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बदन मे आग लगी थी लंड लेने की

Antarvasna, desi kahani: पापा कहने लगे कि रोहित बेटा जल्दी से तैयार हो जाओ मैं भी जल्दी से तैयार हो गया मैं तैयार हो चुका था और हम लोग पापा के दोस्त के घर जाने वाले थे। मैं पहली बार ही उनके घर पर गया था उनके घर पर उनकी पत्नी और उनका एक बेटा है जिसकी उम्र मुझसे करीब दो वर्ष कम थी हम लोगों ने उस दिन उनके घर पर ही डिनर किया और फिर हम लोग अपने घर वापस लौट आए। जब हम लोग अपने घर वापस लौटे तो उस वक्त रात के करीब 11:00 बज रहे थे मुझे भी नींद आ रही थी इसलिए मैं अपने रूम में जाकर सो गया लेकिन रात को कुछ ज्यादा ही शोर हो रहा था। मैंने जब उठकर अपनी घड़ी में देखा तो उस वक्त करीब 1:30 बज रहे थे मैं बाहर गया तो पापा मम्मी भी बाहर खड़े थे हम लोगों ने देखा की बाहर हमारे पड़ोस में रहने वाली आंटी काफि ज्यादा शोर कर रही थी। जब हम लोग वहां गए तो वहां पर काफी ज्यादा भीड़ लगी हुई थी और उन्होंने बताया कि उनके घर पर चोरी हुई थी इस बात से कॉलोनी के सब लोग बहुत घबरा गए थे और उसके कुछ देर बाद ही पुलिस वहां पर आ गई।

जब पुलिस आई तो पुलिस घर की जांच करने लगी उनके घर से काफी सामान चोरी हो चुका था जिससे की कॉलोनी के लोग घबरा चुके थे और वह रात को अच्छे से सो भी नहीं पाये थे मैं भी अपने कमरे में लेटा हुआ था लेकिन मुझे उसके बाद नींद नहीं आई। अगले दिन रविवार का दिन था पापा मुझे कहने लगे कि रोहित बेटा क्या तुम आज कहीं जा रहे हो तो मैंने उन्हें कहा नहीं पापा आज तो मैं घर पर ही हूं। वह मुझे कहने लगे कि यदि तुम घर पर हो तो क्यों ना हम लोग आज शॉपिंग करने के लिए चलें तुम्हारी मम्मी भी काफी दिनों से मुझे कह रही थी मैंने पापा से कहां की ठीक है पापा हम लोग शॉपिंग करने के लिए चलते हैं। उस दिन हम लोग मॉल में शॉपिंग करने के लिए चले गए जब उस दिन हम लोग शॉपिंग करने के लिए गए तो उस दिन मुझे मेरा दोस्त राहुल भी मॉल में मिला। राहुल मुझे काफी समय बाद मिल रहा था राहुल का नंबर मेरे पास नहीं था तो मैंने उससे कहा कि मैं तुम्हें काफी समय से फोन करने की कोशिश कर रहा था लेकिन तुम्हारा जो पुराना नंबर था वह स्विच ऑफ आ रहा था जिस वजह से मेरी तुमसे कोई बात नहीं हो पाई। राहुल ने मुझे कहा कि मेरा फोन चोरी हो गया था और मुझे नया फोन खरीदना पड़ा जिसमें कि मैंने अपना सिम भी बदल दिया था राहुल ने मुझे अब अपना नया नंबर दे दिया था। पापा और मम्मी शॉपिंग कर रहे थे मैं और राहुल फूड कोर्ट में बैठे हुए थे हम दोनों आपस में बात कर रहे थे तो मैंने राहुल को कहा कि क्या तुम यहां पर अकेले आए थे तो उसने मुझे बताया कि नहीं वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ यहां आया था लेकिन अब वह जा चुकी है।

मैंने राहुल को कहा लेकिन तुम्हारी तो कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी उसने मुझे सारी बात बताई और कहने लगा कि मैं जिस ऑफिस में काम करता हूं उसी ऑफिस में सुहानी भी काम करती है और हम दोनों की बातचीत काफी अच्छी होने लगी जिसके बाद हम दोनों एक दूसरे के काफी करीब आ गए और हम दोनों अभी रिलेशन में हैं। मैंने राहुल को पूछा क्या तुम सुहानी के साथ शादी करने वाले हो तो राहुल ने मुझे बताया कि नहीं उसने अभी इस बारे में कुछ सोचा नहीं है। मैंने राहुल से कहा कि अभी मैं चलता हूं क्योंकि पापा मेरा इंतजार कर रहे होंगे पापा और मम्मी ने भी शॉपिंग कर ली थी उसके बाद मैं वहां से घर चला आया। अगले दिन जब मैं सुबह जल्दी तैयार होकर अपने ऑफिस के लिए निकला तो रास्ते में मेरी मोटरसाइकिल का टायर पंचर हो गया जिस वजह से मुझे ऑफिस पहुंचने में थोड़ा देर हो गई थी। जब मैं अपने ऑफिस पहुंचा तो मैं अपना काम कर रहा था मैं अपने कंप्यूटर का काम कर ही रहा था कि मेरे सीनियर ने मुझे अपने कैबिन में बुला लिया। जब उन्होंने मुझे अपने कैबिन में बुलाया तो उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा और कहा कि तुम काफी अच्छे से काम करते हो मैं तुम्हारे काम से काफी खुश भी हूं। वह कहने लगे कि तुम हमारे ही ऑफिस की दूसरी ब्रांच में चले जाओ क्योंकि वहां पर काफी समय से कुछ परेशानी चल रही थी। जब उन्होंने मुझे यह बात कही तो मैं कुछ समझा नहीं था लेकिन जब उन्होंने मुझे बताया कि हमारे बॉस चाहते हैं कि वह मेरा प्रमोशन करें और उसके बाद मैं उस ब्रांच में चला जाऊं तो मैं इस बात से बड़ा खुश हुआ। मैंने उन्हें कहा कि लेकिन सर मुझे वहां कब जाना है तो वह कहने लगे कि तुम अगले हफ्ते से उस ऑफिस को ज्वाइन कर लेना।

मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और अब मैं अपना काम कर रहा था मैं जब अपना काम कर रहा था तो मुझे पता ही नहीं चला कि कब शाम हो चुकी है मैंने जब अपने रिस्ट वॉच में देखा तो उस वक्त करीब 6:30 बज रहे थे और मैं अपने घर जाने की तैयारी करने लगा। मैं घर पहुंचा तो मैंने अपनी मां को यह बात बताई वह भी बहुत खुश हुई और उन्होंने मेरा मुंह मीठा करवाया। थोड़े ही दिनों बाद मैंने नया ऑफिस जॉइन कर लिया था जब मैंने नया ऑफिस ज्वाइन किया तो मेरी मुलाकात ऑफिस में रचना के साथ हुई। जब मै रचना से मिलता तो मुझे उसका साथ बहुत ही अच्छा लगता और रचना भी मेरे साथ काफी खुश रहती थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ डेट करने लगे थे मुझे रचना के साथ बातचीत करना बहुत अच्छा लगता और हम लोग जब भी एक दूसरे के साथ होते तो मैं रचना के साथ हमेशा ही रोमांटिक मूड में होता। एक दिन मैंने उससे फोन पर बात कि उस दिन हम दोनों की फोन पर बड़ी ही गर्म बाते होने लगी जिससे कि वह पूरी तरीके से गर्म हो चुकी थी और अगले दिन शायद वह अपनी गर्मी को मिटाना चाहती थी। जब वह ऑफिस में आई तो मुझे कहने लगी रोहित कल आपने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था और मैंने अपनी चूत के अंदर उंगली डाली।

उसकी बात सुनकर मुझे लगा वह बिल्कुल नहीं रह पाएगी इसलिए मैं उसे उस वक्त अपने ऑफिस के बाथरूम में ले गया क्योंकि उस वक्त लंच टाइम था इसलिए सब लोग ऑफिस के पास लांच करने के लिए गए हुए थे ऑफिस के पास ही एक कैंटीन है वहां पर सब लोग लंच करने के लिए गए हुए थे। मेरे लिए बहुत ही अच्छा मौका था और हम दोनों बाथरूम में चले गए जब हम लोग बाथरूम मे गए और मैने लंड को बाहर निकाला तो रचना ने मेरे लंड को अपने हाथों मे लेकर हिलाना शुरु किया मेरा लंड बहुत ही ज्यादा मोटा है मैंने उसे कहा तुम इसे अपने मुंह के अंदर ले लो। उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को समा लिया जब उसने ऐसा किया तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था वह बडे ही अच्छे से मुझे गर्म करती जा रही थी और मेरे लंड को उसने बहुत देर ऐसे ही चूसा। मेरी गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत मारना चाहता हूं मैंने उसके शर्ट को खोला उसने टाइट शर्ट पहनी हुई थी उस मे उसके स्तन बाहर की तरफ को झाक रहे थे। जब मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसके बूब्स को अपने मुंह में लेकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मैंने उसके निप्पलो को बहुत देर तक चूसा जिससे कि उसकी गर्मी पूरी तरीके से बढ़ती चली गई। जब मैंने उसकी पैंटी को उतार कर उसकी पैंटी को नीचे किया तो उसकी चूत गीली हो चुकी थी उसने हाई हील वाले सैंडल पहने हुए थे जिसमें कि उसकी चूतडे बाहर की तरफ ऊठी हुई थी। मैंने उसे घोड़ी बना दिया जब उसे घोड़ी बनाया तो मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया और उसकी चूत के अंदर मैंने अपने लंड को डालने की कोशिश की लेकिन उसकी चूत बहुत ज्यादा टाइट थी।

मैंने उसकी चूत को पूरी तरीके से गिला कर दिया था और उसके बाद जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और कहने लगी सर मेरी चूत फट चुकी है और आपका लंड अंदर जा चुका है। मेरा लंड उसकी चूत मे घुस चुका था, मै उसे धक्के मार रहा था मेरा ऐसा करने से वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित रही थी। वह अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी लेकिन उसकी बडी चूतडे मेरे लंड से टकराती तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और ऐसे ही हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी देर तक करते रहे। वह मुझे कहने लगी कल रात को आपने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था मै अपनी चूत मे आपके लंड को लेने के लिए पागल थी। रचना कई दिनों से मुझे सेक्स को लेकर गर्म करने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उसकी चूत मारकर उसकी गर्मी को तुरंत ही मिटा दिया था वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी।

मैंने उसे कहा आज तो तुम बहुत ही ज्यादा खुश हो गई होगी। वह कहने लगी सर मैं बहुत ज्यादा खुश हूं और जिस प्रकार आप मेरी चूत का मजा ले रहे हैं उससे मेरी चूत से निकलता हुआ पानी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुका है। रचना ने मेरा साथ बखूबी निभाया उस से मेरे अंदर की गर्मी भी पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। मैंने उसे कहा मेरा वीर्य बाहर गिरने वाला है। वह कहने लगी कोई बात नहीं आप अंदर ही गिरा दीजिए मैंने उसकी बड़ी चूतड़ों को कस कर पकड़ लिया था जिसके बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर बाहर करना शुरू किया जिससे कि मेरी गर्मी बढ़ती चली गई और उसकी चूत से पानी बाहर को निकालने लगा था और थोड़ी ही देर बाद मैंने उसकी चूत के अंदर अपने वीर्य को डाल दिया। वह बहुत ज्यादा खुशी उसके बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए हालांकि उसकी चूत से अभी तक मेरा माल गिर रहा था लेकिन उसने अपनी पैंटी से उसे साफ कर लिया था। मेरा जब भी मन होता था मैं रचना के साथ सेक्स कर लिया करता।

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