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चुदक्कड़ भाभी के साथ मजे

kamukta, bhabhi sex stories हेल्लो दोस्तो | आज मै आपको अपने पड़ोस पर रहने वाली एक भाभी के विषय में कुछ सुनाने के लिए जा रहा हूँ | मेरे पड़ोस पर एक भाभी रहा करती थी | उनके घर पर मै आसानी से आता और जाता था | एक दिन जब भाभी घर पर अकेली थी तब मैंने भाभी की चूत को चोद दिया था | चलो अब मै सुनाता हूँ की मैंने भाभी को आसानी से कैसे चोदा था | मेरे घर के सामने एक नयी भाभी रहने के लिए आई हुई थी | भाभी का पति कही पर नौकरी करता था लेकिन जब उनके पति की तनखा बड गयी तो उनको शहर को छोड़ना पड़ा और किसी अन्य शहर पर आकर रहने लगे | उन्होने मेरे घर पर किराये का कमरा लिया था | उनका कमरा और मेरा कमरा बाजू में रहा करता था | मेरे घर पर मै अकेला रहा करता था | क्योकि मेरे पापा और मम्मी बाहर रहते थे | जब मेरे पापा और मम्मी शहर से दूर रहते थे तो वो मुझ से कहते थे की तुम घर को सम्भाल कर रखना | घर को सम्भालने के लिए मै शहर वाले घर पर अकेला रहा करता था | जब भाभी नहाती थी तब मै उनको देखा करता था | उसको नहाता हुआ देखने का मौका मुझे मिल जाता था | क्योकि भाभी जहा पर नहाती थी वहा पर एक खिड़की रहा करती थी और मै उसे खोलकर देखा करता था | जो कमरा मैंने उन्हे नहाने के लिए दिया था | वहा पर एक खिड़की थी जहा से मुझे देखने के लिए सरल हो जाता था |

भाभी जब नहाया करती थी तब उनके दूद हिलते थे और उनके दूद को देखने का मौका मै नही छोड़ता था | जब वो नहाने के बाद कपडे बदला करती थी तब मै उनके नंगे बदन को साफ साफ देख लेते था | एक दिन जब मै घर पर अकेला था तब भाभी नाहा कर बाहर तेल लगा रही थी | तब मै कमरे की खिड़की से उन्हे तेल लगेते हुए देख रहा था | जब भी वो तेल लगाती थी तब वो सिर्फ पेटी कोट पहनकर रहती थी | एक दिन जब वो पेटीकोट पहनकर तेल लगा रही थी तब मै उनके कमरे के अन्दर घुस गया | कमरे के अन्दर घुसने के बाद फिर मैंने उनको गले लगा लिया | जब मैंने उन्हे गले लगाया तो भाभी हसने लगी और वो कहने लगी की मेरे पति कभी भी आ सकते है | लेकिन फिर मैंने उन से कहा की अभी आपके पति नही आ सकते है | क्योकि आपके पति किसी कार्य में व्यस्त है इसलिए आपको डरने की आवस्यकता नही है | फिर मैंने भाभी के के पेटीकोट को उतार दिया | जब मैंने भाभी के पेटीकोट को उतार दिया तो भाभी मेरे सामने नंगी होकर खड़ी थी | फिर मैंने भाभी के दूद को दबाना शुरु कर दिया | कुछ समय तक मै उनके दूद को अपने हातो से मसलता रहा | भाभी की चूत में लम्बे बाल लगे हुए थे | फिर मै उनकी चूत के अन्दर अपना लंड डाल दिया | कुछ समय तक चूत की चुदाई करने के बाद मैंने भाभी से कहा की आज के लिए इतना ही क्योकि कभी भी आपके पति आ सकते है | उस दिन मुझे डर लग रहा था जब मै उनकी चुदाई कर रहा था | मेरा डरना भी लाजमी था क्योकि उस दिन मुझे उनके पति के विषय में कुछ नही मालूम था की वो कब आ सकते है | उस दिन के बाद से मै सतर्कता अपनाया करता था | क्योकि अगर उसके पति को मालूम चल जाता था तो मुझे भाभी को चोदने का अवसर फिर कभी नही मिलता | भाभी को चोदने का अवसर मेरे पास था |

एक दिन मुझे वो मालूम चला जो मेरे लिए एक बड़ा अवसर बनकर आया हुआ था | भाभी के पति को कुछ महीने के लिए शहर से बाहर जाना पड़ा था | तब मुझे अवसर मिल गया था की जब उस लड़की का पति शहर से बाहर रहता है तो मै भाभी को आसानी से चोद सकता था | एक दिन जब भाभी घर पर अकेली थी और उनके पति शहर से बाहर गये हुए थे तब मै उसके कमरे में घुसा तब भाभी ने मुझ से कहा की घर पर सब्जी नही है | उनके कहने पर मै सब्जी खरीदने के लिए गया हुआ था | मै भाभी के घर का कार्य किया करता था जैसे बाजार से सब्जी लाना | जब गैस सिलिंडर समाप्त हो जाता था तब मै उस भाभी की गैस सिलिंडर लेकर आता था | मुझे उस भाभी के कमरे आने और जाने की छुट मिली थी | एक दिन मैंने भाभी से कहा की आपके पति कुछ महीने के लिए शहर से बाहर गए हुए है इसलिए क्यो न मै आपको लेकर कही घुमने के लिए लेकर चलता हूँ | तब मेरे ऐसा कहने पर भाभी ने मुझ से कहा की हा मै तुम्हारे साथ घुमने के लिए चलने को तयार हूँ | तब मै एक दिन भाभी को घुमाने के लिए एक कार लेकर आया था | क्योकि भाभी से अब मेरी एक खास पहचान बन चुकी थी और उनको चोदने के बाद अब कोई सीमा नही रह गयी थी इसलिए वो मेरे साथ सरलता से कही भी आती और जाती थी | उन महीने जब भाभी घर पर अकेली रहा करती थी | तब मै उनको कार से घुमाने के लिए लेकर जाता था |

पहले दिन मै उनको एक खास जगह घुमाने के लिए ले कर गया गया हुआ था | उनको मैंने एक ऐसी जगह पर लेकर गया था जो की दुनिया की बेहतरीन जगह है | जब मै कार चला रहा था तब भाभी ने मुझ से कहा की क्या तुम कार चला लेते हो तब मैंने उन से कहा की हा मै कार चला लेता हूँ | फिर भाभी को मैंने कहा की अगर आपको कार चलाना है तो मै आपको कार चलाना सिखा सकता हूँ | तब उन्होने कहा की मुझे कार चलाना सीखना है | फिर वो पीछे वाली सीट से उतरकर आगे वाली सीट पर आकर बैठ गयी | फिर वो कार चलाने लगी लेकिन मै उनको कार धीरे चलाने के लिए कह रहा था | भाभी भी धीरे कार चला रही थी | तब मैंने भाभी की जांग पर अपना हात को धर दिया और उनके जांग को अपने हातो से दबाने लगे | फिर इसके बाद मैंने भाभी के इस्थन को दबाना शुरु किया | इस्थन को कुछ समय तक दबाने के बाद फिर मैंने उनकी चूत के अन्दर अपनी उंगली को डाल दिया | फिर मुझे भाभी को चोदना था इसलिए मैंने भाभी से कहा की आप कार की पीछे वाली सीट पर पहुचो वरना आगे की सीट से हमे कोई देख सकता है | फिर भाभी कार से उतरकर पीछे वाली सीट पर चली गई | तब मै भी कार से उतरकर पीछे वाली सीट पर चला गया | फिर पीछे वाली सीट पर पहुचकर मैंने वो किया जिसके लिए मै कार लेकर आया हुआ था |

मै बिना भाभी की साडी को उतारा मैंने उनकी साडी के अन्दर अपने हाथ को डाल दिया | उनकी चूत के अन्दर अपने हातो को डालकर मै उनकी चूत को मसल रहा था | फिर मैंने उनकी चूत को चाटने का फैसला किया | मैंने उनकी साडी को उपर उठाया और फिर उनकी चूत को चाटने लगा | कुछ समय तक उनकी चूत को चाटने के बाद मैंने भाभी से कहा की आज के लिए इतना ही फिर मै भाभी को कार से लेकर घर आगया | एक दिन भाभी को उनके किसी रिश्तेदार ने उनके घर पर बुलाया था | उस दिन उनके रिस्तेदार के घर पर उनके जीजा का जन्मदिन था | तब भाभी ने मुझ से कहा की क्या तुम मेरे एक रिश्तेदार के घर पर चल सकते हो तब मैंने पूछा की क्या कुछ खास होने वाले है | तब मैंने उन से कहा की हा मै आपके साथ चलने के लिए तयार हूँ | भाभी ने मुझे बताया की आज उनके जीजा का जन्मदिन है इसलिए आज उनको वहा चलना है | भाभी की एक सहेली उस दिन जीजा के घर पर चलने के लिया आई हुई थी | असलियत तो ये थी की मैंने ही भाभी से कहा था की वो उनकी एक सहेली को अपने साथ जीजा जी के घर लेने के लिए तयार करो | तब भाभी ने उनकी एक सहेली से जीजा जी के घर चलने के लिए तयार किया | अब मुझे भाभी के पति से कोई खतरा नही था क्योकि भाभी के पति को लगता की मै उनकी पत्नी के साथ उनकी सहेली को भी कार से लेकर गया था | लेकिन जब मैंने उनकी भाभी को उनके जीजा के घर पर लेकर गया हुआ था तब मैंने वो देखा जिस देखकर मै चकित रह गया | जब लोग भोजन कर रहे तब मैंने भाभी को फोन लगाया मैंने देखा की जीजा और भाभी एक कमरे के अन्दर चिपका चिपकी कर रहे थे |

जब मै भाभी को चलती पार्टी में तलास कर रहा था तब मैंने भाभी की सहेली को अकेले भोजन करते हुए देखा | फिर मैंने भाभी की सहेली से पूछा की भाभी कहा गयी है | तब उसने मुझे बताया की भाभी के जीजा आये थे और वो उनके साथ कही गई है | तब मै भाभी को उनके जीजा जी के घर पर उसे तलास करने के लिए चला गया | तब मैंने देखा की जीजा जी और भाभी एक कमरे के अन्दर चिपका चिपकी कर रहे है | मै ये देखकर चकित रह गया | जब उनके जीजा जी भाभी को चोद रहे थे तो वो उनकी साडी को बिना खोले उनको चोद रहे थे | मै खिड़की का पर्दा हटाकर उनकी चुदाई को देख रहा था | चुदाई के समय जीजा जी ने दरवाजा बन्द करके रखा हुआ था | दरवाजा भले बन्द था लेकिन खिड़की के सहारे मै उनको साफ साफ देख सकता था | खिड़की का पर्दा हटाकर मै वो देख पा रहा था जो उस दिन देखने का मौका मिला था | जीजा जी जो कर रहे थे उसे देखकर मुझे मालूम चल गया था की जीजा जी क्यो बिना साडी खोले उन्हे चोद रहे थे | जीजा जी इसलिए उन्हे बिना साडी खोले चोद रहे थे क्योकि अगर कोई आ जाता तो उन्हे कोई पकड नही सकता था | उनके जीजा जी फिर भाभी के दूद को पीने के लिए उनकी साडी को हटाकर उनकी ब्लाउज को खोलकर उनकी दूद को पीने लगे | फिर कुछ समय के बाद उन्होने उनकी साडी को उपर उठाया और फिर उनकी चूत के अन्दर अपने मुह को लगाया और उनकी चूत को फिर वो चाटने लगे | फिर उनके जीजा जी ने उनका लंड बाहर निकाला और भाभी से पूछा की क्या मै अपना लंड आपकी चूत के अन्दर घुसेड सकता हूँ | तो भाभी हस पड़ी और फिर कुछ समय के बाद भाभी ने कहा की आप मेरी चूत के साथ कुछ भी कर सकते है |

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