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चुदक्कड़ रंडी के साथ सेक्स-2

desi sex stories अब वो मुस्कुराते हुए कहने लगी कि अब तो चुदने में उसको बड़ा मज़ा आता है, हाँ अगर कोई एक आदमी उसको लगातार अपना लंड दे दे तो शायद वो यह सभी गंदे काम छोड़ दे, लेकिन सब लोग चालू होते है। अब इसलिए वो किसी पर विश्वास नहीं करती, क्योंकि सभी लोग उसकी चूत मारने के बाद उसको पूछते भी नहीं, इसलिए उसके लिए यह सब बेकार की बातें है। अब मैंने उसको पूछा कि तुम अब मेरे साथ अपना समय क्यों खराब कर रही हो? वो बोली कि तुम एक बहुत ही मजेदार आदमी हो, इसलिए में तुम्हारे साउत एक्स तक जा रही हूँ वहाँ पर अगर मुझे कोई चूत का प्यासा मिल गया तो उसका काम बन जाएगा। फिर मैंने उसको कहा कि भगवान तुम्हारे काम को जरुर पूरा करे और वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंस पड़ी, तब मैंने उसको कहा कि में क्या एक बात कहूँ अगर तुम उसका बुरा ना मानो तो? वो पूछने लगी कि हाँ बोलो वो क्या? तब मैंने उसको कहा कि तुम्हारे बूब्स बहुत मोटे और भरे हुए है इनका आकार बहुत अच्छा है, तुम इनका इतना ध्यान कैसे रखती हो? तभी वो हंसती हुई बोली कि दिन में एक बार मुझे कोई ना कोई आदमी मिल ही जाता है। फिर में उसके साथ अपनी चुदाई करवाने के साथ ही अपनी छाती की मसाज भी करवा लेती हूँ, जिसका यह असर तुम्हारी आँखों के सामने है। फिर उसने अपने पर्स से एक अच्छी कंपनी के तेल की शीशी निकालकर दिखाई।

अब मैंने उसको कहा कि तुम हो तो बड़ी सुंदर हॉट सेक्सी होने के साथ साथ बहुत दिमागवाली भी हो। फिर वो मुझसे कहने लगी कि आप बातें बड़ी अच्छी करते हो, वैसे आप हो भी साफ दिल के आपकी आँखों में वहशीपना नहीं है और आज तक ऐसी साफ नजरें उसने कहीं नहीं देखी और फिर वो मुझसे कहने लगी कि तुम यह बूब्स क्या अंदर से नहीं देखना चाहोगे? में उसके मुहं से वो शब्द सुनकर सिर्फ मुस्कुरा दिया, लेकिन तभी अचानक से उसको पता नहीं क्या हुआ? उसने अपना एक हाथ मेरे पैरों पर रख लिया और सीधे मेरे लंड को पकड़ लिया और वो मुझसे पूछा कि में ऐसा क्यों सोचता हूँ कि उसकी मोटी गांड को मेरा लुल्ला कैसे संतुष्ट करेगा, लेकिन उसी समय मेरा लंड छूकर जैसे उसको करंट लग गया हो, उसने अपना हाथ तुरंत वापस पीछे खींच लिया। अब वो मुझसे कहने लगी कि तुम मुझसे झूठ बोल रहे हो, तुम्हारा लंड तो तनकर खड़ा है और में इतनी देर से उसको कह रहा हूँ कि सेक्स करने में मुझे कोई रूचि ही नहीं है? तब में उसको बोला कि क्या तेरा दिमाग़ खराब हो गया है? क्या यह लंड खड़ा करने का टाइम है? पागल औरत यह अभी नींद में है। अब वो मेरी बात को सुनकर मुझसे कहने लगी कि में बकवास कर रहा हूँ और उसने एक बार फिर से मेरे लंड को टटोलना शुरू किया।

फिर से मेरे लंड को पकड़कर देखा, लेकिन इस बार तो उसको मेरा लंड कुछ मुलायम सा लगा, वो कहने लगी कि हाँ यह खड़ा तो नहीं है, लेकिन मुझे विश्वास नहीं होता कि इतना मोटा लंड सो रहा है। फिर जब यह खड़ा होगा तो कितना लंबा होगा? वो बहुत चकित होकर अब मुझसे पूछने लगी कि क्या मैंने सच में आज तक किसी की चूत नहीं ली? मैंने कहा कि हाँ और वो मुझसे पूछने लगी कि मैंने अब तक शादी क्यों नहीं की? तब मैंने जवाब दिया कि ऐसे ही बीवी के नखरे कौन उठाएगा? अब वो मेरी तरफ हंसती हुई कहने लगी कि जिस लड़की से भी तुम्हारी शादी होगी, उसकी किस्मत तुम्हारा मोटा तगड़ा लंड पाकर चमक जाएगी। अब वो मुझसे आग्रह करके कहने लगी प्लीज एक बार इस लंड को मुझे दिखा तो दो। तब मैंने उसको कहा कि बाहर बहुत भीड़ है वो लोग हमे देखेंगे, वो कहने लगी कि में अपना दुपट्टा बीच में रख लूँगी जिसकी वजह से किसी को कुछ भी नहीं दिखाई देगा। अब मैंने उसको कहा कि यह ठीक नहीं है, तुम यह सब नाटक करके मेरे साथ अपनी चुदाई की तैयारी कर रही हो, लेकिन में इस समय तुम्हे चोदने के मूड में बिल्कुल भी नहीं हूँ।

अब वो मुझसे कहने लगी कि नहीं में तुमसे मेरी चुदाई के बारे में नहीं कहती, में तो सिर्फ तुम्हारे उस लंड को एक बार जी भरकर देखना चाहती हूँ और वो मुझसे कोई भी ज़बरदस्ती भी नहीं करेगी और ना ज्यादा कुछ दिखाने करने के लिए कहेगी। अब वो तो यह देखना चाहती है कि वास्तव में क्या मेरा लंड सो रहा है? फिर मैंने उसको कहा कि हाँ वो सो रहा है, लेकिन तुम्हे फिर भी मेरी बात पर विश्वास नहीं होता तो ठीक है, तुम उसको सोता हुआ देख सकती हो। अब उसने मेरे मुहं से मेरा वो जवाब सुनकर खुद ही तुरंत मेरी पेंट की चैन को खोला और मेरे लंड को अपना एक हाथ अंदर डालकर बहुत प्यार से बाहर निकाल लिया। अब वो लंड को अपने सामने देखकर अपनी चकित नजरों को पूरा फैलाकर वो ज़ोर से चीख पड़ी हाए राम इतना बड़ा लंड, मेरे रब्बा में ते अपनी जिंदगी विच नहीं देखया इन्ना वडा लंड वो भी सोया हुआ हाय रब्बा में इन्नु लेवनगी ते यह मेरी चूत विच घुसयेगा की वी नहीं। दोस्तों उसका कहने का मतलब यह था कि इतना मोटा, बड़ा लंड मेरी छोटी सी चूत में आएगा कैसे? अब मैंने उसको कहा कि तुम इतना हैरान क्यों हो रही हो? वो पूछने लगी जब यह अपनी नींद से उठकर खड़ा होता है तो इसकी ठीक लम्बाई कितनी होती है? मैंने उसको कहा कि मैंने कभी उसको नापकर नहीं देखा।

फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज एक बार इसको खड़ा करने दो ना? तब मैंने उसको कहा कि यार तुम इतने बड़े, लंबे लंड अपनी चूत में पहले भी ले चुकी हो और अब तुम मेरे सामने नाटक क्यों कर रही हो? तब वो मुझसे कहने लगी कि नहीं साहब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है जैसा आप समझ रहे हो। अब तक मैंने ज्यादा से ज्यादा चार इंच का ही लंड लिया है और वो कहने लगी कि मैंने तो सिर्फ ब्लूफिल्मों में ही अब तक इतना बड़ा देखा था, असल में कभी नहीं देखा और में मन ही मन में हमेशा सोचती थी कि सही में किसी भारतीय का इतना बड़ा लंड हो ही नहीं सकता। अब में उसकी वो सभी बातें सुनकर हंस दिया और मैंने उसको कहा कि तुम बिल्कुल पागल हो, वो बोली कि सच साहब बोली इक वार में इन्नु खड़ा करके वेखना चौँगी। दोस्तों वो कह रही थी कि में एक बार इसको खड़ा करके देखना चाहती हूँ। अब में बोला कि नहीं तू इसको वापस अंदर डाल दे, क्योंकि तेरा वो मुझसे किया हुआ वादा था याद कर तूने मुझसे क्या कहा था कि तू इसको बिल्कुल भी नहीं छेड़ेगी। फिर वो कहने लगी कि प्लीज एक बार इसको खड़ा करने दो में और कुछ भी नहीं करूँगी। अब मैंने दोबारा उसको कहा कि नहीं, फिर उसने मुझसे बात करने के साथ साथ मेरे लंड के साथ अब खेलना भी शुरू कर दिया।

अब मुझे उसका मेरे लंड के साथ ऐसा करना अच्छा तो लग रहा था, लेकिन में उस चुदक्कड़ रंडी के साथ सेक्स करने के बिल्कुल भी मूड में नहीं था, लेकिन उस कुत्ती कमीनी ने एक मिनट में ही मेरे मना करने से पहले ही लंड को अपने नरम हाथों के स्पर्श से तुरंत खड़ा कर दिया। अब मेरा लंड खड़ा होकर बहुत बुरी तरह से फुकारने लगा और वो उसको लगातार सहलाए जा रही थी। दोस्तों में अब अपने उस लंड को खड़ा हो जाने की वजह से क्योंकि वो खड़ा होने के बाद उस खुली हुई चेन से वापस अंदर नहीं जा सकता था और इसलिए में उसको अब अंदर भी नहीं कर सकता था। अब मेरे लंड को खड़ा करने के बाद वो उसको देखकर बड़ी चकित होकर एक बार फिर से चीख पड़ी और कहने लगी कि हाए राम इतना लंबा लंड उसने लंड को अपने हाथ से नापा और बोली कि यह करीब 6 इंच से कम नहीं होगा और बहुत देर तक वो मेरे लंड को अपने मुलायम, गोरे हाथों से लगातार मसाज करती रही और उसने मेरे लंड को पूरा खड़ा करके एकदम तैयार कर दिया। अब वो मुझसे कहने लगी कि हाए मेरे रब्बा यह तो बहुत लंबा और मोटा है और वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज मुझे एक बार तुम फ्री में ही चोद लो और अगर में चाहूं तो वो इसको अपनी चूत के अंदर लेने के लिए कुछ भी करने को तैयार है।

फिर वो कहने लगी कि यह उसकी गांड को बहुत अच्छे से चोदकर बड़े अच्छे तरीके से शांत कर सकता है और वो मुझसे बोली कि अगर में चाहूं तो वो उसकी इस चुदाई के पैसे भी दे सकती है। फिर मैंने उसको बोला कि लो कर दी ना तुमने अब वही रंडियों वाली बात, वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंस पड़ी और कहने लगी कि अब इस तरह से इस लंड को मेरे हाथ में देकर तुम मुझे अगर तड़पाओगे तो में और क्या कहूँगी? और कहने लगी कि वैसे भी तुम एक रांड से और क्या उम्मीद करते हो? फिर उसने अपनी वो बात खत्म करके मेरी तरफ आंख मारकर झट से नीचे झुककर मुझसे बिना कुछ पूछे तुरंत मेरे लंड को उसने अपने मुहं में भर लिया और वो उसको चूसने लगी। अब मैंने उसको बहुत बार अपने लंड से दूर करने की बड़ी कोशिश की, लेकिन वो नहीं मानी और वो लगातार मेरा लंड चूसती रही और अपने मुहं में लंड को अंदर बाहर करती रही। अब मैंने उसको कहा कि यार हमारे पास में बहुत सारी गाड़ियाँ जा रही है, बाहर से हमे कोई देखकर क्या सोचेगा? वो बोली कि तो तुम अपनी इस कार को एक साइड में कहीं सुनसान जगह देखकर रोककर खड़ी कर लो, में आज इसका पूरा रस पीने के मूड में हूँ और में इसको आज ऐसे नहीं छोड़ सकती चाहे, कोई भी कुछ भी सोचे मुझे उससे कोई भी मतलब नहीं है।

फिर मैंने उसको कहा कि प्लीज अब तुम मेरा लंड छोड़ दो, नहीं तो मेरे सारे कपड़े खराब हो जाएँगे। फिर बोली कि कुछ भी खराब नहीं होंगे और मुझसे बात करने के साथ ही वो मेरे लंड को पूरा अंदर तक लेने लगी, जिसकी वजह से मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था और फिर वो मुझसे पूछने लगी कि कितना समय लगाओगे झड़ने में? काश तुम इसके साथ मेरी चूत और गांड दोनों मारते तो इस प्यासे लंड को थोड़ा गीलापन मिल जाता और मेरी चूत-गांड दोनों इसको हमेशा याद रखती। अब मैंने उसको कहा कि तुम अब रूको, क्योंकि अब मेरा ऑफिस आ गया है और मैंने ज़बरदस्ती कार को रोककर उसके मुहं से अपने लंड को बाहर निकाल लिया। फिर उसने आग्रह करते हुए कहा कि बस दो मिनट की बात है, प्लीज इसको एक बार मुझे पी लेने दो, मैंने इतना मोटा लंड आज तक नहीं पिया है। फिर मैंने उसकी वो बात सुनकर उसको साफ मना कर दिया और मैंने अपनी चेन को वापस बंद कर लिया और मेरे अपनी कार से उतरने के बाद उसने मुझसे कहा कि में अपनी जिद का बहुत पक्का हूँ, उसको मेरे साथ बहुत अच्छा लगा हाँ अगर में कभी माना तो वो मेरे साथ चुदाई ज़रूर करवाना चाहेगी। फिर उसने इतना कहकर मुझसे मेरा फोन नंबर भी माँगा, लेकिन मैंने उसको नहीं दिया, क्योंकि वो बार बार मुझे फोन करके हर कभी तंग करती।

फिर उसने मुझसे पूछा कि अब हम दोबारा एक अच्छे दोस्त की तरह कब मिलेंगे? अगर में उसे अपना समझूं तो और तभी उसने मुझसे कहा कि वो मेरे लायक नहीं है। अब मैंने उसका मन रखने के लिए कहा कि हाँ हम ज़रूर मिलेंगे अगर हमारी किस्मत ने साथ दिया तो हम उसी जगह जहाँ वो मुझे पहली बार मिली थी, हम दोबारा वहीं पर मिलेंगे। अब वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर हंस पड़ी और कहने लगी कि में हमेशा तुम्हारा इंतजार करूंगी। फिर मैंने खुद अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ाया और कहा कि हाँ बेशक मैंने तुमसे सेक्स करने के लिए मना किया है और तुम एक रांड भी हो, लेकिन फिर भी तुम्हारा दिल बहुत अच्छा है। फिर मैंने उसके साथ अपना हाथ मिलाया और में मुस्कुराता हुआ उसको बोला कि में नहीं दूँगा, हाँ लेकिन में तुम्हे अपनी एक अच्छी दोस्त की तरह ज़रूर हमेशा याद रखूँगा और फिर अपनी जेब से मैंने 50/- का नोट निकालकर उसके हाथों में दबा दिया। अब वो मुझसे पूछने लगी कि यह किस लिए? मैंने उसको कहा कि यह तुम्हारी बोनी है, क्योंकि में तुम्हारा आज के दिन का पहला ग्राहक हूँ तुम्हे खाली हाथ नहीं जाने दूंगा, वरना तुम्हारा पूरा दिन खराब जाएगा और जो तुमने मेरे लंड को अपनी इतनी मेहनत से खड़ा किया था, यह उसके लिए भी है।

अब वो मुझसे बोली कि नहीं में यह पैसे आपसे नहीं ले सकती, आप जैसे लोग याद रखे जाते है उनसे कोई पैसा नहीं लिया जाता और वैसे भी आप मेरे लिए ग्राहक नहीं हो। फिर मैंने उसको कहा कि कोई बात नहीं है, लेकिन फिर भी तुम इसको अपने पास रख लो और अब वो मुझसे बोली कि अच्छा ठीक है में रखती हूँ, लेकिन पहले आप इस पर आपका नाम लिख दो, क्योंकि अगर आप किस्मत पर विश्वास करते हो तो जब भी हम दोबारा इस दुनिया के किसी भी कोने में मिलेंगे यह नोट हमारी दोस्ती की निशानी रहेगा। दोस्तों उसने मेरे उस साथ के लिए मुझे धन्यवाद भी बोला, आज पूरे तीन महीने हो गये है में उस रास्ते पर कम ही जाता हूँ। उस दिन के बाद वो मुझे नज़र भी नहीं आई, लेकिन मेरे लंड को वो अपने मुहं में लेकर पूरी तरह से बहकाकर अपना बनाकर चली गयी। अब लगता है कि काश उस दिन में ज़िद ना करता तो वो भी खुश हो जाती और मेरा कुँवारा लंड भी शांत हो जाता कम्बख़त उस दिन के बाद अब हर रोज मुझे इसके साथ मुठ मारकर काम चलना पड़ता है और में इसको उसकी याद दिलाकर उसके बारे में सोचकर मुठ मारकर शांत करता हूँ ।।

धन्यवाद …

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