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दूरी के बाद जब हम फिर मिले

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मेरा नाम सोहन है मैं मुंबई का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 27 वर्ष है और मैं जिस ऑफिस में काम करता हूं उसी ऑफिस में मैं एक लड़की से प्रेम कर बैठा, उसका नाम आरोही है। मुझे नहीं पता था कि मैं उसे इतना ज्यादा सीरियस प्यार कर लूंगा क्योंकि मैंने तो सिर्फ ऐसे ही सोचा था कि मैं उससे बात कर लेता हूं लेकिन हम दोनों की बातें इतनी ज्यादा बढ़ने लगी कि मैं उसके बिना एक पल भी नहीं रह सकता। मेरी और आरोही की बात एक साल पहले शुरू हुई थी, तब उसने ऑफिस नया-नया जॉइन किया था और उसे ज्यादा कुछ जानकारी नहीं थी इसीलिए वह हर बात मुझसे पूछ लिया करती थी क्योंकि मुझे उस ऑफिस में काम करते हुए काफी समय हो चुका है। मैंने अपने कॉलेज की पढ़ाई के बाद ही वह ऑफिस जॉइन कर लिया इसलिए मुझे ऑफिस में सब लोग अच्छे से जानते हैं। आरोही को जो कुछ भी चीज समझ नहीं आती तो वह मुझसे पूछ लेती थी और कहती की आप मेरी मदद कर दिया कीजिए। हम दोनों की नजदीकियां पता नहीं कब बढ़ने लगी, मुझे कुछ भी मालूम नहीं पड़ा। आरोही का घर पुणे में है और वह अपने मामा के साथ मुंबई में रहती है।

एक बार आरोही मुझे कहने लगी कि मैं कुछ दिनों के लिए घर जा रही हूं, मैंने उसे कहा कि तुम घर से कब वापस लौटोगी, वह कहने लगी कि मैं घर से एक हफ्ते के बाद ही लौट आऊंगी और एक हफ्ते के लिए मैं ऑफिस से छुट्टी ले रही हूं क्योंकि हमारे घर पर कुछ प्रोग्राम है इसी वजह से मुझे एक हफ्ते की छुट्टी लेनी पड़ रही है। जब यह बात मुझसे आरोही ने कहीं तो मैंने उसे कहा कि ठीक है तुम घर चली जाओ, वह कहने लगी कि यदि तुम भी मेरे साथ चलना चाहते हो तो तुम भी मेरे साथ चल सकते हो। मैंने आरोही से कहा कि लेकिन तुम्हारे घर वाले मेरे बारे में क्या सोचेंगे,  वह लोग ना तो मुझे जानते हैं और ना ही मैं उन लोगों से परिचित हूं। आरोही मुझे कहने लगी कि तुम उसकी बिल्कुल भी चिंता मत करो, मेरे घर वाले बहुत ही खुले विचारों के हैं और वह बिल्कुल भी तुम्हारे बारे में कुछ गलत नहीं सोचेंगे,  मैं उन्हें कह दूंगी कि वह मेरा दोस्त है।

उसके बाद वह कुछ भी सवाल नहीं करेंगे।  जब यह बात आरोही ने मुझसे कहीं तो मुझे भी लगा कि शायद मुझे उसके घर जाना चाहिए, मैंने भी अपने ऑफिस में छुट्टी के लिए अप्लाई किया तो मैंनजर कहने लगे कि क्या तुम कहीं जा रहे हो मैंने उन्हें बताया कि हां मुझे कुछ दिनों के लिए छुट्टी चाहिए, उसके बाद मैं काम पर आ जाऊंगा। उनके साथ मेरा बहुत ही अच्छा रिलेशन है इसलिए उन्होंने मुझे मना नहीं किया और कहा कि ठीक है तुम छुट्टी ले लो। उस दिन आरोही और मैं साथ में ही घर गए, मैंने आरोही से कहा कि हम लोग तो कल सुबह जाने वाले हैं तो क्यों ना आज हम लोग साथ में कुछ समय बिता ले, वह कहने लगी ठीक है चलो आज हम लोग कोई मूवी देखने चलते हैं। मैंने उसे कहा हां तुमने यह बहुत ही अच्छा कहा, हम लोग कोई मूवी देख लेते हैं, मैंने अपने मोबाइल से टिकट बुक कर लिया और उसके बाद हम लोग मूवी देखने चले गए। जब हम लोग मूवी देखने के लिए पहुंचे तो कुछ ही देर बाद मूवी शुरू होने वाली थी। मुझे ऐसा लगा कि शायद हमें कहीं लेट ना हो जाए क्योंकि मुंबई में बहुत ज्यादा ही ट्रैफिक होता है और जिस वक्त हम लोग ऑफिस से निकले उस वक्त बहुत ज्यादा ट्रैफिक था इसीलिए मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि हम लोग समय पर मूवी देखने के लिए पहुंच पाएंगे लेकिन हम लोग बिल्कुल सही समय पर मूवी देखने के लिए पहुंच गए  और हम दोनों बड़ी जल्दी से थिएटर के अंदर चले गए। जब हम लोग अपनी सीट पर बैठे तो हम दोनों की सांसे फूल रही थी क्योंकि हम दोनों बड़ी जल्दी में आ रहे थे। आरोही मुझे कहने लगी कि मैं तो बहुत ही थक गई हूं क्योंकि हम लोग इतनी तेजी से भाग कर आ रहे थे, मैंने उसे कहा कि हां हम लोग बहुत ही तेजी में आये।  उसके बाद जब मूवी शुरू हुई तो हम दोनों ही मूवी देखने लगे, मैंने आरोही का हाथ पकड़ लिया और हम दोनों साथ में बैठकर मूवी देख रहे थे। मुझे आरोही के साथ मूवी देखना बहुत ही अच्छा लगता है और हम लोगों ने अपने रिलेशन के बीच में काफी बार एक साथ मूवी देख ली है।

जब मूवी का इंटरवल हुआ तो हम लोग आपस में बात करने लगे और कहने लगे कि कल हम लोग इस वक्त पुणे के लिए निकलेंगे। मैंने आरोही से कहा कि हम लोग सुबह के वक्त से पुणे के लिए निकल जाते हैं क्योंकि सुबह पुणे जाना ठीक रहेगा, नहीं तो बहुत ज्यादा लेट हो जाएगी, वह कहने लगी तुम ठीक कह रहे हो, हम लोग सुबह ही पुणे के लिए निकल जाएंगे। जब मैंने आरोही से कहा कि हम लोग सुबह निकल जाएंगे तो वह कहने लगी ठीक है हम लोग सुबह के वक्त निकल जाते हैं। जब हम लोग मूवी देखकर थिएटर से बाहर आए तो कुछ देर तक हम लोग साथ में ही बैठे हुए थे और हम दोनों बात कर रहे थे। हम लोग बाहर आए तो हम लोगों ने पानी पुरी खाई, जब हम लोग पानी पुरी खा रहे थे तो आरोही बहुत ही खुश थी क्योंकि आरोही को पानी पुरी बहुत ज्यादा पसंद है और वह कहने लगी कि मुझे तो पानी पूरी खाने का बहुत ज्यादा ही शौक है। मैंने उसे कहा कि इतना ज्यादा भी तुम पानी पुरी मत खाया करो। मैंने उसके बाद आरोही को उसके मामा के घर छोड़ दिया फिर मैं वहां से अपने घर लौट आया। जब मैं अपने घर आया तो आरोही और मेरी रात को काफी देर तक बात हुई और सुबह हम लोग जल्दी ही उठकर पुणे के लिए निकल गए।

जब मैं आरोही के घर पहुंचा तो आरोही ने अपने घर वालों से मेरा परिचय करवाया। उसके घर वालों से मिलकर मैं बहुत खुश हुआ और मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि उन लोगों ने मुझसे बहुत ही अच्छे से व्यवहार किया और उनसे मिल कर मैं बहुत खुश था। हम दोनों ने ही आरोही के घर पर जो प्रोग्राम था, उसका बहुत ही इंजॉय किया, उसके अगले दिन मैंने आरोही से कहा कि मैं अब घर लौट जाता हूं, आरोही मुझे कहने लगी ठीक है मैं कुछ दिनों बाद मुंबई आ जाऊंगी। मैं अब पुणे से मुंबई के लिए आ रहा था तो मुझे बहुत ही बुरा लग रहा था क्योंकि मुझे ऐसा लगा कि जैसे मुझसे कुछ छिन गया हो और मैं अपने आप को बहुत ही अकेला महसूस करने लगा। मैंने रास्ते से ही आरोही को फोन कर दिया और उसे कहा कि मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा है, आरोही मुझे कहने लगी कि कुछ ही दिनों की तो बात है, उसके बाद मैं भी मुंबई में आ जाऊंगी लेकिन ना जाने उस दिन मुझे अकेलापन सा क्यों महसूस हो रहा था। मैं जब अपने घर पर गया तो मैं घर पर काफी देर तक लेटा रहा और उस दिन रात भर मैंने आरोही से फोन पर बात की। वह भी समझ चुकी थी कि मैं बहुत ज्यादा अपने आप को अकेला महसूस कर रहा हूं इसीलिए उसने भी मुझसे काफी देर तक बात की, जबकि हम दोनों इतनी देर तक कभी भी फोन पर बात नहीं करते थे लेकिन उस दिन हम दोनों ने फोन पर काफी देर तक बात की।  कुछ दिनों बाद आरोही मुंबई वापस आ गई। जब वह मुंबई पहुंची तो उसने मुझे फोन कर दिया और वह शाम के वक्त ही मुंबई आई थी उसमें सबसे पहले मुझे फोन किया। जब मैं उससे मिला तो मैंने उसे गले लगा लिया और गले लगाते ही कहा कि मैं तुम्हें बहुत ज्यादा मिस कर रहा था और मैं तुम्हारे बिना एक पल भी नहीं रह सकता हूं। मेरा आरोही के साथ रुकने का मन था। मैंने अपने एक दोस्त को फोन किया और हम दोनों उस दिन उसके फ्लैट पर चले गए वह बहुत बड़ा बिल्डर है इसलिए उसके पास काफी फ्लैट है। उसने मुझे अपने फ्लैट की चाबी दे दी जब मैं उसके फ्लैट में गया तो मैंने आरोही को गले लगा लिया और उसे किस करने लगा। वह मुझे कहने लगी तुम बच्चों जैसी हरकत क्यों कर रहे हो।

मैंने उसे कहा कि मैं वाकई मैं तुम्हें बहुत मिस कर रहा था हम दोनों के बीच कभी भी सेक्स नहीं हुआ था। जब मैंने आरोही के होठों को किस किया तो वह भी पूरे मूड में आ गई। मैंने जब उसके कपड़े खोले तो उसके बाद मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर काफी देर तक चूसा। मैंने आरोही से पूछा कि क्या तुम मेरे लंड को सकिंग करोगे। उसने कहा हां मैं तुम्हारे लंड को सकिंग करूगी। जैसे ही मेरा लंड उसने अपने मुंह में लिया तो उसे बहुत अच्छा महसूस हुआ। आरोही का चूत का पानी भी निकल चुका था तो उसे भी बिल्कुल कंट्रोल नहीं हुआ। उसने मुझे कहा कि तुम मेरी योनि के अंदर अपने मोटे लंड को डाल दो। मैंने भी उसकी योनि के अंदर धीरे धीरे अपने लंड को डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड आरोही की योनि में घुसा तो उसकी सील टूट गई। जब उसकी सील टूटी तो उसकी चूत से बहुत ज्यादा खून निकलने लगा। मैंने आरोही के दोनों पैरों को आपस में मिला लिया और बड़ी तेज गति से झटके देने लगा। आरोही मुझे कहती कि मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है परंतु मेरे अंदर से एक अलग ही प्रकार की उर्जा निकल रही है और मुझे उस ऊर्जा में बहुत मजा आ रहा है। मैंने बड़ी तेज तेज आरोही को झटके दिए। उसी तेजी के बीच में ना जाने कब मेरा वीर्य पतन हो गया मुझे कुछ भी पता नहीं चला। जब मेरा वीर्य गिर गया तो मैंने आरोही की योनि से लंड को बाहर निकाल लिया और आरोही को गले लगा लिया। वह बहुत खुश हुई और कहने लगी मुझे आज तुम्हारे साथ सेक्स कर के बहुत ही अच्छा लग रहा है। तुमने जिस प्रकार से मुझे चोदा मुझे बहुत ही खुशी हुई। उसके बाद से हम दोनों के बीच कई बार सेक्स हो चुका है लेकिन जो सेक्स हम दोनों के बीच पहली बार हुआ था उसका एक अलग ही आनंद था और आज तक मेरे दिमाग में सिर्फ आरोही और मेरे बीच में हुए पहले सेक्स की याद ही बची है।

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