीं नहीं यहाँ मत बुलाओ, हाए राम वो क्या सोचेंगे? तब जमीला बोली कि तुम उल्टा सोचती हो, अभी तुम चुपके-चुपके चुदवा रही हो तो इतना मज़ा आ रहा है और फिर जब अपने पति के सामने उसकी रज़ामंदी से खुलकर चुदवाओगी तो कितना मज़ा पाओगी? तो तब शेरख़ान भी बोल पड़ा हाँ मेरी बुलबुल जमीला ठीक कह रही है, पहली बार सब डरती है कि उसके पति को मालूम होगा तो क्या होगा? लेकिन तुमको मालूम नहीं कि पति को सबसे ज़्यादा मज़ा अपनी पत्नी को दूसरे से चुदवाते हुए देखने में आता है और वैसे भी अजीत मुझसे कह रहा था कि वो तुमको चुदाई का मज़ा नहीं दे पाता है, वो तो खुद ही कह रहा था कि अगर नीलू मज़ा लेना चाहती है तो ले सकती है। फिर शेरख़ान की बात सुनकर नीलू फिर से अपनी गांड सिकुड़कर बोली कि हाए राम वो ऐसा बोले। तब जमीला उसके चूतड़ पर थपकी मारकर बोली कि तो बुला लूँ अजीत को। तब नीलू फिर भी चुप रही।

तब जमीला बोली कि तू डरती क्यों है? अजीत को में समझा दूँगी देखना, जब अजीत के सामने अपनी चूत में इनका लंड डलवाएगी तो कितनी मस्ती आएगी? में तो उस वक्त हवा में उड़ने लगती हूँ जब ये अपने हाथों से अपने दोस्त का लंड पकड़कर मेरी चूत में सेंटर करते है, ऊफ में तो सोचकर ही पानी-पानी हो जाती हूँ, देखना जब तेरा पति इनका लंड अपने हाथों से तेरी चूत में सेंटर में करके बोलेगा कि लो शेरख़ान घुसाओ अंदर। तो तब नीलू इस बार अपनी गांड को ज़ोर से सिकुड़कर मस्ती में लहराई हाए लंड डालो ना अंदर। तब शेरख़ान नीलू के चेहरे को सामने करके उसके होंठो को चूमकर बोला कि तो बुला लूँ अजीत को? अब नीलू उन दोनों की बातें सुनकर इतनी मस्त हो गई थी कि मेरे सामने चुदवाने को राज़ी हो गई थी और बिना आँखे खोले फुंसफुसाकर बोली कि बुलाओ ना जल्दी, बहुत खुजली हो रही है, डालो ना अंदर। तब जमीला खुश होकर बोली कि बस रानी 2 मिनट में आ ज़ाएगा और मुझे इशारा करके शेरख़ान के पीछे आने को बोली। में शेरख़ान के पीठ के पीछे खड़ा हो गया।

अब शेरख़ान ने नीलू का चेहरा अपने दोनों हाथों में लेकर सामने किया हुआ था। अब नीलू का पूरा चेहरा मस्ती में लाल हो गया था। फिर शेरख़ान बोला बुलबुल अपनी आँखे खोलो रानी। तब नीलू ने धीरे- धीरे अपनी आँखे खोली, तो सामने मुझे देखकर थोड़ी दुखी हुई। फिर हम दोनों की नजरें एक हुई, उफफ्फ उसकी आँखो में जैसे खून उतर आया था, उसका एकदम लाल-लाल चेहरा पूरा तमतमाया हुआ था और फिर दूसरे पल नीलू ने शेरख़ान से लिपटकर अपना चेहरा उसके सीने में छुपा लिया। तब शेरख़ान अपने एक हाथ से उसकी पीठ और अपने दूसरे हाथ से उसके चूतड़ को सहलाते हुए बोला कि क्या हुआ रानी? इधर देखो ना। तब नीलू सूखे स्वर में धीरे से बोली कि हाए राम मुझे शर्म आती है।

फिर इस बार में नीलू के साईड में आकर शेरख़ान से अलग करके उसकी आँखो में अपनी आँखे डालकर बोला कि में जानता हूँ तुमको मुझसे संतुष्टि नहीं मिलती है, शेरख़ान हम लोगों का खास दोस्त है इनको भी अपना ही समझो और दिल खोलकर जवानी का मज़ा लूटो। तब नीलू मेरे सीने पर अपना सर रखकर सिसक पड़ी और बोली कि आप इंसान नहीं देवता है। तब में नीलू के आँसू पोंछते हुए बोला कि अरे पगली अभी रोने का समय नहीं है, अभी तो मेरे दोस्त का तगड़े लंड का मज़ा लेने का समय है। तो तभी जमीला ने नीलू को शेरख़ान के ऊपर से उठाकर खड़ा किया। अब में पहली बार शेरख़ान का फुल टाईट लंड देख रहा था, जो नीलू की चूत के पानी से भीगकर चमक रहा था। अब नीलू की चूत भी चारों तरफ पानी से भीगी थी, उसने क्लीन शेव कर रखा था। फिर जमीला नीलू को नीचे जमीन पर लाकर बोली कि तुम लोग वही खड़े रहोंगे या यहाँ भी आओगे। दोस्तों फिर शेरखान ने नीलू की चुदाई की और मैंने कैसे जमीला की चुदाई की ।।

धन्यवाद …

Best Hindi sex stories © 2017
error: