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चूत मारकर नाश्ता किया

Hindi sex stories, antarvasna मेरा नाम रौनक है और मैं फरीदाबाद का रहने वाला हूं मेरे बहुत ही चुनिंदा दोस्त हैं लेकिन उनमें से एक ही सबसे खास मेरा दोस्त है उसका नाम कपिल है। कपिल अपने पिताजी से काफी परेशान रहता है उसके पिताजी बहुत ही सख्त मिजाज के हैं और वह हमेशा ही उसे डांटते रहते हैं लेकिन ना जाने कपिल कैसे यह सब बर्दाश करता है परंतु एक दिन तो कुछ ज्यादा ही हद हो गई। कपिल के पापा ने उसे कुछ ज्यादा ही पीटा तो वह हमारे घर पर आ गया जब कपिल हमारे घर पर आया तो वह मुझसे कहने लगा यार अब मैं घर वापस नहीं जाना चाहता मैंने कपिल को समझाया और कहा देखो इसमें दुखी होने की बात नहीं है। वह मुझे कहने लगा तुम्हें मालूम है मेरे पिता जी हमेशा शराब पीकर आते हैं वह हर किसी बात पर वह गुस्सा हो जाते हैं और घर में झगड़ा करने लग जाते हैं मैं उनसे बहुत परेशान हो चुका हूं।

वह मेरी मां को भी अनाप शनाप कहते रहते हैं लेकिन अब मुझसे यह सब बिल्कुल भी सहा नहीं जाता और मुझे बहुत ज्यादा गुस्सा आता है लेकिन मुझे अपने गुस्से पर काबू करना पड़ता है। मैंने कपिल को कहा यार मुझे मालूम है कि तुम कितना ज्यादा तकलीफ में हो, मेरे पिताजी बहुत ज्यादा समझदार है उन्होंने कपिल से कहा बेटा यदि तुम्हारे पिताजी गलत है तो तुम उन्हें कुछ कर के दिखाओ तुम्हें मेहनत करनी चाहिए और तुम्हें जब भी हमारी जरूरत हो तो तुम घर पर आ जाया करो। कपिल ने मेरे पिताजी से कहा अंकल मैं आपकी बड़ी इज्जत करता हूं लेकिन मेरे पापा बिल्कुल भी दया लायक नहीं है वह हर रोज शराब पीकर आते हैं और घर में वह बहुत ज्यादा झगड़ा करते हैं। कपिल को मेरे पापा ने भी समझाया तब उसका गुस्सा थोड़ा शांत हुआ और कुछ समय बाद कपिल ने एक कंपनी ज्वाइन कर ली कंपनी वहां बड़े ही अच्छे से काम करता रहा और उसका प्रमोशन हो गया। मैंने भी अपने पापा के बिजनेस को आगे बढ़ाने की सोच ली थी तो मैं उनके बिजनेस को आगे बढ़ा रहा था कपिल से मेरी मुलाकात होती रहती थी। एक दिन कपिल ने मुझे बताया कि वह अपनी मां को लेकर अब अलग रहने लगा है मैंने कपिल से कहा तुमने बिलकुल अच्छा किया जो तुम अब अलग रहने लगे हो।

कपिल मुझे कहने लगा मेरे पापा हमारे पास आए थे वह कहने लगे कि तुम्हे अलग रहने की क्या जरूरत है लेकिन मैंने उन्हें साफ तौर पर कह दिया कि अब आपका हमसे कोई लेना देना नहीं है। आपकी गलतियों की वजह से हम लोगों ने बहुत कुछ झेला है मैं नहीं चाहता कि अब आगे भी हम लोगों को उन्ही तकलीफों का सामना करना पड़े। कपिल से मेरी दोस्ती वैसे ही है जैसे हम दोनों की दोस्ती पहले थी मुझे इस बात की खुशी थी कि कपिल ने अपनी मां को अपने साथ में रख लिया था और उसके पिताजी को भी शायद अब इस चीज़ का पछतावा था कि वह अब अकेले हो चुके हैं। कपिल अपने पिताजी को अपने साथ रखना ही नहीं चाहता था और कपिल ने उनसे अपने सारे संबंध खत्म कर लिए थे कपिल अपनी मां की बहुत ही इज्जत करता है और वह उन्हें बहुत प्यार देता है। कपिल ने अपने जीवन में बहुत सारी तकलीफ देखी हैं और उसी के चलते वह नहीं चाहता था कि अब दोबारा से वैसे ही समस्याओं का सामना उसे करना पड़े। कपिल के मामा जी ने उसके लिए एक लड़की देखी उसका नाम महिमा है कपिल चाहता था कि पहले वह उससे बात करें और उसके बाद ही आगे कोई रिश्ता की बात हो इसीलिए कपिल उसे मिलने के लिए चला गया। कपिल जब महिमा से मिला तो कपिल ने मुझे बताया कि महिमा बहुत अच्छी है और जैसी लड़की मैं चाहता था वह बिलकुल वैसी ही है मैंने कपिल से कहा तो फिर तुम रिश्ते की बात को आगे बढ़ाओ। कपिल कहने लगा हां तुम बिल्कुल सही कह रहे हो अब रिश्ते की बात को आगे बढ़ाना ही पड़ेगा और कुछ उस समय बाद कपिल की सगाई महिमा के साथ हो गई। कपिल बहुत खुश था और कपिल ने एक दिन मुझे कहा कि मैं तुम्हें महिमा से मिलाता हूं उस वक्त उन दोनों की सिर्फ सगाई हुई थी। मैं भी महिमा से मिलने के लिए चला गया लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि महिमा की बहन भी वहां आई हुई होगी महिमा की बहन का नाम सुरभि है।

जब मैं सुरभि से पहली बार मिला तो उससे मेरी उतनी बात नहीं हो पाई थी लेकिन हम लोगों की मुलाकात एक दो बार हुई तो मुझे सुरभि अच्छी लगने लगी। मैंने यह बात कपिल से भी कहीं तो कपिल कहने लगा मैं तुम्हारी बात सुरभि से करवा दूंगा मैंने उसे कहा मैं उससे बात तो करता हूं लेकिन मुझे नहीं मालूम कि वह मुझे क्यो अच्छी लगती है उसका व्यवहार भी बहुत ही अच्छा है। उसी दौरान कपिल और महिमा की शादी का दिन भी तय हो गया, कपिल के सबसे अच्छे दोस्तों में से मैं ही था तो इसलिए मुझे ही उसकी शादी में सारा काम संभालना था और मैंने कपिल की शादी में सारा काम संभाला। कपिल की शादी बड़े ही अच्छे से हुई और उसके बाद वह महिमा के साथ बहुत खुश हैं वह लोग घूमने के लिए मनाली भी गए थे कपिल की मां भी बहुत खुश है क्योंकि उन्हें बेटी के रूप में महिमा मिल चुकी है महिमा उनका बड़ा ध्यान रखती है। कपिल ने एक दिन मुझसे कहा कि मैं नहीं चाहता कि दोबारा से मेरी जिंदगी में कोई बुरा साया आये, कपिल ने अपने पिताजी से सारे संबंध खत्म कर लिए थे। कपिल को वह बिल्कुल भी पसंद नहीं थे क्योंकि उन्होंने बचपन से लेकर बड़े होने तक कपिल को कभी भी बाप का साया नहीं दिया जिससे कि वह उनसे बहुत नाराज था। कपिल और महिमा को जब भी मैं देखता तो मुझे बहुत अच्छा लगता मैं महिमा से हमेशा कहता कि कपिल तुमसे बहुत प्यार करता है।

उन दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी है और वह दोनों एक-दूसरे का बहुत ख्याल रखते हैं महिमा को भी यह बात मालूम चल चुकी थी कि मैं सुरभि से प्यार करता हूं। एक दिन मुझे महिमा ने कहा कि क्या आपको सुरभि पसंद है तो मैंने महिमा से कहा हां मुझे सुरभि पसंद है लेकिन मुझे यह नहीं पता कि क्या वह भी मुझे पसंद करती है। महिमा मुझे कहने लगी वह आप मुझ पर छोड़ दीजिए मैं सुरभि से पूछूंगी आखिरकार सुरभि मेरी बहन है मैंने महिमा से कहा यह सब आप ही देख लीजिए। मैं अपने पापा का बिजनेस संभाल रहा था और मैं बहुत ही मेहनत करता जिससे की हमारा बिजनेस बढ़ता ही जा रहा था। अब हमारे पास काम करने वाले काफी ज्यादा लोग हो चुके थे सब कुछ मैं ही संभाला करता था काम की व्यवस्था के चलते मैं ज्यादा किसी से नहीं मिल पाता था। एक दिन मुझे कपिल का फोन आया और वह कहने लगा मुझे तुमसे मिलना था तो मैंने कपिल से कहा कि तुम ऑफिस में ही आ जाओ कपिल मुझसे मिलने के लिए ऑफिस में ही आ गया। कपिल मुझे कहने लगा यार हमारी शादी को एक साल होने वाला है और हम लोग सोच रहे थे कि एक छोटी सी पार्टी घर में ही रखें जिसमें कि अपने कुछ लोगों को ही बुलाया जाए। मैंने कपिल से कहा की मालूम ही नहीं पड़ा की कब शादी को एक वर्ष होने को आ गया मैंने कपिल से कहा कि तुम उसकी चिंता मत करो मैं तुम्हारे लिए एक होटल बुक करवा देता हूं। मैंने कपिल के लिए एक होटल बुक करवा लिया और उसकी शादी की सालगिरह हम लोगों ने वही मनाई कपिल बहुत ज्यादा खुश था और महिमा भी बहुत खुश थी। उसी दौरान सुरभि मुझे मिली तो सुरभि और मैं साथ में बैठे हुए थे हम दोनों आपस में बात कर रहे थे। मैंने सुरभि से कहा कि मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं वह मुझसे कहने लगी मुझे मालूम है मुझे महिमा ने बता दिया था और मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं।

हम दोनो महिमा और कपिल की सालगिरह को इंजॉय कर रहे थे मैंने सुरभि के हाथों को अपने हाथों में लिया और उसके हाथों को मैं अच्छे से चूमने लगा। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था वह उस दिन बहुत ज्यादा सुंदर भी लग रही थी मैंने सुरभि से कहा कि क्या हम लोग आज साथ में समय बिता सकते हैं। सुरभि कहने लगी ठीक है, कपिल और महिमा की पार्टी खत्म होने के बाद वह मेरे साथ आ गई हम दोनों साथ में रात को एक साथ समय बिताने वाले थे। वह मेरे साथ मेरी कार में बैठी हुई थी मैंने उसके होठों को चूमना शुरू किया तो उसे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने सुरभि के होठों का रसपान काफी देर तक किया उसके अंदर की गर्मी बाहर निकलने लगी तो वह मुझे कहने लगी हम दोनों को कहीं चले जाना चाहिए। मैंने अपने दोस्त को फोन किया तो उसने मुझे कहा तुम मेरे फ्लैट में चले आओ रात को मैंने उससे उसके फ्लैट की चाबी ली और उसके फ्लैट में चली गए वहां पर एक बैड लगा हुआ था। उसमें हम दोनों लेट गए मैंने सुरभि के रसीले होठों का रसपान किया।

मैंने जब उसको नग्न अवस्था में देखा तो मेरे अंदर की उत्तेजना और भी बढ़ गई मैंने उसकी चिकनी योनि पर अपने लंड को लगा दिया और उसकी गीली हो चुकी चूत के अंदर अपने लंड को मैंने जैसे ही घुसाया तो वह चिल्लाने लगी। मेरा लंड उसकी योनि के अंदर तक जा चुका था मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा। उसे बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत मजा आता मैं लगातार उसे तेजी से धक्के दिए जाता जिससे कि उसके अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ जाती और वह मेरा साथ बडे अच्छी तरीके से देती। उसकी योनि से खून का बहाव हो रहा था मुझे और भी ज्यादा मजा आता। मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और लगातार तेजी से धक्के दिए उसके मुंह से मादक आवाज निकलती जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ चुकी थी। हम दोनों ही पूरी तरीके से जोश में आ चुके हैं मेरा वीर्य जैसे ही सुरभि की योनि में गिरा तो हम दोनों जैसे एक दूसरे के हो गए। मैंने उसे गले लगा लिया उस रात हम दोनों एक साथ सोए सुरभि बहुत खुश थी सुरभि ने सुबह उठकर मेरे लंड को अपने हाथ से हिलाया तो मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया और मैंने सुरभि की चूत मारी। उसके बाद हम लोगों ने एक साथ नाश्ता किया मैंने सुरभि को उसके घर पर छोड़ दिया।

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