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डॉक्टर का लंड-2

फिर कुछ देर बाद वो दोनों कस कसकर लगातार धक्के लगाकर साथ साथ ही झड़ गए, दोस्तों सचमुच इस चुदाई से वो दोनों बहुत खुश थे और माँ ने भी पूरी मस्ती में अपनी चुदाई का भरपूर मज़ा लिया। अब वो दोनों एक साथ झड़ चुके थे, उसने माँ का एक जोरदार किस लिया और माँ के बूब्स के बीच सर रखाकर उनके ऊपर थोड़ी देर पड़े रहकर अपनी सांसो को शांत करने के बाद वो उठ गया। फिर डॉक्टर ने मेरी माँ से कहा कि तुम फिर से चेकअप के लिए आना और फिर उसके बाद हम दोनों लोग घर आ गये। फिर अपने घर पहुँचते ही मम्मी ने मुझे डॉक्टर और उसके साथ काम करने वाले की उस चुदाई की कहानी पूरी तरह सच सच बताई, जिसकी वजह से में अब बहुत गरम हो गया था। अब मैंने तुरंत ही अपने कपड़े उतार दिए और मम्मी के भी कपड़े उतारकर उनको बेड पर सीधा लेटाकर मैंने उनकी चूत में अपना लंड डालकर चुदाई करने लगा था और में मम्मी को चूमते हुए अपने लंड को उनकी चूत में धक्के लगाते गया। तभी वो मुझसे कहने लगी ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ आज तू फाड़ डाल मेरी इस चूत को कस कसकर चोद अपनी माँ की चूत को जाने दे पूरा अंदर तक अपने लंड को वाह मज़ा आ गया।

अब मम्मी के यह सब कहने से मुझे जोश आ गया। मैंने एक बार फिर से तेज गति के धक्के लगाकर अपने पूरे सात इंच के लंड को मम्मी की चूत में डाल दिया। फिर वो इस बार थोड़ा ज़ोर से चिल्ला उठी आह्ह्ह्हह्ह ऊऊईईईईईई माँ मर गई और में तुरंत समझ गया कि मेरा पूरा लंड मम्मी की चूत में जा चुका है। फिर वो मुझसे कहने लगी कि में इस दर्द को सह नहीं पा रही हूँ बेटा अब तुम तुम्हारा लंड बाहर निकाल लो। अब मैंने उनको कहा कि मम्मी तुमने खुद ही मेरे लंड को चुदाई करने की दावत देकर यह सब करने के लिए तैयार किया है और अब मेरे लंड की भूख मिटने के बाद ही में इसको बाहर निकालूँगा। अब वो कुछ नहीं बोली बस अपने मुहं से सिसकियाँ लेती रही और में मम्मी की चूत में लगातार धक्के लगा रहा था और ऐसे ही में 15 से 20 मिनट तक में मम्मी को उसी तरह से धक्के देकर चोदता रहा। फिर मम्मी को भी मज़ा आ रहा था और वो अपनी गांड को उछाल उछालकर मुझसे अपनी चुदाई करवा रही थी और मैंने मम्मी की चूत को ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदना शुरू कर दिया। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी झड़ गयी और वो शांत पड़ गई। फिर मैंने मम्मी को घोड़ी बना दिया और सोफे के सहारे वो खड़ी रह गयी और मैंने मम्मी के पीछे जाकर मम्मी की गांड में अपना लंड डाल दिया।

दोस्तों इस बार मेरा लंड एक ही धक्के में पूरा का पूरा मम्मी की गांड में चला गया, मम्मी की कसी गांड ने मेरे टोपे को जकड़ लिया, मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। फिर मैंने दोबारा धक्का दिया और मम्मी की गांड को चीरता हुआ मेरा आधा लंड मम्मी की गांड में चला गया, दर्द की वजह से मम्मी ज़ोर से चीख उठी ऊउईईईईई माँ दर्द होता है मेरे राजा थोड़ा धीरे करो, लेकिन मैंने मम्मी की चीख उस दर्द पर कोई ध्यान नहीं दिया। अब अपने लंड को थोड़ा सा पीछे खींचकर जोरदार धक्का लगा दिया, जिसकी वजह से अब मेरा लंड मम्मी की गांड को चीरता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया और मम्मी एक बार फिर से चीख उठी। फिर वो बार बार अपनी कमर को हिला हिलाकर मेरे लंड को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी, मैंने आगे की तरफ झुककर मम्मी के बूब्स को पकड़ लिया और में उन्हे सहलाने लगा, मेरा लंड अभी भी पूरा का पूरा मम्मी की गांड के अंदर था। फिर कुछ देर के बाद मम्मी की गांड में अपने लंड को डाले हुए में उनके बूब्स को सहला रहा था, जब मम्मी कुछ देर बाद शांत हुई तब वो अपने कूल्हों को हिलाकर मुझसे कहने लगी, चलो मेरे राजा अब ठीक है लगाओ तुम अपनी मर्जी से कैसे भी धक्के अब जाकर मेरा दर्द कम हुआ है।

अब मम्मी का सिग्नल पकड़ मैंने दोबारा सीधे होकर मम्मी के दोनों कूल्हों को पकड़कर धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाकर मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया, लेकिन कुछ भी कहो मम्मी की गांड बहुत ही टाइट थी, इसलिए मुझे चोदने में बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। अब मम्मी भी अपना दर्द भूलकर सिसकियाँ भरते हुए मज़ा लेने लगी थी, उन्होंने अपनी एक उंगली अपनी चूत में डालकर कमर को हिलाना शुरू कर दिया। फिर मम्मी की मस्ती देखकर में भी जोश में आ गया और धीरे धीरे मैंने अपने धक्को की रफ़्तार को पहले से ज्यादा बढ़ा दिया, मेरा लंड अब बड़ी तेज़ी से मम्मी की गांड के अंदर बाहर हो रहा था। अब मम्मी भी पूरी तेज़ी से अपनी कमर को आगे पीछे करके मेरे लंड का मज़ा ले रही थी और मेरा लंड ऐसे अंदर बाहर हो रहा था मानो इंजन के अंदर बाहर पिस्टन होता है। उस पूरे कमरे में चुदाई का ठप ठप की आवाज़ गूँज रही थी, जब मम्मी के थिरकते हुए कूल्हों से मेरी जांघे टकराती तब लगता कोई तबलची तबले पर ठप दे रहा हो। अब मम्मी पूरे जोश में बड़ी तेज़ी से अपनी चूत में उंगली को लगातार अंदर बाहर करती हुई सिसकियाँ भर रही थी और बड़ी देर से उस खेल को खेलते हुए हम दोनों ही पसीना पसीना हो गए थे, लेकिन कोई भी रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

अब मम्मी मुझे जोश में आकर बार बार ललकार रही थी और मुझसे कह रही थी ऊफ्फ्फ्फ़ हाँ मार लो मेरे राजा मार लो अपनी मम्मी की गांड, आज फाड़ डालो तुम इसको भी, शाबाश मेरे शेर हाँ और ज़ोर से मेरे राजा और अंदर तक ज़ोर से जाने दो, वाह आज तुमने तो मेरी गांड भी फाड़ डाली। अब में भी जोश में आकर लगातार धक्के लगा रहा था और अपना पूरा का पूरा लंड बाहर खींचकर एक तेज झटके से अंदर डालता तो मम्मी के मुहं से चीख निकल जाती। दोस्तों मेरा वीर्य अब निकलने वाला था ऐसा मुझे महसूस होने लगा था और उधर मम्मी भी झड़कर अपनी असली मंज़िल के पास थी, उनकी हालत को देखकर लगता था कि उनकी चूत भी किसी समय अपना पानी छोड़ने वाली थी। तभी मैंने एक झटके से लंड को गांड से खींचकर बाहर निकाला और मैंने उनको बिना मौका दिए मम्मी की चूत में अपने लंड को एक तेज धक्का देकर पूरा अंदर तक घुसा दिया। दोस्तों मम्मी इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी यह सब बहुत अचानक से हुआ और उस समय उनकी उंगली भी चूत में ही रह गयी, जिसकी वजह से उनकी चूत मुझे बड़ी टाइट लग रही थी। अब में मम्मी के बदन को पूरी तरह अपनी बाहों में समेटकर धनाधन धक्के लगाने लगा था और मम्मी भी थोड़ा सा सम्भलकर ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह ऊहह्ह्ह्ह करती हुई अपने दोनों कूल्हों को अब आगे पीछे करके अपनी चूत में मेरा लंड लेने लगी थी।

दोस्तों हम दोनों की सांसे अब फूल रही थी और फिर आखिर में मेरा ज्वालामुखी फूट पड़ा और में मम्मी की पीठ से चिपककर मम्मी की चूत में ही झड़ गया। अब मम्मी की भी चूत का अब झड़ने का समय हो चुका था और फिर मम्मी भी चीखती हुई झड़ गयी और हम दोनों उसी तरह से चिपके हुए पलंग पर लेट गयी और थकान की वजह से वैसे ही नंगे लिपटकर सो गये। फिर दूसरे दिन सुबह जब मम्मी मुझे उठाने आई, उस समय में उन्हे देखकर बहुत हेरान एकदम चकित रह गया। दोस्तों उनके सूट में उनके दोनों बूब्स के बीच की दरार साफ नजर आ रही थी और उस मजेदार द्रश्य को देखकर मेरा लंड पजामे में तनकर खड़ा हो चुका था। अब उनकी नज़र मेरे तने हुए लंड पर चली गई और वो मेरे लंड को घूर घूरकर देख रही थी और कुछ बाद के बाद वो मुझे चाय देकर वापस चली गई। फिर कुछ देर के बाद में जब उठकर अपने कमरे से बाहर गया तो मैंने देखा कि वो उस समय रसोई में काम कर रही थी। अब मैंने पीछे से जाकर उनके कूल्हों से अपने लंड को छू दिया और में उनसे बातें करने लगा वो भी ऐसे ही बिना पीछे हटे मुझसे बातें करने लगी।

अब वो मुझसे पूछने लगी कि क्या हुआ आकाश आज तुम रसोई में कैसे आ गये? मैंने कहा कि बस ऐसे ही में आपकी मदद करने आया हूँ और यह बातें करते हुए उन्होंने अपनी गांड का दबाव मेरे लंड पर डाल दिया। दोस्तों उनके ऐसा करने से मेरे पूरे बदन में तो जैसे करंट सा दौड़ गया और फिर तो में धीरे धीरे अपने लंड को मम्मी की गांड से रगड़ने लगा था, मेरे ऐसा करने से उन्हे भी बड़ा मस्त मज़ा आने लगा था। अब उन्होंने अपनी दोनों आँखों को बंद कर लिया और उन्होंने मुझसे कहा यह क्या कर रहा है बेटा? मैंने कहा कि देखो ना माँ मेरे लंड को क्या हो जाता है, यह बार बार खड़ा हो जाता है और हर बार मेरा मन करता है कि में आपके पीछे ऐसे ही अपने लंड को लगाकर खड़ा रहूँ। फिर उन्होंने कहा तो लगा ले बेटा मुझे भी यह सब अच्छा लग रहा है। अब मैंने कहा धन्यवाद माँ और में पीछे से अपने लंड को उनके दोनों कूल्हों के बीच में लगाकर वैसे ही उनसे चिपककर खड़ा हो गया। फिर थोड़ी देर के बाद वो पीछे मुड़ी और वो मुझसे पूछने लगी कि क्यों अब तेरा मन भर गया क्या? मैंने कहा नहीं माँ यह तो अब और भी ज्यादा बड़ा हो रहा है। फिर उसी समय उन्होंने मेरे पजामे के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और वो उसको हिलाने, सहलाने लगी। उनके मुलायम हाथ का स्पर्श पाकर मेरे बदन में करंट दौड़ने लगा।

अब मुझे भी बड़ा मज़ा आने लगा था और कुछ देर यह सब करके के बाद उन्होंने मेरा पजामा खींचकर उतार दिया और मुझसे कहा कि बेटा यह तो सही में बहुत बड़ा हो गया है में अभी इसको शांत कर देती हूँ। दोस्तों मुझसे यह कहकर माँ ने नीचे बैठकर मेरे लंड को अपने मुहं में ले लिया और वो उसको चूसने लगी। फिर हम दोनों ही कुछ देर में वापस पूरे नंगे हो गये, मैंने माँ के दोनों बूब्स को दबाकर उन्हे चूमकर प्यार करता रहा और वो मेरे लंड को किसी अनुभवी रंडी की तरह लोलीपोप समझकर चूसने चाटने लगी थी। दोस्तों कुछ देर के बाद मैंने अपना लंड उनकी चूत में वहीं रसोईघर में डालकर उनकी चूत को तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए और मेरे हर एक तेज धक्के से माँ का पूरा बदन हिल रहा था। दोस्तों मैंने खड़े खड़े ही अपने पूरे लंड को उनकी चूत की गहराईयों में डालकर वो काम करना शुरू किया। फिर कुछ देर बाद हम दोनों ही मज़े मस्ती के दरिया में गोते लगाने लगे थे, हम दोनों ने बड़े मस्त जमकर मज़े किए और इस बार मैंने अपने पूरे वीर्य को अपनी माँ के मुहं में निकालकर अपने लंड को शांत किया। अब हम दोनों जब भी हमारी इच्छा होती है चुदाई में मज़े लेते है ।।

धन्यवाद …

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