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देवर संग रासलीला की पति को पाने के लिए

Hindi sex kahani, antarvasna: पति चाहते थे हमारे देवर हमारे साथ ही पढ़ने के लिए आ जाए इसलिए उन्होंने उसे गांव से अपने पास ही बुला लिया हालांकि मै इस पक्ष में बिल्कुल भी नहीं थी क्योंकि मैं अपने पति के साथ अपनी जिंदगी अच्छे से बिता रही थी और मैं उनके साथ खुश थी। अब हमारा देवर हमारे साथ रहने के लिए आ चुका था जिससे कि मेरे और मेरे पति की प्राइवेसी में खलल पड़ने लगा था हम दोनों ही एक दूसरे के साथ सेक्स का वह मजा ले नहीं पाते थे। वह घर पर ही रहता था मैंने भी इसके लिए तरकीब सोची मैंने भी अपने देवर रजत को मजे देने की सोची। एक दिन मै रजत के साथ बैठी हुई थी रजत को मैंने कहा रजत मैं तुम्हारे लिए चाय बना कर ले आती हूं। मैंने उसको कहा तो वह मुझे कहने लगा भाभी आप रहने दीजिए। वह इस बात से हैरान था कि आज मैं उस पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हूं वह मेरी बातों को समझ चुका था कि आखिर मैं उस पर इतना मेहरबान क्यों थी।

उसने मुझे कहा चलो भाभी हम लोग आज कही घुम आते हैं। मैंने रजत को कहा चलो आज हम लोग मूवी देख आते हैं उस दिन मैं रजत के साथ मूवी देखने के लिए चली गई। मूवी देखने के बाद मैने रजत को कहा हम लोग चलते हैं हम लोग घर लौट आए थे। जब हम लोग घर लौटे तो मैं और रजत साथ मे बैठे हुए थे मैंने रजत को कहा तुम्हे कॉलेज में काफी समय हो चुका है क्या तुमने कॉलेज मैं किसी लड़की से बात भी की है या फिर तुम अभी सिंगल हो। वह मुझे कहने लगा नहीं भाभी मैं सिंगल नहीं हूं मेरी गर्लफ्रेंड है। मैंने उससे कहा है तुम तो बड़े ही छुपे रुस्तम निकले क्या तुमने अपनी गर्लफ्रेंड सके साथ कुछ किया भी है या फिर तुम दोनों एक दूसरे के साथ सिर्फ प्यार की बातें ही करते हो। वह मुझे कहने लगा नहीं भाभी हम दोनों के बीच तो सब कुछ हो चुका है मैं इस बात पर मुस्कुरा पड़ी। वह कहने लगा भाभी मुझे माफ करना मैं कुछ ज्यादा ही भावनाओं में बह गया और मैंने आपसे यह बात कह दी। मैंने उससे कहा कोई बात नहीं यह सब जवानी में होता है रजत भी अब मुझे कहने लगा भाभी लेकिन आज मुझसे आप इतने प्यार से यह सब क्यों पूछ रही हैं।

मैंने रजत को कहा देखो रजत तुम्हारे और मेरे भैया के बीच मैं आजकल प्यार की बातें हो नहीं पाती हैं। हम दोनों को समय नहीं मिल पाता है रजत मुझे कहने लगा भाभी आप उसकी चिंता क्यों करती हैं आप कहो तो मैं आपकी इच्छा पूरी कर देता हूं। मैंने रजत से कहा क्या तुम अपने भैया की कमी को पूरा कर पाओगे। रजत कहने लगा आप एक बार मुझे मौका तो दे कर देखो अगर मैं आपकी इच्छा को पूरा कर ना सका तो आप मुझे कहना मैं आपकी इच्छा को पूरा ना कर पाया। मैंने रजत पर भरोसा करते हुए उसे कहा चलो फिर हम दोनों सेक्स के मजे लेते हैं। रजत इस बात से बड़ा खुश था मैं और रजत बेडरूम में आ गए हम दोनों साथ में लेटे हुए थे। उसने मेरे ब्लाउज को खोलना शुरू किया जब उसने मेरे ब्लाउज को खोलना शुरू किया तो उसने मेरी ब्रा को भी उतार दिया उसने मेरी ब्रा को उतार दिया था और मेरे अंदर की गर्मी को उसने बढ़ा दिया था। जब उसने मेरी ब्रा उतार कर मेरे गोरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर उसे चूसना शुरू किया तो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था और वह मेरे स्तनों से दूध को बाहर निकालने लगा था। मैंने रजत को कहा तुम तो बड़े ही मदरचोद हो वह मुझे कहने लगा भाभी अब आपको चोद कर मैं दिखाता हूं कि मैं कितना मादरचोद हूं। यह कहते हुए जब उसने अपने पैंट की चैन को खोलकर अपने लंड को बाहर निकाला तो मैं यह देखकर दंग रह गई। मैंने उसे कहा तुम्हारा लंड तो तुम्हारे भैया से भी ज्यादा मोटा और लंबा है। वह मुझे कहने लगा यह तो बड़ा ही अच्छा है कि मेरा लंड भैया से मोटा है अब आपको ऐसा तो नहीं लगेगा कि मैं आपकी कमी को पूरा नहीं कर पाया। यह बात सुनकर मैं बड़ी खुश थी रजत भी बहुत ज्यादा खुश था। उसने मेरे होंठों को चूमना शुरू कर दिया था वह मेरे होठों को जिस प्रकार से चूम रहा था उससे मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। रजत को भी बड़ा मजा आ रहा था वह मेरे होठों को बड़े ही अच्छे से चूम रहा था और उसने मेरे होठों को चूम कर मुझे अपना दीवाना बना दिया था। जब उसने मेरी नाभि को अपने जीभ से चाटना शुरू किया तो मेरी चूत से निकलता हुआ पानी बाहर निकलने लगा था। मेरी चूत बाहर की तरफ पानी छोड़ने लगी थी वह मुझे कहने लगा सविता भाभी आप तो बड़ी कमाल की हैं।

उसने अपने मोटे लंड को मेरे मुंह में डालने की इच्छा जाहिर की तो मैंने उसे कहा मैं तुम्हारे लंड को अपने मुंह में ले लेती हूं। मैंने रजत के लंड को मुंह मे लिया वह मुझे कहता सविता भाभी थोड़ा सा लंड को अंदर ले लो यह बात सुनकर मैं बड़ी खुश थी। मैंने उसके मोटे लंड को अपने गले के अंदर तक उतार लिया था मैंने उसको अंदर बाहर करना शुरू किया तो उसे बड़ा ही मजा आ रहा था और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब मैंने उसके लंड को चूसकर उसके माल को अपने अंदर ही निगल लिया तो वह कहने लगा भाभी आप तो बडी कमाल हो। मैंने साडी को ऊपर कर दिया जब मैंने उससे कहा तुम मेरी पैंटी को उतार दो तो उसने मेरी पैंटी को उतार दिया। मै उसके सामने नंगी खड़ी थी वह मुझे देख कर अपने लंड को हिलाने लगा मुझे लगा वह कहने लगा आप मेरे लंड को अपनी चूत में ले लीजिए। मैं उसके लंड को अपनी चूत मे लेने के लिए तैयार थी वह मेरी चूत को चाट कर उसमे अपनी उंगली डालने लगा। उसने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया था वह मेरी चूत को चाट रहा था मेरी चूत से पानी निकल रहा था।

मेरी चूत से इतना अधिक पानी निकलने लगा कि मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और ना ही वह अपने आपको रोक पा रहा था। मैंने अपने पैरों को खोल लिया जब मैंने अपने पैरों को खोल कर उसके बालों को कसकर पकड़ना शुरू किया तो वह उत्तेजित हो उठा था। वह मेरी चूत मे लंड डालने के लिए तैयार हो गया था उसने मेरी चूत पर अपने लंड को लगाया और अंदर की तरफ एक ही झटके में घुसा दिया उसका लंड मेरी चूत में घुसा तो मुझे बहुत ही मजा आया और उसे भी बड़ा मजा आया। अब हम दोनों ही एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे वह मेरी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किया जा रहा था। जब वह ऐसा करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता और उसने मेरी चूत से पानी बाहर निकाल दिया था मेरी चूत से निकलता हुआ पानी कुछ ज्यादा ही अधिक होने लगा था।

मैंने उसे कहा मुझे और तेजी से चोदो उसने अपने लंड को बाहर निकाल कर अपने लंड पर तेल लगाया और तेल लगाकर उसने मुझे घोड़ी बनाया। रजत ने मेरी चूतड़ों पर अपने हाथों से एक दो बार प्रहार किया जिससे कि मेरी चूतडे अब लाल होने लगी। उसने मेरी चूत में अपनी उंगली को घुसा दिया और मेरी गर्मी को बढ़ा दिया मैं उसके लंड को अपनी चूत में ले चुकी थी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा था। मैंने उसे कहा तुम मुझे चोदते रहो वह मुझे जोरदार तरीके से चोद रहा था उसने मेरी चूत की खुजली को पूरी तरीके से मिटा दिया था और मेरी चूत की खुजली बहुत ज्यादा बढ चुकी थी। उसने मुझे बहुत देर तक चोदा और मेरी गर्मी को शांत कर दिया। मैंने यह सब इसलिए किया ताकि मेरे पति और मेरे बीच में सेक्स बन सके। वह मुझे कहने लगा भाभी कभी-कभी मुझे भी मजे दे दिया किजिए। मैंने उसे कहा क्यों नहीं। मेरे पति जब भी घर लौटते तो मैं और मेरे पति दोनों ही मजा लेते। मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब उन दोनों के साथ में मजे लिए करता हूं। जब भी मेरा मन करता तो मैं रजत के साथ अंतरंग संबंध बना लिया करती। रजत अब भी हमारे साथ ही रहता था लेकिन मेरे लिए वह हमेशा ही तैयार रहता। मुझे उसके साथ सेक्स करना बडा अच्छा लगता वह मेरी चूत मार लिया करता है।

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