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एक सच्ची चुदाई की कहानी-1

desi kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम श्याम है और में आगरा का रहने वाला हूँ। दोस्तों आज में आप लोगों के सामने अपनी एक सच्ची चुदाई की कहानी को सुनाने जा रहा हूँ और मुझे पूरा विश्वास है कि यह आप सभी को जरुर पसंद आएगी, लेकिन इससे पहले कि में अपनी इस कहानी को शुरू करूं में अपनी उस हॉट सेक्सी चाची के बारे में थोड़ा सा बता हूँ कि वो एकदम मस्त सुंदर होने के साथ साथ अपने गदराए हुए गोरे बदन की भी मालकिन थी, जिसको देखकर किसी का भी लंड एक ही बार में तनकर खड़ा हो जाए और अपना पानी छोड़ दे, आज में आप सभी को यह बताऊंगा कि किस तरह से उस दिन मेरी चाची को एक आदमी ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसने मेरी चाची की मस्त जमकर चुदाई के मज़े लिए और उन्होंने भी कुछ देर बाद उसका पूरा पूरा साथ दिया।

दोस्तों यह घटना मेरे चाचा के वापस अपने गाँव चले जाने के कुछ दिन के बाद की है, क्योंकि मेरी चाची अपनी बेटी के साथ शहर में उसकी पढ़ाई की वजह से रहती थी और चाचा से गाँव जाकर चुदाई करवाने के बाद अभी चाची को वापस शहर आए कुछ दिन ही हुए थे कि उस दिन मैंने देखा कि चाची के घर पर कोई भी नहीं था वो दोपहर का समय था, इसलिए उस समय उनकी लड़की भी अपने कॉलेज जा चुकी थी। दोस्तों मेरी चाची को जब कभी भी पैसों की ज़रूरत पड़ती तो वो मेरे चाचाजी के उस दोस्त जो उनके घर के कुछ मकानों को छोड़कर कुछ दूरी पर ही रहता था, उससे पैसे लेकर अपना काम चला लेती और जब उनके पास पैसे आते तो वो उनका उधार पैसा वापस देने चली जाती। तो दूसरे दिनों की तरह अपनी बेटी को ठीक समय पर कॉलेज भेजने के बाद और अपने घर के सभी काम को खत्म करने के बाद चाची को उस दिन बाज़ार भी जाना था।

फिर में जब वहां पर पहुंचा तो मैंने अपनी चाची को कहीं जाते हुए देखा में बिल्कुल भी नहीं समझा कि चाची उस समय कहाँ जा रही थी और इसलिए में उनको बिना बताए चुपचाप उनके पीछे पीछे चल पड़ा और कुछ देर के बाद मैंने चाची को एक घर के दरवाजे पर खड़ा देखा। अब में भी वहीं पर रुक गया और अब मैंने देखा कि चाची के एक बार धीरे से बजाने पर ही तुरंत वो दरवाजा खुल गया और चाची उस मकान के अंदर झट से चली गयी। अब में वहां से धीरे धीरे थोड़ा आगे बढ़ गया और फिर में यह बात जानने की कोशिश करने लगा कि आख़िर वो बात क्या है? फिर कुछ देर बाद जब में उस मकान के पास आकर उसकी एक खिड़की के पास पहुंचा तो मैंने खिड़की से अंदर झांककर देखा कि मेरी चाची उस समय सोफे पर बैठी हुई थी और वो आदमी उस समय अपने चेहरे के बालों को साफ करने के बाद अपने चेहरे को धो रहा था और अपने चेहरे को धोने के बाद वो दूसरे रास्ते से घर के दरवाजे को बंद करके चाची के पास आ गया और चाची के पास आकर उसने चाची से पैसा देने के लिए कहा और जैसे ही चाची ने उसको पैसा देने के लिए अपने हाथ को आगे बढ़ाया तो उसने चाची के हाथ से पैसा लेकर उसी समय चाची के हाथ को पकड़ लिया और उनको अपनी तरफ खींच लिया। अब चाची को जैसे बहुत अजीब सा लगा इसलिए वो उससे बोली तुम यह क्या कर रहे है? तो वो मेरी चाची से कहने लगे कि आप अभी पूरी तरह से जवान हो, अगर आप मुझे एक बार पूरी तरह से खुश कर दो तो में यह पैसा आपसे नहीं लूँगा।

दोस्तों में अब भी उस समय वहीं एक स्टूल पर बड़े आराम से बैठ गया और अब में अंदर देखने लगा कि वो अब मेरी चाची के साथ क्या करता है? अब मैंने देखा कि वो मेरी चाची के दोनों बूब्स को धीरे धीरे दबा रहा था और चाची को समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब मैंने देखा कि कुछ देर तक विरोध करने के बाद चाची जब शांत होने लगी तो वो अब चाची के सामने आकर चाची के होंठो को चूसने लगा, कुछ देर तक ऐसा करने के बाद उसने चाची के ब्लाउज को खोल दिया। अब मैंने देखा कि चाची भी अब अपनी तरफ से उसका पूरा पूरा सहयोग करने लगी थी और फिर मैंने देखा कि चाची के ब्लाउस को खोलने के बाद उसने चाची को खड़ा होने के लिए बोला। फिर चाची उठकर खड़ी हो गयी और अब उसने चाची की साड़ी को उतारना शुरू किया और साड़ी को उतारने के बाद उसने चाची के पेटीकोट के नाड़े को खोल दिया और जैसे ही उनका वो नाड़ा खुला चाची का पेटीकोट नीचे आकर ज़मीन पर गिर गया। अब वो चाची को थोड़ा सा आगे बढ़ाते हुए चाची के पीछे आकर अपनी लुंगी को खोलकर खड़ा हो गया और अपने एक हाथ को चाची की गांड पर तो दूसरे हाथ से अपने लंड को मुठ मारने लगा था। उसका तनकर खड़ा हुआ लंड अब चाची की गांड में घुसने के लिए तैयार हो रहा था अब उसने अपने लंड को चाची की गांड में घुसाने का प्रयास किया और कुछ देर के बाद मैंने अपनी चाची को उसके दोनों हाथों से खुद की गांड को फैलाते हुए देखा।

फिर उसने चाची की कमर को पकड़कर एक झटका मार दिया और अब चाची के मुहं से निकली वो आवाज़ मेरे कानों तक पहुंच गई। अब वो अपनी कमर को आगे पीछे करके हिलाने लगा था और कुछ देर तक वो मेरी चाची की गांड को इसी तरह से धक्के देता रहा और मेरी चाची उसके हर एक झटके के साथ ही आवाज़ निकाल रही थी और कुछ देर के बाद जब चाची को खड़ा होने में समस्या होने लगी। तो उन्होंने चाची को बेड की तरफ अपना मुहं करने के लिए बोला और उसने चाची को बेड की तरफ जैसे ही घुमाया। तब मैंने ध्यान से देखा कि चाची की गांड में उसका वो लंड पूरा अंदर जा चुका था। अब चाची बेड के ऊपर अपने हाथों का सहारा लेकर झुक गयी और वो पीछे से उनकी कमर को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से चाची की गांड में अपने लंड को तेज धक्के देकर डाल रहा था, लेकिन फिर कुछ देर के बाद वो दोनों ही शांत हो गये। अब उसने अपना लंड चाची की गांड से बाहर निकाल लिया और वो बाथरूम में चला गया। चाची वहीं बेड पर चुपचाप लेटी रही जब वो बाथरूम से आया तो चाची भी अब अपनी जगह से उठकर बाथरूम में चली गयी और जैसे ही चाची बाथरूम से बाहर आई तो उसने चाची की चूत पर हाथ फेरते हुए वो उनसे पूछने लगा, अच्छी तरह से बिल्कुल साफ धोया है ना? चाची बोली कि हाँ जी मैंने मसल मसलकर अच्छे से धोकर चमका लिया है इतना कहकर चाची बेड पर जाकर लेट गयी और वो अब चाची की जांघो पर बैठ गया। उसके बाद उसने चाची की चूत के बालों के ऊपर अपना हाथ फेरना शुरू कर दिया और इधर चाची ज़ोर ज़ोर से अंगड़ाई लेने लगी। तो में चाची की चूत को और उसके लंड को बहुत ध्यान से देख रहा था और अब मैंने मन ही मन सोचा कि अब मुझे इन दोनों की चुदाई को देखकर बहुत मज़ा आने वाला है।

फिर उसने चाची की चूत पर बहुत सारा तेल लगा दिया और अपने लंड के ऊपर भी तेल लगाया। उसके बाद मैंने देखा कि अब उसने चाची की चूत पर अपने लंड को सटा दिया और उसने एक हल्का सा झटका मार दिया, जिसकी वजह से उसके लंड का अगला हिस्सा चाची की चूत में चला गया और दर्द की वजह से चाची ने ज़ोर से चीख मारी। फिर उसने चाची से पूछा क्यों चला गया क्या अंदर? चाची दर्द से ऊफ्फ्फ्फ़ आईईईई करती हुई बोली हाँ मुझे कुछ अंदर जाता हुआ महसूस तो हुआ है, शायद यह दर्द मुझे उसके अंदर जाने की वजह से ही हुआ है। अब वो उनकी तरफ देखकर हंसते हुए चाची के दोनों बूब्स पर अपना हाथ फेरने लगा और चाची की चूत में अपने लंड को अंदर डालने के लिए झटके देने लगा और चाची उसके तेज धक्को की वजह से आईईईई माँ मर गई उफफ्फ्फ्फ़ की आवाज़ निकाल रही थी। अब वो चाची के ऊपर लेट गया और अपनी कमर को तेज झटको के साथ आगे पीछे हिलाने लगा था। मैंने देखा कि वो अब चाची के होंठो को भी चूसने लगा था और उस समय चाची ने अपनी दोनों जाँघो को फैला दिया और वो ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चाची की चूत को चोदने लगा था। फिर कुछ देर में चाची की चूत में उसका पूरा लंड अंदर बाहर हो रहा था और चाची भी उसका पूरा पूरा साथ दे रही थी और मैंने देखा कि चाची अपनी कमर को ऊपर उठा उठाकर उसके साथ सुर में अपनी ताल को मिला रही थी, कुछ देर के बाद चाची ने उससे पूछा कि अब कितना बाहर है? तो वो बोला कि पूरा का पूरा अंदर जा चुका है और उसने इतना कहते हुए एक ज़ोर का झटका मार दिया और चाची के मुहं से आईईईई माँ की आवाज निकल गई और कुछ देर तक चाची इस तरह की आवाज़ हर एक धक्के पर निकालती रही।

अब उसने चाची के होंठो को चूसना शुरू कर दिया और चाची भी उसका पूरा साथ देने लगी थी। फिर करीब बीस मिनट के बाद चाची और वो धीरे धीरे शांत हो गये वो पांच मिनट तक चाची के ऊपर ही लेटे रहने के बाद उठकर उन्होंने अपने लंड को चाची की चूत से बाहर निकाल लिया और वो चाची के ऊपर से अब हट गए और चाची करीब पाँच मिनट तक वैसे ही लेटी रही। अब मैंने चाची की चूत की तरफ जब ध्यान से देखा तो पाया कि चाची की चूत बहुत फूल गई थी और उसी समय चाची की चूत को देखकर उसने कहा कि लगता है कि यह अभी भी भूखी है। फिर चाची ने मुस्कुराते हुए कहा कि आपका किराया तो कब का पूरा वसूल हो गया, वो बोला कि नहीं यह तो अभी सूद है ब्याज़ तो में बाद में कभी भी पूरा का पूरा ले लूँगा। अब चाची उठकर अपने कपड़े पहनने लगी और उसके बाद वो पानी पीने के बाद उस रूम से बाहर निकलने के लिए जैसे ही तैयार हुई तो में वहां से निकलकर कहीं और चला गया और वहां से मैंने चाची को उनके घर में जाते हुए देखा और में कुछ देर के बाद जब अपनी चाची के कमरे में गया तो चाची ने मुझे बताया कि उन्होंने उससे पैसे के लिए बात कर ली है और चाची ने उसकी बहुत जमकर तारीफ भी मेरे सामने करना शुरू किया और तब मुझे बताया कि उसने मुझसे बोला है कि अगर में उसको अगले महीने में भी उसके पैसा नहीं दूँगी तो भी कोई बात नहीं, लेकिन मैंने तो कुछ देर पहले अपनी आखों से वो सारी बातें वो रासलीला देखी थी और इसलिए में सब कुछ जानता था इसलिए में एकदम चुप होकर चाची की उन सभी बातों को सुनता रहा।

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