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अनीता के साथ सेक्स के मजे

Hindi sex kahani, antarvasna: कॉलेज का पहला दिन था और मैं काफी नर्वस था लेकिन जब मैं अपनी क्लास में गया तो उस दिन मुझे बहुत ही अच्छा लगा और काफी लोगों से मेरी बातचीत भी होने लगी थी। कुछ समय के बाद मैं अनीता से मिला और अनीता से जब मैं मिला तो मुझे उससे बात करना अच्छा लगने लगा था। अनीता और मैं एक दूसरे के साथ काफी अच्छे से रहने लगे थे और जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ होते तो हमें अच्छा लगता। मैं अनीता को अब प्यार भी करने लगा था क्योंकि हम दोनों की दोस्ती तो हो ही चुकी थी उसके बाद कही ना कही अनीता को मैं दिल ही दिल चाहने लगा था लेकिन यह सब इतना आसान होने वाला नहीं था कि अनिता को मैं अपने दिल की बात कह सकूं। एक दिन मैंने अनिता को अपने दिल की बात कह दी, जब मैंने अनीता से अपने दिल की बात कही तो वह भी मुझे मना ना कर सकी। मैं बहुत ज्यादा खुश था कि हम दोनों एक दूसरे के साथ अब रिलेशन में है।

जिस तरीके से मेरे और अनीता के बीच का रिलेशन चल रहा है वह हम दोनों के लिए बहुत ही अच्छा है। हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और एक दूसरे के साथ जब भी हम लोग होते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता है। एक दूसरे के साथ हम लोग ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते हैं। अनीता के पिताजी एक बड़े अधिकारी हैं और मैं अनीता के घर पर भी जाने पर लगा था। जब भी मैं अनीता के घर पर जाता तो अनीता अपने पापा मम्मी से मुझे जरूर मिलवाया करती। अनीता घर में इकलौती है और मेरा रिलेशन अनीता के साथ बहुत ही अच्छा चल रहा था। हम लोगों का ग्रेजुएशन पूरा हो जाने के बाद अनीता को उसके पापा मम्मी ने अमेरिका पढ़ने के लिए भेज दिया था। अनीता के मामा जी अमेरिका में रहते हैं और अनीता भी अब अमेरिका में ही पढ़ाई करने लगी थी। हालांकि मेरी उससे बात तो हुआ ही करती थी लेकिन फिर भी मैं अनीता को मिस किया करता।

हम दोनों एक दूसरे से काफी दूर थे परंतु बीच में जब हम लोग मिले तो हमें बहुत ही अच्छा लगा। मैं पुणे में रहकर ही अपनी कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था और अब मेरी पढ़ाई भी पूरी हो चुकी थी उसके बाद मेरा कैंपस प्लेसमेंट में सिलेक्शन हो गया जिससे कि मैं किसी कंपनी में नौकरी करने लगा था। अनीता भी अमेरिका से वापस आ चुकी थी जब अनीता अमेरिका से वापस आई तो मैं उस दिन अनीता को मिला और हम लोगों ने एक दूसरे के साथ बहुत ही अच्छा समय बिताया। अनीता मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हें बहुत ही मिस कर रही थी मैंने अनीता को कहा कि मैं भी तो तुम्हें बहुत ज्यादा मिस कर रहा था। अनीता और मैं एक दूसरे के साथ बहुत ही खुश हैं और हम लोगों ने काफी बातें की। मैंने अनीता को पूछा कि आगे तुमने क्या सोचा है तो वह मुझे कहने लगी कि फिलहाल तो मैंने कुछ भी नहीं सोचा है और मैं पापा मम्मी के साथ रहना चाहती हूं। अनीता कुछ समय तक पुणे में हीं थी लेकिन उसके बाद वह फिर अमेरिका चली गई।

अनीता अमेरिका में ही जॉब करने लगी थी और मेरी उससे सिर्फ फोन पर ही बात हो पाती थी। हम दोनों एक दूसरे से इतनी दूर होने के बावजूद भी एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं और एक दूसरे को हम लोग अच्छे से समझते हैं। हालांकि मेरे पास भी समय कम ही हुआ करता था लेकिन फिर भी हम लोग एक दूसरे से फोन पर बातें कर ही लिया करते थे। एक दूसरे से बातें करना हमें बहुत ही अच्छा लगता हम दोनों एक दूसरे से बहुत दूर होने के बावजूद भी हम दोनों के बीच कभी भी किसी बात को लेकर कोई झगड़ा नहीं हुआ। हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे तरीके से अपने रिलेशन को चला रहे हैं। एक दिन मेरी बात अनीता से हो रही थी अनीता ने मुझे कहा कि वह अब पुणे में ही जॉब करना चाहती है। मैंने अनीता से कहा कि लेकिन तुम अमेरिका में तो एक अच्छी कंपनी में जॉब कर रही हो।

अनीता ने मुझे कहा कि मेरा मन अमेरिका में जॉब करने का नहीं है मैंने अनीता को कहा कि अगर तुमने अपना मन बना ही लिया है तो तुम पुणे में ही कोई नौकरी ढूंढ लो। अनीता भी अमेरिका से वापस आ चुकी थी और जब वह अमेरिका से वापस आई तो उसने पुणे में ही जॉब करने का फैसला कर लिया था। अनीता पुणे में ही जॉब करने लगी थी और मुझे भी काफी अच्छा लगा जब अनीता पुणे में जॉब करने लगी थी। हम दोनों ही एक दूसरे से हमेशा ही मिला करते और ज्यादा से ज्यादा समय हम दोनों एक दूसरे को देने की कोशिश किया करते। हम दोनों का रिलेशन काफी समय से चल रहा है और कई सालों के रिलेशन के बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हैं। मुझे बहुत अच्छा लगता है जब भी मैं और अनीता एक दूसरे के साथ होते हैं। अनीता और मेरे बीच जिस तरीके से एक दूसरे को लेकर प्यार है वह हम दोनों के लिए ही बहुत अच्छा है।

एक दिन हम दोनों शॉपिंग मॉल में गए हुए थे उस दिन हम दोनों चाहते थे कि हम लोग शॉपिंग करे और उस दिन हम दोनों ने कुछ शॉपिंग की उसके बाद हम लोगों ने उस दिन बहुत ही अच्छा समय साथ में बिताया। मैं अनीता के साथ बहुत ही खुश हूं और उस दिन भी हम लोगों ने बड़ा अच्छा समय साथ में बिताया था उसके बाद मैं घर लौट आया था। जब मैं घर लौटा तो उस दिन अनीता का मुझे फोन आया और उससे रात भर मेरी बातें होती रही। अगले दिन भी हम लोगों की ऑफिस की छुट्टी थी तो हम लोग अगले दिन भी मिलने वाले थे। अगले दिन जब हम दोनों एक दूसरे को मिले तो हम दोनों को ही बहुत अच्छा लगने लगा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े ही खुश थे। अनीता और मैं एक दूसरे के साथ जब भी होते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता है। उस दिन भी अनीता और मैं अपने ऑफिस के बाद एक दूसरे को मिले थे। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे लेकिन उस दिन मैं अनीता के साथ समय बिताना चाहता था।

मैंने अनीता को कहा हम लोग एक दूसरे को इतने सालों से जानते हैं और एक दूसरे के साथ हम लोग इतने लंबे समय से रिलेशन में है लेकिन उसके बावजूद भी मैंने कभी तुम्हारे साथ अकेले में समय नहीं बिताया है। अनीता ने इस बात को लेकर बहुत सोचा लेकिन  अनीता मेरी बात मान गई। उस दिन हम दोनों अपने दोस्त के घर चले गए और मैं जब अपने दोस्त के घर गया तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगा। हम दोनों कहीं ना कहीं एक दूसरे के लिए तड़प रहे थे। हम दोनों ने कुछ देर तक तो बातें की लेकिन फिर जब रात को मैं और अनीता एक ही बिस्तर पर लेटे हुए थे तो मैं अनीता के स्तनों को महसूस कर रहा था। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा वह भी बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी। हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी और हम दोनों की तडप इस कदर बढ़ चुकी थी हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा था और ना ही अनीता अपने आपको रोक पा रही थी।

अनीता और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाए जा रहे थे जब मैंने अनीता की चूत मे अपनी उंगली को लगाया तो अनीता मचलने लगी। मैं अनीता के कपड़े उतारने लगा था और अनीता के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था जिसके बाद वह मेरी तरफ देखने लगी और मैं उसके नंगे बदन को देख रहा था। जब अनीता ने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया तो वह मेरी गर्मी को बढा चुकी थी और मैंने अनीता से कहा मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है। हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। अनीता ने मेरे लंड को मुंह मे लेकर उसे चूसना शुरू कर दिया था और अनीता ने मेरे मोटे लंड से पानी भी बाहर निकाल दिया था। मेरी गर्मी को वह पूरी तरीके से बढ़ा चुकी थी लेकिन जैसे ही मैंने अनीता की चूत को चाटना शुरू किया तो वह मचलने लगी और वह अपने पैरों को खोलने लगी थी। वह अपने पैरों को खोलती तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और अनीता को भी मजा आने लगा था।

हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैंने अनीता से कहा मैं तुम्हारी चूत में लंड को घुसाना चाहता हूं। मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाते हुए अंदर की तरफ घुसाया तो मेरा लंड अनीता की चूत मे जाने लगा था। मुझे उसकी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट महसूस हो रही है मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत मे घुसा दिया था। अनीता की योनि में मेरा लंड जाते ही वह बहुत जोर से चिल्ला उठी और मैं उसे तेजी से धक्के देने लगा था। वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी जब मैं उसे तेज से चोदता तो उसकी सिसकारियां से मेरी गर्मी बढ रही थी। उसकी मादक आवाज से मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढने लगी थी। जब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे तो अब हम दोनों से बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था और ना ही अनीता अपने आपको रोक पा रही थी। मैं उसे बहुत तेजी से धक्के देने लगा था।

मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था जब मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा तो मैंने अनीता को कहा मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। हम दोनों एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स के मजे ले रहे थे। मैंने अनीता के दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था मैं उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किए जा रहा था। अनीता और मैं एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाते जा रहे थे। हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढ़ा रहे थे तो हम दोनों को मजा आता जा रहा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे तरीके से सेक्स के मजे ले रहे थे। हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुश थे। मैंने उसकी चूत में अपने माल को गिरा दिया था और अनीता भी खुश हो चुकी थी जब हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स के मजे लिए थे।

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