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चूत ने लंड को काबू में कर लिया

Antarvasna, hindi sex stories: मैं जॉब करने के लिए अपने मामा जी के साथ ऑस्ट्रेलिया चला गया उनका वहां पर रेस्टोरेंट है और मैं वहां पर काम करने लगा। मुझे वहां पर काम करते हुए एक साल हो चुका था और तब से मैं घर नहीं लौटा था। मैंने एक दिन मामा जी से कहा कि मैं घर जाना चाहता हूं तो उन्होंने मुझे कहा कि ठीक है रोहित बेटा तुम कुछ दिनों के लिए घर चले जाओ। मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर लौट आया, मैं जब चंडीगढ़ पहुंचा तो पापा मम्मी काफी खुश थे वह लोग मुझे एक साल बाद देख रहे थे और मुझे भी काफी खुशी थी कि मैं अपनी फैमिली से काफी समय बाद मिल पा रहा हूँ। उनके साथ में मैं अब अच्छा समय बिताना चाहता था। मेरे कॉलेज की पढ़ाई हो जाने के बाद मामा जी ने ही मुझे कहा कि तुम मेरे साथ ऑस्ट्रेलिया चलो। उनका रेस्टोरेंट का कारोबार काफी अच्छा चलता है और वह काफी खुश हैं। मां ने मुझसे पूछा रोहित बेटा तुम कितने दिनों तक घर पर रुकने वाले हो तो मैंने मां से कहा कि मां मैं एक महीना घर पर हूं।

मैंने अपने दोस्त पारस को फोन किया मैंने जब पारस को फोन किया तो मैं पारस को मिलने के लिए चला गया। मैं जब पारस को मिलने के लिए गया तो पारस ने मुझे बताया कि उसके और सुरभि के बीच अब सब कुछ ठीक हो चुका है। पारस और सुरभि एक दूसरे को कॉलेज के समय से ही प्यार करते हैं लेकिन उन दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। उस दिन पारस ने मुझे जब अपने और सुरभि के बारे में बताया तो मैंने पारस को कहा चलो यह तो बड़ी अच्छी बात है कि तुम दोनों का रिलेशन अब दोबारा से चलने लगा है। पारस और सुरभि एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। उस दिन पारस से मिलकर मुझे काफी अच्छा लगा और फिर मैं घर वापस लौट आया। मैं जब घर वापस लौटा तो मुझे मां ने कहा कि रोहित बेटा तुम आज हमारे साथ पार्टी में चलो तो मैंने मां से कहा मां मेरा मन नहीं है। हमारी कॉलोनी में ही एक पार्टी थी तो हम लोग वहां पर जा रहे थे लेकिन मेरा मन पार्टी में जाने का नही था परंतु पापा के कहने पर मुझे वहां जाना पड़ा। मैं जब पार्टी में गया तो उस दौरान मेरी मुलाकात संजना से हुई, संजना हमारी कॉलोनी में ही रहती है और वह मुझे काफी पसंद करती है लेकिन मैंने कभी उससे बात नही की।

जब उस दिन संजना मुझसे बात कर रही थी तो मुझे भी लगा कि संजना से मुझे बात करनी चाहिए। मैं उससे बात कर रहा था तो उसे शायद यह गलतफहमी हो चुकी थी कि मैं भी उसे प्यार करने लगा हूं और फिर वह मुझे बार बार फोन करने लगी थी। मैं संजना से दूरी बनाने की कोशिश करता परंतु वह मेरे बहुत ज्यादा करीब आने की कोशिश कर रही थी। मैं नहीं चाहता था कि संजना को मैं किसी धोखे में रखूं लेकिन वह मेरी बात मानने को तैयार ही नहीं थी। संजना के पापा बैंक में जॉब करते हैं और संजना की मां भी स्कूल में टीचर हैं। संजना बहुत अच्छी लड़की है लेकिन मैं उसे प्यार नहीं करता था यह बात मैंने संजना को भी कही लेकिन वह मेरी बात मानने को तैयार नही थी। संजना मेरे पीछे पूरी तरीके से पागल थी वह मुझे फोन करके कहती कि मुझे तुमसे मिलना है। संजना मुझे कहने लगी कि मुझे तुमसे मिलना ही है। मैं भी संजना को मना ना कर सका और उसे उस दिन मैं मिलने के लिए चला गया मैं जब उसको मिलने के लिए गया तो मुझे संजना से मिलकर काफी अच्छा लगा और उसे भी मेरे साथ में समय बिता कर बहुत अच्छा लगा। हम दोनों साथ में बातें कर रहे थे और हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिता रहे थे मुझे भी उस दिन पहली बार संजना के साथ में समय बिता कर अच्छा लगा उसके बाद हम दोनों घर लौट आए थे। संजना ने मुझसे अपने पापा और मम्मी के बारे में बताया।

मैंने संजना को कहा कि क्या तुम्हारे पापा और मम्मी के बीच में झगड़े होते हैं तो वह मुझे कहने लगी कि पापा और मम्मी के बीच में बिल्कुल भी नहीं बनती है। यह बात मुझे पता नहीं थी शायद इसी वजह से संजना को किसी की जरूरत थी इसलिए संजना यह बात मुझसे शेयर कर रही थी। संजना के जीवन में काफी अकेलापन था और वह चाहती थी कि मैं उसके अकेलेपन को दूर करूँ क्योंकि संजना  मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करती थी और यही वजह थी कि वह मुझसे अक्सर मिला करती थी। संजना और मै साथ में समय बिताने लगे तो मैं भी कहीं ना कहीं संजना को प्यार करने लगा लेकिन अब मुझे वापस काम पर लौटना था मैंने जब संजना को इस बारे में बताया तो संजना मुझसे कहने लगी कि रोहित मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं। मैंने उस दिन संजना को अपने दिल की बात कह दी और संजना और मेरा रिलेशन अब चलने लगा था। हालांकि मैं ऑस्ट्रेलिया वापस जा चुका था लेकिन उसके बाद भी हम दोनों फोन पर एक दूसरे से बातें करते हो हम दोनों को ही अच्छा लगता। जब भी हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें करते तो मैं संजना के साथ काफी बातें किया करता और उसे बहुत अच्छा लगता था। वह मुझसे अपनी हर एक बात को शेयर किया करती और मैं चाहता था कि मैं संजना को मिलने के लिए वापस जाऊं लेकिन फिलहाल यह संभव नहीं हो पा रहा था। मैं ऑस्ट्रेलिया में ही था और जल्द से जल्द मैं संजना को मिलने के लिए जाना चाहता था।

मुझे काफी समय हो गया था मैं अपने घर नहीं जा पाया था। मैंने एक दिन इस बारे में मामा जी से बात की तो उन्होंने मुझे कहा रोहित बेटा तुम कुछ दिनों के लिए घर चले जाओ। मुझे 6 महीने हो चुके थे 6 महीने बाद मैं अपने घर गया। मैं अपने घर गया तो उस दिन मैं बहुत ज्यादा खुश था। मै जब संजना को मिला तो संजना भी बहुत खुश थी। उसने मुझे गले लगा लिया और कहने लगी यह 6 महीने मेरे लिए काट पाना बहुत ही मुश्किल था। मैंने संजना के होठों को चूम लिया और उसे किस करके मुझे बहुत अच्छा लगा। संजना और मैं अब एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे हालांकि पहले मैं उस से दूरी बनाने की कोशिश करता था पर अब मुझे संजना के साथ का साथ अच्छा लगता है। एक दिन संजना और मैं उसके घर थे संजना के पापा और मम्मी घर पर नहीं थे। मैंने संजना के होंठों को चूमना शुरू किया तो हम दोनो गर्म होने लगे वह बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी थी। वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी और मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने संजना के कपड़ों को उतारना शुरू किया और उसके कपड़े उतार कर जब मैंने उसके गोरे बदन को देखा तो यह पहला मौका था जब मैं उसके गोरे बदन को देख रहा था। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मैं उसके स्तनों को जिस तरीके से चूस रहा था उसे मज़ा आने लगा था और मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था।

मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी हम दोनों पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगे थे। हम दोनों बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे ना तो मै अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही संजना अपने आपको रोक पा रही थी। उसने मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर उसे हिलाना शुरू किया। जिस तरीके से वह मेरे लंड को हिला रही थी उससे मुझे मजा आने लगा और संजना को भी बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उसे कहा तुम मेरा लंड को मुंह में ले लो। उसने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में ले लिया और वह मेरे लंड को बड़े अच्छे तरीके से चूसने लगी। वह जिस तरीके से मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे सकिंग कर रही थी उसे मज़ा आने लगा था। वह मुझे कहती तुम्हारे लंड से पानी बाहर की तरफ को आने लगा है। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। हम दोनो एक दूसरे का साथ दे रहे थे। मैंने संजना की योनि पर अपने लंड को सटाते हुए उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाने की कोशिश की लेकिन उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी इसलिए मैं उसकी योनि में लंड घुसा नहीं पा रहा था। मैंने अपने लंड पर तेल की मालिश की। मेरा लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था संजना एकदम सील पैक माल थी। मैंने उसकी चूत में धीरे धीरे कर के अपने लंड को घुसाना शुरू किया मेरा मोटा लंड को संजना की चूत के अंदर प्रवेश हो चुका था और वह बहुत तेजी से सिसकारियां लेने लगी थी।

उसकी गरम सांसे मेरी गर्मी को और भी ज्यादा बढ़ा रही थी। हम दोनों बहुत ज्यादा उत्तेजित होते जा रहे थे अब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे। एक समय ऐसा आया जब हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को पूरी तरीके से शांत कर दिया था। मैंने आपने माल को संजना की चूत मे गिरा दिया था। हम दोनों एक दूसरे के साथ दोबारा से सेक्स करने के लिए तैयार हो चुके थे। मैंने संजना की चूतड़ों को अपनी तरफ किया उसकी चूतड़ों को देखकर मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ने लगी। संजना की योनि से मेरा माल टपक रहा था उसकी चूत पर लगे खून को देखकर मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ने लगी। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। मैं जिस तरीके से उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को कर रहा था उस से मुझे मजा आने लगा था। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत अच्छे से शारीरिक सुख का मजा ले रहे थे। मैं संजना की चूतडो पर प्रहार कर रहा था। मैं उसकी चूतड़ों पर प्रहार करता तो मुझे मजा आता वह चिल्ला रही थी। संजना और मैं एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे से सेक्स संबंध बना रहे थे। एक समय ऐसा आया जब मेरा वीर्य संजना की योनि में गिर चुका था और मेरी इच्छा पूरी हो चुकी थी। हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे जिस तरीके से मैंने संजना की चूत के मजे लिए थे। मैं संजना की इच्छा को पूरा कर चुका था उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ अक्सर सेक्स संबंध बना लिया करते।

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