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देवर से चूत मरवाने की इच्छा

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हेलो दोस्तों, मेरा नाम संगीता है और मैं 28 वर्ष की शादीशुदा महिला हूं। मेरी शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं, मेरे पति मनोज का व्यवहार भी अच्छा है, वह मेरा बहुत ही ध्यान रखते हैं परंतु उसके बावजूद भी मैं अपने देवर के प्रति कुछ ज्यादा ही समर्पित हूं मेरे देवर का नाम गौतम है। मेरे पति मेरा बहुत ध्यान रखते हैं लेकिन उसके बावजूद भी ना जाने मेरा झुकाव मेरे देवर के तरफ ही है। वह दोनों साथ में ही काम करते हैं और हम लोग पुणे में रहते हैं। पुणे में ही मेरे पति का मार्बल का काम है और मेरे देवर भी उनके साथ ही काम करते हैं। उन दोनों भाइयों के बीच में बहुत प्रेम है लेकिन अभी गौतम की शादी नहीं हुई, उसके लिए मेरे सास और ससुर लड़की देख रहे हैं। मैं जब भी अपने देवर से बात करती हूं तो मुझे उनसे बात करना बहुत अच्छा लगता है, वह बात करने में बहुत ही शांत स्वभाव के हैं,  वह बहुत ही अच्छे हैं। मेरे पति का नेचर भी बिल्कुल उन्हीं की तरह है लेकिन मैंने कभी भी अपने दिल की बात अपने देवर से नहीं कही क्योंकि मुझे लगता है कि शायद मुझे अपनी मर्यादाओं में रहना चाहिए इसलिए मैंने यह बात अपने अंदर ही दबा कर रखी है।

मेरे देवर के लिए भी रिश्ते आने लगे थे, उनके लिए बहुत अच्छे अच्छे रिश्ते आ रहे थे क्योंकि हमारा बहुत अच्छा कारोबार है इसलिए हम लोगों को किसी भी प्रकार की आर्थिक समस्या नहीं है। मेरे पिता ने भी यही देखते हुए मेरी शादी मनोज के साथ कराई क्योंकि मेरे पिताजी हमेशा ही चाहते थे कि मेरी शादी किसी अच्छे घर में हो जाये इस वजह से उन्होंने मेरी शादी मनोज के साथ करवा दी। मेरी मुलाकात जब मनोज के साथ पहली बार हुई थी तो मुझे मनोज के साथ समय बिताना बहुत अच्छा लगा था इसीलिए हम दोनों की शादी जल्दी हो गई, मेरे घर वाले भी इस रिश्ते से बहुत खुश हैं। मेरे देवर के लिए एक रिश्ता आया, मेरे देवर को वह लड़की भी बहुत पसंद आई, मेरे सास और ससुर ने गौतम से कहा कि तुम एक बार उस लड़की से मिल लो यदि तुम्हें वह लड़की पसंद आती है तो हम तुम्हारे रिश्ते की बात आगे बढ़ाते हैं। गौतम ने कहा ठीक है मैं उसे एक बार मुलाकात कर लेता हूं।

गौतम उसे मिलने चला गया और जब वह उस लगकी से मिलकर शाम को लौटा तो हम लोगों ने उससे पूछा कि क्या तुम्हें वह लड़की पसंद है, गौतम कहने लगा मुझे वह लड़की पसंद है और मैं उससे शादी करने के लिए तैयार हूं। मेरे ससुराल वालों ने आगे बात बढ़ाना शुरू कर दिया, गौतम और सोनिया की रिश्ते की बात आगे बढ़ने लगी, फिर उन दोनों की सगाई हो गई। गौतम अपनी सगाई से बहुत खुश था और वह सोनिया से बात करता था। वह जब भी घर पर होता तो फोन पर ही सोनिया से बात करता रहता, मैं हमेशा ही गौतम से कहती थी अब तो तुम्हारी शादी होने वाली है और तुम भी अब शादी के लड्डू खाने वाले हो। गौतम मुझसे कहता कि हां भाभी अब मैं भी शादी कर लेता हूं क्योंकि मेरी भी उम्र हो चुकी है इसीलिए मुझे भी शादी कर लेनी चाहिए। मैंने गौतम से कहा कि यह तो बहुत ही अच्छी बात है यदि तुम अब शादी के लिए तैयार हो चुके हो, हालांकि मैं दिल से बिल्कुल भी नहीं चाहती थी कि गौतम की शादी हो क्योंकि मेरा झुकाव हमेशा से उसकी तरफ ही था। मैं नहीं चाहती थी कि वह किसी और लड़की से शादी करे परन्तु उसके बावजूद भी मैंने अपने आप को इस बात के लिए मना लिया। मेरा और गौतम का रिश्ता हमेशा से ही अच्छा हैं क्योंकि गौतम मेरी बहुत ज्यादा रिस्पेक्ट करता है इसीलिए मैंने भी कभी उससे अपने दिल की बात नही कही। एक दिन मेरे पति और गौतम ने घूमने का प्लान बनाया, वह कहने लगे कि हम लोग कहीं घूमने चलते हैं, मैंने गौतम से कहा कि तुम्हारी शादी के बाद ही हम लोग कहीं चलेंगे। मेरे पति कहने लगे कि नहीं हम लोग इस बार फैमिली टूर बनाएंगे और पापा मम्मी भी हमारे साथ चलेंगे। मैंने कहा कि हम लोग कहां जा रहे हैं तो वह कहने लगे कि हम लोग कुछ दिनों के लिए माउंट आबू चलते हैं, वहां पर हमारे एक रिश्तेदार भी रहते हैं और उनसे हम मिल भी लेंगे। जब यह बात मेरे पति ने कहीं तो मैंने कहा कि हां तुमने यह बहुत ही अच्छा सोचा, हम घूम भी लेंगे और आपके रिश्तेदारों से मिल भी लेंगे। अब हम लोगों ने घूमने का प्लान बना लिया और हम लोग घूमने के लिए माउंट आबू चले गए।

मेरे पति ने हीं सारी व्यवस्थाएं की हुई थी इसलिए हमें कुछ भी परेशानी नहीं हुई, हम लोग माउंट आबू पहुंचे तो वहां हमने एक होटल ले लिया और उस होटल में अपना सामान रख दिया। हम लोग फ्रेश होने लगे और उसके बाद हम लोग अपने रिश्तेदार के घर चले गए, जब हम लोग उनके घर गए तो वह लोग काफी समय से वहीं रहते हैं और हमसे मिलकर बहुत खुश हुए। वह कहने लगे कि तुम लोगों ने यहां आने का मन कैसे बना लिया, मेरे ससुर कहने लगे कि हम लोग काफी समय से कहीं घूमने का प्लान बना रहे थे लेकिन कुछ ना कुछ दिक्कतें हो जाती थी इस वजह से हम लोग नहीं आ पा रहे थे परंतू इस बार मनोज और गौतम ने कहा कि हम लोग कहीं घूम आते हैं इसलिए हम लोगों ने यहां का प्लान बना लिया और सोचा कि हम लोग आपसे काफी वर्षो से मिले नहीं है तो आपसे मुलाकात भी हो जाएगी। हमारे रिश्तेदार बहुत ही अच्छे थे, उनकी पत्नी और उनके बच्चों से मिलकर हम सब लोग भी बहुत खुश हुए। जब हमने उन्हें बताया कि हम किसी होटल में रुके हैं तो वह कहने लगे कि आप लोग जब हमसे मिलने आए थे तो आपको हमारे घर पर ही रुकना चाहिए था। मेरे पति ने उन्हें कहा कि हम लोगों ने होटल में रुकने की व्यवस्था पहले ही कर ली थी इसीलिए हम लोग वहां पर रुके हुए हैं।

वह कहने लगे मुझे तुमसे मिलकर बहुत अच्छा लगा, काफी समय तक हम लोग बैठे रहे, उसके बाद जब हम लोगे ने सोचा की शाम के वक्त हम कुछ देर घूम लेते हैं और खाना खा कर ही होटल में चले जाएंगे। हम लोग माउंट आबू घूमने लगे और मेरे पति मुझसे पूछने लगे कि तुम्हें कैसा लग रहा है, मैंने उन्हें कहा कि इतने समय बाद आप मुझे घुमाने लेकर आये हैं तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। गौतम भी बहुत खुश था, वह फोन पर सोनिया से बात कर रहा था और मेरे सास ससुर भी बहुत खुश हो थे। वह कह रहे थे कि तुम लोगों ने यह बहुत ही अच्छा प्लान बनाया, काफी समय बाद हम सब लोग एक साथ घूमने आए हैं। हम लोगों ने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया और उसके बाद हम लोग काफी देर तक वहीं बैठे रहे, फिर हम लोग होटल में आए तो हम लोग बहुत ही थक चुके थे और मुझे नींद भी आने लगी थी, मैंने मनोज से कहा कि हम लोग सो जाते हैं। मैं कमरे में चली गई और सो गई मुझे बहुत गहरी नींद आ गई मुझे पता ही नहीं चला कि मैं कब सो गई। जब मैं उठी तो मैं बाहर गई तो मेरे देवर होटल के बाहर ही टहल रहे थे और वह सोनिया से बात कर रहे थे। मैं उनके पास गई तो मैंने पूछा आप अभी तक फोन पर बात कर रहे हैं। वह कहने लगे मुझे नींद ही नहीं आ रही इसलिए मैं फोन पर बात कर रहा हूं। मैं अपने देवर के साथ ही बैठ गई उन्हें देखकर मुझे बहुत ही उत्तेजना आने लगी। मैंने उनके साथ सेक्स की बातें करना शुरू कर दिया। मैंने उनसे पूछा कि क्या आपने कभी सोनिया के साथ सेक्स किया। वह कहने लगे कि नहीं मैंने अभी तक सोनिया के साथ सेक्स नहीं किया। मैंने उन्हें कहा कि क्या आप मेरे साथ सेक्स करेंगे। वह कहने लगे कि भैया क्या सोचेंगे मेरे बारे मे मैने कहा कि भैया को रहने दो तुम मेरे साथ सेक्स करो और अपने मजे लो। वह मुझे कहने लगे ठीक हैं हम लोग मेरे रूम में चलते हैं।

उन्होंने अपने लिए सिंगल रूम लिया हुआ था और मैं रूम में चली गई। उन्होंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया मैंने उनके लंड को अपने मुंह के अंदर का ले लिया और बड़े अच्छे से सकिंग करने लगी। काफी देर तक मैने अपने मुंह के अंदर गौतम के लंड को चूसा जिससे कि उनका पानी निकलने लगा और वह मूड में आ गए। उन्होंने भी मुझे नंगा कर दिया और मेरे पूरे यौवन का उन्होंने बड़े अच्छे से मजे लिए कुछ देर उन्होंने अपनी जीभ से मेरे पूरे शरीर को चाटा। मेरे स्तनों को वह बहुत अच्छे से चूस रहे थे मैं पूरे मूड में आने लगी। वह भी पूरे मूड में थे उन्होंने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और धीरे-धीरे मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मेरी योनि पूरी गीली हो चुकी थी इसलिए बड़ी आसानी से उनका लंड मेरी योनि में चला गया। जैसे ही उनका लंड मेरी योनि में गया तो मुझे दर्द होने लगा मैं अपने मुंह से मादक आवाज निकालने लगी। वह मुझे कहने लगे कि मुझे आप को चोदने में बड़ा  मजा आ रहा है। मैं उनका पूरा साथ दे रही थी और कह रही थी आपका लंड कब से अपनी चूत मे लेना चाहती थी लेकिन आपने कभी मेरी तरफ नहीं देखा। गौतम कहने लगा यदि आपने मुझसे पहले ही कह दिया होता तो शायद मैं आपकी चूत कब की मार लेता। मैंने उन्हें कहा कि मुझे बड़ा मजा आ रहा है जब आप मुझे झटके दे रहे हो। गौतम कहने लगा भाभी आपकी योनि पूरी टाइट है और उसमें आज भी वही रस बचा है। मैने उन्हें कहा मैं अपनी योनि का बड़ा ध्यान रखती हू और उस पर हमेशा ही तेल की मालिश करती हूं जिससे वह टाइट रहे। उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और बड़े तेजी से झटके देने लगे। मुझसे वह झटके बर्दाश्त नहीं हुए और मैं झड़ चुकी थी। वह मुझे ऐसे ही झटके देते रहे और काफी समय बाद उनका वीर्य मेरी योनि में गिर गया। जब उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत से बाहर निकाला तो उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया।

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