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बॉयफ्रेंड से पहली बार अपनी चूत मरवाई

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मेरा नाम आकांक्षा है मैं मुंबई की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 30 वर्ष की है लेकिन मैंने अभी तक शादी नहीं की क्योंकि मुझे कोई भी लड़का पसंद नहीं आया और मेरे घर वाले हमेशा ही मेरे पीछे लगे रहते हैं कि तुम शादी क्यों नहीं कर लेती। मैने उन्हें कहा कि मैं एक अच्छी जॉब कर रही हूं और मैं नहीं चाहती कि मैं अभी शादी करू क्योंकि मैं अपने कैरियर पर फोकस करना चाहती हूं, मुझे आगे कुछ अच्छा करना है। मेरे कॉलेज के जितने भी दोस्त है वह कभी-कबार मुझसे मिल लिया करते हैं लेकिन मैं भी अपने काम के सिलसिले में बहुत बिजी रहती हूं इसलिए सब लोगों से मिलना संभव नहीं हो पाता। मेरे ऑफिस में भी कुछ अच्छे दोस्त बन चुके हैं, कभी कबार जब हमारे पास समय होता है तो हम लोग अपनी पुरानी बातें शेयर कर लिया करते हैं।

अपनी जिंदगी के सभी पुराने पन्ने पलटने पर ऐसा एहसास होता है जैसे कि बहुत सारी चीजें हमारी जिंदगी से गायब हो चुकी हैं, पहले मैं बहुत खुश रहती थी परंतु अब बिलकुल भी मैं खुश नहीं रहती। मुझे ऐसा लगता है कि मैं सिर्फ पैसे कमाने के पीछे ही भाग रही हूं और उससे अधिक मेरे जीवन में कुछ नहीं चल रहा, ना ही मुझे किसी से ज्यादा मतलब रहता है और ना ही मेरे जीवन में कुछ नया हो रहा है इसी वजह से मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गई हूं लेकिन उसके बावजूद भी मैं अपनी परेशानी को किसी के सामने भी जाहिर नहीं होने देती क्योंकि यह फैसला मेरा खुद का ही था और मैं इस फैसले से किसी को भी दुख नहीं पहुंचाना चाहती। मेरे कॉलेज में मेरी जो सहेलियां थी उनकी शादी हो चुकी है और उनके अब बच्चे भी हैं, जब वह लोग मुझसे मिलते है तो अपनी शादी के अनुभवों को मुझे शेयर करती हैं। वह मुझे समझाते हैं कि तुम भी शादी कर लो, मैं हमेशा ही सब से कहती हूं कि अभी मैं शादी नहीं करना चाहती, मुझे अपने काम पर पूरा फोकस करना है और एक अच्छे मुकाम पर पहुंचना है, मैं चाहती हूं कि मैं किसी बड़ी कंपनी में एक अच्छे पद पर काम करूं, यही मेरा एक सपना है।

मैं अभी भी एक अच्छी कंपनी में ही जॉब पर हूं लेकिन मैं कुछ और बड़ा करना चाहती हूं। एक दिन मेरी एक सहेली मुझे मिली और कहने लगी कि हम लोग एक मिलने का प्लान बना रहे हैं, यदि तुम उसके लिए तैयार हो तो मैं अपने कॉलेज के और दोस्तों को भी कहती हूं, हम लोग गेट टुगेदर करने की सोच रहे हैं। मैंने अपनी सहेली से कहा कि तुम लोग कब यह प्लान कर रहे हो, वह कहने लगी कि हम लोग कुछ दिनों बाद ही यह प्लान करेंगे। मैंने उन्हें कहा जिस दिन मेरी छुट्टी होगी तुम उसी दिन यह प्लेन करना, वह कहने लगी ठीक है मैं छुट्टी के दिन ही यह प्लान  करूंगी। मैंने भी अपने कुछ दोस्तों को संपर्क किया और उनसे पूछा कि क्या तुम लोग भी गेट टुगेदर पार्टी में आ रहे हो, वह कहने लगे ठीक है हम लोग भी गेट टुगेदर में आ रहे हैं, मैन उनसे कहा इसी बहाने हमारी मुलाकात भी हो जाएगी। हमारे साथ के कई लोग विदेश में भी रहते हैं और वह सब भी पार्टी में आने के लिए तैयार है, मेरी उनसे मैसेज में बात हुई थी और कुछ लोगों से मेरी फेसबुक में बात हुई थी। एक दिन मैं अपने ऑफिस में थी, उस दिन मुझे हर्षित का फोन आया, हर्षित ने मुझे कभी भी फोन नहीं किया था लेकिन उस दिन उसका मुझे फोन आया, वह मुझसे मेरे हाल चाल पूछने लगा, मैंने उसे कहा कि मैं तो अच्छी हूं तुम कैसे हो,  वह कहने लगा मैं भी अच्छा हूं। वह कहने लगा कि मैं इंडिया में ही आ गया हूं और यहीं पर मैंने अपना पैसा सेट कर लिया है, मैंने हर्षित को कहा यह तो बहुत ही अच्छी बात है, तुमने अपना बिजनेस यहीं पर सेट कर लिया है। मैंने उससे कहा कि अभी मैं बिजी हूं मैं तुमसे शाम को ऑफिस से निकलते वक्त बात करती हूं, जब मैं शाम को ऑफिस से निकल रही थी तो मुझे याद आया कि मुझे हर्षित को फोन करना है। मैंने हर्षित को फोन कर दिया और जब मैंने हर्षित को फोन किया तो वह मुझसे पूछने लगा कि लगता है तुम कुछ ज्यादा ही बिजी हो, मैंने उसे कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, मैं इतनी भी बिजी नहीं हूं कि तुमसे फोन पर बात भी ना कर सकूं। हम दोनों फोन पर बात कर रहे थे, वह मुझसे मेरे जीवन के बारे में पूछ रहा था कि तुम्हारी लाइफ में क्या चल रहा है, मैंने उसे कहा कि मेरी लाइफ में कुछ भी नया नहीं है, मैं सुबह अपने काम पर जाती हूं और शाम को अपने घर लौट आती हूं और थोड़ा बहुत टाइम मैं अपने लिए निकाल लेती हूं।

खाली वक्त में मैं गाने सुन लिया करती हूं, हर्षित मुझसे कहने लगा कि क्या तुम गेट टुगेदर पार्टी में आ रही हो, मैंने उसे कहा हां मैं गेट टुगेदर पार्टी में आऊंगी। मैंने हर्ष से काफी देर बाद की और जब मैं घर आ गई तो उसके कुछ देर बाद मैं बैठी हुई थी और मैंने अपनी आंखें बंद कर ली तो मुझे अपने पुराने दिन याद आने लगे, मैं सोचने लगी कि हर्षित किस प्रकार से मेरे पीछे पड़ा रहता था लेकिन मैंने उसे उसके बावजूद भी कभी भी अपने रिलेशन के लिए हां नहीं की, मेरे दिल में भी हर्षित को लेकर प्रेम था लेकिन मैं अपने जीवन में कुछ करना चाहती थी इसी वजह से मैंने हर्षित के साथ रिलेशन के लिए मना कर दिया। यह बात हर्षित को भी अच्छे से पता थी लेकिन उसके बावजूद भी हर्षित ने हमेशा ही मुझसे अच्छे से बात की। मैंने कई बार हर्षित से बहुत ही बदतमीजी से बात की लेकिन हर्षित कभी भी मेरी बात का बुरा नहीं माना। जब एक दिन मैं हर्षित के साथ बैठी हुई थी तो हर्षित ने मुझसे कहा कि क्या तुम्हारे दिल में वाक्य में मेरे लिए कुछ नहीं है, मैंने उसे उस दिन भी मना कर दिया और उस दिन के बाद मेरी और हर्षित की बहुत कम बात होती थी।

जब आज हर्षित ने मुझे फोन किया तो मुझे भी एहसास हुआ कि शायद मुझे हर्षित के साथ शादी कर लेनी चाहिए थी क्योंकि वह बहुत ही अच्छा लड़का है और मुझसे अब भी बहुत प्यार करता है। जब मैं यह सोच रही थी तो मेरी मम्मी ने मुझे आवाज़ लगाई, वह कहने लगी कि तुम खाना खाने के लिए आ जाओ, उसके बाद मैंने खाना खाया, कहना खाने के बाद मैं लेट गई और मुझे बहुत गहरी नींद आ गई। ऐसे ही समय बीतता गया और कुछ दिनों बाद हमारी गेट टुगेदर पार्टी हुई, मैं उस पार्टी में हर्षित से भी मिली। हर्षित पहले से ज्यादा स्मार्ट हो चुका है और बहुत ही हैंडसम भी लग रहा था। मैंने हर्षित से कहा कि तुम तो पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गए हो,  फिर मैं भी हर्षित के साथ बात कर रही थी और हमारे जितने भी पुराने दोस्त मिले सब लोग आपस में मिलकर बहुत खुश हुए। मैं ज्यादा समय हर्षित के साथ ही बैठी हुई थी और उसके साथ ही मुझे समय बिताना अच्छा लग रहा था। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा काम कैसा चल रहा है, वह कहने लगा मेरा काम अच्छा चल रहा है। मैंने उसे कहा चलो यह तो बहुत अच्छी बात है कि तुमने अपने जीवन में कुछ तो अच्छा कर लिया है। मुझे उसने बहुत सारी जानकारी दी और कहा कि मैंने अपने जीवन में बहुत कुछ चीजें हासिल कर ली है, उसके लिए मैंने बहुत ज्यादा मेहनत की। हर्षित मुझसे पूछने लगा कि क्या तुम्हारे सपने पूरे हो चुके हैं, मैंने उसे कहा कि नहीं अभी तक तो पूरे नही हुए लेकिन उसी कोशिश में लगी हुई हूं  कि कब मेरे सपने पूरे हो। मुझे भी हर्षित के साथ बात करना अच्छा लग रहा था और मैंने हर्षित का हाथ पकड़ा था उसे भी अच्छा लगा और वह मुस्कुराने लगा। मुझे हर्षित की तरफ झुकाव सा होने लगा हम दोनों ने पार्टी में बहुत एंजॉय किया। जब हम लोग साथ में घर लौटे तो मैं हर्षित के साथ ही उसकी कार में थी। हर्षित ने मेरी जांघों पर हाथ रख दिया और उस दिन मैंने बहुत छोटी सी ड्रेस पहनी हुई थी इसलिए उसका हाथ मेरे पैर पर पडते ही मेरे अंदर एक अलग ही प्रकार की फीलिंग आने लगी।

मैंने उस दिन हर्षित को किस कर लिया और उसने कार को साइड में रोकते हुए मुझे भी किस किया। मेरी चूत से पानी निकलने लगा उससे भी बिल्कुल कंट्रोल नहीं हुआ। हम दोनों एक सुनसान जगह पर चले गए रात भी काफी हो चुकी थी इसीलिए वहा पर कोई भी नहीं था। हम दोनों दोनों को किस कर रहे थे तो हम दोनों की गर्मि बाहर आने लगी थी और मेरे होठों से भी खून निकलने लगा। हर्षित ने जब अपने मोटे और लंबे लंड को अपनी पैंट से बाहर निकाला तो मैंने भी उसे अपने मुंह के अंदर समा लिया और बड़े अच्छे से सकिंग करने लगी। काफी देर तक मैंने उसके लंड को सकिंग किया। उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी योनि को उसने अच्छे से चाटा मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था और मैं भी सिसकियां ले रही थी। हर्षित ने काफी देर तक मेरी योनि का रसपान किया और जब उसने अपने लंड को मेरी चूत के अंदर डाला तो मैं चिल्लाने लगी और मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा लेकिन मुझे बहुत मजा भी आ रहा था। हर्षित मुझे जिस प्रकार से चोद रहा था मुझे एक अलग ही प्रकार की फीलिंग आ रही थी और मुझे बहुत खुशी हो रही थी। मैने हर्षित से कहा कि तुम भी अपना बदला ले लो और इतने साल तक मैंने तुम्हें अपनी चूत मारने नहीं दी आज तुम मेरी चूत को फाड दो। हर्षित ने मेरे चूतड़ों को पकड़ लिया और बड़ी तेजी से झटके देने लगा। हर्षित मुझे इतनी तेजी से चोद रहा था कि मेरी चूतड लाल होने लगी थी। हम दोनों एक दूसरे को ज्यादा देर तक नहीं झेल पाए और जैसे ही हर्षित का वीर्य गिरा तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया। जब उसने अपने लंड को मेरी योनि से बाहर निकाला तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने उसे गले लगा लिया मैंने उसे किस किया। उसके बाद हम दोनों ने अपने कपड़ों को साफ किया हर्षित ने मुझे उस दिन मेरे घर छोड़ा मुझे बहुत अच्छा लगा जिस प्रकार से उसने मुझे घोड़ी बनाकर चोदा।

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