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अंजली की चूत से पानी निकल आया

Antarvasna, desi kahani: पापा और मम्मी आपस में बात कर रहे थे और मैं भी हॉल में उनके साथ बैठ गया था। जब वह बातें कर रहे थे तो मैंने मां से कहा कि मां आज आप बहुत परेशान नजर आ रही हो तो मां मुझे कहने लगी कि बेटा तुम्हारी बहन के लिए जो रिश्ता आया था उन्होंने अब रिश्ते के लिए मना कर दिया है। मैंने मां से कहा कि मां आप चिंता क्यों करती हो दीदी के लिए कोई और रास्ता आ जाएगा मां कहने लगी कि बेटा फिर भी यह अच्छा नहीं हुआ जिस तरीके से उन लोगों ने हमारे साथ किया यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है। पापा और मां आपस में बात कर रहे थे और मैं मां से कहने लगा कि मां मेरे लिए नाश्ता बना दो मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है। मां ने मेरे लिए नाश्ता बनाया और नाश्ता करने के बाद मैं ऑफिस चला गया था।

मैं भी कहीं ना कहीं इसी चिंता में था मैं यही सोच रहा था कि दीदी इस बारे में क्या सोच रही होंगी। दीदी स्कूल में टीचर है लेकिन ना जाने लड़के वालों ने रिश्ते के लिए क्यों मना कर दिया था। दीदी के लिए भी काफी रिश्ते आ रहे थे और आखिरकार दीदी का रिश्ता तय हो गया और फिर दीदी की सगाई भी हो चुकी थी। सब लोग घर में बहुत ही खुश थे और घर में इस बात से खुशी का माहौल था कि अब दीदी की सगाई हो चुकी है। पापा मम्मी चाहते थे कि दीदी की शादी जल्द ही हो जाए और कुछ ही महीनों में दीदी की शादी भी हो गई। जब दीदी की शादी हुई तो उसके बाद सब लोग बहुत ही ज्यादा खुश थे।

दीदी की शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी ना रह जाए इसके लिए पापा ने शादी में काफी पैसे खर्च किये। दीदी की शादी के काफी दिनों बाद दीदी घर पर आई और जब दीदी घर पर आई तो दीदी बहुत ही खुश थी। दीदी के पति उनका बहुत ख्याल रखते हैं और अब दीदी की जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा है। मुझे कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के काम के सिलसिले में जाना था तो मैंने मां से कहा कि मां आप मेरा सामान पैक कर दीजिएगा। मां ने कहा कि ठीक है बेटा। मां ने मेरा सामान पैक किया और और उसके बाद मैंने रात का डिनर किया। अगले दिन सुबह मेरी फ्लाइट थी और मैं अगले दिन फ्लाइट से कोलकाता चला गया था। कोलकाता में मैं कुछ दिनों तक रहा।

अपने ऑफिस का काम खत्म करने के बाद जब मैं कोलकाता से वापस लौट रहा था तो उसी फ्लाइट में मेरी मुलाकात अंजलि के साथ हुई। अंजलि से मिलना मेरे लिए बहुत ही अच्छा था। अंजलि और मेरी फ्लाइट में काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी और अंजलि भी मुंबई आ रही थी। अंजलि से मैंने उसका नंबर भी ले लिया था उसके कुछ दिनों के बाद मैंने सोचा कि क्यों ना मैं अंजलि से फोन पर बात करूं। मैंने अंजलि से फोन पर बात की तो अंजलि ने मुझे कहा कि हम लोग मिलते हैं और उस दिन हम लोगों ने मिलने का फैसला किया। जब अंजलि और मैं एक दूसरे को मिले तो हमें बहुत अच्छा लगा और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी अच्छा समय बिताया। मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि मैं अंजलि के साथ अच्छा समय बिता पाया था।

अंजलि और मैं एक दूसरे से अब हर रोज मिलने लगे थे और जब भी मैं अंजलि को मिलता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता। अंजलि से मिलना मेरा बहुत ज्यादा होने लगा था और कहीं ना कहीं अंजलि और मैं एक दूसरे को प्यार भी करने लगे थे। हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे थे और मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब भी मैं अंजलि के साथ होता। एक दिन अंजलि और मैं साथ में बैठे हुए बातें कर रहे थे उस दिन अंजलि ने मुझे बताया कि उसकी सहेली कुछ दिनों के लिए मुंबई आ रही है। मैंने अंजलि को कहा कि लेकिन तुम्हारी सहेली कहां रहती है तो अंजलि ने मुझे कहां की वह अमेरिका में रहती है और उसकी शादी कुछ समय पहले ही हुई थी। मैंने अंजलि को कहा कि चलो मैं तुम्हारी सहेली से भी मिल लूंगा। अंजलि ने दीपिका से मेरी मुलाकात करवाई तो मुझे काफी अच्छा लगा। दीपिका ने मुझसे पूछा कि तुम कब शादी कर रहे हो। अंजलि ने हम दोनों के रिलेशन के बारे में दीपिका को बता दिया था इसलिए दीपिका ने मुझसे यह बात पूछी थी।

मैंने दीपिका को कहा कि फिलहाल तो अभी ऐसा कोई प्लान नहीं है लेकिन जल्द ही हम लोग इस बारे में सोचेंगे। मुझे भी लगने लगा था कि क्या अंजली और मुझे शादी कर लेनी चाहिए मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही सवाल था लेकिन फिलहाल हम दोनों एक दूसरे को थोड़ा समय देना चाहते थे। मुझे लगता था कि हमें अभी शादी नहीं करनी चाहिए हम दोनों की शादी तो नहीं हुई थी लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही अच्छा समय बिताया करते। मुझे बड़ा अच्छा लगता है जब भी मैं अंजली के साथ में समय बिताता हूं और उसके साथ में जब भी मैं होता हूं तो मैं बहुत ही ज्यादा खुश होता हूं। अंजलि और मैं एक दूसरे को बड़े ही अच्छे तरीके से समझते हैं और यह हम दोनों के लिए बहुत ही अच्छा है जिस तरीके से अंजलि और मैं एक दूसरे को समझते हैं और एक दूसरे से हम लोग प्यार करते हैं।

अंजलि और मेरे बीच का प्यार तो दिन ब दिन बढ़ता ही जा रहा था और हमें बहुत ही अच्छा लगता है जब भी हम दोनो एक दूसरे के साथ में होते। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। एक दिन मैं और अंजलि एक दूसरे से फोन पर बातें कर रहे थे तो उस दिन हम दोनों की फोन पर गरमा गरम बातें होने लगी थी। मुझे नहीं मालूम था अंजलि और मेरे बीच जल्द ही सेक्स होने वाला है इससे पहले हम दोनों के बीच एक दो बार किस हुआ था लेकिन हम दोनों के बीच कभी भी सेक्स नहीं हुआ था। मैंने अंजलि के नंगे बदन को उस दिन देखा तो मेरी गर्मी बढती चली गई। घर पर कोई भी नहीं था इसलिए ऑफिस से फ्री होने के बाद मैंने अंजलि को फोन किया और अंजलि को घर पर बुला लिया था। वह घर पर आई तो उस दिन उसके नंगे बदन को देख मेरा लंड तन कर खडा होने लगा था। मैं उसके नंगे बदन को देखकर बहुत ही ज्यादा खुश था और मेरा लंड खड़ा होने लगा था। अंजलि और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे।

मैं उसके होंठों को चूमकर उसकी गर्मी को बढ़ाए जा रहा था। मैंने अंजलि से कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है अंजलि को बहुत ज्यादा मजा आता जा रहा था और उसकी गर्मी बढती जा रही थी। उसकी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही थी और मैंने अपने लंड को अंजलि के मुंह में डाल दिया था वह मेरे लंड को बड़े ही अच्छे तरीके से चूस रही थी। जिस तरीके से वह मेरे लंड को सकिंग कर रही थी उससे मुझे और अंजलि को बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढाए जा रहे थे। जब हम लोग एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे तो हम दोनों से बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था ना तो वह अपने आपको रोक पा रही थी। मैंने अंजली से कहा मैं तुम्हारी चूत को चाटना चाहता हूं जब मैंने अंजलि की चूत को चाटना शुरू किया था तो उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा था। जिस तरीके से उसकी योनि से पानी बाहर निकल रहा था उससे मुझे मजा आता जा रहा था और अंजलि को भी मजा आ रहा था।

उसकी चूत से बहुत अधिक पानी बाहर निकल चुका था मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को रगडना शुरू किया उसे मजा आने लगा था। मैंने उसकी चूत मे लंड डाला और मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को आसानी से किए जा रहा था। मैंने उसकी चूत के अंदर बहार अपने लंड को बड़ी तेजी से किया अंजलि मुझे कहने लगी मुझे अच्छा लग रहा है उसकी चूत से निकलता हुआ खून मेरी गर्मी को और भी ज्यादा बढ़ा रहा था। मैं उसे बहुत ज्यादा तेज गति से धक्के दिए जा रहा था। अंजलि और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढाए जा रहे थे। जब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे तो हम दोनों को ही मजा आ रहा था।

मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि अंजलि और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे हैं। मैंने अंजलि की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को बहुत तेजी से करना शुरू कर दिया था। जब मैं अंजलि की चूत के अंदर बाहर अपने को कर रहा था तो उसे मजा आ रहा था और मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी बढ़ा दिया था जिस तरीके से अंजलि और मैंने एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाया उससे एक समय ऐसा आया जब मेरा वीर्य मेरे अंडकोषो तक आ चुका था। अब मैंने अपने वीर्य को अंजलि की चूत में गिरा कर उसकी गर्मी को शांत कर दिया था अंजलि बहुत ज्यादा खुश थी जब हम दोनों ने सेक्स के मज़े अच्छे से लिए थे।

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